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Hindi Chudai Kahani पठन समय: 8 मिनट पढ़ा गया: 761 बार

साली की चुदाई उसके ही घर पर(Saali Ki Chudai Uske Hi Ghar Par)

arunsingh1

13 Aug 2021 को प्रकाशित

साली की चुदाई उसके ही घर पर(Saali Ki Chudai Uske Hi Ghar Par)
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दोस्तों, मेरी नई हिंदी सेक्स कहानी में आपका स्वागत। शुरू करता हूं।

एक बार मेरी बीवी और मैं मेरी एक साली जो बैंगलोर में रहती है के घर गए। कुछ ज्यादा बारिश होने वजह से रात में हम उनके घर में ही रुक गए।

मेरी साली जिसका नाम सोनिया है, मेरी पत्नी रिया के मामा जी की लड़की है। सब घर में उसे पिंकी बुलाते है। हम लोग भी उसे पिंकी ही बुलाते है। उसके पति मुंबई में जॉब करते थे। उसकी अभी-अभी बैंगलोर में जॉब लगी थी। तो वो यहां शिफ्ट हो गई थी। तो पहली बार उसके यह आने पर मिलने गए थे।

हम रात को उसके घर पर रुक गए एक कमरे में। मैं और रिया मेरी पत्नी सो गए। वहां नीचे एक गद्दा बिछा था। पिंकी अपने रूम में सो गई,‌ उसका लैपटॉप पर रात में काम रहता है।

रात में मैं अपनी पत्नी के साथ सेक्स करने लगा। तभी पिंकी हमारे रूम में आ गई अपने लैपटॉप का चार्जर लेने। रूम की कुंडी बंद नहीं हो रही थी, इसलिए हम बिना कुंडी बंद किए ही सो गए थे। वो हमें इस हालत में देख कर झट से बाहर चली गई। रूम में वैसे तो अंधेरा था, लेकिन बाहर से रोशनी आ रही थी, इसलिए हम एक-दूसरे को साफ साफ देख सकते थे।

दूसरे दिन हम उठे और घर चले गए। कुछ दिन बाद रिया को अपने घर दिल्ली कुछ टाइम के लिए जाना पड़ा। तो पिंकी का फोन आया और बोली-

पिंकी: जीजा जी, आज घर पर डिनर कर लेना।

मैं बोला: ठीक है, लेकिन थोड़ा लेट आऊंगा। ऑफिस में कुछ मीटिंग्स है।

उसके बाद‌ वो बोली: कोई बात नहीं, आ जाना। मैं आपका इंतजार करूंगी।

मैं रात को दस बजे पिंकी के घर पहुंचा। उसने गेट खोला तो वो एक शॉर्ट और टॉप पहने हुए थी। क्या गजब की सुंदर लग रही थी। मन में सोचा अभी इसको चोद दूं। उसने डाइनिंग टेबल पर खाना लगा रखा था। हम खाना खाने लगे, और बात करने लगे।

मैं बोला: यार रिया के जाने के बाद उसकी रात को तो बहुत याद आती है।

वो बोली: यहां आ जाया करो जब दीदी की याद आए। हम भी उनकी कमी रात में पूरी कर देंगे।

मैं बोला: क्यों झूठ बोल रही हो?

वो बोली: आजमा कर देख लो।

हमने अपना खाना फिनिश किया।

फिर वो बोली: जीजा जी, आज आप यहीं रुक जाओ। मैं वही रुक गया।

फिर वो बोली: आप मेरे ही बेड पर आ जाओ।

मैंने अपनी पैंट और शर्ट उतारी, और उसके बेड पर ही लेट गया। वो अपना काम फिनिश करके बेडरूम में आ गई, और मेरे पास बैठ गई। वो मेरे बगल में लेट गई। मेरा लंड अंडरवियर में खड़ा हो गया था, जो उसे साफ दिख रहा था।

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पिंकी मजाक में बोली: क्या बात है, दीदी की याद आ रही है आपको भी, और आपके इसको भी (वो लंड छू कर बोली)?

उसके लंड को छूते ही मेरा लंड और टाइट हो कर बेकाबू हो गया।

फिर वो बोली: आज आपका मुझे देखना है। आपका लंड‌ क्या मस्त है। उस दिन आप दीदी की क्या ठुकाई कर रहे थे वैसे ही मुझे भी करानी है।

और उसने उपर से ही मेरे लंड को दबोच लिया। फिर उसने मेरा अंडरवियर उतार दिया, और लंड को किस्स करने लगी। मैं भी धीरे-धीरे उसकी जांघो को, जो बिल्कुल गोरी थी, सहलाने लगा। वो गरम हो गई।

मैंने फिर उसकी शॉर्ट्स उतार दी। अब मेरे सामने एक-दम क्लीन नरम, मुलायम, और गुलाबी रंग की चूत थी। मैं तो उसकी चूत देख कर पागल ही हो गया। मैं उसकी चूत में उंगली करने लगा। वो जोर-जोर से मेरे लंड को चूसने लगी। मेरे उसकी चूत में उंगली करते-करते वो एक बार टाइट हुई और झड़ गई। उसकी चूत एक-दम चिपचिपी हो गई, और पानी छोड़ने लगी।

अब मैंने उसे 69 की पोजिशन में लिटाया। वो मेरे उपर आ गई, मैं उसके नीचे था। वो मेरे लंड की जबरदस्त चुसाई कर रही थी। उसने अपनी चूत मेरे मुंह पर टिका रखी थी। मैंने उसकी चूत में अपनी जीभ डाल दी, और जीभ को चूत में फेरने लगा। उसने ऐसा करते ही अपनी चूत को कड़ा मेरे मुंह पर दबा दिया।

वो लंड चूसे जा रही थी, और हाथों से मेरी बॉल्स को छेड़े जा रही थी। दोस्तों क्या एहसास था बता नहीं सकता, मैं एक-दम स्वर्ग में था। मैं लगातार उसकी चूत को जीभ से चोदे जा रहा था। वो फिर मेरे मुंह में ही झड़ गई। अब मेरा भी हो गया। उसने मेरा पूरा लंड कड़ा पकड़ कर पूरा वीर्य मुंह में ही सटक गई।

एक बार हम दोनों ढीले हो कर बराबर में लेट गए। थोड़ी देर में मैंने उसका टॉप उतार कर नंगी कर दिया। अब हम दोनों नंगे थे। मैंने उसका मुंह पकड़ कर अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए। उसने भी मेरा साथ दिया, और मुझे कड़ा पकड़ लिया, और अपनी टांगे मेरी टांगों पर रख ली, और कुछ ही देर में मेरे उपर चढ़ गई।

वो पहले मेरे होठों कर चूसती हुई निप्पल चूसने लगी। इतने में मेरा लंड फिर टाइट हो गया, और उसकी चूत को छूने लगा। उसने उपर से ही मेरे लंड को अपनी चूत से दबा लिया,‌ और लंड पर चूत को रगड़ने लगी। मजा आ गया।

तभी उसने मेरे लंड को पकड़ कर अपनी चूत पर सेट किया, और उस पर बैठ गई। लंड बड़ा होने की वजह से उसे थोड़ा दर्द हुआ, लेकिन वो तो लंड की प्यासी थी। अब वो लंड को पूरा चूत में डाल कर मेरी जांघों पर बैठ गई, और अपने हाथों से मेरे निप्पल मसलने लगी। वो थोड़ा उपर-नीचे होने लगी‌। मतलब मुझे अपनी चूत से चोदने लगी।

दस मिनट के बाद वो बोली: जीजा जी, अब आप उपर आ कर मुझे जैसे दीदी को पेलते हो, वैसे ही पेल दो। आज मेरी चूत की पूरी गरमी और खुजली मिटा दो। इसे चुदवाए हुए बहुत दिन हो गए है।

मैंने उसके बूब्स दबाए, और उसे अपने नीचे लिया लिया। मैंने उसकी नंगी चूत को थोड़ा चौड़ा किया। वो एक-दम गुलाब की पंखुड़ी की तरह खुल गई। फिर मैंने अपने लंड को चूत के छेद पर सेट किया, और एक ही झटके में पूरा लंड उसकी चूत में घुसा दिया। वो एक बार तो हल्का सा चिल्लायी, पर मैंने उसकी चुदाई शुरू कर दी, और वो सिसकारियां लेने लगी।

अब‌‌ वो अपने चूतड़ उठा कर मेरा साथ देने लगी। अब एक घमासान चुदाई का दौर शुरू हुआ जो बीस मिनट तक चला। बीस मिनट बाद मैं उसकी चूत में ही झड़ गया। हम दोनों ऐसे ही लिपट कर सो गए। रात में तीन बजे हमारी नींद खुली। हमने फ़िर एक बार सेक्स किया, और नंगे ही सो गए।

दूसरे दिन संडे था। मैं पूरा दिन उसके साथ ही रहा। उसे दिन में भी तीन बार चोदा और एक बार उसकी गांड भी मारी। हम दोनों रात को डिनर के लिए बाहर गए। रात को घर आ कर फिर एक बार चुदाई का दौर चालू हुआ, और रात दो बजे तक चला। मैंने मेरी पत्नी के लौटने तक पिंकी को खूब चोदा।

बीवी के आने के बाद भी वो कई बार मुझे दिन में अपने घर बुला लेती है, और दिन में ही चुदवा लेती है।

तो मेरी चूदाई कहानी आप सबको कैसी लगी बताना जरूर।

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