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Gay Chudai पठन समय: 10 मिनट पढ़ा गया: 768 बार

सबकी चुदाई(Sabki chudai)

nishu98

06 Feb 2009 को प्रकाशित

सबकी चुदाई(Sabki chudai)
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हेलो दोस्तों मैं एक बार फिर आपके लिए एक नई कहानी लेके आया हूं। और ये कहानी काल्पनिक है, तो कोई भी माइंड मत करिएगा। तो चलिए फिर शुरू करते हैं। मेरे परिवार में हम 4 चार लोग रहते है। मैं, मेरे मम्मी-पापा, और दादा जी। और हम लोग यूपी के एटा गांव में रहते है, जहां हमारा एक मंजिला घर है। तो अब मैं अपने परिवार से मिलाता हूं।

मेरे दादा राजनाथ शर्मा उम्र 63 साल, शरीर से दुबले-पतले, है लेकिन गोरे है। इनकी हाईट 5 फुट 6 इंच है, और लंड 6 इंच है।

मेरे पापा कमलनाथ शर्मा, उम्र 42 साल, ये शरीर से ठीक ठाक है और सावले है। इनकी हाईट 5 फुट 5 इंच है और लंड या कहो लुल्ली 5 इंच की है। मेरी मां राधा शर्मा उम्र 39 साल, और फिगर 34–30–36 है। गोरी है एक दम दूध की तरह, और इनकी हाईट 5 फुट है।

मैं, मेरा नाम राजकुमार शर्मा है। मेरी मां प्यार से मुझे राज कहती है और मेरी उम्र 19 साल है। मेरी हाईट 5 फुट 10 इंच है, और मैं अपनी मां की ही तरह गोरा हूं। मैं शरीर से हट्टा-कट्टा हूं क्यूंकी मेरी मां ने शुरू से ही मेरे खान-पान में कोई कमी नहीं रहने दी। और मेरा लंड 10 इंच का है जिससे मैंने 2 लड़कियां, 1 आंटी, और 1 लड़के को चोदा है।

मैं बहुत चोदू किस्म का लड़का हूं। मुझे बस चोदने के लिए चाहिए चाहे वो लड़की हो या लड़का। तो अब मैं अपने घर के बारे मे बता दूं। मेरे घर में 3 कमरे है 2 नीचे 1 ऊपर। नीचे के कमरों में 1 में मम्मी पापा रहते है और 1 में दादा जी। और उपर वाले कमरे मे मैं रहता हूं, जो कि छत पर बना हुआ है। तो चलिए कहानी शुरु करते है।

एक दिन सुबह हम लोग नाश्ता कर रहे थे कि तभी मम्मी का फोन बजा तो मम्मी उठा के बात करने लगी। थोड़ी देर बाद कॉल कट होने के बाद पापा ने पूछा।

पापा: किसका फोन था?

मम्मी: मेरी बहन का फोन था कह रही थी कि कल हमारी भांजी पूजा की सगाई है। तो हमे आज शाम को निकलना पड़ेगा।

पापा: ठीक है नाश्ता करने के बाद सब अपना सामान पैक कर लेना। और शाम की बस से निकल जायेंगे।

मेरा जाने का मन नहीं था, तो मैंने झूठ बोल दिया।

मैं: मेरा कल स्कूल में टेस्ट है मम्मी तो मैं नहीं जा पाऊंगा।

पापा: ठीक है तू मत चल, अपने टेस्ट की तैयारी कर।

फिर मैं अपने कमरे में पढ़ाई करने लगा।जब बोर होने लगा तो सोचा चलो थोड़ा पढ़ ही लेता हूं। फिर जब पापा खाने के लिए बुलाने आए, तब पता चला कि पढ़ते-पढ़ते 3 घंटे बीत गए। फिर हम सब ने खाना खाया और खाने के बाद पापा ने बोला।

पापा: जा थोड़ा आराम करले 3 घंटे से पढ़ रहा था।

फिर मैं 3 घंटा सोया और 4 बजे उठ के फ्रेश हुआ और नीचे गया मम्मी सबके लिए चाय बना रही थी। फिर हमने चाय पी फिर मैंने मम्मी को बोला।

मैं: मम्मी में दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलने जा रहा हूं।

मम्मी: ठीक है, लेकिन जल्दी घर आ जाइयो क्यूंकी घर में कोई नही रहेगा।

मैं: ठीक है आप ताला लगा के बाहर बगल वाली आंटी को दे देना, मैं आके ले लूंगा।

मम्मी: ठीक है जा।

फिर मैं खेलने चले गया और इधर पीछे 1 घंटे बाद घर में मम्मी पापा तैयार हो गए जाने के लिए। लेकिन अभी तक दादा जी बाहर नहीं आए कमरे से तो पापा गए दादा जी के कमरे में। अंदर दादा जी बेड पे लेटे हुए थे। पापा ने चिंतित होकर पूछा।

पापा: क्या हुआ पापा, आपकी तबियत ठीक तो है ना?

दादा जी: हां बेटा, वो बस सर में दर्द हो रहा है।

पीछे से मम्मी भी अंदर आते हुए बोली।

मम्मी: हां पापा, अगर तबियत ठीक नहीं है तो हम रुक जाते है।

दादा: अरे नही बहूं, बस हल्का सा सर दर्द हो रहा है। और मैं ये कह रहा हूं कि तुम दोनों चले जाओ। मैं भी दवाई खाकर सो जाऊंगा।

मम्मी: ठीक है पापा, मैंने खाना बना दिया है, आप और राज रात में खाना खा लेना।

पापा: हां पापा, आप आराम से सो जाइए। हम जाते समय बाहर से ताला लगा देंगे। जब राज आएगा, तो पड़ोस से चाबी ले लेगा। अब आप आराम कीजिए।

दादा जी: ठीक है बेटा, आराम से जाना।

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फिर मम्मी-पापा बाहर चले गए, और बाहर गेट का ताला लगा कर पड़ोस में चाबी देकर चले गए। शाम को मैं 7 बजे घर आया, और पड़ोस से चाबी लेकर गेट का ताला खोल कर अंदर आया। देखा कि घर में कोई नहीं दिख रहा तो पहले खाना खाया फिर सोचा घर में कोई नहीं था, तो क्यू ना संजू को बुला कर उसकी चूदाई ही कर लूं।

संजू मेरा दोस्त है, और ये वहीं लड़का है जिसे मैं 2 साल से चोदते आ रहा हूं। फिर मैंने उसे कॉल करके बुला लिया और वो भी 10 मिनट में आ गया। और मैंने मेन गेट बंद कर दिया और उसपे टूट पड़ा और वाइल्ड किस करने लगा।

मैं: आज तो तुझे हचक के चोदूंगा मेरी संजू रानी।

संजू: आह जल्दी कर यार, घर पर थोड़ी देर का बोल के आया हूं।

मैं: क्या नखरे कर रही है मेरी जान, बोल क्या तुझे मजा नहीं आता।

संजू: आह आता है, तभी तो तुम्हारे एक बार बुलाने पर ही आ जाता हूं।

और हमने किस करते हुए एक-दूसरे के कपड़े उतार दिए।

फिर मैं नीचे झुक कर संजू के मम्मे चूसने लगा, और संजू मेरे बाल सहलाने लगा।

संजू: आह चूसो, दबा-दबा कर चूसो। वैसे भी तुमने इन्हें इतने बड़े कर दिए हैं। आह, आउच, काटो मत मेरे राजा।

मैं: अभी तो और बड़े करूंगा। देखना एक दिन तेरी मम्मी के जितने बड़े हो जायेंगे। चल अब अपनी फेवरेट कुल्फी चूस कर तैयार कर फिर तेरी गांड मरता हूं।

संजू: आह यही तो मेरी फेवरेट कुल्फी है। इसी के लिए तो मैंने अपनी मां और दोनों बहने चुदवा दी।

हा दोस्तों, ये वही औरत और दो लड़किया है जिन्हे मैंने चोदा है, जो संजू की मां और बहनें है। इसके पापा बाहर शहर में काम करते है, तो जब भी मेरा चुदाई का मन करता है, इसके घर जाकर चुदाई करके आ जाता हूं कभी-कभी तो चारों को एक साथ चोदता हूं।

इधर संजू मेरा लोड़ा मजे से चूस रहा था। फिर मैं उसके सर को पकड़ कर उसके मुंह को चोदने लगा। लेकिन कोई था जो हमें देख रहा था, और वो कोई और नहीं बल्कि मेरे दादा जी थे। जो हमे देख कर अपना छोटा सा लंड हिला रहे थे।

फिर मैंने संजू को खड़ा किया और दीवार के सहारे घोड़ी बनाके उसकी गांड में अपना 10 इंच का लोड़ा 1 ही बार में डाल दिया और उसको चोदने लगा। उसकी बस हल्की सी आह ही निकली थी।

मैं: साली इतना चोदता हूं, फिर भी मेरा लंड तुझे झेला नहीं जा रहा।

संजू: जब मेरी सूखी गांड में डालोगे तो तकलीफ तो होगी ही ना। और वैसे भी तुमने 2 साल में मेरी गांड चोद-चोद कर खाई बना दी है।

मैं: चल ठीक है, नाराज मत हो मेरी जान। अगली बार से तेल लगा कर मारूंगा तेरी गांड। चल अब आजा मेरे लोड़े पे बैठा कर तुझे घुड़सवारी कराता हूं।

फिर मैं सोफे पे बैठ गया, और संजू को अपनी ओर घुमा कर अपने लोड़े को उसकी गांड में डाल कर उसे अपने ऊपर बैठा लिया। और वो मुझे किस करते हुए अपनी गांड उछालने लगा।

संजू: तुमसे तो मैं कभी नाराज नही हो सकता, क्यूंकी तुम तो मेरे मालिक हो। जो हमेशा मेरी गांड चोद कर मुझे खुश रखता है।

फिर मैंने उसे डोगी स्टाईल में चोदा, और जब मेरा निकलने वाला था, तो मैंने उससे पूछा-

मैं: मेरा निकलने वाला मेरी रानी, बता कहा निकालूं।

संजू: मेरी गांड में ही निकाल दो, क्यूंकी जब मैं आ रहा था, तो तीनों बोल रही थी, की रस गांड में ही निकलवाऊं। ताकि जब वापस आऊ तो तीनो मेरी गांड चाट कर तुम्हारा रस चाट सके।

फिर मैंने उसकी गांड में ही अपना रस निकाल दिया और उसके बगल में ही बैठ गया। फिर थोड़ी देर सुस्ताने के बाद वो अपने कपड़े पहनने लगा। फिर मैं उसके साथ गेट तक आया और उसको 1 किस करके बोला-

मैं: संभल के जाइयो, कही मेरी रानियों को उनका फेवरेट जूस ना मिले।

फिर वो चले गया और मैंने भी गेट बंद कर दिया। अब मैं भी थक गया था, तो मैं नंगा ही अपने कमरे मे जाकर सो गया ।

तो दोस्तों अगले पार्ट में फिर मिलेंगे।

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