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Office Sex पठन समय: 6 मिनट पढ़ा गया: 1,168 बार

सहकर्मी से प्यार और चूत चुदाई

मनीष दूबे

29 Sep 2013 को प्रकाशित

सहकर्मी से प्यार और चूत चुदाई
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नमस्कार, मेरा नाम मनीष है, दिल्ली का रहने वाला हूँ, मेरा कद 5’6″ है. मेरे लण्ड का साइज साढ़े छह इंच है।

बात उन दिनों की है.. जब मैं एक कॉल सेन्टर में काम करता था, मेरे साथ कई लड़के लड़कियाँ काम करते थे।

उनमें से एक थी नीलम… नीलम का कद 5 फुट 2 इंच, वक्ष पूरे उभार लिए हुए, रंग दूध जैसा और चूतड़ एकदम गोल थे। कुल मिला कर उसका फिगर 34-32-36 का होगा।

नीलम को देखते ही मुझे उससे प्यार हो गया था, उसे देख कर लगता.. मानो आसमान से कोई अप्सरा उतरी हो।उसकी मखमली देह.. नशीली आंखें.. किसी को भी एक नजर से ही दीवाना बना दे।

ट्रेनिंग में भी हम दोनों साथ में थे जिससे हम दोनों काफी घुल मिल चुके थे।

किस्मत से वो मेरी टीम में काम करती थी।मैं नीलम को प्यार करने लगा था और उसको चोदना चाहता था।पर इतना घुलने मिलने के बावजूद भी मुझे कुछ सूझ ही नहीं रहा था कि कहाँ से प्यार की बात शुरू करूँ।

फिर एक दिन मैंने हिम्मत की और नीलम के पास गया, उसको बोला- नीलम, मुझे कुछ कहना है पर समझ नहीं आ रहा कि कैसे कहूँ! नीलम ने कहा- बोलो ना, क्या कहना है?

मैंने बहुत हिम्मत करके बोल दिया- नीलम, मुझे तुमसे प्यार हो गया है।नीलम ने कोई जवाब नहीं दिया और अगले दो दिन तक वो ऑफिस नही आई।

उसके अगले दिन उसका फोन आया और उसने मुझे अपने घर पर आने को कहा।उसकी आवाज में कुछ शरारत थी, मुझे लगा कि आज मेरी मनोकामना पूरी हो जाएगी।

ऑफिस की छुट्टी होते ही मैं नीलम के घर निकल पड़ा।

घर पहुँचते ही नीलम की मेड ने दरवाज़ा खोला और कहा- मैडम ऊपर हैं।

मैं सीढ़ियों से ऊपर गया और नीलम के कमरे का दरवाज़ा खटखटाया।नीलम ने दरवाज़ा खोला तो मैं नीलम को देखता ही रह गया, नीली पारदर्शी नाइटी में उसका मखमली जिस्म देखकर मेरा लंड मेरी पैंट में ही उफान मारने लगा।

जैसे ही मैं कमरे में घुसा, नीलम ने मुझे सीने से चिपका लिया और मेरे होंठ चूसने लगी, मैं भी नीलम के होठों का रसपान करने लगा।मेरा एक हाथ नीलम के चूचों पर था और दूसरा हाथ उसकी कमर पर!

नीलम के चूचे मेरे हाथों के स्पर्श से कठोर हो गये थे और वो भी मेरे लंड को सहला रही थी।नीलम पूरी तरह से गर्म हो चुकी थी।

मैंने नीलम की नाइटी उतार दी, नाइटी उतारते ही उसका संगमरमर सा बदन क्या लग रहा था। उसके चूचे जैसे कह रहे हों कि इनका सारा दूध पी जाओ।

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मैंने उसे बिस्तर पर लेटा दिया और उसके ऊपर लेट कर उसके मम्मे चूसने लगा।वो सिसकारियाँ लेने लगी- उह.. आह.. उम्म.. आह..

उसने काली जालीदार पैंटी पहनी हुई थी।उसमें उसकी दोनों फांकें फूल कर आकार ले चुकी थीं।

मैंने उसकी पैन्टी उतारी, उसकी चूत की शेव अभी ताजी-ताजी ही हुई थी.. ये साफ़ दिख रहा था।अपनी जीभ मैंने उसकी चूत पर रखी और उसकी चूत की फांकों पर फिराने लगा और कभी कभी होठों से उसकी चूत को चूसने लगता।

मैं अपनी जीभ उसकी चूत के अन्दर डाल कर उसकी चूत को चोदने लगा और चूत के दाने को भी रगड़ने लगा।‘उम्म.. आह.. उह.. अह.. आह.. आह.. अम्म!’ की आवाजें करती नीलम मेरी उत्तेजना और बढ़ा रही थी।उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया, मैं उसकी चूत का सारा पानी पी गया।

अब नीलम की बारी थी, उसने मेरी पैंट खोली और मेरे लंड को चूसने लगी, उसके चूसने से जैसे मुझे जन्नत का एहसास मिल रहा था। मेरा लण्ड लोहे जैसा तना हुआ था।

मैंने उसकी चूत पर अपना लण्ड रखा और एक जोर का झटका दिया और लण्ड उसकी चूत को चीरता हुआ उसमें समा गया।वो जोर से चीख पड़ी.. उसके दर्द का ठिकाना न था, उसकी चूत से खून भी बहने लगा, उसकी आँखों में पानी आ गया।मैंने अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिये।

थोड़ी देर में उसकी चूत का दर्द शांत हो गया, मैं धीरे-धीरे चुदाई करने लगा, वो भी मेरा साथ देने लगी।नीलम ‘आहह.. हह.. ओह.. हम्मह.. आहह..’ कर रही थी।उसकी आवाजें सुन कर मैं और तेज हो गया।

नीलम- आहह.. ओहह.. बहुत दर्द हो रहा है.. छोड़ दो प्लीज.. आहह.. आहह..

मैंने उसकी बातों को कोई ध्यान नहीं दिया और जोर जोर से उसकी चुदाई करने लगा।

उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया पर मेरा निकलने का नाम नहीं ले रहा था।मैंने उसको कुतिया बनाया और पीछे से उसकी चूत में लंड दे दिया और चुदाई करने लगा।

थोड़ी देर में मेरा भी काम होने वाला था तो मैंने पूछा- कहाँ गिराऊँ?तो उसने कहा- यह हमारी पहली चुदाई है तो अपना वीर्य मेरी चूत में ही गिरा दो।

मैंने अपना सारा माल उसकी चूत में गिरा दिया और हम दोनों चिपक कर सो गए।रात में कई बार मैंने उसे अलग अलग अंदाज में चोदा..

हमें जब भी मौका मिलता तो हम चुदाई करते।पर अब मैं मुंबई आ गया हूँ और नीलम की भी शादी हो चुकी है।

मुझे उम्मीद है कि आप सभी को मेरी कहानी पसंद आई होगी। मुझे अपने ईमेल जरूर कीजिएगा।support@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

राहुल कूल

2 weeks ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

राजा गर्ग

1 month ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

मोनू शर्मा

1 month ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

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