होम पर वापस जाएं
लेस्बीयन सेक्स स्टोरीज पठन समय: 3 मिनट पढ़ा गया: 720 बार

मेरी समलिंगी सहपाठिनें

engineer06

23 Aug 2008 को प्रकाशित

मेरी समलिंगी सहपाठिनें
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

प्रेषक : रोहित

हेल्लो दोस्तों मेरा नाम रोहित है। मेरी एक दोस्त थी पूजा सिन्हा जो कि कानपुर में रहती थी। हम अच्छे दोस्त थे, हम स्कूल में साथ में पढ़े थे। उसकी एक ख़ास बात थी कि उसके चुंचे बहुत ही बड़े थे और वो थोड़ी मोटी भी थी।

मैं उसके घर अक्सर जाया करता था कभी नोट्स लेने या कभी ऐसे ही मिलने चला जाता था। मेरी क्लास में एक और लड़की थी जिसका नाम दीक्षा था। वो भी उसके घर अक्सर आती थी, उसके भी चुंचे बड़े थे पर पूजा से थोड़े छोटे थे।

मैं जैसे ही दरवाजे पर पहुँच कर घण्टी बजाने ही वाला था, मुझे उसके कमरे से कुछ आवाजें आती सुनाई दी- आआ आह्ह्ह्ह ऊऊं ह्ह्ह्छ स्स्स्स्स् सीई ईईई नीचे से करू ऊऊओ……..

मैं थोड़ा रुका, मैंने उसके दरवाजे के छेद से देखा कि पूजा और दीक्षा दोनों ही पूरी नंगी हैं, वो एक दूसरे के चुंचे दबा रही हैं। दोनों के चुंचे मोटे मोटे थे। वो चुन्चो से आपस में लड़ाई करवा रहीं थीं, शायद कम्पीटीशन कर रहीं थीं कि किसके चुंचे ज्यादा स्ट्रोंग हैं।

पूजा ने अपने चुंचे अपने दोनों हाथों से पकड़ रखे थे और दीक्षा ने अपने हाथों से अपने चुंचे पकड़ रखे थे। फिर दोनों जोर जोर से चुचे आपस में भिडा रहीं थीं और जोर से आवाजें भी निकाल रहीं थीं।

फिर मैंने देखा कि पूजा पीठ के बल लेट गई और अपनी टांगें फैला ली और दीक्षा भी पेट के बल पूजा के ऊपर लेट गई और उसने पूजा की चूत के ऊपर अपनी चूत रख दी और दीक्षा की चूत पूजा की चूत को दबाने लगी और दोनों के चुंचे भी आपस में भिड़ गए।

अब दीक्षा अपनी चूत से पूजा की चूत को रगड़ने लगी और उसने पूजा की चुन्ची भी अपनी चुन्ची से मसल दी। फिर तो दोनों में लड़ाई होने लगी। अब पूजा भी नीचे से कोशिश कर रही थी कि वो दीक्षा के ऊपर आ जाये और वो कामयाब हो गई।

यह भी पढ़ें (Recommended)

एक परी सी लड़की

फिर उसने दीक्षा की चूत को अपनी चूत से बुरी तरह रगड़ प्रिया और दोनों के चुंचे आपस में टकराने लगे। वो दोनों मोटी थीं देखने में बहुत मजा आ रहा था। उनके पेट भी आपस में लड़ रहे थे, वो एक दूसरे को बुरी तरह से रगड़ रहीं थीं। दोनों एक दूसरे की चूत मारने में लगी थीं, बहुत मजा आ रहा था। फिर दोनों घोड़ी बन गयीं और अपने चूतड़ आपस में भिड़ाने लगीं।

दोनों के चूतड़ लड़ते रगड़ते लाल हो गए पर कोई हार नहीं मान रही थी।

वो चूतड़ लड़ाए जा रही थी, मैं भी मुठ मारे जा रहा था।

फिर मैं दरवाजा खोल के अंदर गया और उसके बाद क्या हुआ आपको बाद में बताऊंगा।

तब तक के लिए अलविदा !

मेल करें

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

हर किसी को चाहिए तन का मिलन- 9
लेस्बीयन सेक्स स्टोरीज

हर किसी को चाहिए तन का मिलन- 9

मेरी हिंदी सेक्सी कहानिया के पिछले भाग में आपने अकीरा उर्फ़ सिमरन और अंजली उर्फ़ दीपिका के मिशन की कहानी पढ़ी, अंजली की पहली चुदाई के बारे में पढ़ा.

15 मिनट 666
एक परी सी लड़की
लेस्बीयन सेक्स स्टोरीज

एक परी सी लड़की

नोट: यह एक कहानी है, कोई सेक्स अनुभव नहीं! अगर आप सेक्स स्टोरी पढ़ना चाहते हैं तो आप ग़लत कहानी पर आ गए हैं।कहानी के सभी पात्र काल्पनिक है, कृपया कहीं और प्रसंग जोड़ने की कोशिश ना करें। धन्यवाद!

13 मिनट 548
स्कूल टूर पर सहेलियों में लेस्बियन सेक्स
लेस्बीयन सेक्स स्टोरीज

स्कूल टूर पर सहेलियों में लेस्बियन सेक्स

स्कूल गर्ल X कहानी स्टूडेंट लड़कियों की है जो ट्रिप में सेक्स भरी मस्ती कर रही हैं. रात को अपने बॉयफ्रेंड से बात करके लड़कियां अपनी चूत में और सहेली की चूत में उंगली करके मजा लेने लगी.

6 मिनट 440

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।