जीजा साली की चुदाई

ससुराल में जीजा साली की अन्तर्वासना -2

लेखक: रेनू रवि दिनांक: 21-02-2013 पठन समय: 4 मिनट

अब तक आपने पढ़ा है कि राहुल अपने सास ससुर की देखभाल करने के लिये देहरादून जाता है, यहाँ उसकी सास राहुल की साली नीति को भी बुला लेती हैं।राहुल को उसकी साली बताती है कि उसकी ढाई महीने से चुदाई नहीं हुई है। इसके बाद साली ही पहल करती है और राहुल को चुदाई का मौका देती है।अब आगे…

राहुल तो अब सातवें आसमान पर उड़ रहा था। उसे शादी के बाद का समय याद आ रहा था जब वो अपनी पत्नी अंशिका की चुदाई करता था।नीति की चुदाई में भी उसे वैसा भी मजा आया था।

अब वो दिन में दो बार नीति को चोद रहा था। रात के समय नीति उसके लिये गिलास में दूध लेकर आती थी लेकिन उसे पीने से पहले वो नीति की चूचियाँ पीता था।

रात में सास ससुर के सोने के बाद नीति चुपचाप उसकी बिस्तर पर आ जाती थी जहाँ दोनों कुश्ती करते थे।

एक हफ्ते तक लंड पीने और चूत में लंड डलवाने के बाद नीति ने कहा- जीजू, कुछ नया करो! तुम तो कमीने खिलाड़ी हो।राहुल ने कहा- कल एक साथ नहाएंगे।

अगले दिन मौका मिलने पर राहुल और नीति एक साथ नहाये।नहाते समय राहुल ने नीति की चूत शैंपू से साफ कर दी इसके बाद उसने नीति की गांड को भी शैंपू से चमका प्रिया।

नीति ने कहा- जीजू क्या कर रहे हो?इस पर राहुल ने कहा- चुपचाप देखती रहो!

नहाने के बाद राहुल ने नीति को चूमना शुरू कर प्रिया, उसके होंठ, पेट, चूत और पैर चूम लिये।इसके बाद उसने नीति को उलटा कर प्रिया और पीठ चूमनी शुरू कर दी, धीरे धीरे उसकी जीभ नीचे की तरफ जा रही थी।

राहुल ने उसके चूतड़ चूमे और अचानक उसकी गांड का छेद फैलाकर उसके भीतर जीभ घुसा दी।गांड में जीभ के घुसते ही नीति जोर से कूदी और राहुल की जीभ उसकी गांड के ज्यादा भीतर तक घुस गई।

नीति चहक कर बोली- जीजू, क्या कर रहे हो?राहुल ने कहा- इस छेद का भी इस्तेमाल होता है।

उसने गांड को चूमने की रफ्तार बढ़ा दी।इसके बाद उसने शैंपू लगाकर नीति की गांड को चिकना किया और उसमें धीरे धीरे लंड घुसाना शुरू किया।

लंड के घुसते ही नीति की गांड में दर्द हुआ और वो चिल्ला कर बोली- जीजू, दर्द हो रहा है।राहुल ने पूछा- जब पहली बार चूत में लंड घुसा था तब दर्द हुआ था क्या?नीति का जवाब था- हाँ तब हुआ था लेकिन अब तो जन्नत के नजारे देखने को मिलते हैं।

राहुल ने उसकी चूचियाँ दबाते हुए कहा- वैसे ही पहली बार गांड में घुसने पर भी दर्द होता है। एक बार रास्ता बन गया तो मस्ती ही मस्ती।

राहुल का आधा लंड नीति की गांड में घुस चुका था।वो उसे बातों में उलझाये हुआ था, उसने नीति से कहा- पता है साली जी.. तुम्हारी दीदी की गांड मारने की दो साल से कोशिश कर रहा हूँ लेकिन अभी तक उतना लंड भी नहीं घुसा है जितना अब तक तुमने डलवा लिया है।

इतना सुनते ही नीति ने जोश में आकर झटका मारा और पूरा लंड उसकी गांड में घुस गया।किसी की गांड मारने की राहुल की तमन्ना पूरी हो रही थी।

उसने पूरी ताकत के साथ नीति को झटके मारने शुरू कर दिये वो नीति की चूचियों को दबा भी रहा था।बीच बीच में नीति ने फिर दर्द की बात कही लेकिन उसने एक नहीं सुनी और थोड़ी देर में ढेर सारा पानी नीति की गांड में छोड़ प्रिया।

रात के समय में भी नीति ने गांड ही मरवाई।अब नीति का कहना था कि चूत चाटने की लिये और गांड मारने के लिये होती है।

नीति की चुदाई करते करते एक महीना कब निकल गया पता ही नहीं चला।अब राहुल की वापसी का समय हो चला था।नीति कुछ उदास थी।

आखिरी दिन नीति ने कहा- जीजू, अगर पंद्रह दिन और रुक जाओ तो आखिरी दिन एक गिफ्ट दूंगी।उसकी आंखों की चमक देख कर राहुल मना नहीं कर सका और उसने हाँ कर दी।

कहानी जारी रहेगी।support@mohakkisse.com