होम पर वापस जाएं
पड़ोसी पठन समय: 5 मिनट पढ़ा गया: 1,167 बार

बहन की सहेली की चूत चुदाई

कुमार राहुल

17 Mar 2019 को प्रकाशित

बहन की सहेली की चूत चुदाई
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

यह कहानी है किरण की.. जो मेरी छोटी बहन की सहेली है, उसकी उम्र 22 साल है, वो मुझे भैया कहती थी और उसका फिगर ऐसा है कि किसी का भी लण्ड सलामी देने लगे। उसके मम्मे बड़े-बड़े थे.. और उसकी गांड की घाटी ऐसी.. कि उसे देख कर हर कोई अपना लण्ड सहलाने को मजबूर हो जाए।

वो अक्सर मेरे घर आती थी.. मैं हमेशा उसको देखता रहता था और सोचता था कि कैसे उसको चोदूँ।एक बार वो मेरे घर पर आई.. उस समय मेरी बहन घर पर नहीं थी.. तो मैंने मौका देख कर उसको बोला- मैं तुमसे प्यार करता हूँ।तो उसने मेरी तरफ देखा और सर झुका कर बोली- मैं शाम को जवाब दूँगी।मैंने उसको अपना मोबाइल नम्बर दे प्रिया और उसका भी ले लिया।

शाम को उसका SMS आया कि मैं भी तुमसे प्यार करती हूँ।मेरी तो ख़ुशी का ठिकाना ही नहीं था.. अब मैं उसको चोदने का मौका ढूँढने लगा।

फिर एक दिन वो मौका आया.. मेरी वाइफ अपनी माँ के घर गई हुई थी और मेरी मम्मी और बहन मार्किट गई थीं।मैंने जल्दी से उसके SMS किया- मैं घर पर अकेला हूँ.. आ जाओ..

वो दस मिनट में आ गई.. मैं उसको अपने बेडरूम में ले गया और वहाँ पहुँचते ही मैंने उसको बिस्तर पर लिटा प्रिया और उसके ऊपर चढ़ गया। मैं उसके गुलाबी होंठों को चूसने लगा और वो भी मेरा साथ देने लगी।हम दोनों दस मिनट तक एक-दूसरे को किस करते रहे.. मैं ऊपर से ही उसके मम्मों को बेतहाशा दबा रहा था।

फिर मैंने उसका कुरता और सलवार उतार दी.. अब वो केवल ब्रा और पैंटी में थी और मैं बरमूडा पहना हुआ था जिसमें मेरा लण्ड एक तम्बू की तरह तन गया था। फिर मैंने उसके बचे हुए कपड़े भी उतार दिए और अपना बरमूडा भी उतार प्रिया।अब हम दोनों नंगे थे..मैंने फिर से उसे किस करना शुरू किया और वो एक हाथ से मेरा लण्ड हिला रही थी।

फिर मैंने बारी-बारी से उसके बड़े-बड़े मम्मों को खूब चूसा.. अब उसकी सिसकारियाँ निकलनी शुरू हो गईं।

वो जोर-जोर से मेरा लण्ड हिलाने लगी। फिर मैं नीचे गया और उसकी रेशमी झाँटों से सजी चूत पर अपना मुँह लगाया.. तो उसने मेरा सर अपने हाथ से दबा प्रिया।उसकी चूत अब पूरी तरह से गीली हो चुकी थी। मैंने खूब अच्छी तरीके से उसकी चूत का रसपान किया।

अब मैं नीचे लेट गया और उसको लण्ड चूसने के लिए बोला.. तो उसने मना कर प्रिया.. पर मेरे जोर देने पर वो मान गई और फिर वो मेरा लण्ड अपने मुँह में ले कर चूसने लगी। मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था।

फिर मैंने उसे घोड़ी स्टाइल में आने को बोला। वो बिस्तर के किनारे पर झुक गई.. मैंने नीचे खड़ा हो कर अपना कड़ा लण्ड उसकी चूत के छेद पर रगड़ कर.. एक झटका मारा.. तो वो दर्द से खड़ी होने लगी.. लेकिन मैंने जोर लगा कर उसको पकड़े रखा और मेरा आधा लण्ड उसकी चूत में समा गया।

मैं थोड़ी देर ऐसे ही खड़ा रहा.. जब उसको थोड़ा दर्द कम हुआ.. तो मैंने दूसरा झटका मारा।अब मेरा पूरा लण्ड उसकी चूत में घुस चुका था। फिर मैंने धीरे-धीरे झटके मारने शुरू किए दस-पन्द्रह झटके मारने के बाद उसको भी मज़ा आने लगा और वो मस्ती में गांड हिला-हिला कर चुदने लगी।

अब वो जोर-जोर से ‘आ ईईई ईईईई.. भैया और जोर से चोदो मुझे..’ बोलने लगी।मैं भी अपनी रफ़्तार बढ़ाता जा रहा था।

फिर मैंने उसको अपने ऊपर आने को कहा.. वो मेरे ऊपर आ गई और एक हाथ से मेरा लण्ड पकड़ कर उसको अपनी चूत का रास्ता दिखाया।मेरा लवड़ा.. चूत के चिकनी हो जाने की वजह से एक बार में ही अन्दर फिसलता चला गया। फिर पूरा कमरा सिसकारियों से गूंजने लगा।

बीस मिनट बाद मेरा माल निकलने वाला था और अब तक वो दो बार झड़ चुकी थी।मैंने पूछा- कहाँ निकालूँ?तो उसने कहा- अन्दर ही निकाल दो।मैंने हाँफते हुए जोर लगा कर 4-5 झटके मारे और उसकी चूत को अपने लण्ड के पानी से भर प्रिया।

फिर हमने एक-दूसरे को किस किया और ऐसे ही लेटे रहे। उसके बाद मैंने उसकी गांड भी मारी.. लेकिन वो मैं आप को अपनी दूसरी कहानी में बताऊँगा।

आप सब लोगों को मेरी ये कहानी कैसी लगी.. प्लीज मुझे जरूर बताएं।support@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

चुदाई एक्सप्रेस- 2
पड़ोसी

चुदाई एक्सप्रेस- 2

आंटी चुदाई कहानी में गाँव के अमीर जमींदार का बेटा शहर में एक विधवा के घर में कमरा लेकर रहने लगा पढ़ाई के लिए. उसकी एक बेटी भी थी. विधवा को जवान लड़का देख चुदाई की तलब लगी.

13 मिनट 350
पराई नारी की चुदाई से बसा एक परिवार- 3
पड़ोसी

पराई नारी की चुदाई से बसा एक परिवार- 3

अनसैटिस्फाइड हॉट पुसी फक का मजा किरायेदार को रोज मिलने लगा जब मकान मालिक की बहू उसके पास आकर अपनी चूत की प्यास बुझाने लगी.

14 मिनट 622
चूत और गांड की सीलें टूट गईं-1
पड़ोसी

चूत और गांड की सीलें टूट गईं-1

हैलो मेरा नाम कनु है, मैं पेशे से डॉक्टर हूँ, मैं त्वचा-विकार, चर्म-रोग, कॉस्मेटिक सर्जरी और गुप्त रोगों से सम्बंधित बीमारियों का इलाज करता हूँ.. इस कारण मेरे पास ज्यादातर सुंदर लड़कियां ही आती हैं।

8 मिनट 827

पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

नन्दिनी

3 months ago

बहुत ही उत्तेजक और रोमांचक कहानी लिखी है भाई। मजा आ गया।

विराज

3 months ago

रिश्तों की ये कहानी सच में बहुत ही कामुक थी। अंत बहुत ही गर्म था।

उमा शंकर सिंह

4 months ago

क्या दीदी को पता चल गया था? अगला पार्ट जल्दी डालो यार।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।