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कजिन की सहेली खुद चूत चुदाने आई

पेले खान

08 Apr 2018 को प्रकाशित

कजिन की सहेली खुद चूत चुदाने आई
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मैं यूपी का निवासी हूँ, मेरी सेक्स स्टोरी में आप अभी का स्वागत है।

एक बार की बात है मैं अपने परिवार में ही एक शादी में कोलकाता गया था। शादी एक होटल में हो रही थी। हम सभी लोग होटल में चले गए। वहाँ मैंने देखा कि पूरा होटल बुक था। मैंने एक कमरे की चाभी ली और कमरे में जाकर टीवी देखने लगा।

टीवी देखने के कुछ ही देर बाद जानकारी हुई कि बारात आ गई। मैंने बाहर देखा कि बैंड बज रहा था और सब लोग डांस कर रहे थे।

मैं भी नीचे गया और मैंने देखा कि कुछ लड़कियाँ भी डांस कर रही थीं। मैं उन लड़कियों का डांस देखने लगा। मैंने देखा कि उनमें से एक लड़की बहुत ठुमक-ठुमक कर नाच रही थी, वो लड़की मुझे बहुत अच्छी लग रही थी।

उसे देखते ही मैं उसे चोदने के बारे में सोचने लगा। अब मैं उसे ध्यान से देखने लगा था। एक मर्तबा उसकी निगाह भी मुझ पर पड़ी और पता नहीं क्यों अब वो भी मेरी ओर देख कर अपने ठुमके लगाने लगी थी।

ये सब देखते ही देखते डांस का दौर ख़त्म हुआ और मैं वहाँ से अन्दर की तरफ आ गया, खाने की तरफ जाकर मैं चाट और पानी पूरी खाने लगा।

तभी मेरी कज़िन बहन उसी लड़की के साथ में अन्दर आई, जिसे मैं देख रहा था। मेरी कजिन ने मुझे देखा तो वो सीधे मेरी तरफ आ गई और उस लड़की से मुझे इंट्रोड्यूस कराने लगी।मुझे पता चला कि उसका नाम अंकिता है और फिर उसने हैंडशेक किया।उसके हाथ को टच करते ही तो मैं एकदम से गरम हो गया.. उसके हाथ क्या मुलायम थे।

परिचय के बाद वो दोनों अभी आगे बढ़ ही रही थीं कि तभी मेरी कज़िन ने मुझसे पूछा- तुम्हें कमरा मिला है या नहीं?तो मैंने बताया- हाँ, मुझे थर्ड फ्लोर पर 307 नम्बर कमरे के चाभी मिली है।फिर वो दोनों चली गईं और मैं भी अपने रूम में चला गया।

मैं बिस्तर पे तिरछे लेट के टीवी देख रहा था, तभी 15 मिनट बाद डोरबेल बजी। मैंने उठ कर दरवाजा खोला तो देखा कि मेरी कज़िन और अंकिता दोनों दरवाजे पर खड़ी थीं।मैंने कहा- अन्दर आ जाओ।

वो दोनों अन्दर आ गईं और फिर हम तीनों बात करते हुए मूवी देखने लगे। अंकिता मेरी तरफ ही देख रही थी शायद उसकी भी मुझमें रूचि जाग गई थी।

तभी कुछ देर बाद मेरी कज़िन जाने के लिए कहने लगी तो मैंने कहा- ठीक है.. चली जाओ।उन दोनों ने जाते वक़्त दरवाजा हल्का सा खींचा और चली गई, मुझे कुछ अटपटा सा लगा, पर मैं फिर से मूवी देखने लगा।

कुछ समय बाद अंकिता आई और उसने धीरे से दरवाजा लॉक कर दिया और आ के मेरे ऊपर लेट गई।मैं एकदम से डर गया कि आख़िर कौन है जो मुझसे लिपट रहा है।मैंने पीछे मुड़ कर देखा तो अंकिता थी।

मैंने कहा- अरे अंकिता.. तुम ये क्या कर रही हो?उसने कहा- कुछ भी तो नहीं..!मैंने कहा- ऐसा मत करो।उसने कहा- क्यों? तुम्हें बुरा लग गया क्या?मैंने कहा- बुरा तो नहीं लगा लेकिन जब मैं ऐसा करने लगूंगा ना तो तुम्हें बहुत बुरा लगेगा।उसने कहा- नहीं ऐसी बात नहीं है।मैंने कहा- फिर ठीक है.. अब देखो।

ये कह कर मैंने उसकी तरफ पलट कर बिस्तर पर लेट गया और उसे किस करने लगा।क्या मस्त होंठ थे उसके.. मेरा मन तो कर रहा था कि इसके होंठों को खा जाऊं।

मैं अंकिता को किस करते हुए.. उसके कपड़े उतारने लगा। थोड़ी ही देर में वो मेरे सामने पूरी नंगी थी। उसकी चूत एकदम चिकनी थी.. चूत के दोनों फलक चिपके हुए थे.. बड़ी ही मस्त चूत थी। दोस्तो उसकी चूत पर मानो बस एक हल्का सा चीरा लगा हुआ था।

उसकी मस्त चूत को देख कर तो मेरा लंड एकदम से लोहा हो गया और वो भी मेरी पैन्ट निकालने लगी। पैन्ट खोल कर उसने जैसे ही मेरी चड्डी नीचे खींची, मेरा खड़ा लंड उसके सामने तन्नाने लगा।

मेरे खड़े लंड को देख कर वो डर गई, मैं बता दूँ कि मेरा लंड 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा है। वो डर कर मना करने लगी कि इससे मुझे कुछ हो जाएगा।मैंने प्यार करते हुए उसे समझाया कि कुछ नहीं होगा।

उसके मुँह पर अपने होंठों का ढक्कन लगाते हुए मैंने एक ज़ोर का झटका मारा तो मेरा आधा लंड उसकी चूत में समा गया।

वो चीखने लगी और छुड़ाने की कोशिश करने लगी। लेकिन मुँह बंद होने से आवाज घुट कर रह गई।

मैं उसे पकड़ कर कुछ देर रुका रहा और फिर धीरे-धीरे मैंने पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया। कुछ देर के दर्द के बाद वो सिसकारियाँ लेने लगी.. अब उसे भी मज़ा आ रहा था।

कुछ देर के धक्कों के बाद वो झड़ गई और उसकी चूत रस से गीली हो गई। अब मैंने उसे चोदने की स्पीड बढ़ा दी और उसके झड़ने के कुछ मिनट बाद मैं भी झड़ने लगा।मैंने उससे पूछा- मेरा निकालने वाला है.. किधर लोगी?उसने कहा- अन्दर ही छोड़ दो।

तो मैंने उसकी चूत में ही लंड का पानी छोड़ दिया।

उस रात हम दोनों ने 3 बार सेक्स किया, दोस्तो ये मेरी रियल सेक्स स्टोरी है.. आप अपने विचार जरूर भेजें।support@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

सुधीर

2 weeks ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

पुनीत बंसल

4 weeks ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

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