बीवी की अदला बदली

योग के बहाने भोग तक का सफर- 3

लेखक: सनी वर्मा दिनांक: 17-10-2014 पठन समय: 18 मिनट

सेक्स विद फ्रेंड Xxx कहानी में पढ़ें कि पराये मर्द का लंड लेने के बाद पत्नी ने अपने पति को उसके दोस्त की बीवी की चुदाई करने की बात कही. उसके बाद क्या हुआ?

दोस्तो, मैं आपको एक पत्नी की चुदाई की प्यास की कहानी बता रहा था.सेक्स विद फ्रेंड Xxx कहानी के पिछले भागपड़ोसी मर्द के लंड का भोगमें सुनीता ने प्रकाश को चकमा देकर अपने किरायेदार रमण से चूत मरवाने की ठान ली थी.

वो प्रकाश की दारू पार्टी वाले दिन रात को चुपके से बाहर गई और फिर रमण की गाड़ी में वापस आ गयी. चुपके से वो बाहर वाले जीने से रमण के कमरे में चली गयी.

रमण के कमरे में सुनीता ने रमण से अपनी चूत मरवाई और फिर जल्दी से नीचे आ गयी. तब तक प्रकाश की दारूपार्टी खत्म हो गयी थी. फिर वो रमण की ही गाड़ी में वापस मार्केट की तरफ निकल गयी.

अब आगे सेक्स विद फ्रेंड Xxx कहानी:

सुनीता जैसे आई थी, वैसे ही रमण के साथ गाड़ी में लौट गयी और थोड़ी देर में टैक्सी से घर आ गयी।रमण उसके पीछे पीछे ही आया।

प्रकाश तो नशे में धुत्त था। वो सोफ़े पर ही लेटा रहा.

अजय उसे नमस्ते कह कर चला गया।

सुनीता ने शावर लिया। सच में आज रमण ने उसे थका प्रिया था। उसके मन में तो आया कि अंदर का जीना खोल कर रमण को बुला ले और एक राउंड और हो जाये।

उसने बाहर झाँका तो प्रकाश तो टुन्न था। उसने रमण के फोन पर घंटी बजाई तो उसका फोन व्यस्त था, शायद वो फोन पर अपनी बीवी की चूत चोद रहा होगा उस वक्त!

सुनीता ने कपड़े उतारे और नंगी ही बेड पर सो गयी।

अगले दिन न तो प्रकाश घूमने गया न ही सुनीता ऊपर योगा करने।मगर सुनीता ने दिन में रमण को फोन करके दवाई मँगवा ली थी। वो बहुत डर रही थी।

अगला दिन ऐसे ही निकल गया. प्रकाश भी घूमने नहीं जा पाया और न ही सुनीता ऊपर जा सकी।

सुनीता को मन में ग्लानि भी हो रही थी कि प्रकाश इतना प्यार करता है उससे, फिर उसने ऐसा क्यों किया!उसने रात को प्रकाश को भरपूर प्यार प्रिया।

मगर कल रात सेक्स के दौरान प्रकाश ने उससे कहा कि क्यों न एक बार किसी कपल से स्वैपिंग की जाये?वो गंभीर होकर ये बात कर रहा था.

सुनीता ने उसे प्यार से समझाया कि जब वो दोनों इतना प्यार करते हैं तो और कोई क्यों?इस पर प्रकाश बोला कि अजय और उसकी बीवी इसके लिए इच्छुक हैं। अब आगे से एक बार अजय यहाँ आएगा, एक बार मैं उसके घर जाऊंगा।

वो बोला- अगर तुमको कोई दिक्कत न हो तो मैं अजय से बात करूं?सुनीता ने कहा- अभी नहीं, मैं सोचकर बताऊंगी इस बारे में।

फिर ये सब बातें होने के बाद दोनों सो गये.

रात को सुनीता की आँख खुली; उसे पेशाब जाना था।

वो प्रकाश का मोबाइल अपने साथ ले गयी।उसने व्हाट्सएप्प में अजय का अकाउंट चेक किया तो देखा कि अजय की बीवी की नंगी फोटो थीं।सुनीता को अब सारा माजरा समझ आया कि अजय प्रकाश को कैसे उकसा रहा है स्वेपिंग के लिए।

हालांकि अजय स्मार्ट था, पर सुनीता को ये अच्छा नहीं लग रहा था कि प्रकाश किसी और औरत के साथ करे।मगर अब जब वो खुद कर चुकी थी, तो प्रकाश को कैसे मना करती?

सुबह प्रकाश घूमने गया मगर सुनीता ऊपर नहीं गयी।

जब सुनीता ऊपर नहीं आई तो रमण ने उसे फोन करके नीचे आने की इजाजत मांगी।सुनीता शॉर्ट नाइटी में थी। अब रमण से कोई पर्दा नहीं था उसे.

उसने जीना खोल प्रिया और रमण के आते ही वो उससे चिपट गयी। उसने अपनी सारी परेशानी रमण को बताई।रमण बोला- बात तो सही है तुम्हारी, गलती तो हमने की है। मगर हम अपने पार्टनर को मना नहीं कर रहे हैं तो फिर हम गलत नहीं हैं।

बहुत देर तक दोनों बात करते रहे। कश्मकश में सुनीता सिगरेट पर सिगरेट फूँक रही थी।

रमण ने उसे समझाया कि आज प्रकाश को अजय के घर जाने दो। उससे कुछ नहीं पूछना। पहली बात तो वो दारूबाजी में कुछ करेगा नहीं. फिर अगर कर भी लेगा तो अच्छा है, इससे तुम्हें भी आत्मग्लानि नहीं होगी।

रमण प्रकाश के आने से पहले चला गया।

प्रकाश आया और आते ही पहले की तरह सुनीता को पेल प्रिया।उसने हँसते हुए कहा कि अगर तुम्हें अब भी आपत्ति है और स्वैपिंग पसंद नहीं तो रात वाली बात कैन्सल।

सुनीता ने उसे चूमते हुए कहा कि वो उससे बहुत प्यार करती है। मगर स्वैपिंग के लिए वो राजी नहीं है. अगर वो चाहे तो वो अजय की बीवी संजना के साथ मजे ले सकता है लेकिन वो अजय के साथ स्वैप नहीं करेगी.

सुनीता के कहने पर रात को प्रकाश अजय के घर गया।ऊपर रमण भी अपने घर गया था एक दिन के लिए, उसे अगली शाम को वापस आना था।

सुनीता का किसी काम में मन नहीं लग रहा था।

प्रकाश रात को 11 बजे के करीब आया। आज उसने बहुत कम पी रखी थी।सुनीता ने उसके आते ही पूछा- चोद आए संजना को? मजा आया?

उसके सवाल पर प्रकाश ने बड़ी ईमानदारी से बताया कि चुदाई के अलावा सब कुछ किया, मगर दारू चढ़ गयी थी तो अंदर नहीं किया। अब आगे से नहीं करूंगा।

सुनीता जानती थी कि मर्द और कुत्ते में चुदाई को लेकर कोई फर्क नहीं। जब एक बार दिमाग में आ गयी है तो ये करेगा जरूर।दोनों सो गए।

सुबह तीन बजे सुनीता ने महसूस किया कि उसकी चूत में प्रकाश उंगली कर रहा है।वो उठ गयी।

दोनों नंगे ही सोये थे तो प्रकाश का खड़ा हो गया था। उसने सुनीता की चूत में जीभ घुसा दी।सुनीता भी चुदासी हो गयी, वो बोली- सच सच बताना कि तुमने क्या क्या किया संजना के साथ?

प्रकाश ने थोड़ी न-नुकुर के बाद बताना शुरू किया:

वहाँ वाइन संजना ने ही सर्व की थी। शायद वो ऐसा कुछ नहीं करना चाह रही थी। उससे अजय ने जबरदस्ती कराया।फिर जब एक बार औरत की आग भड़क जाती है तो उसे सही गलत नहीं दिखता।

जब उन दोनों को नशा हो गया तो अजय ने संजना को बुलाया और उसका गाउन खोल प्रिया.वो ब्रा-पैंटी में थी।संजना शर्मा रही थी।

मैंने मना भी किया तो अजय ने अपना लंड बाहर निकाल प्रिया और संजना से कहा कि चूसो इसे।संजना ने उसके लंड को चूसना शुरू किया तो अजय ने उसकी ब्रा निकाल दी और मुझसे कहा कि वो उसकी पैंटी निकाल कर उसकी चूत चूसे।

होते होते सभी के कपड़े उतर गए.अब संजना भी मूड में आ चुकी थी। वो मेरे के लंड के ऊपर बैठ गयी और उसे अपनी चूत में कर लिया।मैं हालांकि नशे में था मगर हुस्न के जलवे के सामने नशा काफ़ूर हो जाता है।

अजय और मैंने दोनों ने मिलकर संजना को जमकर चोदा।बाद में संजना ने पूछा कि क्या सुनीता भी इस खेल में शामिल होगी तो मैंने कहा कि उसने अजय को सुबह ही मना कर प्रिया था.इस पर अजय और संजना दोनों बोले कि कोई बात नहीं लेकिन ये राज हम तीनों में ही रहेगा।

इतना सब सुनकर सुनीता को प्रकाश पर गुस्सा नहीं बल्कि प्यार आया और उसकी चूत की आग भड़क गयी। उसने और प्रकाश ने जमकर चुदाई की।

प्रकाश ने उससे ये वादा किया कि भले ही तुम मुझको संजना के पास जाने से मना नहीं कर रही लेकिन मैं अजय के घर दारू पीने नहीं जाऊंगा.

तय हुआ कि पार्टी पहले की तरह यहीं होगी।सेक्स के बाद दोनों सो गए।

अगले दिन सन्डे था। वो दोनों सुबह देर से उठे।

सुनीता का पता नहीं क्यों, अब मन शांत था, उसे कोई आत्मग्लानि नहीं थी।अब उसका मन प्रकाश और रमण दोनों से चुदाई के मजे लेने का बन चुका था।

रमण शाम तक वापस आ गया था।

प्रकाश ने रात को मूवी और डिनर का बाहर का प्रोग्राम बनाया और रमण को भी सुनीता से पूछ कर इन्वाइट कर प्रिया।

रात को लौटने में देर हो गयी।

इसी बीच एक बार मौका देख कर रमण ने सुनीता को चूम लिया।

सुबह प्रकाश घूमने गया और सुनीता ऊपर गयी। आज उसने न तो ब्रा पहनी न पैंटी।आज तो वो चुदवाने गयी थी न कि योगा के लिए।

उसने जाते ही रमण से पूछा- कंडोम लाये?रमण झेंप कर बोला- सॉरी, ले तो आया था मगर जालंधर में बीवी के पास रह गये।सुनीता बोली- बिना उसके नहीं करेंगे।

रमण ने बहुत खुशामद की मगर सुनीता नहीं मानी।उसका मूड उखड़ गया था. वो नीचे आ गयी।रमण ने कई बार फोन किया पर उसने नहीं उठाया।

प्रकाश आया तो उसने सुनीता को सेक्स के लिए कहा तो सुनीता बोली- मेरे सिर में दर्द हो रहा है, आज नहीं।तो प्रकाश ने किचन में जाकर दोनों के लिए चाय बनाई।

चाय पीते हुए उसने बताया कि कल मंगलवार है तो अजय आज आएगा। अब वे केवल सोमवार को पीया करेंगे।सुनीता बहुत खुश हुई.उसने प्रकाश को चूमकर कहा कि अब हम हफ्ते में बाकी दिन सेक्स का मजा ले सकेंगे।

सुनीता ने इस खुशी में उसे अंदर आने की दावत दी मगर प्रकाश ने कह प्रिया कि कल ही करेंगे.

दिन में रमण ने फिर सुनीता को फोन किया कि कॉन्डोम ले लिए हैं और सुनीता के लिए दो नाइट ड्रेस भी ली हैं।

आखिर सुनीता मान ही गयी। सुनीता ने उसे कहा कि वो शायद रात को उसे एक सरप्राइज़ देगी।

शाम को अजय आया तो सुनीता जानबूझकर उसके सामने नहीं गयी। उसने मेड से कह कर उनका सामान लगवा प्रिया।प्रकाश को उसने पहले ही बोल प्रिया था कि वो आज जल्दी सोएगी तो प्रकाश उसे डिस्टर्ब न करे।

सुनीता के दिमाग में रात का चुदाई सेशन फाइनल हो चुका था। उसने रमण को बोल प्रिया था कि आज जरा ऊपर-नीचे ढंग से शेव करके तैयार रहना, कहीं बाहर चलेंगे।रमण असमंजस में था।

प्रकाश की दारूपार्टी शुरू होते ही सुनीता ने खुद भी डिनर कर लिया था और रमण को भी डिनर लेने को बोल प्रिया था।आज उसने प्रकाश को कहा था कि आज अजय को जमकर पिलाना, इतना पिलाना कि वो टुन्न हो जाये।

प्रकाश बोला- क्यों, तुम चुदवाने आओगी क्या उससे?वो बोली- कभी नहीं, वो कहां और मैं कहां?ये सुनकर प्रकाश भी चढ़ गया था।

इन लोगों की दारूपार्टी चलते चलते एक घंटा हो गया हो गया था और आज चढ़ी ज्यादा थी तो दोनों बहक रहे थे।सुनीता को मालूम था कि प्रकाश तो अब सुबह तक के लिए गया।

उसने प्रकाश को आवाज देकर बुलाया और एक लम्बी किस देकर उसका लंड मसल कर उसको बोला कि खूब एंजॉय करना और अजय को बोलना जाते समय गेट लोक कर जाये। मैं नींद की गोली लेकर सो रही हूँ, मुझे नहीं उठाना।

प्रकाश बोला- और चुदाई?सुनीता हंस कर बोली- अजय की गांड मार लेना।प्रकाश भी इस बात पर हँसते हुए चला गया।

सुनीता ने ड्राइंग रूम का किवाड़ भेड़ प्रिया और बाहर की लाइट बंद कर दी।अब उसने अपने प्लान पर काम शुरू किया। उसने धीरे से जीने का गेट खोला और रमण को फोन करके कहा कि नीचे आ जाओ और अपना फोन साइलेंट पर कर लेना और कॉन्डोम लेकर आना।

रमण को समझ में आ गया कि सुनीता ने क्या प्लान किया है।

उसने ऊपर सब लॉक किया और जैसा सुनीता ने उसको समझाया था उसने बाहर के जीने को की-लॉक से बंद किया जो अंदर बाहर दोनों ओर से खुल सकता था।इस तरह वो बाहर से भी ऊपर आ सकता था।

रमण ने सुनीता के लिए चॉकलेट, नाइट सूट लिए थे. उनको लेकर दबे पाँव वो नीचे आ गया।

सुनीता ने जीने का दरवाजा भेड़ तो प्रिया पर लॉक नहीं किया ताकि आवाज न हो।

रमण को वो चुपचाप बेडरूम में ले आई। रूम लोक करते ही दोनों चिपक गए, उनके होंठ मिल गये.

आज की रात अरमानों की रात थी। सुनीता ने अपनी जीभ से रमण की जीभ को खूब चुभलाया।

वो इतनी छोटी ड्रेस पहने हुए थी कि उसका पहनना और न पहनना बराबर था।रमण ने उसे चूमते हुए उसके मम्मों को मसलना शुरू कर प्रिया था तो सुनीता बोली कि इतनी हड़बड़ाहट क्यों है?

फिर सुनीता ने सबसे पहले रमण का लोअर नीचे किया और नीचे बैठ कर उसका लंड ताबड़ तोड़ चूसने लगी।ऐसा लगता था कि तोड़ मरोड़ कर वो उसकी शेप बिगाड़ देगी।सुनीता बहुत गर्म हो रही थी।

अब रमण की बारी थी। उसने सुनीता को बेड पर लिटाया और उसकी पैंटी नीचे खींच कर उसकी मखमली चूत में अपनी जीभ अंदर कर दी।सुनीता की सीत्कारें निकलने लगीं।

रमण ने उसे इशारा किया कि आवाज़ न करे।मगर सुनीता तो बौखला गयी थी।

उसने रमण को ऊपर खींचा और उसके ऊपर चढ़ कर उसका लंड अपनी चूत के मुहाने पर सेट करके एक झटके में अंदर कर लिया।

अब वो ज़ोर ज़ोर से उछलने लगी।वो बड़बड़ा रही थी- आहह जानू … मजा आ गया … आह्ह … तेरा लंड … आह्ह … हाय … आह्ह … और जोर से … आह्ह!रमण को डर लग रहा था कि कहीं आवाज़ें सुनकर प्रकाश न आ जाये।

मगर सुनीता ने उसे समझाया कि उसे इतनी चढ़ चुकी है कि अगर वो आ भी गया तो वो संभाल लेगी।रमण ने नीचे से धक्के बढ़ा दिये।

अब रमण ने उसे बगल से लिटाया और उसकी चूत में लंड पेलना चाहा, मगर सुनीता बोली- पहले कॉन्डोम चढ़ा लो।

रमण ने कॉन्डोम चढ़ा कर सुनीता को घोड़ी बनाया और पीछे से उसकी गांड में घुसाना चाहा तो सुनीता बिफर गयी.वो हंसकर बोली- हराम का माल नहीं है कि जहां चाहे घुसेड़ लो! पहले अपनी बीवी की गांड मारना और एक बार मेरे पति से अपनी गांड मरवाना, तब मेरी गांड की सोचना।

रमण ने चुपचाप उसकी चूत की पिलाई शुरू की.सुनीता को भी मजा आ रहा था मगर लंड गहराई में नहीं जा पा रहा था।सुनीता बोली- अच्छे से करो, वर्ना दो दो लंड बाहर तने खड़े हैं।

अब रमण ने सुनीता को सीधा किया और उसकी टांगें चौड़ी कर पेल प्रिया अपना मूसल।ये शॉट वाकई जबर्दस्त था, सुनीता की चीख निकल गयी जो रमण ने अपनी हथेली उसके मुँह पर रख कर रोकी और फिर दनादन पिलाई शुरू की।

सुनीता अब सातवें आसमान पर थी। वो नीचे से उचक उचक कर लंड को और गहराई तक पहुंचा रही थी।एक ज़ोर के झटके से रमण ने अपना माल कॉन्डोम में निकाल प्रिया।सुनीता का भी हो चुका था।

दोनों निढाल होकर पड़ गए।सुनीता ने उससे पूछा- कॉफी पियोगे?रमण बोला- पागल हो रही हो क्या? ऐसे में कैसे जाओगी?सुनीता ने घड़ी देखी तो 11 बज रहे थे। इसका मतलब अजय जाने वाला था।

उसने रूम ठीक किया और रमण से कहा कि वो उसे बाहर आने का इशारा करे तब वो आए।सुनीता वही शॉर्ट ड्रेस पहने बाहर गयी तो चौंक गयी. प्रकाश ड्राइंग रूम से बाहर आ रहा था।

वो लड़खड़ा रहा था।सुनीता ने उससे पूछा- अजय चला गया क्या?प्रकाश बोला- हाँ, अभी लेकर गया है उसका ड्राइवर, आज अजय ने मेरे से ज्यादा पी है.

सुनीता सोचने लगी कि अब कैसे रमण को ऊपर पहुंचाए?उसने प्रकाश से कहा कि उसका मन बीयर पीने को कर रहा है, मगर साथ प्रकाश को व्हिस्की से देना होगा।

प्रकाश बोला- नहीं, आज पहले तुम मेरा लंड चूस दो। साले अजय ने बार बार तेरी चूत दिलाने की बात कह कर मेरा लंड खड़ा कर प्रिया।सुनीता ने फटाफट रमण को पर्दे के पीछे छिपने का इशारा किया और रूम में जाकर पहले लाइट बंद की.

फिर प्रकाश को बेड पर धक्का देकर उसका लोअर नीचे करके उसका लंड चूसने लगी।वो बोली- आज तुम्हारा जूस निकाल कर पी लेती हूँ।

सुनीता ने जल्दी ही मुँह से ही प्रकाश का माल निकाल प्रिया।बाहर रमण ने जीने का गेट खोलना चाहा तो आवाज हुई।

प्रकाश नशे में था, मगर उसे लगा कि कोई आवाज हुई है।वो सुनीता से बोला- देख, क्या आवाज हुई?सुनीता बोली- तुम सो जाओ, मैं देखती हूँ।प्रकाश नशे में तो था ही इसलिए करवट लेकर लेट गया।

सुनीता दबे पाँव बाहर आई तो रमण ने दबोच लिया.वो बोला- एक ट्रिप और करनी है जान, जल्दी से ले लें?चुदासी तो सुनीता भी हो रही थी मगर वो बोली- फंस गए तो?

रमण वहीं कुर्सी पर नंगा होकर बैठ गया।सुनीता ने भी सारे कपड़े उतारे और रमण के लंड पर बैठ कर उछल उछल कर चुदाई का मजा लिया।आज जितनी बेशर्म होकर वो चुद रही थी वो उसने कभी नहीं सोचा था कि वो कभी ऐसा भी करेगी.

इधर रमण का लंड खाली नहीं हो रहा था।सुनीता ने नीचे बैठ कर उसका लंड ज़ोर ज़ोर से चूस कर निचोड़ प्रिया।रमण ने उससे ये वादा लिया कि अब जब भी प्रकाश की दारूपार्टी होगी वो ऐसे ही सेक्स का मजा लेंगे।

तो दोस्तो, इस तरह से सुनीता ने अपने ही घर में एक गैर मर्द से चुदाई करवाई और अपने पति की शराब की लत का फायदा उठाकर पराया लंड लेती रही.

आपको सेक्स विद फ्रेंड Xxx कहानी कैसी लगी मुझे इस ईमेल पर जरूर बतानाsupport@mohakkisse.com