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भाभी की चुदाई पठन समय: 14 मिनट पढ़ा गया: 807 बार

चाचा का लंड मां की चूत में

टोबी मैग्योर

17 Nov 2024 को प्रकाशित

चाचा का लंड मां की चूत में
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सेक्सी चुदाई मेरी माँ की होती देखी मैंने अपने घर में. वह पूरी नंगी होकर मेरे चाचा के लंड को चूत में लेकर लंड सवारी कर रही थी. मेरी मम्मी की चुदाई मैं कई बार देख चुका था.

मेरा नाम समीर है और मैं 23 साल का हूँ।मेरी हाइट 5 फीट 11 इंच है, मेरा शरीर गठीला और तगड़ा है.और मेरा लंड भी मेरे शरीर जैसा तगड़ा है।

खैर, छोड़िए, मेरे लंड की कहानी बाद में!

पहले तो चाचा और मम्मी की सेक्सी चुदाई की कहानी है।

मेरे परिवार में 5 लोग हैं।

मम्मी अनीता, जिनकी उम्र 42 साल है, पापा केशव, जो 51 साल के हैं.

चाचा सचिन, जो 33 साल के हैं, और मेरी छोटी बहन रूही, जो 21 साल की है।

हम सब साथ रहते हैं।

पापा परिवार में सबसे बड़े हैं।दादी-बाबा अब नहीं रहे।

मेरी चार बुआएँ हैं, जो पापा से छोटी और चाचा से बड़ी हैं.उनकी शादी हो चुकी है।

पापा सरकारी नौकरी करते हैं और बिजली विभाग में हैं।मम्मी हाउसवाइफ हैं।

चाचा का भी बिजली का काम है और उनकी दुकान घर में ही है।

बात एक रात की है, जब सर्प्रियाँ चल रही थीं।

मम्मी और पापा अपने कमरे में सोने चले गए।मैं और रूही अपने कमरे में थे क्योंकि मेरा और रूही का कमरा एक ही है।

चाचा अपने कमरे में चले गए।

रात में मैं पानी पीने के लिए उठा तो देखा कि चाचा के कमरे की लाइट जल रही थी।

मैंने सोचा, लाओ, बंद कर देता हूँ, शायद वो भूल गए होंगे।

तभी मुझे कमरे के अंदर से कुछ आवाजें सुनाई दीं।आवाजें मम्मी की सिसकारियों की थीं।

मैंने खिड़की से झाँककर देखा तो मम्मी चाचा के लंड पर नंगी बैठी थीं।वो अपनी चूचियाँ मसलते हुए अपनी गांड उठा-उठाकर चाचा के लंड से चुद रही थीं।

मैंने पहले भी चाचा को कई बार मम्मी को छेड़ते देखा था, लेकिन मुझे लगता था कि भाभी-देवर में मज़ाक तो हर कोई करता है।पर यहाँ मज़ाक से कहीं ज़्यादा चल रहा था, ये मुझे नहीं पता था।

मम्मी मेरी एकदम हीरोइन की तरह दिखती हैं।उनका 32D-30-36 का फिगर किसी भी लंड का एक झटके में पानी निकाल सकता है।

जब मैंने पहली बार चाचा को मम्मी को चोदते देखा था, तब मम्मी की कमर और भी पतली थी।शायद तब उनका फिगर 32D-26-34 रहा होगा क्योंकि तब से मम्मी के चूतड़ थोड़े और मोटे हो गए हैं और कमर भी थोड़ी बढ़ गई है।

मम्मी के चूतड़ वैसे तो हमेशा से ही मोटे-मोटे हैं क्योंकि मम्मी ने अपनी खूब गांड मरवाई है।

मम्मी की चुदाई मैं पहले भी कई बार देख चुका था और मम्मी को नंगी तो मैं बचपन से देख रहा हूँ।

चाचा से चुदाई करवाते देखने से पहले मैंने मम्मी को मामा और नाना से भी चुदते हुए कई बार देखा था।

तब मुझे लगता था कि ये सब आम बात होगी, हर घर में ऐसा ही होता होगा—बहन-भाई और बाप-बेटी में चुदाई होना।

लेकिन जब मैंने अपने दोस्त को ये बताया, तो उसने कहा, “ऐसा थोड़ी होता है! भाई-बहन और बाप-बेटी में ये सब नहीं होता!”

मेरी नया-नया लंड खड़ा होना शुरू हुआ था और मैंने मम्मी को हमेशा ये सब करते देखा था।तो मैंने सोचा, “अरे, जाने दो! हर घर में नहीं होता, मेरे घर में तो हो रहा है!”

उस समय से मेरी गंदी नज़र अपनी बहन रूही पर पड़ने लगी।रूही मेरे साथ ही कमरे में सोती थी और हम दोनों एक-दूसरे को सब बातें बताते थे।

रूही को भी मम्मी के बारे में सब पता था इसलिए उसे भी यही लगता था कि भाई-बहन और बाप-बेटी में चुदाई आम बात है।रूही कमरे में आने के बाद अपने आप नंगी होकर मेरे साथ लेट जाती थी।

वो मुझसे छोटी है, और उस समय चुदाई के लिए वो छोटी थी।पर उसका बदन बचपन से ही मम्मी की तरह था।

उसके शरीर का राहुल उसकी उम्र से जल्दी शुरू हो गया था।

जब उसकी सहेलियों की नींबू जैसी चूचियाँ थीं, तब रूही की संतरे से भी बड़ी-बड़ी हो गई थीं।

शुरू में जब रूही मेरे पास नंगी लेटती थी, तो मैं उसकी नरम-नरम चूचियाँ मसलता और चूसता था।

वो मेरी लुल्ली चूस-चूसकर पानी निकालती थी।

धीरे-धीरे मैं उसकी बुर और गांड में उंगली डालकर हिलाने लगा, उसकी बुर को चुदने लायक बनाने लगा।

खैर, मैं अपनी और रूही की कहानी पर बाद में आता हूँ।

पहले मम्मी की सेक्सी चुदाई सुनिए।

मम्मी मेरे और रूही के साथ हर साल गर्मियों और सर्दियों की छुट्टियों में नानी के घर जाती हैं।

जब मुझे चुदाई के बारे में कुछ नहीं पता था, तब मम्मी के नानी के घर जाने पर नाना और मेरे तीनों मामा बहुत खुश हो जाते थे।क्योंकि मम्मी उनके लिए फ्री की रांड थीं।

जितने दिन मम्मी नानी के घर रहतीं, उतने दिन नाना और मेरे तीनों मामा मम्मी को खूब दबाकर चोदते थे।

मुझे ये बात शुरू से ही पता थी कि मेरे और रूही के पापा बड़े वाले मामा हैं।

जब मम्मी की शादी हुई थी, तब मम्मी एक महीने की प्रेगनेंट थीं और मम्मी को मामा ने ही प्रेगनेंट किया था।

मेरे सबसे बड़े मामा गोपाल मम्मी से 8 साल बड़े हैं, उनसे छोटे रिंकू 6 साल बड़े, और सबसे छोटे पंकज 5 साल बड़े हैं।

मामा भी मम्मी को पहले से चोद रहे हैं लेकिन मम्मी की सील नाना ने तोड़ी थी, जब वो कम उम्र की थीं।ये सब बातें मुझे इसलिए पता हैं, क्योंकि मम्मी ने खुद मेरे पूछने पर बताया।

अब मम्मी को सारी बातें मुझे पता हैं।

मेरे नाना किसान हैं और तीनों मामा भी किसानी करते हैं इसलिए सबके शरीर काफी मजबूत हैं।

उनका पहनावा ऐसा है कि उनका लंड 2 सेकंड में उनकी लुंगी से बाहर आ जाता है।मम्मी के नानी के घर होने पर तो लुंगी में रहता ही नहीं, मम्मी की गांड या बुर में रहता है।

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गोपाल मामा बाकी दोनों मामा से बड़े हैं तो वो मम्मी को अकेले में चोदते हैं।

लेकिन रिंकू और पंकज मामा मम्मी को एक साथ चोदते हैं।

रात में, जब मम्मी हमें दोनों भाई-बहन को सुला देती थीं, तब उनकी चुदाई का सिलसिला शुरू होता था।मैंने कई बार इसे लाइव देखा था।

पहले नाना कमरे में आते थे और अपनी लुंगी निकालकर अपना घोड़े जैसा लंड लटकाए मम्मी के पास आ जाते थे।

नाना का लंड एकदम अफ्रीकन जैसा है— बहुत मोटा, लंबा, और काला।

वो पहले मम्मी के मुँह में लंड डालकर उनका मुँह चोदते थे।

जब तक उनका लंड पूरा खड़ा होकर तन नहीं जाता था, तब तक वो मम्मी का मुँह चोदते हुए उनके चूचे मसलते और उनकी गांड और बुर में उंगली करते थे।

फिर वो मम्मी को बेड पर लिटाकर घोड़ी बनाकर उनके बाल खींचते हुए उनके मोटे-मोटे चूतड़ों पर तमाचे मारते हुए हर तरह से चोदते थे।आखिर में अपना माल मम्मी की गुलाबी बुर में भर देते थे।

नाना के जाने के बाद बड़े वाले मामा आते और हर बार यही बोलते थे, “चुदवा लिया बुड्ढे से!”मम्मी हर बार हँसकर कहतीं, “भैया, पापा के लंड में अब भी बहुत दम है!”

मामा कहते, “जब तेरी चिकनी चूत और गोरे मोटे चूतड़ सामने हों, तो बुढ़ापे में भी जवानी आ ही जाती है!”

मामा भी मम्मी को खूब चोदते थे और वो भी उनकी बुर में अपना सारा माल खाली करके चले जाते थे।

मम्मी ने बताया था कि बड़े मामा ने हमेशा अपना सारा माल उनकी चूत में ही भरा है, लेकिन गांड सबसे ज्यादा चोदी है।जब बड़े मामा ने मम्मी को चोदना शुरू किया था, तब मम्मी काफी छोटी थीं।

लेकिन बड़े मामा उन्हें दिन में कई-कई बार चोदते थे।जैसे ही उन्हें लगता कि कोई नहीं देखेगा, वो मम्मी को किसी कमरे में, भूसौरी में, या खेत में ले जाकर चोदने लगते थे।

मम्मी को पूरा नंगा करने की बजाय वो उनकी सलवार नीचे सरका देते थे।मम्मी के चूतड़ फैलाकर अपना लंड उनकी गांड में डालकर चोदने लगते थे ताकि कोई आए तो मम्मी जल्दी से सलवार ऊपर कर सकें और मामा अपना लंड लुंगी में डाल सकें।

मम्मी की गांड इतनी ज्यादा मारी गई है कि उनके चूतड़ इतने मोटे हो गए हैं कि उनकी सलवार से बाहर निकलने को तैयार रहते हैं।जब वो लेगिंग पहनती हैं, तब तो किसी का खड़े-खड़े पानी निकल जाए।

क्योंकि उनके मोटे-मोटे चूतड़ लेगिंग से चिपके हुए एकदम नंगे लगते हैं।ऊपर से बिना पैंटी की वजह से उनकी बुर की दोनों फाँकें अलग-अलग नज़र आती हैं।

मम्मी लेगिंग पहनकर निकलती हैं, तो कमर के नीचे वो नंगी ही नज़र आती हैं।वो इसके साथ ऐसा टॉप पहनती हैं, जिसमें उनका आधा पेट खुला रहता है।

पापा के ड्यूटी पर जाने के बाद मम्मी चाचा को उनकी दुकान में चाय देने जाती हैं।दुकान का एक दरवाजा घर के अंदर खुलता है, जिससे मम्मी चाय देने जाती हैं।

जब मैंने पहली बार मम्मी को चाचा से चुदवाते देखा, तो अगले दिन से मैं उन पर और चाचा पर नज़र रखने लगा।

अगले दिन, जैसे ही मम्मी चाय देने चाचा की दुकान में गईं, मैं पीछे जाकर छुपकर देखने लगा।

मम्मी ने चाय रखी और काउंटर के पीछे घुटनों पर बैठकर चाचा की पैंट उतारने लगीं।मम्मी ने चाचा का लंड उनकी पैंट से निकाला और चाटने लगीं।

10 मिनट तक अपना लंड चटवाने के बाद चाचा बोले, “कमरे में चल, मैं पीछे से आ रहा हूँ!”मैं जल्दी से भागकर बरामदे में आ गया।

पीछे से मम्मी आईं और बोलीं, “जाओ, अपने कमरे में जाकर पढ़ाई करो, तुम भी और रूही भी! छुट्टी वाले दिन बिल्कुल नहीं पढ़ते हो तुम दोनों!”मैंने थोड़ा नाटक करके फिर कमरे में चला गया।

मैंने कमरे में जाकर रूही को मम्मी के बारे में बताया और पूछा, “देखने चलोगी?”रूही बोली, “हाँ, चलो भैया, देखते हैं!”

जैसे ही चाचा के कमरे का दरवाजा बंद होने की आवाज़ आई, मैं समझ गया कि मम्मी और चाचा कमरे में जा चुके हैं।

मैं और रूही तुरंत कमरे से निकले और खिड़की से अंदर देखने पहुँच गए।

मम्मी पहले ही नंगी बेड के पास खड़ी थीं और चाचा अपने कपड़े उतार रहे थे।

चाचा ने कपड़े उतारकर मम्मी के बदन से खेलना शुरू कर प्रिया, मम्मी उनका लंड सहलाने लगीं।

कुछ देर तक चाचा मम्मी के बड़े-बड़े दूध से खेलते रहे।फिर उन्होंने मम्मी के मोटे-मोटे चूतड़ फैलाए और अपना मुँह उनके बीच में डालकर उनकी गांड चाटने लगे।

मेरी छोटी बहन रूही ये देखकर मुझसे धीरे से कान में बोली, “भैया, आप क्यों नहीं चाटते मेरे चूतड़?”मैंने खड़े-खड़े रूही के टॉप में हाथ डालकर उसकी मुसम्मी जैसी चूचियाँ मसलते हुए अंदर मम्मी की मस्त चुदाई देख रहा था।

जैसे ही रूही ने ऐसा बोला, मैंने उसकी स्कर्ट ऊपर करके उसकी चड्डी निकाल दी।रूही बोली, “भैया, रात में चाटना, अभी यहाँ देखो, मज़ा आ रहा है!”

मैं बोला, “उससे ज़्यादा मज़ा तो चाटने में है!”ये बोलकर मैं नीचे बैठ गया और रूही के मोटे होते चूतड़ फैलाकर उसकी गांड और बुर चाटने लगा।

रूही को भी मज़ा आ रहा था क्योंकि जब मैं चाट रहा था, तो वो अपने चूतड़ हिलाकर मेरी जीभ का साथ दे रही थी।

अंदर मम्मी अपने देवर से चुद रही थीं, और बाहर मैं अपनी बहन के मोटे, गोल-गोल चूतड़ फैलाकर उसकी गुलाबी, बिना बाल की मोटी बुर और गांड चाट रहा था।

रूही की गांड और बुर उस समय एकदम गुलाबी थीं क्योंकि वो बहुत गोरी है।

10 मिनट तक रूही की गांड और बुर चाटने के बाद मैं खड़ा हो गया और उसकी बुर में उंगली डालकर अंदर-बाहर करने लगा।

मैं अंदर चल रही मम्मी और चाचा की चुदाई देखने लगा।रूही ने मेरा पैंट नीचे करके मेरी लुल्ली बाहर निकाल ली और हाथ में लेकर सहलाने लगी।

अंदर चाचा ने मम्मी को घोड़ी बना रखा था और उनकी गांड में लंड डालकर चोदने में लगे थे।मम्मी के तरबूज जैसे चूचे लटकते हुए झूल रहे थे।

चाचा मम्मी की गांड पर तमाचे मारते हुए कह रहे थे, “आज मेरी रानी, तुम्हें पूरे दिन चोदूँगा!”मम्मी बोलीं, “अच्छा! तो घर का काम कौन करेगा, अगर तुम अपनी रानी को दिनभर लंड की सवारी करवाओगे?”

चाचा बोले, “बीच-बीच में काम निपटा आना और लंड को सवारी करती रहना!”इतने में रूही नीचे बैठकर मेरा लंड मुँह में लेकर चूसने लगी।

रूही ने सालभर में मेरा लंड चूस-चूसकर पहले से काफी बड़ा कर प्रिया था।जैसे मैंने उसकी बुर और गांड में उंगली डाल-डालकर फैला दी थी।

सालभर में मैंने रूही की बुर और गांड में इतनी उंगली डाली थी कि अब उसकी बुर में मेरी 2-3 उंगलियाँ एक साथ घुसने लगी थीं।जैसे ही रूही ने मेरा लंड अपने मुँह में लिया, उसकी नरम जीभ और गरम-गरम मुँह के अंदर मेरा लंड तुरंत पानी छोड़ पड़ा।

रूही मेरा पानी पीकर लंड मुँह में ही डाले रही और चूसती रही।10 मिनट बाद मेरा फिर पानी निकल गया।उसने मेरा सारा पानी पी लिया और खड़ी हो गई।

चाचा भी 5 मिनट बाद मम्मी की गांड में झड़ गए।मम्मी खड़ी हुईं, तो उनकी गांड से चाचा का माल बहकर निकल पड़ा और उनकी टाँग पर चूने लगा।

मम्मी ने अपनी नाइटी पहनी और बिना साफ किए बाहर आने लगीं।

मैं और रूही भागकर अपने कमरे में घुस गए और किताब खोलकर पढ़ने का नाटक करने लगे।सेक्सी चुदाई मेरी माँ की कहानी पर अपने विचार मुझे बतायेंsupport@mohakkisse.com

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