सेक्सी चुत हॉट चुदाई कहानी में पढ़ें कि भाभी को लिवाने गया देवर लॉकडाउन में भाभी के मायके में फंस गया. वहां भाई की सलहज भी थी. तो समय कैसे कटा?
लॉकडाउन में किसी किसी को तो बहुत दिक्कत हुई, किसी की लाटरी खुल गयी.अब उनसे पूछो जिनकी बीवी लॉकडाउन से पहले मायके गयी और वहीं फंस गयी.और उनकी मौज हो गयी जो अपनी सेटिंग के पास एक दिन को गए और वहीं फंस गए.
बॉबी का वो गाना कितना सटीक बैठता हैहम तुम एक कमरे में बंद होंऔर बाहर लॉक डाउन हो जाए
मेरी पिछली कहानी थी:लॉकडाउन में चरमसुख की प्राप्ति
तो आइये सेक्सी चुत हॉट चुदाई कहानी शुरू करते हैं.किस्सा है विजय का.
विजय 24 वर्ष का बांका जवान है. आई आई टी इंजीनीयर है और फिलहाल एक एमएनसी में दिल्ली में कार्यरत है.
उसके भाई अजय की अभी चार महीने पहले ही शादी हुई थी.नयी नवेली दुल्हन दिया अपनी पहली होली पर मायके आगरा आई हुई थी. अब उसको वापिस दिल्ली आना था.अजय लेने नहीं जा पा रहा था.
तो फिर विजय का जिम्मा लगा कि वो अगले शुक्रवार की शाम को ऑफिस से ही आगरा चला जाए और अपनी भाभी को लेकर इतवार की रात तक आ जाए.
चूंकि विजय पहली बार भाई की ससुराल जा रहा था तो उसने एक बेग में दो रात के हिसाब से कुछ ज्यादा ही कपड़े रख लिए.उसकी और दिया की बहुत पटती थी और खुली हुई थी.
दिया की ससुराल और पति दोनों ही रुढ़िवादी थे. पर विजय हॉस्टल में पढ़ा होने से जवानी के जोश से भरपूर था. उसने कसरती बदन बना रखा था.वो और दिया कई बार बियर या व्हिस्की मार लेते.
अजय टूर पर रहता तो बाजार के बहाने से विजय और दिया मोटरसाइकिल पास मस्ती करते, बाहर खाते पीते.
अब आगरा आने के लिए दिया और उसने यह तय कर लिया था कि शनिवार की रात को मूवी देखेंगे और इतवार को ताज.उनका ये प्रोग्राम एक हफ्ते पहले ही बन गया था.
दिया के मायके में उसके मम्मी पापा कालोनी में एक कोठी में रहते थे और उसके बड़े भाई भाभी पास में ही सरकारी कोठी में रहते थे.
दिया की अपनी भाभी मनीषा से बहुत खुली दोस्ती थी. दोनों एक ही उम्र की थीं.जब से दिया आगरा आई थी, उसके बड़े भाई मनीष होली के पांच-छह दिन बाद ही कम्पनी के काम से सिंगापूर गए थे 10 दिन के लिए.
मनीषा की शादी भी 6 महीने पहले ही हुई थी. मनीषा बहुत सेक्सी थी. उसके दिमाग में हर समय सेक्स ही चलता था.उसका साथ उसका पति सुरेश भी खूब देता था.
मनीषा अपने सारे मजे खूब चटकारे लेकर दिया को सुनाती थी.सेक्स दिया भी अजय के साथ कम नहीं करती थी, पर अजय इतना जिंदादिल नहीं था.
सुरेश के सिंगापूर जाने के बाद दिया मनीषा के पास ही आ गयी थी. दोनों दिन भर गप्पे मारती, पोर्न फिल्म देखती और … हाँ, मनीषा ने दिया को उंगली करना और वाइब्रेटर लेना सिखा प्रिया था.दोनों साथ ही नहातीं और घर में कम से कम कपड़ों में रहतीं.
रात को मनीषा सुरेश से विडियो चैट करती, तो विडियो सेक्स भी करती.उसने सुरेश को यह कह रखा था कि दिया अलग कमरे में सो रही है.
मनीषा चेट करते करते सुरेश का पानी निकलवा देती और उनकी बातें सुन सुन कर दिया का भी पानी निकल जाता.इसीलिए दिया भी अजय से पीछे पड़ी थी कि वो उसे ले जाए या विजय को उसे लेने जल्दी भेजे.
खैर, शुक्रवार शाम 7 बजे तक विजय आ गया. वो ऑफिस से जल्दी ही चल प्रिया था.
विजय पहले दिया के मम्मी पापा से मिला. दिया वहीं थी.फिर दिया के साथ ही उसके भाई की कोठी पर आ गया.
तीनों फटाफट तैयार हुए और घूमने निकल लिए. तीनों मस्ती में थे.दिया और मनीषा ने शॉर्ट्स और टी शर्ट डाली थीं.
मनीषा हालांकि शादी के बाद विजय से पहली बार मिल रही थी. पर दिया ने उसकी इतनी तारीफ कर ली थी कि मनीषा मिनटों में ही विजय से घुलमिल गयी.विजय था भी बहुत स्मार्ट और हंसमुख.
शाहजहाँ पार्क के पास गाड़ी खड़ी करके तीनों पार्क में घूमने लगे.
पार्क में अनेक जोड़े थे जो प्रेमालाप में लगे हुए थे. दिया विजय से चिपट कर चल रही थी. मनीषा संबंधों का लिहाज कर रही थी.बाहर निकलकर तीनों ने भेलपुरी खायी और आइसक्रीम ली.
दिया ने दोनों से आइसक्रीम शेयर की तो फिर तो मनीषा ने भी विजय की आइसक्रीम से खा लिया.
वहीं पास में पनवाड़ी की दुकान थी तो विजय ने लड़कियों से पूछा कि क्या मैं सिगरेट ले लूं.मनीषा बोली- हाँ ले लो, एक आध सुट्टा मैं भी मार लूंगी.
दिया ने आश्चर्य से उसकी ओर देखा तो मनीषा बोली- शादी से पहले हॉस्टल में मैं ले लेती थी. पर तुम्हारे भाई नहीं पीते तो मुझे भी आदत छूट गयी.
अब बात डिनर लेने की थी. राजपुर रोड पर एक महंगे रेस्टारेंट में तीनों ने डिनर लिया.
रात के 10 बज गए थे. दिया के कहने पर विजय ने 10-12 केन बियर के ले लिए.
घर आते ही विजय तो नहाने चला गया. मनीषा ने बियर फ्रीजर में रख दीं.
विजय के सोने का इंतजाम गेस्ट रूम में किया जहां डबल बेड पड़ा था. विजय ने नहाकर शॉर्ट्स और टी शर्ट डाली.
दिया और मनीषा भी फ्रेश होकर शॉर्ट्स और टी शर्ट में ही आ गयीं थीं.
11 बज गए थे तो विजय ने कहा- अब सो जाते हैं.मनीषा बोले- बच्चे हो क्या? अभी से क्या सोएंगे. अभी सो जायेंगे तो दिन में क्या करेंगे? यहाँ कोई काम तो है नहीं … और न मम्मी-पापा जो कहेंगे उठ जाओ बेटा, सूरज सर चढ़ आया है.
सब हंस दिए.
विजय बोला- फिर क्या करें?मनीषा बोली- कार्ड्स खेलते हैं.तीनों बेड पर जम गए.
दिया फ्रीजर से बियर निकाल लायी, चिप्स का पैकेट भी ले आई.म्यूजिक चला कर दिया ने पत्ते बांटे, विजय ने लड़कियों से पूछ कर सिगरेट जला ली.
मनीषा ने उससे सिगरेट लेकर एक कश मारा और सिगरेट दिया की ओर बढ़ा दी.दिया सकुचाई, उसने कभी नहीं पी थी.
मनीषा बोली- देख इसे हल्के से खींच ले, ज्यादा जोर से नहीं खींचना वर्ना गले में चली जायेगी और खांसी आ जायेगी.
विजय के भी जोर देने पर दिया ने एक सुट्टा मारने की कोशिश की.पर उससे नहीं हुआ.
मनीषा ने फिर एक लम्बा कश लेकर छल्ले प्रिय के मुंहपर छोड़ प्रिया.अबकी बार दिया ने भी कश मार लिया. हालाँकि उसे हल्की सी खांसी आई. पर फिर वो लगातार मनीषा और विजय का सिगरेट में साथ देती रही.
बियर की कैन खुल गयी थीं. सिगरेट, चिप्स और बियर के साथ नॉन वेज जोक्स भी शुरू हो गए और धीरे धीरे शर्म की रीमा भी ख़त्म हो गयी.मनीषा की सलाह पर अब सभी एक दूसरे का नाम ले रहे थे.
कमरे में जो टीवी था वो सीधा मोबाईल से चल जाता था. मनीषा ने कोई रेव पार्टी का म्यूजिक चला प्रिया.माहौल गर्म होने लगा था.
मनीषा ने अचानक म्यूजिक बदल कर कोई सेक्सी इंटिमेट म्यूजिक एलबम लगा दी थी जिसमें लड़के लड़कियां बीच साइड पर जबरदस्त चूमा चाटी का डांस कर रहे थे.
अब मनीषा बोली- अब गेम चेंज करते हैं.वो बोली- अब तीनों में से जो गेम हारेगा, उसे जीतने वाले की इच्छा से एक कपड़ा उतारना होगा.दिया ने मना कर प्रिया.
तो मनीषा बोली- चलो ब्रा पेंटी नहीं उतरेंगी और विजय का बरमूडा भी नहीं उतरेगा.दिया फिर भी नहीं मानी.
तो विजय बोला- चलो गेम तो शुरू करो, जो कपड़े नहीं उतारेगा वो लिप टू लिप फ्रेंच किस देगा.दिया पहले भी विजय को किस दे चुकी थी तो वो बोली चलो- किस तक तो ठीक है.
बियर की कैन ख़त्म हो गयी थी तो मनीषा किचन में गयी और बियर ग्लास्सेज में कर लायी.असल में वो दो दो ढक्कन व्हिस्की भी मिला लायी थी.
दिया ने कहा भी कि गिलास में क्यों कर लायी तो मनीषा बोली कि ऐसे ही.मनीषा ने आते ही सिगरेट जलाई और सबको अलग अलग जला कर दीं.
अब दिया भी आराम से सुट्टे मार रही थी.
विजय ने गिलास का सिप भरते ही मनीषा की ओर देखा तो मनीषा ने आँख मार दी.दिया ने जैसे ही सिप लिया तो बोली कि कुछ कड़वी है.मनीषा बोली कि सिगरेट की वजह से तुझे ऐसा लग रहा है.
विजय ने पत्ते बांटे.गेम, बीयर और सिगरेट के बीच पहली बाजी ख़त्म हुई तो विजय हारा.दिया जीती.
दिया ने सोचा कि किस लूंगी तो मनीषा के सामने उसे शर्म आएगी. तो वो बोली- विजय तुम टी शर्ट उतारो.विजय ने टी शर्ट उतार दी.
मांसल गोरा बदन … मनीषा ने तो एक जोर से आह भर दी.सब हंस दिए.
अगली बाजी चल पड़ी.विजय बोला- देखना अबकी मैं जीतूँगा और दिया तुम्हारी टी शर्ट उतरवाउंगा.दिया बोली- मैं नहीं उतारने वाली.मनीषा बोली- उतारेगी कैसे नहीं, तूने भी तो विजय की उतरवाई है.
गेम में दिया फिर जीती और मनीषा हारी.दिया उठी और मनीषा से चिपट गयी और उसके होंठों से होंठ मिला दिए. दोनों ने किसी लेस्बियन की तरह एक दूसरे को चूमा.
पर दिया ने हटते हटते मनीषा की टी शर्ट भी उतार दी.मनीषा अब रेड कलर की ब्रा में थी.
गेम फिर शुरू हुआ.बियर में मिली व्हिस्की का नशा होना शुरू हो गया था.
अबकी बार विजय जीता और दिया हारी.विजय बोला- चलो शर्ट उतारो.तो दिया बोली- नहीं, शर्ट नहीं उतारूंगी, तुम किस ले लो.
विजय बोला कि किस तो मैं लूँगा ही पर शर्ट मनीषा उतारेगी.कह कर विजय ने दिया को दबोच लिया और अपने होंठ दिया के होंठ से मिला दिए.दिया तो प्यासी थी. उसने विजय का खूब साथ प्रिया. दोनों ने एक दूसरे की जीभ को खूब चूसा.
विजय ने जैसे ही दिया को छोड़ा, मनीषा ने दिया की टी शर्ट उतार दी.दिया स्पोर्ट्स ब्रा पहने थी.
मनीषा की जबरदस्ती करते समय दिया का एक मम्मा खुल गया.विजय को तो मानों जन्नत मिल गयी. इतना गोरा मांसल. वो मन ही मन अपने भाई की किस्मत से रश्क करने लगा.
खैर गेम फिर शुरू हुआ. पर अब व्हिस्की का सुरूर पूरा हो चुका था, और कपड़े उतरने की लिमिट भी आ गयी थी.तो सबने अब गेम बंद किया और सोने की बात कह कर विजय खड़ा हुआ.
रात भर लिया खालू के लंड का मज़ा
मनीषा ने उसका हाथ पकड़ लिया- अकेला कहाँ सोयेगा बच्चे … चल हमारे बीच में सो जा.विजय को दिया का संकोच था, तो दिया भी बोली- अब शर्माने को रह क्या गया है.
तो विजय वहीं लुढ़क गया.
एसी खूब ठंडा कर रहा था तो तीनों ने चादर ओढ़ ली.
लाईट काफी धीमी कर दी गयी थी. तीनों चुपचाप पड़े रहे. बदन की गर्मी ने चादर के अंदर आग लगा दी थी. तीनों कुछ कर तो नहीं रहे थे, पर उनके पैर आपस में टकरा रहे थे.
विजय ने मनीषा की ओर मुख किया तो मनीषा ने अपने होंठ उसके होंठों से चिपका दिए.दोनों एक दूसरे को धीमे धीमे चूमने लगे.
विजय ने एक हाथ उसके मम्मों पर रख प्रिया, पर मनीषा कुछ नहीं बोली.
पीछे से दिया भी इनकी हरकत देख गर्म हो गयी थी तो उसने विजय के कान को और गर्दन को किस करना शुरू किया. वो अपने हाथ मनीषा की पीठ पर ले गयी.
विजय और मनीषा अब चिपट चुके थे और विजय ने हाथ से उसकी ब्रा का हुक खोल प्रिया.मनीषा ने भी अपना एक हाथ विजय के बरमूडा में डालकर उसके लंड का साइज़ नाप लिया था.
विजय ने अपने एक पैर से अपना बरमूडा नीचे कर प्रिया और मनीषा को भी नंगी कर प्रिया और फिर उसके मम्मों पर पिल गया.
उनको नंगा देखा दिया भी नंगी हो गई.अब शर्म से क्या फायदा था … उसने विजय को खींचा.
विजय के लिए दिया को नंगा देखना एक अचरज था.एक नए रिश्ते की बुनियाद रखी जा रही थी.
दिया मनीषा के सामने ज्यादा सुंदर और मांसल थी.विजय ने दिया की ओर मुंहकिया और एक प्यार भरा डीप किस उसको किया.दिया ने भी विजय के बाल पकड़कर उसको भींच लिया.
दिया के मम्मे खूब भारी थे. विजय ने बारी बारी से उसके दोनों निप्पलों को चूसा.विजय दिया के साथ बहुत नरमी और भावनाओं के साथ पेश आ रहा था. आखिर वो उसकी भाभी थी और अब शायद जिन्दगी भर उससे चुदने वाली थी.
मनीषा नीचे खिसकी और विजय का लंड पकड़ कर उसे मसलने लगी.
विजय ने दिया को नीचे लिटाया और टेढ़ा होकर उसके ऊपर लेट कर उसके मम्मों और होंठों को चूमना शुरू किया.मनीषा उसका मतलब समझ गयी और नीचे लेटकर उसका लंड अपने मुंह में ले लिया.
विजय ने अपनी उंगली दिया की गीली चूत में कर दी. जहाँ गंगा जमना बह रही थी.
थोड़ी देर बाद दिया ने विजय को हटाया. उसे पानी पीना था.उसके हटते ही मनीषा ने विजय को खींच लिया.
विजय ने अपना मुंह उसकी सेक्सी चूत में कर प्रिया और अपनी जीभ से उसकी सीत्कारें निकाल दी.
यह देख दिया ने अपनी होंठ मनीषा के होंठों पर रख दिए.
अब विजय ने मनीषा की दोनों टांगों को चौड़ा किया और ऊपर करके अपना मूसल उसकी चूत में पेल प्रिया.मनीषा हिल गयी, दिया भी हट गयी.
अब विजय और मनीषा चुदाई के घमासान में लग गए. विजय के धक्कों की स्पीड बढ़ती जा रही थी और उधर मनीषा की सीत्कारें.वो अब चीख रही थी- मजा आ गया मेरी जान विजय … और जोर से. आज तो फाड़ ही दो मेरी चूत को. रुकना मत और तेज मेरे राजा.
उसकी हर पुकार पर विजय स्पीड और बढ़ा देता.
दिया मनीषा के मम्मे चूस रही थी. अब उसकी भी सेक्सी चूत की आग बेकरार हो रही थी.वह उठी और विजय के होंठों को अपने होंठों से पकड़ लिया. इससे विजय की चुदाई रुक गयी.
वो मनीषा को छोड़ दिया की हॉट चुदाई करना चाहता था.दिया नीचे लेट गयी और विजय उसके ऊपर.
आज वो होने जा रहा था जिसकी अर्चना न तो दिया ने की थी, न विजय ने.
विजय ने दिया की सेक्सी चूत को चाट कर चिकना किया और अपना लंड घुसेड़ प्रिया अपनी भाभी की प्यासी चूत में.
दिया चीख उठी- मार प्रिया विजय तुमने मुझे तो … उई मेरी मां!पर अब मां कहाँ से आती.
विजय ने एक और धक्का लगाया और दिया की चूत की गहराई में पहुँच गया.दिया ने उसको जकड़ लिया और फिर दोनों हॉट चुदाई के समुंदर में गोते लगाने लगे.
विजय दिया के ऊपर पूरा सीधे लेट गया और धीरे धीरे पानी में तैरने सा लगा. उसका लंड कभी पूरा अंदर जाता, कभी हल्का सा बाहर आ जाता.बाहर जाते लंड को रोकने के लिए दिया नीचे से ऊपर उठती और विजय को जकड़ लेती.आज दिया इस प्यार को वो मजबूत जमीन देना चाहती थी कि फिर जिन्दगी भर उसकी चुदाई में कोई टोटा न रहे.
अब विजय के धक्के राजधानी एक्सप्रेस क्या बल्कि बुलेट ट्रेन की स्पीड से लग रहे थे.दिया हॉट सेक्स का पूरा मजा ले रही थी. उसका स्खलन हो चुका था. पर विजय की निशानी वो अपने पेट में लेना चाहती थी. उसकी कोख जो अभी खाली थी, शायद आज भरने वाली थी.
विजय ने हांफते हुए उससे पूछा- कहाँ निकालूं?तो दिया ने उसे जकड़ लिया और कहा- अंदर ही निकालो.
दिया की सेक्सी चूत विजय ने गर्म गर्म मलाई से भर दी.
अब विजय उठा और वाशरूम में जाकर अपने को साफ़ करके आया.दिया यों ही लेटी रही. उसके चेहरे पर अजयी मुस्कान थी.
गर्म गर्म लावा दिया की चूत से बाहर निकल रहा था. पर दिया हिली नहीं. वो विजय का बीज अपनी कोख में सही तरीके से बोना चाहती थी.
मनीषा विजय के पास आई और उसे चूमकर बोली- तुमने आज दिया का मन भर प्रिया. पर मेरी चूत अभी प्यासी है.
अब मनीषा ने विजय से कॉफ़ी के लिए पूछा तो विजय ने हाँ कह दी.मनीषा किचन में जाकर कॉफ़ी बना लायी.
तीनों नंगे ही बैठे रहे और हंस बोल कर कॉफ़ी का मजा लेते रहे.
आधा घंटे में मनीषा की किस्मत जाग गयी और विजय का लंड फिर तन गया.मनीषा ने विजय को बिस्तर पर धक्का प्रिया और पहले तो जमकर लंड को चूसा फिर वो चढ़ गयी उसके ऊपर.
उसने अपने हाथ से ही विजय का लंड अपनी सेक्सी चूत में किया और लगी चुदाई करने. वो खूब उछल उछल कर विजय के लंड को अपनी गहराइयों तक पहुंचा रही थी.और विजय भी नीचे से ऊपर धक्के लगा कर मनीषा को पूरा मजा दे रहा था.
विजय ने अब मनीषा को नीचे किया और घोड़ी बनाया और पीछे से उसकी चूत में घुस गया. अपने दोनों हाथों से उसने मनीषा के मम्मे मसले और धक्कों से उसकी चूत का भोसड़ा बनाया.
मनीषा भी पक्की थी. उसकी चूत का मन अभी भरा नहीं था.
वो सीधे लेट गयी और विजय फिर उसकी टांगों के बीच में घुस गया.विजय को भी मजा आ रहा था. ऐसी औरतें बहुत मजा देती हैं जिनकी कामोत्तेजना बहुत देर में शांत होती हो.
अबकी बार का सेक्स सेशन मनीषा, दिया और विजय तीनों के लिए अनोखा था.
दिया वाशरूम में जाकर नहा आई थी और अपनी चूत अच्छे से धो आई थी. अब दिया अपनी टाँगें चौड़ी करके मनीषा के मुंह पर बैठ गयी.
मनीषा ने अपनी जीभ से उसकी चूत को चाटना तब तक जारी रखा जब तक विजय के धक्कों की स्पीड बहुत नहीं बढ़ गयी.
अब विजय और मनीषा दोनों ही क्रम नहीं तोड़ना चाहते थे तो विजय के हर धक्के का मनीषा भी मजबूती से जवाब धक्के से देने लगी.
चूत पर दो तरफ से प्रेशर पड़ रहा था. विजय ने पूरी ताकत झोंक दी थी मनीषा की चूत को हॉट चुदाई का पूरा रस देने के लिए.
मनीषा को भी अब लग रहा था कि वो आने वाली है.एक जोरदार धक्के के साथ विजय ने सारा माल मनीषा की चूत में डाल प्रिया और निढाल होकर उसके ऊपर ही पड़ गया.
मनीषा ने उसे कस के भींच लिया. आज उसकी अनोखी हॉट चुदाई जो कभी उसकी परिअर्चना में थी, पूरी हुई.
रात के 2 बज गए थए. तीनों थक चुके थे.विजय अपने रूम में जाकर नंगा ही बेड पर पड़ गया. इधर मनीषा और दिया भी बेहाल और बेसुध होकर सो गयीं.
सुबह 9 बजे करीब मनीषा उठी. दिया सो रही थी.
मनीषा फ्रेश हुई और विजय के रूम में गयी. विजय बेसुध सो रहा था. उसका लंड तन्ना रहा था. मनीषा ने उसके लंड को मुंह में ले लिया और चूसने लगी.
विजय की आँख खुल गयी. वो मुस्कुरा प्रिया.
मनीषा ने उसको डीप किस प्रिया और उसके लंड पर बैठ गयी और अपनी चूत में कर लिया.दोनों फिर चुदाई में लग गए.
विजय ने मनीषा के मम्मे पकड़ कर उन्हें खूब मसला.
तभी दिया भी उन्हें ढूंढती आ गयी और बोली- अरे! तुम दोनों तो फिर शुरू हो गए. रुको मैं भी आती हूँ.विजय बोला- अभी नहीं. अभी फ्रेश होने दो.
फ्रेश होकर चाय पीकर सभी साथ नहाये और ये तय हुआ कि कम से कम कपड़े पहने जायेंगे.
दोपहर बाद फिर सेक्स धमाल हुआ.और सबसे बड़ा धमाल शाम को लॉकडाउन की खबर से हुआ.अब कब वापिस जाना होगा, कैसे जाना होगा, किसी को नहीं मालूम था. अब तो सिर्फ एक ही काम था हर समय हॉट चुदाई … दो जवां चूत और एक बांका लंड.
कामसूत्र की सारी मुद्राएँ और घर का हर कोना इनकी काम क्रियाओं का गवाह बना.
दिया ने विजय से ये वादा लिया कि दिल्ली में जब भी मौका मिलेगा वो सेक्स करेंगे. और अगर वो गर्भवती हो गयी तो ये राज उन्हीं के बीच रहेगा.
दोस्तो, कैसी रही ये सेक्सी चुत हॉट चुदाई कहानी. मुझे लिखियेगा support@mohakkisse.com पर.