सेक्सी कॉलेज गर्ल स्टोरी में मैं अपने बॉयफ्रेंड से चुदती थी पर मेरा एक अन्य दोस्त मस्त चोदू था. उसकी गर्लफ्रेंड उसके बड़े लंड से बहुत खुश रहती थी. मैं भी उसका लंड लेना चाहती थी.
यह कहानी सुनें.
दोस्तो, ये कहानी मैं श्रुति, विजय नाम के लड़के के बड़े लंड से चुदने की लालसा के चलते लिख रही हूँ कि कैसे मैंने विजय को खुद को चोदने का चैलेंज किया और फंस गई.फिर जब उसने मुझे कुतिया बना कर चोदा, तब समझ में आया कि बड़े मोटे लवड़े से चुदने का अंजाम क्या होता है.
दोस्तो, यह सेक्सी कॉलेज गर्ल स्टोरी तब की है, जब मैं कॉलेज में थी.विजय मेरे ब्वॉयफ्रेंड शाहिद का पक्का यार था.शाहिद और विजय दोनों धाकड़ चुदक्कड़ थे.
शाहिद ने मुझे प्रपोज़ करने के बाद ही पेल प्रिया था.विजय की भी एक गर्लफ्रेंड थी, उसका नाम पारुल था.
विजय ने उसे चोद-चोद कर कली से फूल बना प्रिया था.जब मैं पहली बार पारुल से मिली थी तो वह बिना चुदी लड़की थी.उस समय उसकी छोटी चूचियां, पतली कमर, गांड कोई ज्यादा उभरी नहीं थी … इस सबसे साफ पता चलता था कि कोई मर्द अभी उसके ऊपर चढ़ा नहीं है.
लेकिन सिर्फ एक साल में विजय ने उसे चोद चोद कर पूरी गदराई जवानी बना प्रिया.उसका शरीर एकदम कचौड़ी सा भर गया था, चूचियां बड़ी बड़ी हो गईं, गांड भी उभर आई.
मैं आपको ये सब इसलिए बता रही हूँ ताकि आप समझ जाओ कि विजय चुदाई में कितना उस्ताद है.विजय चोदता नहीं … बल्कि चोद-चोद कर तोड़ देता है.
ये बात मुझे उससे चुदने के बाद पता चली.
अब मैं आपको अपने बारे में बताती हूँ.मैं एक लंबी, गोरी लड़की हूँ. मेरी चूचियां ऐसे मस्त कसी हुई हैं, जो किसी को भी पागल कर दें … और गांड तो ऐसी मटकती है कि देखते ही किसी का भी लंड गांड मारने को तैयार हो जाए.
एक दिन मैं और विजय कॉलेज में बैठे हंसी-मजाक कर रहे थे.
उस वक्त पारुल नहीं थी … वह अपने घर गई हुई थी.शाहिद भी कॉलेज नहीं आया था.
बातों-ही-बातों में मैंने विजय को छेड़ते हुए कहा- जब पारुल तेरे पास नहीं है तो तब तक के लिए तूने कोई नई पारुल तो नहीं ढूंढ ली? बिना उसके तो तुम आजकल भूखे होगे ना!विजय हंसा और बोला- नहीं-नहीं, पेट भरा है मेरा!
मैं हंसी और बोली- चल झूठे तेरी भूख बहुत है, वह मुझे पता है!विजय फिर हंसा और बोला- तुम्हें बड़ा पता है मेरी भूख के बारे में?
मैंने कहा- और क्या? तुम्हारी भूख देख रही हूँ मैं … ऐसे ही थोड़ी पारुल को फुला प्रिया है तुमने. अपने साथ-साथ पारुल की भी भूख बढ़ा दी है. संभाल के रखना उसको … भूखे भेड़िए बहुत हैं, नोच नोच कर खा जाएंगे!विजय बोला- तुम टेंशन मत लो … उसकी भूख मिटाना आसान नहीं है. मैं भरपूर खाना देता हूँ. तुमको तो नहीं खाना है ना? मन हो तो बताओ!
अब मैं उसकी इस बात से जरा खुल गई तो हंसकर बोली- ऐसे ही थोड़ी दे दूँगी, पहले एक टेस्ट पास करो, तो समझ में आए कि तुम मेरी लेने लायक हो या नहीं!विजय बोला- टेस्ट तो मैं पास कर लूँगा … लेकिन उसके बाद तुम याद रखना श्रुति … तुम्हारी चूत का चौराहा बना दूँगा … फिर पीछे मत हटना. लेकिन हां, मेरी एक शर्त भी है … जो भी टेस्ट होगा, उसका रिजल्ट सार्वजनिक नहीं होगा!
मैंने कहा- ठीक है!विजय बोला- बताओ, टेस्ट क्या है?
टेस्ट था मेरी रूममेट समीक्षा को चोदना. जिसका रिलेशन 7 साल से है, उस हरामन साली को बहुत घमंड था अपनी लॉयल्टी पर.मुझे उसे तोड़ना था ताकि वह मेरे सामने औकात में रहे.
मैंने उससे समीक्षा को पेलने का चैलेंज प्रिया.
विजय उसका नाम सुनकर चौंक गया और बोला- यार श्रुति, यह गलत बात है, तुमको परीक्षा लेनी थी, अग्निपरीक्षा नहीं!मैंने कहा- बस तुम उसे चोद कर औकात में ले आओ … मैं तुम्हारी रांड बन कर रहूँगी!
ये बात उस दिन यहीं खत्म हो गई.उसके बाद दो महीने निकल गए, कुछ नहीं हुआ.
एक दिन मैं फ्लैट में घुसी तो देखा कि समीक्षा का रूम अन्दर से बंद है और बाहर वाले हॉल तक चुदाई की जबरदस्त आवाजें आ रही थीं.
मुझे लगा कि उसका ब्वॉयफ्रेंड आया होगा.लेकिन आश्चर्य भी हुआ कि समीक्षा ने आज तक ऐसी बेशर्मी कभी नहीं की थी, आज अचानक ऐसा कैसे?
उसकी चूत पर बरस रहे लंड की ठक-ठक और समीक्षा की चीखें-पुकार हॉल में बाहर तक क्लियर सुनाई दे रही थीं.
पूरे आधा घंटा तक मैंने उसकी हर तरह की आवाजें सुनीं.वह जबरदस्त तरीके से ठोकी जा रही थी.
साली मस्त होकर चिल्ला भी रही थी, छिनाल की तरह गरियाती हुई और बिल्कुल सड़क छाप रांड की तरह खुलकर चुद रही थी.ये सब मेरे लिए पूरी तरह नया था.
आधा घंटा बाद रूम खुला और अन्दर से विजय निकला.मुझे देखते ही वह मुस्कुराया और बोला- श्रुति डार्लिंग, टेस्ट कम्पलीट हो गया … और एक्स्ट्रा शीट लेनी पड़ी तो तेरी ही लूँगा, तेरी गांड ना फाड़ी तो मेरा नाम भी विजय नहीं!
मैं हक्की बक्की थी कि आखिर कैसे इस हरामी ने समीक्षा को चोद प्रिया?
तभी समीक्षा भी रूम से बाहर आई.मुझे देखकर वह चौंकी नहीं, बल्कि मुस्कुराई.वह बोली- थैंक्यू श्रुति, तेरी शर्त की वजह से ज़िंदगी की बढ़िया चुदाई के मजे ले रही हूँ!
मैंने तड़प कर कहा- साली लॉयल्टी गांड में घुस गई तेरी! इसने तुझे शर्त बताई और तू चुद गई रंडी?समीक्षा बोली- बहनचोद, क्या करती? आग लगी थी चूत में … विजय ने पढ़ ली मन की बात … और साले ने चूत की चादर को अपने लंड से पीट-पीट कर फाड़ प्रिया!
मैंने कहा- कैसे चुदी? बता तो मुझे रंडी बहना!तो समीक्षा बोली- तेरी बर्थडे पार्टी में मेरी आलोक से लड़ाई हो गई थी. मैं गुस्से में छत पर चली गई. विजय ने देखा मेरा मूड ऑफ है तो वह भी छत पर आ गया. तुम सब नशे में धुत थीं, किसी को मेरी खबर नहीं थी. विजय ने आकर रीज़न पूछा. मैं इमोशनल हो गई और सारी बात बता दी कि कैसे 3 महीने से आलोक मिलने को टाल रहा है. बस, विजय समझ गया कि मैं लंड की भूखी हूँ!
मैं मुँह बाए समीक्षा की बात सुन रही थी.
समीक्षा ने आगे कहा- श्रुति, बहुत मादरचोद आदमी है विजय!यह कहती हुई वह ठठा कर हंस पड़ी.
मैंने कहा- साली, तूने दु:ख बताया और इसने पेल प्रिया? वाह मेरी रांड वाह!
समीक्षा बोली- हां यार, जब मैंने कहा कि आलोक 3 महीने से नहीं मिल रहा, तो बहन के लंड ने फट से गले से ऐसे लगा लिया … जैसे मादरचोद कितना बड़ा हितैषी है. कमीना बोला कि कोई नहीं, मत मिलने दो अब उसको. मत बोलना उससे मिलने की बात. चलो नीचे, बाकी बातें बाद में करेंगे … कोई आ गया तो गलत समझेगा.
‘फिर?’‘फिर क्या … मुझे लगा कितना सीधा लड़का है … क्या पता था कि ये इसकी चूत की चटनी बनाने की चाल है!’
‘हम्म …’‘हम दोनों उस दिन नीचे आ गए.’
‘फिर?’‘फिर एक दिन आलोक ने फिर मेरा मूड ऑफ किया. मैंने उसी वक्त विजय को मैसेज कर प्रिया कि यार अगर पॉसिबल हो तो आ जाओ फ्लैट पर … मन नहीं लग रहा!’
मैंने बीच में टोका- मैं कहां थी उस दिन?समीक्षा हंसकर बोली- शाहिद का लंड ले रही थी तू रांड!मैं हंसी और बोली- ओके … आगे बता!
समीक्षा बोली- विजय उस दिन रात 9 बजे फ्लैट पर आया. हम दोनों हॉल में बैठकर बात करने लगे. नॉर्मल बातें हो रही थीं. फिर मैं कॉफी बनाने के लिए किचन में चली गई.मैं बोली- फिर?
‘फिर एकदम से विजय ने पीछे से आकर मुझे पकड़ लिया और किचन की सेल्फ पर झुकाकर मेरी गर्दन चूमने लगा.’‘अरे?’
‘हां, मैं कुछ समझ पाती, उससे पहले ही उसका एक हाथ मेरी चूत के अन्दर था और दूसरा हाथ मेरी चूचियों को मसल रहा था.’‘मतलब हो गया काम?’
‘हां, मैं एक साथ तीन जगहों से मस्त हो गई थी यार, वह मेरे शॉर्ट्स के ऊपर से अपना लंड मेरी गांड की दरार में घुसा रहा था.’‘तुमने उसे हटाया नहीं?’
‘मैंने उसे धक्का देकर अलग करने की हल्की सी कोशिश की, तो उसने मेरी टी-शर्ट एक झटके में फाड़ दी और दोनों चूचियों को ब्रा के ऊपर से कसकर दबाने लगा. साथ ही मेरे होंठ चूसने लगा.’मैं हंस दी.
समीक्षा- वह बोला कि समीक्षा, मत रोक आज … तेरी चूत को खोद दूँगा बहनचोद … आज तुझे चोदूँगा नखरे मत कर साली … तुझे चुदना है और मैं तुझे चोद-चोद कर चुदाई का असली मतलब बताऊंगा!मैं जोर जोर से हंसने लगी कि समीक्षा का काम ऐसे लगा था.
समीक्षा- उसके बाद विजय ने मेरे बदन से सारे कपड़े अलग करके फेंक दिए. मैं मना करती रही, लेकिन विजय ने मुझे नीचे फर्श पर पटक प्रिया और अपना मोटा-लंबा लंड पूरा मेरी चूत में उतार प्रिया.
एक पल रुक कर वह आगे बताने लगी- मैं अकबका गई और कुछ करती, तब तक कुत्ते ने मुझे चोदना शुरू कर प्रिया. अगले दस मिनट तक उसने मेरी चूत को ढोल की तरह बजाया. आखिरकार मैंने सरेंडर कर प्रिया.‘हम्म …’
‘उस दिन विजय ने मुझे पूरी रात चोदा … चोद-चोद कर मेरा अंग अंग तोड़ प्रिया. दो दिन तक थकान नहीं गई उस चुदाई के बाद!’मैंने समीक्षा के कंधे पर हाथ रख कर थपथपाया.
‘कसम से श्रुति, उस दिन विजय के लौड़े से चुदकर ऐसा लगा, जैसे आज तक मैं चुदी ही नहीं थी. उसने उस दिन मेरी चूत की पूरी आग बुझा दी.’‘ऐसा है क्या?’
‘हां ऐसा है, उसके बाद पिछले एक महीने से चोद ही रहा है मुझे. हरामी कभी भी आ जाता है और चित लिटा कर बजाने लगता है.’
अभी हम दोनों विजय को लेकर बातें ही कर रही थीं कि विजय वापस आ गया.वह व्हिस्की का हाफ लेकर आया था.
हम तीनों ने दारू गटकना शुरू की.
मैं सोच रही थी कि विजय अब मुझे बजाएगा लेकिन उस रात विजय ने मुझे नहीं चोदा. वह पूरी रात समीक्षा को चोदता रहा.
उसकी चुदाई देखकर मैं 2 बार झड़ गई.उस रात उसने समीक्षा को 3 बार चोदा.
मैं जब उसका लंड पकड़ने गई तो बोला- आज नहीं डार्लिंग … तेरा नंबर जब लगेगा तब देखूँगा.
साले ने समीक्षा की चूत भी मुझे चटवाई.
उसके बाद एक महीने तक उसने मुझे चोदा ही नहीं.बस आता था फ्लैट पर, समीक्षा को गिरा-गिराकर बेहतरीन तरीके से चोदता था.बहन का लौड़ा मुझे बस गर्म करके छोड़ देता था.
कमाल का बेहतरीन लंड था उसका … बहुत सुंदर लंड था … पूरा 8 इंच लंबा और खीरा जैसा मोटा.उसने समीक्षा की चूत को भोसड़ा जैसा खोल प्रिया था.
समीक्षा को देखकर अब लगने लगा था कि कुतिया, बढ़िया अलसेशियन कुत्ते का लंड खा रही है, निखर गई थी एकदम!
मुझे लगने लगा कि विजय को समीक्षा की चूत पसंद आ गई है, इसलिए मेरी नहीं ले रहा है.विजय ने समीक्षा को अपनी रखैल ही समझ लिया था. साला उसको रंडी समझकर एक महीने तक पेलता रहा.
मैं उसकी ताबड़तोड़ चुदाई देखकर तड़पती रही.शाहिद से चुदने में मजे नहीं आ रहे थे … मुझ पर विजय के लंड का नशा हावी हो गया था.
एक दिन मौका देख मैंने विजय को पकड़ लिया और बोली- बहनचोद चोदना है तो चोद … तड़पा मत मुझे!उस दिन विजय ने कुछ नहीं बोला, बस हंसा और चला गया.
मुझे समझ नहीं आ रहा था कि आखिर वह क्या चाह रहा है.मेरी चूत उसके लंड के लिए बेताब थी और वह अपना लंड मेरी चुत में घुसा ही नहीं रहा था.
एक दिन मेरी बड़ी बहन मुझसे मिलने आई.शाहिद और विजय दोनों भी उससे मिलने आए.
मेरी बड़ी बहन शादीशुदा है और पूरी मस्त माल है … एकदम MILF … उसको देखकर बूढ़े का भी लंड खड़ा हो जाए, ऐसी है वह!
मेरी बहन का नाम अनामिका है. मेरी बड़ी बहन से मिलने के बाद विजय और शाहिद दोनों चले गए.
फिर कुछ देर बाद मेरे फोन पर विजय का कॉल आया.मैंने फोन उठाया और बोली- हैलो कैसे याद कर लिया? लेने का मन कर गया क्या मेरी जान?
विजय बोला- श्रुति, एक टेस्ट मैंने पास किया … अब टेस्ट देने की तेरी बारी है!मैं बोली- मतलब?
वह बोला- तेरी बहन की चूत चाहिए, उसकी दिलाएगी तो तेरी भी ले लूँगा. साली तेरी बहन मस्त है … पहले उसको बजाऊंगा, उसके बाद तुझे!मैंने तुरंत कहा- मादरचोद, मुझे नहीं चाहिए तेरा लंड … बहन के लवड़े तेरे लंड के लिए अपनी बहन चुदवा दूँ भड़वे?
विजय बोला- साली रांड, अब यह तेरी मर्जी है. तू अपनी बहन की चुत दिलाएगी तभी तेरी लूँगा. बाकी ठोक तो मैं तेरी बहन वैसे भी दूँगा … चाहे तू उसकी दिलाए या ना दिलाए … तू साथ देगी तो उसे जल्दी चोद दूँगा, नहीं तो टाइम लगेगा .. बस ये है.
मैं सोचने लगी कि साला है तो पक्का मादरचोद … यदि इसने मेरी बहन की लेने की बात ठान ली, तो कुतरया एक न एक दिन बहन चोद ही देगा.मुझे चुप पाकर वह फिर से बोला- बोल न!
मैं बोली- अगर तुझे मेरी बहन ठोकने देगी तो साले जो तू बोलेगा, वह करूँगी और ज़िंदगी भर करूंगी!यह मैंने उसे धमकी दे दी थी.
विजय हंसा और बोला- चल मेरी रांड … तो तय रहा … तेरी बहन को तो मैं चोद ही दूँगा, मगर उसके बाद तेरी चूत को मैं नहीं चोदूंगा … लेकिन तुझे अपने दोस्तों से चुदवा-चुदवा कर मशहूर रंडी जरूर बना दूँगा … सोच ले छिनाल!
साले ने समीक्षा को चोद प्रिया था, उसकी काबिलियत मुझे पता थी.आखिरकार मैंने हां बोल दी.
अगले दिन मैं अपनी बहन को लेकर पब चली गई.विजय ने पारुल और शाहिद को भी बुला लिया.
उससे एक दिन पहले मैंने अपनी बहन को सब कुछ बता प्रिया था कि विजय बहुत बड़ा चुदक्कड़ है, पारुल व अपनी गर्लफ्रेंड को घंटों चोदता है.
मैं और मेरी बहन पहले भी ऐसी बातें करती थीं, तो वह मुझसे पूछने लगी कि विजय का लंड कैसा है!मैंने उसे बताया कि विजय का लंड बड़ा है और वह जोरदार चुदक्कड़ है.
मेरी दीदी अनामिका मेरी बातों से समझ गई थी कि विजय गांड-फाड़ ठोकने वाला है.
ये सब मेरे प्लान का हिस्सा था ताकि अपनी बहन चुदवा कर मैं खुद विजय से चुद सकूँ.
दोस्तो आप समझ रहे हैं न कि विजय के लंड से चुदने की बेताबी ने मुझे अपनी बहन को चुदवाने की साजिश भी रचनी पड़ी.आगे बताती हूँ कि कैसे मैंने अपनी बहन की चुत चुदवा दी और विजय के लौड़े के मजे ले लिए.
मेरी सेक्सी कॉलेज गर्ल स्टोरी आपको कैसी लग रही है, प्लीज मुझे जरूर बताएंsupport@mohakkisse.com
सेक्सी कॉलेज गर्ल स्टोरी का अगला भाग:बड़े लंड वाले लड़के से चुदने की चाहत- 2