भाभी की चुदाई

सेक्सी कहानी: जेठ का महीना

लेखक: चन्दन टीनू दिनांक: 17-03-2026 पठन समय: 4 मिनट

मेरी यह पहली सेक्सी कहानी है, आशा है कि आप सभी को पसंद आएगी। इस कहानी में सिर्फ नाम बदल गए हैं।

ये कहानी आज से 4 साल पहले की है जो मेरे और मीना के बने हुए सेक्सी संबंधों के बारे में है। मीना मेरे रिश्ते में छोटे चचेरे भाई की पत्नी है परंतु शुरु से ही उसका दिल मुझ पर आ गया था जो उसने मुझसे बाद में बताया था।

मीना का बदन बड़ा ही कामुक है, उसका साइज तब 38, 32, 38 था, उसको देखते ही सभी का मन उसको चोदने का करता था। वो 3 बच्चों की माँ होते हुए भी कुवाँरी लगती थी।मीना के पति किसी दूसरी औरत को चोदता था तो वो मीना को टाइम नहीं दे पाता था।

एक दिन मैं रोज़ की तरह काम से लौटा तो मीना ने मुझे खाना प्रिया और बताया कि आज उसका पति काम से बाहर गया है, रात को नहीं आएगा, इसलिए मैं अपने कमरे में नहीं सोकर उनके कमरे में सो जाऊं क्योंकि मीना को डर लगता था.लेकिन यह भी उसकी चाल थी।मैं राजी हो गया.

गर्मी के दिन थे, जेठ का महीना… तो मैंने अपनी पेंट को उतारकर कैपरी पहन ली और खाना खाकर उनके कमरे में दूर वाली चारपाई पे जा के सो गया।

जब रात को सभी बच्चे सो गए तो लगभग रात को 10 बजे उसने बोला- सुनो जी, सो गए क्या?मैं बोला- नहीं, मैं अपने मोबाइल से खेल रहा हूँ, बताओ?

मीना- एक बार देखना, मेरे कपड़ों में शायद कुछ चल रहा है।मैं तुरंत खड़ा हुआ और मोबाइल की लाइट में देखा तो उस के बदन पे सिर्फ ब्रा ही थी मैंने देखा तो कुछ नहीं था। मैं बोला- कुछ नहीं है!तो मीना बोली- शायद चला गया परन्तु खुजली हो रही है थोड़ा कर दो।मैं बोला- यह सही नहीं है, तुम मेरे छोटे भाई की पत्नी हो, मैं तुम्हें छू नहीं सकता।मीना बोली- यहाँ कौन देख रहा है?

जैसे मैंने उसके बदन को हाथ लगाया तो उसने सिसकारियाँ भरनी शुरु कर दी और मीना की आँखें बंद हो गई।मैं भी जवान था तो मेरा लंड भी खड़ा हो गया। यह बात मीना को पता चल गई। लेकिन मैं बिना कुछ किये सोने चले गया.

मुझे गुस्सा आया और मैंने उसकी ब्रा भी फाड़ दी और उसके पेटीकोट को उठा के अपना लन्ड सीधा ही उसकी चूत में डाल प्रिया।तो वो चिल्ला उठी और बोलने- लगी रे सांड मार प्रिया रे… निकाल अपना मूसल… मुझे नहीं चुदना तेरे से!मैंने मीना की चूत में लन्ड डाले ही उससे माफी माँगी।

मेरी इस अदा से वो खुश हो गई और मुझे चूमने लगी.फिर मैंने पूरी रात में 3 बार उसकी चूत मारी। वो मेरे लन्ड की दीवानी हो गई और बोली- अब तो हर रात मेरी सुहागरात मना करेगी।

दूसरी रात मुझसे चुदती हुई वो बोलने लगी- कल जो हुआ, वो सब मेरा प्लान था।

फिर मैंने उसको जब तक मेरा भाई नहीं आ गया, तक तक कई बार चोदा।

फिर उसने अपने पति से बात करके मुझे अपने कमरे में सुलाने के लिए मना लिया कि जब वो न हो तो मैं उनके कमरे में सो जाऊं!वो आज भी मुझे अपनी चूत चुदवाने के लिए बुलाती है और मैं उसको चोदता हूं। आज तक किसी को हमारे इस रिश्ते की खबर नहीं हैं।क्योंकि मेरा सोचना है कि हर औरत को सेक्स में सुरक्षा के साथ संतुष्टि का भी अधिकार है। और अगर आपकी औरत आपसे संतुष्ट नहीं है तो आपको उसकी भावनाओं का ध्यान रखना चाहिए।

मीना के बाद मैंने उसकी बहन को भी चोदा, वो मैं आपको अगली सेक्सी कहानी में बताऊंगा।मुझे अपने सुझाव देने के लिए मेल करें, मुझे आपकी मेल का इंतजार रहेगा।support@mohakkisse.com