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चुदाई की कहानी • पठन समय: 10 मिनट • पढ़ा गया: 930 बार

अम्मी और मैंने एक दूसरी की चूत चुदवाई

रेहाना खान

13 Aug 2019 को प्रकाशित

अम्मी और मैंने एक दूसरी की चूत चुदवाई
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सेक्सी माँ बेटी चुदाई कहानी में मेरी अम्मी ने मुझे अपने यार से चुदवा प्रिया और मैंने अपनी रण्डी अम्मी को अपने बॉयफ्रेंड का लंड दिलवा प्रिया.

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मेरा नाम रेहाना है दोस्तो!

मेरा नाम महनूर बेगम है. मैं इस समय एक बड़ी कंपनी में काम करती हूँ।

मेरी अम्मी जान का नाम है नबीहा बेगम! वे भी एक प्राइवेट कंपनी में काम करती हैं।

मेरे बचपन के दिन बड़ी गरीबी में गुज़रे।उस समय मैं छोटी ही जब मेरे अब्बूजान ने अम्मी जान को एक छोटी सी बात पर तलाक दे प्रिया था और अपना निकाह किसी और औरत के साथ कर लिया था।

उसने अम्मी जान को घर से निकाल प्रिया।मुझ पर भी उस कुत्ते को तरस नहीं आया और अम्मी जान मुझे लेकर बाहर निकल गयी।

अम्मी ने मुझे अपने सीने से लगा कर रखा। अगर अम्मी चाहती तो किसी और से निकाह कर सकती थीं पर उन्होंने ऐसा नहीं किया क्योंकि उन्हें डर था कि शायद दूसरे निकाह के बाद उनका नया शौहर उनकी बेटी को अच्छी परवरिश नहीं दे पायेगा और उनके साथ उनकी बेटी को भी बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

शुरू शुरू में तो अम्मी जान घर घर काम करके अपना गुज़ारा करने लगी और मुझे पढ़ाने भी लगीं।फिर धीरे धीरे किसी की मेहरबानी से मेरी अम्मी को एक कंपनी में नौकरी मिल गयी तो हमारी माली हालत ठीक होने लगी।

मैं पढ़ लिख कर तैयार हो गयी। अब मैं 22 साल की हूँ और एक बड़ी कंपनी में काम करती हूँ।

मेरी अम्मी जान बेहद खूबसूरत हैं, गज़ब की सेक्स अपील है उसके चेहरे पर और आज भी बहुत हॉट हैं।ज़रा सोंचो कि पहले वे कितनी हॉट होगीं?

अम्मी बुर्का इस्तेमाल नहीं करती। उन्हें साड़ी और स्लीवलेस ब्लाउज़ का पहनावा बड़ा अच्छा लगता है।मैं भी वही पहनावा पसंद करती हूँ पर मैं जींस और टॉप का इस्तेमाल ज्यादा करती हूँ।

एक दिन अम्मी जान बड़े मूड में थीं, बोली- बेटी महनूर, आज मैं तुमको अपनी लाइफ की कुछ बातें खुल कर बताना चाहती हूँ। अब तू बच्ची नहीं है, सयानी हो गयी है। माशाल्ला पूरी तरह जवान हो गयी है तू! पहले ये बता कि शरमायेगी तो नहीं तू मेरी बातें सुनकर?

मैंने कहा- नहीं अम्मी जान मैं शर्माऊँगी नहीं। मैं बड़ी बेशरम हूँ।वे फिर बोली- एक बार और सोच ले महनूर कि तू मेरी बातें सुन लेगी न? शरम तो नहीं आएगी तुझे? वैसे भी अब तुझे शर्माना नहीं चाहिए। शर्माएगी तो जवानी का मज़ा नहीं ले पायेगी?

मैंने फिर झल्लाकर कहा- शरमाने वाली की माँ की चूत … मैं बुरचोदी लौड़ा, चूत, भोसड़ा सब किये बैठी हूँ अम्मीजान … मैं कतई नहीं शर्माऊंगी. तुम बिंदास बताओ जो बताना चाहती हो.

तब अम्मी बोली- देख बेटी, जब तेरे अब्बू ने मुझे तलाक प्रिया तो मैं मस्त जवान थी। मेरी चूत में आग नहीं आग की लपटें निकलतीं रहतीं थीं। तलाक से कुछ दिन तक मुझे लंड नहीं मिला। मैं लंड के लिए तड़पने लगी थी. मेरा मन हुआ कि मैं किसी घोड़े गधे का लंड पेल लूँ अपनी चूत में! न कुछ मिले तो किसी कुत्ते का ही लंड घुसेड़ लूं अपनी चूत में … पर कुछ नहीं कर सकी.

अम्मी ने आगे बताया- मेरे दिन ऐसे सूखे सूखे गुज़रने लगे। अचानक एक दिन मुझे एक मौलाना मिल गया। वह साला लड़कियां चोदता था और लड़कियों की माँ भी चोदता था। मैं उसके संपर्क में आ गई. मुझे अपने जिस्म की आग बुझानी थी तो मैं उससे चुदवाने लगी। उसका लंड तो मोटा तगड़ा था पर वह जल्दी झड़ जाता था. मैं बहनचोद चुदासी रह जाती थी। फिर मैं किसी और के पास जाकर अपनी प्यास बुझाती थी। धीरे धीरे मुझे 2-3 लंड और मिल गए जिनसे मैं अपने जिस्म की आग बुझाने लगी। इस तरह मुझे चुदवाने की आदत पड़ गई।

और अम्मी बोलती रही- मैं आज भी कुछ लोगों से चुदवाती हूँ। पहले तुमसे छुप छुप कर चुदवाती थी पर अब ऐसा नहीं कर सकती क्योंकि अब तू जवान हो गयी है। अब मैं तुझसे कुछ नहीं छुपा सकती इसलिए तुझे सब बता रही हूँ। मेरी उम्र 43 साल है. मैं मस्त जवान हूँ और बिना लंड के रह नहीं सकती। अब अगर मैं तेरे सामने किसी से चुदवा लूं किसी के लंड का मज़ा ले लूं तो बुरा मत मानना बेटी महनूर!

मैंने कहा- देखो अम्मी जान, जवान मैं भी हूँ। चूत मेरे पास भी है। मेरी चूत की आग तेरी चूत की आग से ज्यादा धधकती है। मैं भी अगर तेरे सामने किसी से चुदवाऊं, किसी के लंड से खेलूं तो बुरा मत मानना!

वे बोली- हाय दईया … तो क्या तू भी चुदवाने लगी है?मैं बोली- हां, बिल्कुल चुदवाने लगी हूँ अम्मीजान! मैं पिछले दो साल से चुदवा रही हूँ।

वे बोली- अच्छा तो तू मेरे सामने चुदा कर दिखा … मैं तेरे सामने चुदा कर दिखा दूंगी।मैंने कहा- तो फिर चलो हम दोनों एक दूसरे के सामने चुदवायें। तुम जिससे चुदवाती हो उसका लंड मेरी बुर में पेल दो. मैं जिससे चुदवाती हूँ मैं उसका लंड तेरी फुदी में पेल दूँगी।

वे बोली- अरे बुरचोदी महनूर, तूने तो मेरे मुंह की बात छीन ली पगली. मैं यही तो चाहती हूँ।मैंने कहा- तो आज ही रात को तुम अपने यार का लंड मेरी चूत में पेल दो। मैं अपने यार का लंड तेरी चूत में पेल दूँ. ठीक रहेगा न मेरी हरामजादी अम्मीजान? अभी तक तूने मुश्किलों में अपनी बुर चुदवाई है अब आज से अय्यासही में अपनी चूत चुदवाओ और अपनी जवानी का मज़ा लो। अब तो मौज़ मारने के दिन आ गये हैं अम्मी जान!

अम्मी ने मुझे गले लगा लिया।

शाम को मेरा बॉयफ्रेंड नबी आ गया उधर अम्मीजान का यार रफ़ी आ गया।

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मैंने नबी को अम्मी से मिलवाया और अम्मी ने अपने यार रफ़ी को मुझसे मिलवाया।

फिर हम चारों लोग बैठ कर बातें करने लगे।

अब अय्याशी में थोड़ा तो शुरुर होना चाहिए।अम्मी जान ने व्हिस्की का इंतज़ाम किया तो हम लोग उसका लुत्फ़ उठाने लगे।

अम्मी ने पूछा- बेटी महनूर, तुम्हारी मुलाकात नबी से कैसे हुई?मैंने बताया- नबी मेरी सहेली रफ़ा का हसबैंड है। मैंने रफ़ा से एक करार किया है। करार यह है कि अभी मैं उसके हसबैंड से चुदवाती हूँ और जब मेरी शादी हो जाएगी तो वह मेरे शौहर से चुदवायेगी। यह सिलसिला मैंने उसकी सुहागरात से शुरू किया है तो वह भी मेरी सुहागरात से शुरू करेगी। यानि मेरी सुहागरात में वह मेरे सामने मेरे शौहर से चुदवायेगी।

अम्मीजान बहुत खुश हुई और ताली बजा कर ख़ुशी ज़ाहिर की।फिर वे बोली- मेरा यार रफ़ी मुझे मेरी शादी के पहले से ही चोद रहा है। मैं अपनी शादी के पहले कई लोगों से चुदी थी लेकिन सबसे ज्यादा रफ़ी से चुदी थी। मुझे इसका लंड बहुत पसंद है।

मैंने अम्मीजान का हाथ पकड़ कर नबी के लंड पर रख प्रिया तो उसने मेरा हाथ पकड़ कर रफ़ी के लंड पर रख प्रिया।

जैसे ही मैंने रफ़ी का लंड निकाल कर देखा तो मस्त हो गई।मैंने कहा- यार नबीहा, तेरा भोसड़ा चोदने वाला लंड तो बड़ा गज़ब का है। हायल्ला देखो कितना मोटा तगड़ा और हैंडसम लग रहा है लंड!

इतने में अम्मी ने नबी का लौड़ा बाहर निकाल कर देखा तो बोली- हाय महनूर, तेरी बुर चोदने वाला लंड भोसड़ी का बड़ा जबरदस्त है। ये तो तेरी माँ का भोसड़ा भी फाड़ डालेगा बेटी।

अम्मी मेरे यार का लंड चाटने लगी और मैं उनके यार का लंड चाटने लगी।

फिर एक एक करके हम दोनों के कपड़े भी उतर गये।

हमको नंगी देख कर दोनों लंड मादरचोद के तन कर आसमान ताकने लगे।हम सब वासना में डूब गए, सेक्स का मज़ा आने लगा।

मुझे जब कोई लंड मिला जाता है तो लगता है कि सारी दुनिया मिल गयी।लंड अगर मेरे मन का हो तो लगता है कि मेरी लॉटरी खुल गई।

हम दोनों एक दूसरे के यार के लंड में खो गईं।

मेरा यार नबी मेरी अम्मी के नंगे जिस्म से खेलने लगा और अम्मी का यार रफ़ी मेरे नंगे शरीर से!वह मेरी चूत, मेरी चूचियाँ और मेरी गांड का मज़ा हाथ फिरा फिरा कर लेने लगा, मेरी बुर चाटने लगा और बोला- नबीहा भाभीजान, तेरी बेटी की चूत बड़ी मस्त है, बड़ी स्वादिष्ट है और बेहद खूबसूरत है।

उधर मेरा यार नबी बोला- महनूर, तेरी माँ का भोसड़ा बड़ा सेक्सी हॉट और टेस्टी है। ये तो मेरी खाला के भोसड़ा से भी ज्यादा सेक्सी है। मेरी खाला का भोसड़ा मेरे कुनबे में बहुत मशहूर है। सब लोग उसके भोसड़े में लंड पेलते हैं।

इस तरह की बातों से माहौल और गर्म हो गया.

और तब नबी ने लंड अम्मी की चूत में घुसा प्रिया और रफ़ी ने लंड मेरी चूत में!हम दोनों एक दूसरे के बॉयफ्रेंड से खुल्लम खुल्ला भकर भकर चुदवाने लगीं।

हमारी अय्याशी का यह पहला कदम था।मैं अपनी माँ का भोसड़ा चुदवा रही थी और माँ अपनी बिटिया की बुर चुदवा रही थी।

फिर दोनों ने हमें पीछे से भी चोदा और लंड पर बैठा बैठा के भी चोदा।मुझे वह सेक्सी माँ बेटी चुदाई आज भी याद है।

हम दोनों मिलकर उन दोनों का झड़ता हुआ लंड चाटने लगीं।फिर हमने नंगे नंगे ही डिनर किया और वे दोनों वापस चले गए।हमारी ख़ुशी का ठिकाना न रहा।

अम्मी ने मुझे गले लगा लिया।

प्रिय पाठको, आपको महनूर की यह सेक्सी माँ बेटी चुदाई कहानी कैसी लगी?मुझे मेल और कमेंट्स में बताएंsupport@mohakkisse.com

लेखिका की पिछली कहानी थी:रात भर लिया खालू के लंड का मज़ा

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पाठकों की राय

1 टिप्पणी
ज

जानू शर्मा

4 months ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

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