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इंडियन बीवी की चुदाई पठन समय: 12 मिनट पढ़ा गया: 452 बार

शादी से पहले सुहागरात की चुदाई स्टोरी-2

शेखर वर्मा

07 Apr 2013 को प्रकाशित

शादी से पहले सुहागरात की चुदाई स्टोरी-2
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चुदाई स्टोरी का पिछला भाग :शादी से पहले सुहागरात-1मेरी बीवी शादी से पहले मुझ से कैसे चुदी थी. मैंने पहली बार अपनी होने वाली बीवी के मम्मों को छुआ था जिस से वो नाराज हो गई थी. इस चुदाई स्टोरी में आप इस घटना का मजा ले रहे थे.अब आगे..

वो नाराज़ हो गई, मैं वंदना को मनाने लगा.वंदना बोली- ये ग़लत है शेखर… आप को ये सब नहीं करना चाहिए, क्योंकि हमारी अभी शादी नहीं हुई है.मैंने कहा- वंदना आई लव यू… और हम अब पराए नहीं है.. हम दोनों पति पत्नी बनने वाले हैं.इस पर वंदना ने कहा- चलो कोई बात नहीं लेकिन प्लीज़ कंट्रोल करो.फिर मैंने वंदना को हग किया और उससे कहा- अच्छा बाबा सॉरी, लाओ आप की ब्रा का हुक़ लगा दूँ.

उसने फिर अपना ब्लाउज खोला और ब्लाउज खोलते ही मैंने झट से वंदना के ब्रा का हुक़ लगा प्रिया. लेकिन मैंने ब्लाउज को पकड़ लिया और कहा कि वंदना अब आपको ब्लाउज ऐसे ही नहीं बंद करने दूँगा. पहले ब्रा का हुक़ लगाने का जो टैक्स है वो आपको देना पड़ेगा.तो वंदना बोली- बेशर्म कहीं के.. कैसा टैक्स?मैंने कहा- एक लंबा वाला किस.. आपकी पीठ पर..तो वो बोली- आप बहुत बेशर्म होते जा रहे हो..

उसने किस करने की इजाज़त दे दी और ब्लाउज ऊपर कर मैं ब्रा के ऊपर से ही उस की पीठ को चूमने लगा. उस की मस्त पीठ को चूमते हुए मैं वंदना के पेट पर हाथ फेरने लगा.वंदना के मुँह से हल्की सिसकारी निकलने लगी और उसका भीगा बदन मेरी बाँहों में था. यूं ही चूमते चूमते मेरा एक हाथ वंदना के मम्मों पर तो दूसरा हाथ वंदना के कूल्हों पर घूमने लगा. शायद वंदना को मजा आने लगा और वो आँखें बंद कर ‘आअहह आअहह इसस्स्स्स्शह..’ करने लगी.

अब मैंने वंदना को पलटाया और उसको लिप किस करने लगा और लिप किस करते हुए उसके गले को चूमते हुए उसकी ब्रा के ऊपर से उसके मस्त मम्मों पर मेरा मुँह आ गया. जैसे ही मेरा मुँह मम्मों पर आया, वंदना ने झट से मुझे धक्का देकर दूर कर प्रिया और झोपड़ी से बाहर आकर उसने अपने ब्लाउज का हुक़ लगा लिया. फिर वो जाकर कार में चुपचाप बैठ गई और रोने लगी.

मैंने पूछा- वंदना क्या हुआ.. तुम रो क्यों रही हो?तो वंदना बोली- शेखर जो अभी हो रहा था, वो ठीक नहीं था.मैंने फिर उसके गुदगुदी करते हुए कहा- वंदना आई लव यू यार… यू आर माय वाइफ.. और हस्बेंड वाइफ के बीच सब कुछ होता है.ये सुन वंदना हंसने लगी और बोली- चलो बारिश हो रही है, घर चलो.. शाम को मिलते हैं.

फिर रास्ते में कार में चलते हुए मैंने वंदना को छेड़ना शुरू किया और इस छेड़खानी में मैं वंदना के कभी मम्मों पर हाथ लगाता तो कभी कूल्हों पे पिंच करता.

ऐसे करते करते मैंने वंदना से पूछा- वंदना तुम्हारा फिगर क्या है?तो वंदना ने हंसते हुए बोला- आपने अभी नापा नहीं क्या.. जब आप हाथ लगा रहे थे?मैंने कहा- हाथ से क्या पता चलता है. तुम ही बताओ क्या है?वंदना ने कहा- बेशर्म कहीं के.. मेरा 38-30-36 का है.

इसके बाद मैंने वंदना को घर छोड़ा और फिर मैं शाम होने का वेट करने लगा. अब मेरे अन्दर का शैतान जाग उठा था और मैंने डिसाइड किया कि वंदना को मैं कैसे भी कर के चोद कर ही रहूँगा.शाम होते ही मैं तैयार हो कर वंदना के पास चला गया और उसे लेकर मैं अब की बार एक होटल में गया.

वंदना ने मुझ से पूछा कि यहाँ घूमने लायक क्या है?तो मैं बोला- वंदना, यहाँ मैं तुमको कुछ दिखाने लाया हूँ.वंदना बोली- ऐसा क्या दिखाना चाहते हो?मैंने कहा- अभी तुम चुप रहो.. बस देखती जाओ.

मैंने वहां एक रूम लिया और हम उस रूम में चल दिए और रूम में जाने के बाद मैंने दरवाजा लॉक कर प्रिया और लॉक कर के मैंने वंदना से बोला कि वंदना तुम मुझे ये बताओ कि तुम मुझसे कितना प्यार करती हो?तो वंदना ने कहा- शेखर ये भी कोई पूछने की बात है, आप मेरे हज़्बेंड हो और मैं आपको दिल ओ जान से प्यार करती हूँ.

इतना कहते ही मैंने वंदना को हग कर लिया और उसकी कमर को सहलाने लगा और अबकी बार वंदना ने भी मुझे टाइट्ली हग कर लिया था.इस टाइम वंदना ने ब्लैक कलर की साड़ी पहनी हुई थी.

उसको हग करते हुए मैंने वंदना से कहा- आई लव यू वंदना..वंदना ने भी मुझे बोला- आई लव यू टू शेखर..मैंने कहा- वंदना तुमको मैं बहुत ज़्यादा प्यार करना चाहता हूँ.तो इस पर वंदना अब समझ चुकी थी कि मेरा क्या इशारा है, वंदना बोली कि शेखर शादी से पहले ये सब ठीक नहीं है.

मैंने कहा- वंदना हमारी शादी तो होनी ही है लेकिन दिल में जो आग अभी लगी हुई है उसे कैसे बुझाएं?इतना कहते ही मैं वंदना को लिप किस करने लगा और वंदना के कूल्हों को ज़ोर ज़ोर से मसलने लगा.वंदना बोली- शेखर प्लीज़ कंट्रोल करो वरना कुछ हो जाएगा.मैंने कहा- वंदना आई लव यू उउम्मुमूमूमूं.

मैंने उसकी गर्दन पर किस करना शुरू कर प्रिया. मैंने वंदना का पल्लू नीचे गिराया और ब्लाउज के ऊपर से पीठ को चूमते हुए वंदना के मम्मों को मसलने लगा था.

वंदना अब मदहोशी में खोई जा रही थी. तभी मैंने वंदना की ब्लैक साड़ी को खींच कर निकाल प्रिया और उसे बेड पर लेटा कर उसकी नाभि को चूमने लगा.. उसके चिकने पेट पर हाथ से हल्की हल्की गुदगुदी करने लगा.

वंदना के मुँह से अब सिसकारियां निकलना शुरू हो गई थीं. मैं अब वंदना के ऊपर चढ़ गया और वंदना के मम्मों को ब्लाउज के ऊपर से ही चूमते हुए अपने एक हाथ से पेटीकोट के ऊपर से वंदना की चुत को सहला रहा था.

मैंने जैसे ही वंदना की चुत को हाथ लगाया, वंदना के मुँह से ‘आआहह..’ की तेज़ सिसकारी निकली.

मैंने देखा कि पेटीकोट के ऊपर ही कुछ गीला गीला चिपचिपा सा पानी आ गया. दोस्तो वंदना की चुत गीली हो चुकी थी. मैंने वो पानी पेटीकोट के ऊपर से ही चूसना शुरू किया, तो वंदना के मुँह से अजीब सी सिसकारी निकलने लगी. ‘आऐई.. यईई.. याई.. ययैह.. इसस्स्सह श्श्शह.. श्श्सस..’

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मैंने वंदना का ब्लाउज उतार प्रिया. आह दोस्तो ब्लैक ब्रा में क्या पटाखा लग रही थी मेरी वंदना.मैंने मम्मों को मसलना शुरू किया, वंदना ‘आआहह.. अहह.. उम्म्ह… अहह… हय… याह… उहआ..; किए जा रही थी.

मैंने वंदना को उल्टा कर प्रिया और पीठ को चूमते हुए उसकी ब्रा का हुक़ खोल प्रिया और ब्रा को निकाल फेंका. अब मैं वंदना के मम्मों को मुँह में लेकर उनका दूध चूस रहा था. वंदना की सिसकारियां और तेज़ होने लगी थीं ‘अहहहाहाह श्श्शह.. उहह..’मैंने वंदना के पेटीकोट का नाड़ा खोल उसका पेटीकोट खींच कर निकाल प्रिया. दोस्तो मैंने देखा वंदना ने ब्लैक कलर की नेट वाली पेंटी पहनी हुई थी और पेंटी की नेट पूरी चुत के पानी से गीली हो रही थी.

मैंने देर ना करते हुए उसकी पेंटी उतार प्रिया और उसकी चुत को चाटने लगा. वंदना मेरे सिर को अपनी चुत में दबा रही थी और ‘आआहह.. स्शस..’ कर रही थी.

मैंने वंदना को बेड पर सीधा चित लेटा प्रिया. वंदना की आँखें बंद थीं. वंदना मेरे सामने बिल्कुल नंगी थी. मैंने तुरंत मेरे मोबाइल से उसका एक फोटो ले लिया, मैंने वंदना को उल्टा किया और उसके कूल्हों को मसल मसल कर चूमने लगा और वंदना को सीधा कर मैंने उसकी टांगें चौड़ी कीं और उसकी गुलाबी चुत पर मेरा हथियार रख कर चुत में धकेलने की कोशिश करने लगा. लेकिन वंदना की चुत गीली होने की वजह से मेरा लंड फिसल गया.

अब मैंने मैंने अपना लंड हाथ से पकड़ कर वंदना की चुत पर रख कर धक्का प्रिया. मेरा करीब एक तिहाई लंड चूत में घुस गया, जिससे वंदना को बहुत तेज़ दर्द हुआ और ‘आआऐय्य.. आअह.. मैं मर गई शेखर..’ कह कर रोने लगी.वो तड़फ कर बोली- शेखर निकालो… बाहर निकालो इसे.. प्लीज़ बहुत दर्द हो रहा है..

मैंने तुरंत वंदना के होंठों पे अपने होंठ रख दिए और चूमने लगा. और देखते ही देखते एक ज़ोर का झटका मैंने लगाया, जिससे मेरा पूरा लंड एक साथ वंदना की चुत में उतर गया. वंदना दर्द के मारे कराहने लगी और मैं लंड घुसा कर वहीं रुक गया.अब मैंने देखा वंदना की आँखों से पानी और चुत से खून बहने लगा है.

थोड़ी देर में दर्द कम होने के बाद मैंने अपने लंड को हिलाया और अन्दर बाहर करने लगा. अब धीरे धीरे वंदना को मजा आने लगा और मैंने वंदना की चुदाई शुरू कर दी. चुदाई करते करते वंदना मुझसे तेज़ी से जकड़ने लगी और झड़ गई.

मैंने चुदाई जारी रखी, वंदना को मैंने अब डॉगी स्टाइल में खड़ा किया और लंड को चुत में घुसा कर फिर चुदाई शुरू की. चुदाई करते हुए मैं वंदना की पीठ को चूम रहा था और मम्मों को मसल रहा था. करीब 20 मिनट की चुदाई के बाद मैं झड़ने वाला था तो मैंने लंड बाहर निकाला और वंदना के मम्मों के बीच लंड को सैट करके उसके मम्मों से लंड की मुठ मारना शुरू कर दी. कुछ देर में ही मैं उसके मम्मों पर झड़ गया.

लंड झड़ने के बाद मैं लेट गया और वंदना मेरे ऊपर आकर मेरे सीने को चूमने लगी.. मेरे ऊपर आकर वंदना ने मेरे लंड की अपनी चुत से मालिश करना शुरू किया. इससे मेरा लंड दुबारा खड़ा हो गया.

मैंने कहा कि वंदना तेरे कूल्हे बहुत मस्त हैं.. क्या तुम्हारे कूल्हों को मेरे लंड का प्यार दे दूँ.तो वंदना बोली- चल बेशर्म कहीं के.. मेरी जान निकल जाएगी.“नहीं निकलने दूँगा रानी.”

तब तक वंदना ने मेरा लंड खुद ही अपनी चुत में घुसा लिया और मेरे ऊपर लेट गई. थोड़ी देर में हम ऐसे ही सो गए, जब हम जागे तो वंदना से बिल्कुल खड़ा नहीं हुआ जा रहा था. वो अपने पैरों को चौड़ा कर चल रही थी. मैंने उसे सहारा प्रिया और बाथरूम में ले गया. मैंने उसे अपने हाथों से नहलाया और अपने ही हाथों से उसे कपड़े पहनाए.

वंदना से मैंने कहा- आई लव यू वंदना!‘आई लव यू टू शेखर..’ वो मेरे गले लग गई.

बाद में उसने बेड पर देखा कि बेडशीट पूरी लाल हो रही है.

तो उसने पूछा- ये कैसे हुआ?मैंने बताया कि ये तुम्हारी चुत से निकले हुए खून से हुआ है.तो वंदना घबरा गई और बोली कि शेखर मुझे डर लग रहा है, कहीं कुछ ग़लत तो नहीं हुआ, कुछ गड़बड़ तो नहीं होगी?मैंने कहा- मेरी प्यारी वंदना कुछ नहीं होगा और वंदना हम हज़्बेंड वाइफ हैं, कोई कुछ नहीं बोलेगा, तुम बस ये बातें तुम्हारे और मेरे तक ही रखना.वंदना ने कहा- ओके शेखर ठीक है.

फिर वंदना को मैंने उसकी फ्रेंड के घर छोड़ा, मैं उसको एग्जाम दिला कर लाया और वापिस दिल्ली जाने से पहले उसकी दुबारा चुदाई की.

मैंने कहा- वंदना मैं नेक्स्ट महीने तक तुम्हारे बिना कैसे रहूँगा?तो वंदना ने अपना मोबाइल नंबर मुझे प्रिया और कहा कि जब भी मैं आपको मैसेज करूँ तो ही आप मैसेज करना.

इसके बाद वंदना चली गई और फिर मैं रोज़ाना वंदना से मैसेज से चैट करता और हम सेक्स चैट भी करते रहे.

दोस्तो, कैसी लगी मेरी ये चुदाई स्टोरी आपको मुझे मेल करके ज़रूर बताएं. लड़कियों और भाभियों से मेरा निवेदन है कि वो मुझे अपने कमेन्ट मेल करके जरूर बताएं.. या मुझसे बात करने के लिए फ़ेसबुक पर मैसेज करें.. मेरी मेल आई डी और फ़ेसबुक आई डी हैsupport@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

विनी कुमार

1 month ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

सिद्धार्थ यू पी

1 month ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

m

magic_mouse4u

2 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

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