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भाभी की चुदाई पठन समय: 10 मिनट पढ़ा गया: 767 बार

भाभी की चूत चोदी-6(Bhabhi Ki Chut Chodi-6)

lizzie90

04 Jun 2026 को प्रकाशित

भाभी की चूत चोदी-6(Bhabhi Ki Chut Chodi-6)
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पिछला भाग पढ़े:-भाभी की चूत चोदी-5

भाभी की चुदाई कहानी में अब तक-

भाभी की चुदाई करके मैं थक गया था। मैंने सोने को कहा और कहा कि कपड़े मत पहनना। उन्होंने मेरी बात मानी और बिना कपड़ो के सोने लगी।‌

मैंने उनसे कहा: अब तो मैं तेरा पति बन गया हूं। मुझसे क्या शर्म? हर पत्नी अपने पति के सामने नंगी ही सोती है। तू भी अब नंगी ही मेरे साथ सोना।

मैंने उसे सुबह उठने के बाद एक बीवी जैसे पति की सेवा करती है, वैसे ही उसे अपने लिए कॉफी बनाने के लिए कहा। अब आगे-

मैंने मेरी भाभी को चोद लिया था, और उनके जिस्म में अपने लंड का पानी छोड़ दिया, ताकि वो प्रेग्नेंट हो जाये, और हमारी चुदाई इसे ही चलती रहे। रात के 1 बज रहे थे। मुझे फिर भाभी को चोदना था। तो मैंने उनके बूब्स को फिर से दबाना चालू कर दिया।

उन्होंने नींद में मुझे कहा: प्लीज मत करो ना। तुमने बहुत कर लिया है। अब नींद आ रही है।

लेकिन मैं नहीं माना और उनके कान के पास जाकर कहा: बस थोड़ा सा जान।

और मैं उनके बूब्स को दबाने लगा। उसने मुझे रोका नहीं और धीरे-धीरे वो भी अपने मूड में आ रही थी। कुछ देर उसके बूब्स के साथ खेल कर मैंने अपना लंड पकड़ कर उसे घुमाया और वापस उसकी चूत में लंड टिका दिया। फिर प्यार से उसको पकड़ के धक्का मारा और मेरा लंड मधु भाभी की चूत में घुस गया।

इससे भाभी ने सिसकारी मारी: आउच! सुनो ना।‌ आराम से करो ना। आपने बहुत जोर से कर लिया है। अब दर्द हो रहा है।

मैं: ठीक है मेरी जान। तू बहुत ही मस्त है। तुझे देखते ही पागल हो जाता हूं। बस तुझमें रहने का मन करता है अब तो।

भाभी: मुझे भी अब तुम्हारे साथ रहना है। आह्ह, मुझे भी तुम बहुत अच्छे लगते हो मां। आहह जान, मैं तुमसे सच में शादी करना चाहती हूं। मुझे बना लो अपना जान। मैं तुम्हें बहुत खुश रखूंगी अह्ह्ह।

मैं लगातार उनकी चूत में अपना लंड घुसा कर निकाल देता और वापस उतनी तेज़‌ डाल देता। इससे उनकी सास उखड़ जाती और वो जोरों की सिसकी मारती। मैंने अब उनकी एक टांग उठा ली और पीछे से उनकी चूत में अपना लंड अन्दर करने लगा। मैं बिलकुल उनकी पीठ से चिपका हुआ था और मेरा हाथ उनके सर के नीचे से होता हुआ उनके बूब्स पर था। एक हाथ से मैंने उनकी टांग को उठा रखा था और उनकी चूत में लगातार अपना लंड पेले जा रहा था।

वो कहती जा रही थी: हां जान, और जोर से, और जोर से, अहह करते रहो जा।न मारो ना, और जोर से अहह मेरी जान। निकाल दो मेरी चूत में तुम्हारा पानी। अब मुझसे रहा नहीं जाता है तुम्हारे पानी के आलावा। तुम जो कहो वो करने को तैयार हूं मैं। चोदो मुझे प्लीज अह्ह्ह अह्ह्ह और अह्ह्ह।

भाभी: मैं तुम्हारे बच्चे को पैदा करना चाहती हूं। करते रहो ऐसे। अहह जान, ओह जान। मेरा बेबी और करो, जोरो से करो।

उनकी आवाज में एक कशमकश थी, जो मुझे जोश दिला रही थी। उनका चिल्लाना मुझे जोश दिला रहा था। अब मैं उनके पीछे से उठ गया और उनके आगे आकर उनकी टांगो के बीच आकर फिर से लंड उनकी चूत में उतार दिया। मैं फिर से धक्का देने लगा। थोड़ी देर में उनकी चूत ने फिर दम तोड़ दिया और वो चिल्लाना बंद हो गई। मैं भी अब थोड़ा जोश में आया और उनकी चूत में 4-5 बार जोरों से चोदा। फिर पूरा लंड उनकी चूत में खाली कर दिया और उनकी चूत भर दी।

मैं उनके ऊपर ही पड़ा रहा और उन्हें चूमता रहा। फिर उनके ऊपर से उठ कर साइड में सो गया और वो भी अपनी टांगो को फेला कर सो गई। सुबह हम लोग उठे तो देखा पूरा कमरा बिखरा हुआ था और दोनों एक-दूसरे की बाहों में लिपट कर सो रहे थे।

वो उठी और देखा के दोनों नंगे थे। उसकी नज़र मेरे लंड पर पड़ी जो उनकी चूत के पानी से भीगा और काला हो गया। उन्होंने उनकी चूत भी देखी जो मेरे पानी से गीली होकर निशान बन चुके थे। वो साइड में पड़े एक कपड़े से अपनी चूत को पोछने लगी और मुझे जगाया कि उठो जल्दी सुबह हो गई है।

भाभी ने जल्दी से उठ कर कहा: तुम उठो और कपड़े पहनो। 8 बज गए है, आशीष उठ गया होगा। मुझे चाय बनानी है।

मैंने उन्हें ऐसे ही पकड़ा और मेरी और खीच लिया। उनके बाल बिखर कर सीधे मेरे सीने पर लगे और वो मेरे ऊपर गिर गई। उन्होंने मेरी आँखों में देखा मैंने उनकी आँखों में देखा और उनके बाल पीछे करते हुए उनके होंठों को चूमा।

फिर कहा: कल रात मेरी लाइफ की सबसे अच्छी रात थी। मेरी जान तुम बहुत ही प्यारी हो। मन तो नहीं कर रहा तुम्हें छोड़ने का।

भाभी मेरी बात सुन कर मुझे ही देख रही थी और मेरे सीने पर सर रख कर कहा: मुझे भी कल रात की तुम्हारे साथ बहुत ही अच्छा लगा। मैंने आजतक ऐसा महसूस नहीं किया। कभी तुम्हरे सत्यम भैया ने भी कभी मुझे इतना प्यार नहीं किया, जितना कल तुमने मुझे किया है। तुममें बहुत ही ताकत है, और तुमने कल सारी ताकत से मुझे प्यार किया है।‌ पूरा जिस्म दर्द कर रहा है। ओह मां, मेरी ये टांग तुमने रात को मेरी ये टांग उठा कर जो किया है ना, उससे मेरी टांग में दर्द हो रहा है अब।

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फिर उन्होंने अपना सर उठाया और कहा: मैं रोज तुम्हारे साथ ऐसे प्यार करना चाहती हूं। रोज तुम्हारे साथ सोना चाहती हूं। रोज तुमसे प्यार करवाना चाहती हूं। तुम्हे प्यार करना चाहती हूं। कल रात की तुम्हारी चुदाई से मुझे बहुत ही मजा आया।

मैंने उनकी मुंह से चुदाई सुना और मैं हस दिया।‌

उन्होंने पूछा: क्या हुआ?

मैंने कहा: कुछ नहीं, बस तुम्हारे मुंह से चुदाई सुन कर हसी आ गई।

भाभी: अच्छा, तो और क्या कहूं? जो तुमने किया वो क्या प्यार था रात भर? मेरी कमर में दर्द कर दिया। टांग अभी भी दुख रही है। इतनी चुदाई कोई कैसे कर सकता है? तुमने तो रात भर में जान निकाल दी।

फिर मैंने उन्हें खीच कर कहा: बस इतनी सी में जान निकल गई तुम्हारी? अभी तो बहुत कुछ बचा है जान। जब तक भाई नहीं आता, जब तक मैं तुम्हारा पति हूं और तुम मेरी पत्नी हो, और आशीष अब मेरा ही बेटा है। और बहुत जल्द तुम्हारे पेट में मेरा एक और बेटा आने वाला है।

भाभी शरमा जाता है और अपना मुंह छुपाने लग जाती है, और तभी मुझे एक थप्पड़ मरती है प्यार से मेरे कंधे पर। मैं उनको अपनी बाहों में पकड़ लेता हूं जोरों से और जोर की सास लेता हूं। वो भी अपने हाथ मेरी पीठ पर ले जाती है और मुझसे चिपक कर लेट जाती है।

फिर आशीष आवाज सुनाई देती है: मम्मा कहा हो?

वो तुरंत उठी और जाने लगी तो मैंने पकड़ लिया। तो उसने कहा: जाने दो नहीं तो तुम्हारा बेटा अभी अन्दर आ जायेगा।

मैं उसकी ये बात सुन कर बहुत खुश हुआ और मेरे अन्दर गुदगुदी होने लगी। वो भी ये कह कर मुस्कुरा दी और अपने कपड़े ठीक करके चली गई।‌ वो कुछ देर बाद कॉफी बना कर और आशीष को लेकर वापस आई और आशीष को वही बेड पर बिठा दिया।‌ फिर मुझे कॉफी दी और आशीष से कहा, बेटा चलो पापा को गुड मॉर्निंग बोलो।

आशीष ने उन्हें देखा और कहा: मम्मा, ये तो चाचा है।

तभी भाभी ने कहा: बेटा, अभी पापा नहीं है ना, और पापा ने कहा है चाचा को हमारा ध्यान रखने के लिए। और वैसे ही चाचा भी पापा जैसे ही है ना? तो वो भी तुम्हारे पापा ही हुए ना?

भाभी ने उसे समझाते हुए मुझे पापा बोलने को कहा तो आशीष ने मुझे पापा बोलते हुए गुड मॉर्निंग पापा कहा। उसकी नज़र मुझसे मिली और मेरी नज़र उससे मिली। तो वो हसी और उसे देख कर मैं भी हस दिया। मैंने आशीष को गुड मॉर्निंग बेटा कहा।

फिर भाभी ने कहा: अब जाओ तुम और बाहर खेलो। आज छुट्टी है ना स्कूल की।

फिर आशीष बाहर चला गया। मैंने भाभी को खींचा और मेरा ऊपर पटक लिया और कहा: मुझे आशीष के मुंह से पापा सुन कर बहुत ही अच्छा लगा। काश आशीष मेरा ही बेटा होता और तुम्हारे पेट में मेरा बच्चा होता।

भाभी: घबराते क्यों हो? जो पहले नहीं हुआ वो अब होगा। देखना मैं इस बार तुम्हारे बच्चे की मां बनूंगी और वो तुम्हें पापा और मुझे मम्मा बोलेगा।

मैंने उसे जोरों से हग किया और अपने से चिपका लिया।

उसने मुझे पकड़ कर कहा: मैंने आज तक सत्यम के साथ ऐसा फील नहीं किया, जितना अच्छा तुम्हारे साथ किया है। मुझसे वादा करो तुम ऐसे ही मुझसे प्यार करते रहोगे।

बाकी की कहानी अगले पार्ट में।

अगला भाग पढ़े:-भाभी की चूत चोदी-7

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