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Office Sex पठन समय: 5 मिनट पढ़ा गया: 890 बार

तलाकशुदा किरण की चूत चुदाई

मनु वर्मा

01 Mar 2009 को प्रकाशित

तलाकशुदा किरण की चूत चुदाई
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मेरी उम्र 25 साल है। मैं एथलेटिक बॉडी का हूँ.. मतलब स्लिम और स्मार्ट बन्दा हूँ। मेरे लंड का साईज मेरे अंतरवासना के दोस्तों जितना ही है।बात एक साल पहले की है.. जब मैं एक नौकरी की तलाश में चंडीगढ़ गया था.. वहाँ मेरा दोस्त रहता है। वह एक कम्पनी में जॉब करता है। उसने मुझे भी उसी कम्पनी में जॉब दिलवा दी।

अभी मुश्किल से मुझे 18 दिन ही हुए थे कि हमारे ही दफ्तर में एक नई लड़की आई। नाम किरण था (बदला हुआ नाम) वो बहुत सीधी सी दिखने वाली लड़की थी।वो गेहुएं रंग की तीखे नयनों वाली एक माल किस्म की लड़की थी.. उसके बड़े-बड़े मम्मे थे.. बड़े से मतलब करीब 34 इंच नाप के मम्मे रहे होंगे। उसकी कमर 30 इंच की और गांड की चौड़ाई करीब 36 इंच थी।

उसको मेरे पास वाली ही टेबल मिली.. तो मेरी उससे बातचीत भी जल्दी ही शुरू हो गई।मैं काम में उसकी मदद करने लगा। मुझे वो अच्छी लगने लगी। वो एक मुक्कमल धांसू माल थी.. इसलिए मैं कभी-कभी उसके नाम की मुठ्ठ मारने लगा।

एक दिन उसने जो मुझे बताया मुझे विश्वास नहीं हुआ। उसी के शब्दों में लिख रहा हूँ।वो- मनु तुमसे मुझे एक बात कहनी है।मैं- कहो..वो- मैं एक तलाकशुदा लड़की हूँ।

मैं एकदम से सनाका खा गया.. क्योंकि उसे देख कर यह बिलकुल भी नहीं लगता था कि उस जैसी लड़की शादी भी हुई होगी।फिर उसने अपनी पूरी कहानी बताई। वो रोने लगी तो मैंने उसके कंधे को सहलाया.. उसे शायद अच्छा लगा।खैर.. बात आई गई हो गई.. पर हम अब बहुत अच्छे दोस्त बन गए थे।

एक रविवार उसने मुझे फोन करके कहा कि मैं उसके कमरे पर आ जाऊँ।वो बहुत परेशान से लग रही थी। वो एक किराये के कमरे में रहती थी। मैं 11 बजे उसके यहाँ पहुँचा.. उसने दरवाजा खोला तो मैं सन्न रह गया.. क्या लग रही थी.. मन किया बस पकड़ लूँ।

शायद उसने यह भांप लिया था.. तो वह मुसकुरा उठी।मैं अन्दर जा कर कुरसी पर बैठ गया।करीब 5 मिनट बाद वो चाय लेकर आई और मेरे सामने बैठ गई।

वो- मनु..!मैं- हाँ कहो।वो- आई लव यू..मैं तो मन ही मन खिल गया कि आज मेरे लंड को हाथ के अलावा कुछ और मिलेगा।

मैं- आई लव यू टू.. किरण।उसने मुझे गले लगा लिया, उसके मम्मे मुझसे चिपके हुए थे.. तो लंड ने सलाम बोल प्रिया.. जो उसने महसूस कर लिया था।हम एक-दूसरे के होंठ चूसने लगे तो मेरा हाथ अपने आप ही उसके मम्मों पर चला गया।मैं मम्मे दबाने लगा.. वो ‘आहें’ भरने लगी और गरम होने लगी।

मैंने उसे गोद में उठाया और पलंग पर ले गया।मैंने अपनी शर्ट निकाल दी। उसने भी छुट्टी के कारण लोअर और टी शर्ट पहनी हुई थी.. तो मैंने उसकी टी-शर्ट निकाल कर दूर फेंक दी।नीचे उसने ब्रा नहीं पहनी थी। उसकी आंखें बंद थीं.. तो मैं उसके मस्त और रसीले मम्मों पर टूट पड़ा।कुछ ही पलों में वो एकदम गरम हो चुकी थी।

वो- मनु पलीज़ अब और मत तड़पाओ!मैंने उसे पूरा नंगा किया और खुद भी हो गया।मुझे चूत चाटना पसंद है तो मैं चूत की तरफ बढ़ा.. मैं चूत देख कर पागल हो गया.. एकदम साफ चूत.. कोई बाल नहीं था।

मैंने चूत चाटना शुरू किया तो उसने गांड उठा दी।वो- आह आह.. मनु.. मनु.. और..करो।

फिर मैं भी आपे बाहर हो उठा और लंड को चूत पर लगा प्रिया।लंड लगते ही बोली- फाड़ दे साली को सिर्फ एक ही बार घुसा है..

यह सुन कर मैं हैरान था.. पर मुझे क्या.. मैंने अपना टोपा उसकी चूत की फांक में ज़ोर लगा कर घुसा प्रिया।वो थोड़ा चीखी.. ज्यादा नहीं.. फिर मैंने और जोर लगाया तो पूरा लंड अन्दर चला गया।फिर हो गई चुदाई शुरू।

‘आह.. आह.. आहआह.. आहआह.. मार मनु.. मार आह आह..’कोई 15-20 मिनट में हम दोनों ही झड़ गए.. वो मुझसे चिपक गई, उसके बाद हम नंगे नहाए।

उसके बाद हर रविवार मैंने उसे चोदा.. वो मुझसे आज भी बात करती है.. पर 6 महीने से मैं उसे मिल नहीं पाया हूँ जिसकी कोई वजह है जो मैं आप को फिर कभी बताऊँगा।

मुझे आप ईमेल से लिख सकते हैं।support@mohakkisse.com

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5 मिनट 1,141

पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

युसूफ 11

1 month ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

लवगुरु खान

2 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

अमन कपूर

2 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

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