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गे सेक्स स्टोरी पठन समय: 6 मिनट पढ़ा गया: 177 बार

टीचर ने मेरी गांड मारी

इमरान

14 Nov 2013 को प्रकाशित

टीचर ने मेरी गांड मारी
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बात है मेरे स्कूल की.. उस समय मेरी उम्र 19 साल की रही होगी। हमारे स्कूल में मैं बहुत सेक्सी लड़का था सब मुझे चिकना बुलाते थे।ठरकी बूढ़े तो बड़ी गन्दी नजर से मेरी गांड को ताड़ते थे।

मगर कोई नहीं जानता था कि मुझे भी लोगों की गांड और लंड देखना पसंद है।पता नहीं क्यों.. मुझे सेक्स के बारे सुनना और बातें करना पसंद था।

एक दिन हमारे स्कूल में एक नए कंप्यूटर टीचर आए.. उनकी उम्र 26 साल की रही होगी। वे दिखने में लम्बे-चौड़े थे.. उनका शरीर बड़ा ही आकर्षक था।

मुझे कंप्यूटर सीखने का शौक था तो मैं उनकी क्लास में जाने लगा। मैंने सोचा क्यों ना सर से बात करके अलग से ट्रेनिंग ली जाए।

मैंने सर से पूछा.. तो उन्होंने कहा- ठीक है.. पर यहाँ तो मैं नहीं पढ़ा सकता। एक काम करो.. मेरे घर आ जाओ.. वैसे भी घर पर मैं फ्री रहता हूँ।सर अकेले रहते थे।मैंने कहा- ठीक है सर.. मैं कल से आता हूँ।

दूसरे दिन शाम को मैं सर के घर गया मैंने बेल बजाई.. उन्होंने दरवाजा खोला। ‘आओ पिंकू..’

मैं अन्दर गया तो उन्होंने मुझे बिठाया और लैपटॉप लेने चले गए। थोड़ी देर में वो लैपटॉप लेकर आ गए।

जब उन्होंने लैपटॉप ऑन किया.. तो मैं देखता रह गया। उनके लैपटॉप के स्क्रीन पर सर की नंगी फोटो लगी थी। उनका लम्बा लौड़ा मस्त खड़ा था।

सर ने तुरंत फोटो बदल दी और बोले- किसी को बताना मत।मैंने कहा- ठीक है सर।फिर मैंने सर से बोला- सर आपकी बॉडी एकदम मस्त है।

वो हँसने लगे।

इसी तरह उन्होंने मुझे पढ़ाना शुरू किया।

एक दिन मैंने लैपटॉप चलाते हुए एक फोल्डर खोल प्रिया.. उसमें ‘गे’ फ़िल्में थीं।

मैंने एक लगा दी और देखने लगा, मेरा लौड़ा खड़ा हो गया था।मैं एकदम उत्तेजित था, तभी मुझे लगा कि कोई मेरे पीछे खड़ा है।

मैं तुरंत पीछे मुड़ा.. सर हँस रहे थे।मैं एकदम घबरा गया.. मैंने सर से ‘सॉरी’ बोला.. तो उन्होंने कहा- कोई बात नहीं.. इस उम्र में ये सब आम बात है।

वो आकर मेरे बगल में बैठ गए और मेरे उभरे हुए लौड़े को देखते हुए बोले- बड़ा तगड़ा है तुम्हारा..

मैं शरमाते हुए बोला- सर आपका तो और मोटा है।उन्होंने कहा- अच्छा चलो देखते हैं.. किसका मोटा है। निकालो अपना लौड़ा.. मैं भी निकालता हूँ।

मैं शर्म से गड़ा जा रहा था.. लेकिन देखने की भी इच्छा थी.. तो मैं धीरे से अपनी जिप खोली और अपना लौड़ा बाहर निकाला।

सर ने भी अपनी जीन्स उतार दी और मेरे लौड़े को हाथ में लेकर बोले- मोटा है तुम्हारा भी.. किसका मोटा ज्यादा है.. ये पता करने के लिए तुम मेरा पकड़ो।

मैं उनका लौड़ा हाथ में ले कर सहलाने लगा।तभी सर ने मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए और चूसने लगे।

मैं एकदम मस्त हो गया और मैं उन्हें किस करने लगा।हम एक-दूसरे के लौड़े दबाए जा रहे थे।

तभी सर ने कहा- चलो बिस्तर पर चलते हैं।हम दोनों बिस्तर पर आ गए।

सर ने मेरे पूरे कपड़े उतार दिए।मैंने भी सर की टी-शर्ट उतार दी।

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सर मुझे किस करते हुए मेरे लंड तक पहुँच गए और मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसने लगे।

मेरा चूसते हुए उन्होंने अपना शरीर घुमा कर अपने लंड को मेरे होंठों तक पहुँचा प्रिया।मैं उनका चूसने लगा। हम 69 की अवस्था में थे।

कुछ ही देर में मैं उनके मुँह में झड़ गया था। सर मेरा सारा माल चूस कर पी गए।वो भी झड़ने लगे.. मैं भी उनका पीने लगा।

हम ऐसे ही बिस्तर पर पड़े थे।

सर फिर से मेरे लौड़े को चूसने लगे।मैं भी मस्ती में उनका लौड़ा चूसने लगा।थोड़ी देर में हमारे लौड़े फिर तैयार थे।

अब सर उठ कर मेरे पैर को उठा कर मेरी गांड चाटने लगे।मैं पागल हुआ जा रहा था।

सर ने अपनी जीभ मेरी गांड में डाल कर जीभ से मेरी गांड को चोदना शुरू कर प्रिया।मैं मस्ती में उनका सिर सहला रहा था।

वो उठे और तेल की शीशी लाए और मुझे पलट कर मेरी गांड में नारियल का तेल लगा प्रिया। साथ ही उन्होंने अपने लंड पर भी तेल लगा लिया।

फिर उन्होंने मुझे सीधा किया और अपने कंधे पर मेरे दोनों पैरों को उठा लिया और मेरी गांड में अपना लंड रगड़ने लगे।मुझे मजा आने लगा तो उन्होंने मेरी गांड में अपना लौड़ा धीरे से डाल प्रिया।

उनका टोपा जाते ही मैं चीख पड़ा और रोने लगा।उन्होंने कहा- कुछ देर दर्द होगा.. फिर मजा आएगा।

वो ऐसे ही लगे रहे और थोड़ी देर बाद उन्होंने फिर से डालना स्टार्ट किया।एक जोरदार धक्के से अपना आधा लौड़ा मेरी गांड में डाल प्रिया।

मेरी बुरी हालत थी, मेरी गांड से खून बहने लगा था।वो धीरे-धीरे धक्के लगा रहे थे।

धीरे-धीरे मुझे भी मजा आने लगा और मैं उनका साथ देने लगा।अब मुझे वो चोदे जा रहे थे और मेरे होंठ चूसे जा रहे थे।मैं भी मस्ती में नीचे से धक्का लगा रहा था।

मुझे चोदते हुए वो मेरी गांड में अपना लौड़ा पूरा निकालते.. फिर पूरा डालते।मैं मस्ती से चुद रहा था..

अचानक उन्होंने मेरी गांड से लंड निकाल कर मेरे मुँह में डालकर मेरा मुँह चोदने लगे और मेरे मुँह में अपना वीर्य निकाल प्रिया।

मैं उनका पूरा लंड चूस कर चाट-चाट कर उनका पानी पी गया।

फिर सर ने मेरे लंड को चूसना शुरू किया। मैं मस्त होकर लौड़ा चुसा रहा था.. तभी एक बार फिर से मेरा शरीर अकड़ने लगा और मैंने उनके मुँह में अपना वीर्य छोड़ प्रिया।

सर ने मेरा लौड़ा चूस कर पी लिया।

मेरी गांड का पूरी खुल गई थी। अब सर के साथ मैं रोज चुदने लगा।

अगली कहानी के साथ फिर जल्द लौटूंगा.. आपका पिंकू

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पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

आदित्य रंजन

1 month ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

डेविल शर्मा

2 months ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

शेख अरकान

2 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

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