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गुरु घण्टाल पठन समय: 12 मिनट पढ़ा गया: 463 बार

फिजिक्स की मैम की चूत चुदाई का मजा

प्रणव पाटिल

28 May 2011 को प्रकाशित

फिजिक्स की मैम की चूत चुदाई का मजा
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टीचर स्टूडेंट Xxx स्टोरी मेरी फिजिक्स की टीचर की चूत चुदाई की है. उनकी नई नई शादी हुई थी. मैं उनका चहेता छात्र था. उनके साथ सेक्स करने का मौक़ा मुझे कैसे मिला?

नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम आशीष है और मैं महाराष्ट्र का रहने वाला हूँ.यह मेरी पहली टीचर स्टूडेंट Xxx स्टोरी है.

जब मैं 12वीं कक्षा में पढ़ता था, तब मैं और मेरे साथी हॉस्टल के रूम में रहते थे.

तब हमारे प्रेक्टिकल हुआ करते थे. हर हफ्ते में 4 प्रेक्टिकल होते थे, उनमें से 2 फिजिक्स के ही होते थे.

फिजिक्स के प्रेक्टिकल के लिए एक मैडम आती थीं.उनका नाम स्वाति मैम था.

पहले मैं आपको उनके बारे में बता देता हूँ.स्वाति मैम देखने में बहुत मस्त थीं. उनका एकदम दूध सा गोरा बदन था और उनका फिगर साइज 32-28-30 का था.मुझे स्वाति मैम बहुत पसंद थीं.

पहले मुझे उनके बारे में ज्यादा कुछ नहीं पता था. सिर्फ इतना ही पता था कि उनकी शादी को अभी सिर्फ एक साल ही हुआ है और उन्होंने टीचर का जॉब नया नया ही ज्वाइन किया था.

स्वाति मेम के साथ पढ़ते हुए वक्त बीतता गया.चूंकि मैं फिजिक्स में बहुत होशियार था तो मैम मुझे पसंद करने लगी थीं.वो मुझ पर ज्यादा तवज्जो देने लगीं.इस तरह से धीरे धीरे हमारी जान पहचान बढ़ने लगी.

मैं जब भी मेम से अपने डाउट पूछता, तो वो मुझे बड़े प्यार से समझाती थीं.उनकी नजरों में मेरी एक अलग पहचान हो गयी थी.

मैम ने हमारे बैच का एक ग्रुप बनाया था और उसकी वजह से मेरे पास उनका नंबर आ गया था.मैं उनको पर्सनल मैसेज करके भी कभी कभी डाउट पूछ लेता था.इस तरह से हमारे बीच काफी गहरी दोस्ती सी बन गयी थी.

एक बार हुआ यूं कि मैम एक क्लास रूम में रो रही थीं और मैं उसी समय वहां से गुज़र रहा था.मैंने जैसे ही उनको रोते हुए देखा तो तुरंत उनके पास चला गया.

मैंने उनसे पूछा- मिस, क्या प्रॉब्लम हुई है … मुझे बताएं.वो बोलीं- कुछ नहीं आशीष, घर की प्रॉब्लम है.

मैं चुप रहा.

फिर मैंने उनको समाझाने की कोशिश की- मैं तो आपके दोस्त जैसा हूँ, आप बिना झिझके अपनी कोई भी प्रॉब्लम मुझे बता सकती हैं.वो अपने आंसू पौंछती हुई बोलीं- कुछ नहीं … सॉरी.

वो ये कह कर चली गईं.उसी रात मैंने उनके साथ बात करने के बहाने एक डाउट पूछ लिया.

मेरे पूछने के साथ ही हमारी बात चालू हो गयी.मैंने उनसे फिर से पूछा- मैम मैं आपको रोता हुआ नहीं देख सकता. आप मुझे अपनी प्रॉब्लम बता सकती हैं. अपना दुःख बांटने से दुःख हल्का हो जाता है.

मगर वो नहीं मानी.मैं भी लगा रहा.

फिर तैसे तैसे करके वो राज़ी हो गईं और बोलीं- मैं सिर्फ तुम पर ही ट्रस्ट कर सकती हूं. तुम ये बाद किसी को मत बताना.मैंने कहा- हां ठीक है, नहीं बताऊंगा.

वो बोलीं- मेरे पति हमेशा काम के वजह से बाहर रहते हैं और मुझे शारीरिक सुख नहीं दे पाते हैं. शादी के बाद मैं मुश्किल से उनसे कुछ बार ही चुदी हूँ. मुझे कभी कभी लगता है कि क्या पता मेरी जवानी ऐसे ही चली जाएगी. मैं किसी से खुल कर बात भी नहीं कर पाती हूँ.

अब इस पर मैं क्या बोलता, मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था.मगर उनके मुँह से चुदी शब्द सुनकर मेरे मन में एक अजीब से हलचल हो गई थी.हालांकि उसी वक्त मुझे लगा था कि मैम मेरे सामने इतना खुल कर अपनी बात कह रही हैं, तो मेरे लिए ये एक मौका हो सकता है.

मैं बोला- ठीक है मैम मैं समझ सकता हूँ.और मैं भी अब उन्हें सहारा देने जैसी बात करने लगा.

मैंने कहा- यदि आप मुझे अपना सच्चा दोस्त मानती हैं तो हम दोनों कुछ फन चैटिंग कर सकते हैं.

वो बोलीं- उससे क्या होगा?मैंने कहा- मेरे और आपके बीच कुछ खुलापन आएगा.

वो हंस दीं और हमारे बीच खुल कर बात होने लगी.कुछ नॉन वेज बातें भी होना शुरू हो गईं.

एक हफ्ते बाद कॉलेज में वार्षिक उत्सव था तो उस दिन मैम बहुत सज संवर कर आई थीं और बहुत सुंदर लग रही थीं.शाम में मैंने घर आकर उनको मैसेज किया कि आप बहुत सुंदर लग रही थीं.

स्वाति मैम ने मुझे थैंक्स कहा और बोलीं- उधर क्यों नहीं कहा?मैंने कहा- मैं सबके सामने आपसे अपने दिल की बात नहीं कह सका.

वो बोलीं- अच्छा दिल में ऐसी बात क्या थी, जो कह नहीं सके?मैंने कहा- मैं अभी भी कुछ संकोच कर रहा हूँ.वो बोलीं- अब कह भी दो यार, मैं कुछ नहीं कहूंगी.

मैंने कहा- सच्ची?वो बोलीं- मुच्ची.

मैंने कहा- आप बहुत हॉट माल लग रही थीं.वो हंस कर बोलीं- हॉट तक तो ठीक है लेकिन मैं तुम्हें माल भी लग रही थी?

मैंने कहा- हां मैम आप मुझे मस्त माल लग रही थीं.वो हंस कर बोलीं- और मेरे जैसे माल को देख कर तुमने आगे क्या सोचा?

मैंने कहा- क्या सोचा … बस शुरू हो गया था.वो बोलीं- मतलब?

मैंने कहा- कुछ नहीं.वो जिद पकड़ कर बोलीं- बता न यार … क्या शुरू हो गया था?

मैंने लिख प्रिया- हिलाना शुरू कर प्रिया था.वो हंस कर बोलीं- साले, तू बहुत बदमाश होता जा रहा है.

मैंने कहा- हां मैम सच में बहुत मजा आया.वो बोलीं- अब या तो मैम कह ले या हिलाने की बता कर ले.

मैंने कहा- ओके.वो बोलीं- क्या ओके?

मैंने कहा- अब से आपसे मैं स्वाति ही कहूंगा.वो बोलीं- और आप आप भी नहीं कहेगा. तुम मुझे अबसे सिर्फ तुम कहोगे.

मैंने कहा- ओके हनी.वो फिर से हंसी और बोली- साले, जरा सी ढील दी और तूने हनी कहना शुरू कर प्रिया.

मैंने भी हंस कर उन्हें चुम्मी वाला इमोजी भेज प्रिया.वो भी मेरे इस इमोजी पर हंस दीं.

फिर मैंने कहा- तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो.उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया.

मैंने समझा कि रायता फ़ैल गया.मगर अगले ही उनका जवाब देख कर में चौंक गया.

वो बोलीं- मुझे भी तुम बहुत अच्छे लगते हो.

उस दिन हम दोनों ने काफी देर तक खुल कर बात की.और काफी हद तक मैंने उनसे छिपे शब्दों में अपनी बात कह दी थी कि मैं उन्हें चोदना चाहता हूँ.हालांकि वो मेरी इस बात को समझ कर नासमझ बनी रहीं.

ऐसे ही बात हमारे बीच बात आगे बढ़ती गयी.

एक दिन मैं उनके बुलाने पर उनके घर खाना खाने के लिए गया.तब उनके घर में कोई नहीं था.उनके पति किसी काम से अमेरिका गए हुए थे.

मैंने खाना खाया और घर जाने लगा.स्वाति मैम बोलीं- आशीष, आज यहीं रुक जाओ न … वैसे भी बहुत रात हो गई है.

मैं उनका इशारा समझ गया और हां बोल कर रुक गया.मैंने कहा- ठीक है, मैं सोफे पर सो जाता हूं. आप अन्दर कमरे में सो जाना.

वो बोलीं- नहीं बाबा, मुझे अकेले में डर लगता है. तुम भी मेरे साथ सो जाओ.मैं ‘ठीक है …’ बोल कर उनके साथ सोने चला गया.

हम दोनों लेट गए.

दस मिनट बाद मुझसे रहा नहीं गया.उनके बदन की खुशबू मुझे पागल कर रही थी.

आज भी जब मैं वो पल याद करता हूँ, तो मेरे लंड में नशा भर जाता है.मैंने अपना एक हाथ उनकी कमर पर रख प्रिया और सहलाने लगा.

पहले मैं काफी डरा हुआ था.मैम ने कुछ नहीं कहा, तो मेरी हिम्मत और बढ़ गयी.

मैं अपना हाथ उनकी चूचियों की तरफ ले गया तो वो बोलीं- आशीष, ये क्या कर रहे हो?मैंने झट से अपना हाथ वहां से हटा प्रिया.

वो हंस दी और एकदम से मेरी तरफ आकर मुझे होंठों पर किस करने लगीं.मैं भी मूड में आ गया और उनको किस करने लगा.

लगभग 10 मिनट तक हम दोनों ने किस किया.

मैम ने कहा- मुझे तुम बहुत पसंद हो आशीष.मैंने कहा- मुझे भी.

तो वो बोलीं- अब और इंतजार नहीं होता मेरी जान … चोद दो मुझे!मैंने उनका गाउन निकाला और झटके से उनको नंगी करके ब्रा पैंटी में कर प्रिया.

जब मैंने उनकी ब्रा निकाली तो उनके बड़े बड़े मम्मे मेरे सामने थे.एकदम गोरे और भरे हुए.

उनके निप्पल हल्के से ब्राउन कलर के था.मैंने उनके एक निप्पल को अपने मुँह में भर किया और चूसने लगा.

उससे वो बहुत गर्म हो गयी और जोर जोर से सिसकारियां लेने लगीं- आह … इनको खा ले आशीष … आंह पूरा खा ले!

मैं बारी बारे से उनके दोनों मम्मों को चूसता रहा.उसके बाद उन्होंने मेरी शर्ट और पैंट खोली और अपनी पैंटी भी निकाल दी.

अब हम दोनों पूरे नंगे हो चुके थे.

मैम स्वाति मेरा 7 इंच का लंड देख कर खुअश हो गयी पर कुछ बोली नहीं.मैंने लंड हिला कर कहा- इसे प्यार करो.

वो बिना किसी हिचकिचाहट के मेरा लंड मुँह में लेकर चुभलाने लगीं.वो लंड ऐसे चूस रही थीं कि किसी ने उसके मुँह में लॉलीपॉप दे प्रिया हो.

करीब 5 मिनट तक चूसने के बाद वो मादक आवाजें निकालती हुई कहने लगीं- अब मेरी चूत फाड़ दो.मैंने पहले उनकी चूत को सहलाया और फांकें फैला कर अन्दर के गुलाबी रंगत का नजारा लिया.

सच में क्या चूत थी, ऐसा लग रहा था कि मेरे लिए ही बनी है.मैम की चूत पूरी गीली थी एकदम रसभरी.मैंने उनकी चूत में मुँह लगा प्रिया और चाट चाट कर चूत का पानी निकाल प्रिया.

मैम आह आह करके मेरा सर अपनी चूत पर दबा रही थीं और मैंने उनकी चूत का सारा पानी पी लिया.चूत को लगातार चाटते रहने से मैम स्वाति फिर से चुदासी हो गई थीं.

वो बोलीं- अब सब्र नहीं होता, घुसा डाल मेरी चूत में अपना लंड … साले मादरचोद!उनके मुँह से गाली सुनकर मैं भी बहुत गर्म हो गया और बोला- रुक साली रंडी … अभी तुझे बताता हूँ. त जाएगी कुतिया तेरी चूत आज … भोसड़ा बना कर ही रहूंगा.

यह कहकर मैंने मैम स्वाति की चूत में अपना लंड पेल प्रिया.उनकी चूत बहुत टाइट थी.

लंड लेते ही वो एकदम से चिल्लाने लगीं- आह कमीने … धीरे धीरे पेल मादरचोद … चूत में दर्द हो रहा है.

मैंने उसकी एक नहीं सुनी और अन्दर बाहर करता रहा.कुछ ही देर में मैम स्वाति लंड से चुदने के मजे लेने लगीं.

कुछ ही देर में उन्होंने दुबारा से अपनी चूत से पानी छोड़ प्रिया.

थोड़ी देर बाद मैंने उनको अपनी गोद में उठाया और दीवार से लगा कर उन्हें फिर से चोदने लगा.दस मिनट बाद मैं भी उनकी चूत में ही झड़ गया.

उसके बाद हम दोनों ने रात भर सेक्स किया.कभी वो मेरे लौड़े के ऊपर आ जातीं, कभी मैं उनके ऊपर. कभी मैं उनके मम्मे चूसता, कभी वो मेरा लंड.

उस पूरी रात हम दोनों टीचर स्टूडेंट Xxx करते रहे.बाद में जब हम दोनों को जब भी मौका मिलता तो लग जाते. कभी उनका पति शहर से बाहर जाता तो मैं मैम स्वाति के पास आ जाता और हम दोनों सेक्स करते.

छह महीने बाद मेरी 12 वीं की पढ़ाई खत्म हो गई और मैं घर चला गया.पर ऊपर वाले की मेहरबानी, मेरी पापा का ट्रांसफर उसी शहर में हो गया, जिधर मैम रहती थीं.

उसके बाद क्या हुआ, वो सेक्स कहानी मैं अगली बार लिखूंगा.

मेल और कमेंट करके बताना कि टीचर स्टूडेंट Xxx स्टोरी कैसी लगीsupport@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

3 टिप्पणियां
v

vickyji

3 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

चंद्रशेखर यंग

3 months ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

राहुल इंजीनियर

3 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

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