थ्री गर्ल्स सेक्स स्टोरी में मैंने तीन सहेलियों को एक साथ चोदा. उनमें से एक कुंवारी थी और उसकी का जन्मदिन भी था. अंतर्वासना पर मेरी सेक्स कहानी पढ़कर उसने अपने बर्थडे पर मुझे आमंत्रित किया।
दोस्तो, मेरा नाम राज है, उम्र 25 साल, और हाइट 5.6 फीट है।देखने में मैं हैंडसम हूं और मेरे लंड का साइज 6.5 इंच है।
मैं भागलपुर, बिहार से हूं।
एक बार की बात है दोस्तो, मैं बोर हो रहा था।मैं ऐसे ही बैठा हुआ अपना ईमेल पढ़ रहा था।इनबॉक्स में कई सारे ईमेल आए हुए थे।
उसमें से एक मैसेज सोनूदिया नाम की लड़की का भी था।उसमें लिखा था- हाय सर! मैं सोनूदिया, पटना से हूं। आपकी कहानी ‘भाबी की भावज की जबरदस्त चुदाई‘ मैंने पढ़ी है, और मुझे वो कहानी बहुत पसंद आई। मैं आपसे मिलना चाहती हूं। कुछ दिन बाद ही मेरा जन्मदिन आ रहा है, क्या आप मेरे बर्थडे पर आ सकते हैं?
मैंने मना कर प्रिया कि मैं नहीं आ पाऊंगा।लेकिन फिर वो जिद करने लगी तो मैं मान गया।
उसने मुझे अपना पता व्हॉट्सऐप पर भेज प्रिया।उस दिन मैं भी थोड़ा उत्साहित हो गया था।आखिर नए दोस्त से मिलना किसको अच्छा नहीं लगता है।
शाम के करीबन 5 बजे मैं उसके बताए हुए पते पर पहुंच गया।मैंने पहुंच कर उसको कॉल किया।
उसने कहा कि मैं वेट करूं, कुछ देर में वो किसी को लेने के लिए भेज रही है।थोड़ी देर के बाद एक खूबसूरत लड़की, करीबन 22-23 साल की, मेरे पास आई।
उसने मुझसे मेरा नाम कंफर्म किया और फिर उसके पीछे आने के लिए कहा।मैं चलने लगा।
उनका घर कुछ ही दूरी पर था।घर काफी अच्छा था।
अंदर से दो लड़कियों ने दरवाजा खोला।मैं अंदर गया तो पूछा- कोई परेशानी तो नहीं हुई आपको?मैंने कहा- नहीं। सफर अच्छा रहा मेरा।
फिर उन्होंने मुझे मेरा कमरा दिखा प्रिया और फ्रेश होने के लिए कहा।
थोड़ी देर बाद मैं फ्रेश होकर हॉल में आ गया।वहां तीन लड़कियां मौजूद थीं।उनमें से एक सोनूदिया थी।
सोनूदिया 20 साल की थी।हाइट 5.4 फीट होगी।साइज 36-32-34 होगा उसका, जिस पर उसने काले रंग की बहुत ही सेक्सी ड्रेस पहनी हुई थी।
दूसरी लड़की थी कोमल।उम्र 21 की, हाइट 5.5 फीट, साइज करीबन 34-32-34 होगा।गुलाबी सूट में वह परी जैसी लग रही थी।
तीसरी लड़की जो मुझे लेने भी आई थी, उसका नाम नेहा था।वह 23 साल की थी, साइज 36-34-36 था।उसकी शादी 6 महीने पहले ही हुई थी।
वह इनके साथ रहकर अभी भी पढ़ाई कर रही थी। वह देखने में काफी खूबसूरत भी थी।मदहोश कर देने वाली आवाज, और ऊपर से होंठों पर लाल लिपस्टिक कहर ढहा रही थी।
उन लोगों ने मुझे बैठने के लिए कहा और कुछ चाय नाश्ता, या ड्रिंक वगैरह के लिए पूछा।मैंने जूस लेना ठीक समझा और 1 गिलास नारंगी का जूस लाने के लिए कहा।
5 मिनट के बाद जूस आया।मैंने जूस पीकर खत्म कर प्रिया।
फिर उन लोगों ने बताया कि आज सोनूदिया का जन्मदिन है।वे बोलीं- आप नेहा और कोमल की तरफ से सोनू के लिए बर्थडे गिफ्ट हैं!
मैंने हल्की सी मुस्कान दे दी।
फिर उन लोगों ने कहा कि मैं कुछ देर कमरे जाकर आराम कर लूं।
रात के 8.30 बजे किसी ने मेरे कमरे का दरवाजा खटखटाया।मुझे बाहर आने के लिए कहा गया।
मैं बाहर गया तो देखा पूरा हॉल सज गया था लेकिन वहां पर कोई दिख नहीं रहा था।
मैं आगे गया तो एक रूम दिखा जो काफी बड़ा था।उसमें एक लड़की बैठी थी।
कमरे में हर तरफ फूल बिखरे हुए थे।
मुझे अंदर आने के लिए कहा।मैं गया तो उसने मुझे एक तरफ कुर्सी पर बैठने के लिए कहा।तो मैं बैठ गया।
फिर 5 मिनट के बाद एक बड़ा सा केक आ गया।
एक गिफ्ट बैंड मेरे ऊपर बांध प्रिया गया, यानि मैं सोनूदिया का बर्थडे गिफ्ट बन चुका था।
फिर थोड़ी देर बाद आंखों पर काली पट्टी बांधे सोनूदिया कमरे में दाखिल हुई।वह दूसरी लड़की के साथ थी और उसे दुल्हन की तरह सजाया गया था।
नेहा ने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे सोनूदिया के सामने खड़ा कर प्रिया।कोमल ने उसकी आंखों पर से पट्टी हटा दी।
सोनूदिया मुझे गिफ्ट के रूप में देखकर बहुत खुश हुई।फिर हमने साथ में केक काटा।
कुछ देर ड्रिंक वगैरह चला।उसके बाद सबने नाचना शुरू कर प्रिया।कुछ देर बाद सोनूदिया बैठ गई।
वह मेरे पास आने में थोड़ी हिचक रही थी।फिर पास आई और मुझे धीरे से किस करना शुरू कर प्रिया।मुझे भी मजा आने लगा।
मेरा लंड खड़ा हो गया था।मैंने सोनूदिया को अपनी बांहों में कस लिया था।
अब हमारे होंठ एक दूसरे का रस चूस रहे थे।धीरे धीरे बाकी दो लड़कियों ने अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिए।
सोनूदिया ने मुझे भी उसके कपड़े उतारने का इशारा किया।मैंने सोनूदिया के कपड़े उतारना शुरू किया।
पहले उसके ब्लाउज को खोला और फिर उतार प्रिया।उसने नीचे से लाल ब्रा पहनी थी जिसमें वो किसी अप्सरा से कम नहीं लग रही थी।
फिर मैंने उसकी साड़ी और पेटीकोट को खोल प्रिया।उसने नीचे लाल जालीदार पैंटी पहनी हुई थी।
उसकी चूत की शेप और फांकों का कट साफ झलक रहा था।इतनी सेक्सी चूत मैंने नहीं देखी थी।
मैं चूत नंगी देखने के लिए बेताब हो गया था।मैंने देखा कि अब तक बाकी दो लड़कियां भी नंगी हो चुकी थीं।
सोनूदिया ने मेरी पैंट शर्ट को भी उतार प्रिया।मेरे अंडरवियर में मेरा लंड बुरी तरह से तना हुआ था।
उसने बड़ा सा तंबू उठा रखा था जिसे देखकर वे तीनों थोड़ा हंस भी रही थीं।
फिर नेहा ने आकर मेरा अंडरवियर भी निकाल कर अलग कर प्रिया।अब मेरा मूसल तोप की तरह उनके सामने था।
नेहा हाथ में केक लेकर आई और मेरे लंड पर मल प्रिया।
फिर नेहा ने मेरा हाथ सोनूदिया की पैंटी पर रखवा प्रिया।उसकी गर्म चूत छूकर मैं तो निहाल हो गया।
नेहा ने इशारा किया तो मैंने पैंटी खींचकर उतार दी।आह्ह … क्या चिकनी सेक्सी चूत थी … एक भी बाल नहीं था।
नेहा ने सोनूदिया की चूत पर केक मल प्रिया।फिर उसने अपनी और कोमल की चूत पर भी केक लगा प्रिया।
अब मैं भी जोश में आ चुका था।मैंने हाथ में अच्छा सारा केक उठाया और सोनूदिया की चूचियों को केक से मलते हुए उसके पेट और चूत को केक से सहला प्रिया।
सोनू अब पूरी केक में सन चुकी थी।
नेहा ने सोनू की चूत चाटने का इशारा किया।मैंने सोनू को पास के सोफे पर बैठा प्रिया, उसकी टांगें खुलवा दीं और सफेद केक लगी चूत मेरे सामने थी।
मेरे मुंह में तो पहले ही पानी आ रहा था।मैंने सोनू की चूत को चाटना शुरू कर प्रिया।
सोनू मस्त होने लगी- आह्ह … आह्ह … अम्म … आह्ह राज … ईईईई … स्स्स् … आह्ह आईई ई … ऊह्ह्ह उम्म … आह।
कुछ देर में ही उसकी चूत फूलकर गप्पा हो गई।
फिर वह उठी और मुझे बैठाकर मेरे लंड पर टूट पड़ी।वह मेरे केक लगे लंड को लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी।
लंड चुसाई के आनंद में मैं भी मस्त हो गया।सानू मेरा लंड चूसे जा रही थी।
उधर सामने नेहा और कोमल अपनी चूतों को रगड़ रही थीं।
फिर वह बैठ गईं और मुझे उंगलियों से इशारा करके उनकी चूत चाटने के लिए आमंत्रित करने लगीं।
इधर सोनू मेरे लंड को नहीं छोड़ रही थी लेकिन कोमल और नेहा की चूत चाटने के लिए मेरे मुंह में पानी आ रहा था।
नेहा फिर खुद ही उठकर मेरे पास आ गई और अपनी चूत चाटने का आमंत्रण देने लगी।
मैं भला कैसे रुक पाता, मुंह आगे करके उसकी चूत पर जीभ मारने लगा।उसकी भी टांगें खुल गईं कि और अंदर घुसाओ नोक को!
सोनू मेरा लंड चूसे जा रही थी।मैं नेहा की चूत चाटे जा रहा था।
अब बची कोमल, उसकी चूत में भी आग लगी थी जिसको वो नेहा के मुंह पर लगवाकर बुझवाने लगी।
हम तीनों अब मस्त हो चुके थे।
इतनी उत्तेजना हो रही थी कि मेरा पानी निकलने वाला था।
मैंने सोनू को इशारा किया।सोनू ने इशारा प्रिया कि उसके मुंह में ही मैं वीर्य निकाल दूं।
तभी मेरा माल छूट गया और सोनू उसे अंदर पी गई।
मैं नेहा की चूत चाटे जा रहा था।अब नेहा का भी बदन अकड़ने लगा था और वह भी झड़ गई।मैंने भी उसकी चूत का सारा पानी पी लिया और चाट चाटकर अच्छे से साफ कर प्रिया।
नेहा के मुंह पर कोमल बैठी हुई अपनी चूत चटवा रही थी और मादक सिसकारियां ‘उम्म्म … आह … और चाटो … जोर से चाटो … इसे खा जाओ …’ करके निकाल रही थी।
तभी नेहा ने कोमल को उठने का इशारा किया और उसे उठा प्रिया।नेहा मेरे पास आई और बोली- राज़ … सोनू एक कच्ची कली है और ये इसका पहली बार है … सो इसका ख्याल रखना।यह बोलकर सोनू को उसने बेड पर लिटा प्रिया।
अब उसने सोनू की चूत पर एक जोरदार किस किया और तेल की कुछ बूंदें चूत में डाल दीं।फिर एक उंगली उसमें घुसा दी और आगे पीछे करने लगी।सोनू तड़प उठी।
तभी नेहा ने मुझे बुलाया।उसने मेरे लन्ड को अपने हाथ में लेकर चूमा और सोनू की चूत पर सेट कर प्रिया।फिर वह मुझे धक्का लगाने के लिए बोली।
मैंने भी एक जोर का धक्का लगाया तो सोनू दर्द के मारे उछल पड़ी और जोर से रोने लगी।नेहा बोली- आराम से … वो तो मर ही जाएगी!
मैंने भी धीरे-धीरे धक्का लगाना शुरू किया और कुछ देर बाद सोनू को भी मज़ा आने लगा।
अब मैं सोनू के बूब्स जोर जोर से दबाने लगा और सारे बदन को चाटने लगा।
वह भी मदहोश होकर चुदवाये जा रही थी और आह आह … आह … उम्म्म … उम्म्म की आवाजें निकाल रही थी।
उसे अब बड़ा मजा आ रहा था।मैं भी मस्त चुदाई कर रहा था, कभी बूब्स को चूसता तो कभी सारे बदन को … कभी उसके होंठों को पीता तो कभी जीभ को दांतों से खींचता।
हम दोनों मस्ती में डूबे हुए थे और बस पच-पच … और आह आह … की आवाज़ें गूंज रहीं थी।
सोनू ने मेरी पीठ को अपने नाखूनों से नोच कर कई जगह खून निकाल प्रिया था और दांत से भी काट रही थी।वह अब एक भूखी शेरनी की तरह चुदवाए जा रही थी।
उधर कोमल और नेहा भी 69 में एक दूसरे के मज़े ले रही थीं और अपनी कामवासना में डूबी थीं।
मुझे और सोनू को चुदाई करते करीब आधा घंटा हो गया था।सोनू का शरीर अकड़ने लगा था।
अब हम दोनों का पानी निकलने वाला था।
कुछ ही पल बाद दोनों का बदन अकड़ गया और हम साथ में झड़ गए।
मैंने अपना लंड सोनू की चूत से निकाल लिया।सोनू की चूत से खून और वीर्य का मिश्रण बह चला।
मैंने नेहा को आवाज़ दी।वह हमारे पास आई और सोनू की चूत की हालत देखी।फिर वह चूत को साफ करने लगी।
सोनू बाथरूम में चली गई।
पांच मिनट बाद नेहा और कोमल मेरे लंड को आकर सहलाने लगीं और बारी बारी से चूसने लगीं।
अब मैंने नेहा को बेड पर लिटाया और उसकी चूत को चाटने लगा।
कोमल मेरा लन्ड चूसे जा रही थी जैसे कोई बच्चा लॉलीपॉप को चूसता है बड़े मजे से!
अब मैं नेहा की चूत को चाटे जा रहा था।बीच बीच में क्लिटोरिस को दांत से काट देता था जिससे वो तड़प उठती थी।
फिर मैंने कोमल को कहा कि वो अपनी चूत को नेहा के मुंह पर रख दे।उसने वैसा ही किया और कोमल अब नेहा की चूत को चाटने लगी।
मैंने नेहा की चूत पर अपना लन्ड सेट किया और जोर का झटका लगाया।नेहा चिल्लाई- ऊऊऊऊईईई … मम्मी … मर गई मैं, निकालो … आह।
इससे पहले कि वो और चिल्लाती, कोमल ने मुंह पर चूत अड़ा दी और नेहा की आवाज चूत में ही दब गई।वह कूंह कूंह … कर रही थी लेकिन कुछ बोल नहीं पा रही थी।
उधर कोमल को इसमें बड़ा मजा आ रहा था।वह चूत को नेहा के मुंह पर ऐसे धकेल रही थी जैसे रंडी चूत को लंड पर धकेल रही हो।
मैं लगातार जोर के झटके लगाए जा रहा था।अब नेहा का दर्द धीरे धीरे कम हो रहा था।
थोड़ी देर बाद वह अब खुद ही चुदाई में मेरा साथ देने लगी।लंड के मजे में वह मदहोश होने लगी।
वह बार बार कह रही थी- आह्ह फाड़ दो … आह्ह चोद दो। बहुत सताती है ये … बहुत गर्मी है इसमें … मेरी सारी प्यास मिटा दो … आह उइई … आह … मर गई।
मैंने कोमल को इशारा किया और नेहा को पलटाने के लिए कहा।नेहा मना करने लगी।
तभी कोमल ने कहा- कुतिया पलट जा! देखती हूं तेरी गांड में कितना दम है, और कितना मजा देती है ये।
कोमल ने नेहा को पलटा प्रिया और उसके चूतड़ों पर थप्पड़ मारते हुए कहने लगी- रंडी … आज तेरी गांड में लन्ड डलवाऊंगी और तेरी गांड फड़वाऊंगी, रुक कुतिया!
नेहा की गांड बहुत ज्यादा टाइट थी।कोमल ने नेहा की गांड के छेद में अपना थूक डाल प्रिया और नेहा की गांड में उंगली करने लगी।
फिर कोमल ने मुझे लंड डालने का इशारा किया तो मैंने लंड लगाकर जोर का झटका दे प्रिया।
मेरा लंड नेहा की गांड को चीरते हुए अंदर घुस गया।
नेहा चिल्लाने लगी और उसकी आँखों मे आंसू आ गए।
वह लंड निकालने के लिए कहने लगी और लगातार छटपटा रही थी।
लेकिन कोमल ने लंड नहीं निकालने का इशारा किया।उसने नेहा को दोनों हाथों से पकड़ा और फिर मुझे चोदने के लिए कहा।
मैं जोर जोर से उसकी गांड चोदने लगा।नेहा को अब भी दर्द हो रहा था लेकिन कोमल उसे हिलने नहीं दे रही थी।
थोड़ी देर लंड अंदर बाहर होने के बाद नेहा की गांड खुलने लगी।उसको धीरे धीरे मजा आने लगा।
कुछ देर गांड चोदने के बाद फिर मैं नेहा की चूत में लंड डालकर लग गया।मैं उसकी चूत चुदाई करने लगा।
अब नेहा की हालत खराब हो चुकी थी।मैं लगातार चुदाई करता जा रहा था।तो मैं भी थक गया था।मेरा लन्ड थोड़ा छिल गया था।
नेहा बेसुध पड़ी थी और लंड लिये जा रही थी, कोमल की चूत नेहा के मुंह पर थी।
फिर मैं चोदते हुए नेहा की चूत में ही झड़ गया और नेहा भी निढाल हो गयी।उसकी चूत से पानी और गांड से खून निकल रहा था।
कोमल ने नेहा की चूत को चाट कर साफ कर प्रिया।फिर उसकी गांड की सफाई भी की।
मैं काफी थक गया था और मेरा लन्ड भी जवाब दे चुका था।
अब बारी कोमल की थी।उधर सोनू भी बाथरूम से आकर बेड पर सो गई थी।
मैं भी थक कर चूर हो गया था और बेड पर गिर गया।
तभी मेरे लन्ड के पास थोड़ी हलचल होने लगी।
देखा तो कोमल लन्ड को जगाने की कोशिश कर रही थी.
लेकिन थका हुआ लन्ड उठने का नाम ही नहीं ले रहा था।बहुत मेहनत के बाद मेरा लन्ड खड़ा हुआ।
कोमल मदहोशी में लन्ड अपनी चूत के अंदर डालना चाहती थी लेकिन नाक़ाम रही।
कुछ देर बाद अब मेरी भी थकान थोड़ी कम हो गई थी।अब तक कोमल की चूत पूरी तरह गीली हो चुकी थी।
पहले मैंने उसकी चूत में एक उंगली डाली तो वह सिहर उठी।1 मिनट उंगली आगे पीछे करने के बाद मैंने उसकी चूत पर अपना लन्ड लगाया और हल्के से धक्का लगाया।
लंड उसकी गीली चूत में फिसलते हुए उतर गया और मैं उसकी चूत मारने लगा।
कुछ देर में ही चुदाई की रफ्तार बढ़ गई और कोमल भी मेरा साथ देने लगी।
कोमल को चुदने में पूरा मजा आ रहा था- वाह राज़ जी, आप क्या चुदाई करते हो … उम्म्म आह … आह … आह और चोदो … बहुत अच्छा लग रहा है मेरे राज़ जी … आज से मैं आपकी गुलाम … आप जैसे चाहो वैसे चुदाई करो, मुझे अपनी रंडी बना लो!
मैं भी पूरी मस्ती में उसकी चूत मार रहा था, कभी उसके बूब्स दबाता तो कभी चूतड़ों पर थप्पड़ मारता।पूरा कमरा फच-फच की आवाजों से गूंज उठा था।
तभी मैंने कोमल को पलटने के लिए कहा।वह मना करने लगी।
लेकिन मैं अपनी बात पर अड़ा रहा।
मैंने चूत चोदना भी बंद कर प्रिया जिससे उसका मजा अधूरा रहता दिखाई प्रिया।फिर आखिर में वो गांड देने के लिए तैयार हो गई।
जैसे ही वह पलटी, मैंने उसके चूतड़ों को हाथों से पकड़ कर फैलाया।मैंने गांड में क्रीम लगाई और उंगली से अंदर तक घुसाने लगा।
वह उचक कर आगे खिसकने लगी तो मैं भी आगे हो लिया।
क्रीम उसकी गांड के छेद में उंगली की लंबाई तक घुसाने के बाद मैंने छेद पर लंड को सेट कर प्रिया।
मैंने धक्का प्रिया तो लंड गांड के दरवाजे खोलता हुआ अंदर दाखिल हो गया।
कोमल छटपटाते हुए चिल्लाने लगी- ईईई मर गई … निकालो आह, आईई मम्मी, फट गईईई।
मैं रुक गया और उसका दर्द कम होने का इंतजार करने लगा।
जब वह शांत हुई तो मैंने धीरे धीरे लंड आगे पीछे करना शुरू किया।अब उसे भी अच्छा महसूस हो रहा था और अब वो भी चुदाई में मेरा साथ देने लगी।
कुछ देर तक उसकी जबरदस्त चुदाई चली।लेकिन मेरा लंड पहले से ही छिला हुआ था इसलिए लंड में जलन होने लगी थी।
जब लंड जवाब देने लगा तो मैंने जल्दी से चूत में डाल प्रिया और चोदने लगा।
मेरा छूटने को हो गया।मैं बोला- अंदर ही छोड़ दूं क्या?वह बोली- नहीं, मुझे आपका पानी पीना है।
तो मैंने लंड को चूत से निकाला और कोमल के मुंह में डाल प्रिया।
मैं मुंह में लंड देकर चुसवाने लगा।कोमल अब बहुत ही शिद्दत से लंड चूस रही थी।
उसके बाल बिखरे हुए थे और वह एकदम से रंडी बनकर लंड खा रही थी।
जल्द ही मेरा वीर्य छूट गया और कोमल उसे निगल गई।अब हम लोग शांत हो चुके थे।
सारा बेड खून और चूत के पानी से भीग चुका था।
हम लोग काफी थक चुके थे।उसी हालत में कब नींद आयी पता ही नहीं चला।
जब मेरी नींद टूटी तो करीब 8 बज रहे थे।कोमल मुझसे लिपटी हुई थी।
नेहा और सोनू रूम में नहीं थीं।
तभी नेहा की आवाज आई- राज जी, उठ गए क्या?मैंने हां में जवाब प्रिया।
फिर वो बोली- फ्रेश हो जाइए, नाश्ता लगाती हूं।
मैं फ्रेश होने चला गया।
वापस आया तो तब तक कोमल भी जाग चुकी थी।
फिर मैं तैयार होकर हॉल में आ गया।तभी कोमल भी आ गई।
वे तीनों आपस में बातें करने लगीं।
फिर नेहा बोली- राज जी, कहीं घूमने चलते हैं, कुछ शॉपिंग भी करनी है।मैंने हां कर दी।
फिर हम घूमने गए।
उन तीनों ने बताया कि रात में बहुत मजा आया।नेहा कहने लगी कि इतनी जबरदस्त चुदाई उसकी किसी ने नहीं की।
वह कहने लगी कि आज रात भी चुदाई करवानी है।
कोमल भी बहुत खुश थी।वह भी रात को फिर से चुदने की जिद कर रही थी।
तो सोनू बोली- ठीक है, तो फिर आज रात को कुछ नया प्लान करते हैं।
नेहा और कोमल ने कहा- हां सोनू, तू तो कली से फूल बन गई है। आज रात को तेरी गांड की भी सील टूटनी चाहिए।फिर वे तीनों साथ में हँस पड़ीं।
उस रात को उन तीनों की जबरदस्त चुदाई हुई।
थ्री गर्ल्स सेक्स का मजा लेकर अगले दिन मैं वहां से निकल आया।
उसके बाद भी कई बार मैं सोनू और उसकी सहेलियों से मिला।
तो यह थी मेरी थ्री गर्ल्स सेक्स स्टोरी।आपको ये स्टोरी कैसी लगी मुझे जरूर बताना।आप लोगों के मैसेज का इंतजार रहेगा. आप कहानी पर कमेंट जरूर करना।आपका फीडबैड बहुत मायने रखता है।मेरा ईमेल हैsupport@mohakkisse.com