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Meri Chudai • पठन समय: 9 मिनट • पढ़ा गया: 551 बार

दोस्त के बॉयफ्रेंड से चुदी-4(Dost ke boyfriend se chudi-4)

diksha1

23 Nov 2016 को प्रकाशित

दोस्त के बॉयफ्रेंड से चुदी-4(Dost ke boyfriend se chudi-4)
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पिछला भाग पढ़े:-दोस्त के बॉयफ्रेंड से चुदी-3

घर में आते ही ध्रुव ने मुझे पीछे से गले लगा लिया, और मेरे बगीचे में किस करने लगा।

मैंने उसे बोला: रुको अभी, मुझे पहले फ्रेश होने दो। पूरी रात और दिन बचे हैं।

उसने बोला कि वह अभी कुछ देर में आया और घर से बाहर चला गया। इधर मैंने फ्रेश होके ढीली टी-शर्ट पहन ली बिना ब्रा के। जिसमें मेरे बड़े-बड़े चूचे दिख रहे थे, और एक हॉट पैंट। मैं रसोई में डिनर तैयार करने लगी, और मेरा डिनर तैयार ही था, कि ध्रुव वापस आ गया। उसके हाथ में एक प्लास्टिक था।

मैंने पूछा: क्या है?

उसने बोला: ये आज काम आएगी।

फिर हमने खाना खाया, और साथ में सोफा पर बैठे थे। ध्रुव बिना टी-शर्ट के था। उसका हाथ मेरी चूत पर था। मेरी चूत पहले से गिली थी। मैं भी ध्रुव का लोड़ा सहला रही थी।

हर दिन की तरह मेरे बॉयफ्रेंड का कॉल आया। मैं बात करने लगी, पर ध्रुव के हाथ अभी भी मेरी चूत पे थे। उसने मुझे स्पीकर पी फोन रखने को बोला, और अपनी निक्कर उतार के लंड मेरे हाथ में दे दिया।

ध्रुव ने भी अब मेरी टी-शर्ट निकाल दी, और मेरे बूब्स चूसने लगा। एक बार मेरे पूरे बूब्स को चूसता। फिर साथ में दबाता। फिर चूसता।

मेरे ब्वॉयफ्रेंड पूछने लगा: यह कैसी आवाज है?

मैंने उसे बोला: फोन स्पीकर पर है, तो शायद कनेक्टिविटी इशू हो।

मैं रुक-रुक कर उसे जवाब देती। करीब अंधेरे घंटे तक मेरी बात हुई और ध्रुव ने मेरे बूब्स को चूम-चूम कर और बड़ा कर दिया था। ध्रुव से चुदने के बाद मेरी बॉडी काफी सेक्सी होती जा रही थी। मेरे बूब्स बड़े हो गए थे। दबी हुई गांड बाहर आ गई थी।

फोन खत्म होने के बाद ध्रुव ने अपने फोन से मुझे एक दोस्त की फोटो दिखाई और मुझसे कहने लगा, कि वो मुझे उससे मिलाना चाहता था।

उसने अपने दोस्त की जिम और आधी नंगी तस्वीर दिखाई। उसके दोस्त का नाम अल्तमश था। उसका दुबई में व्यापार था, तो वो आधे महीने दुबई में रहता था, और आधे महीने इंडिया में। उसने बताया कि उसने हमारी वीडियो उसको शेयर की थी। मैं चौंक गई।

तब ध्रुव ने बोला: वह मेरा सबसे अच्छा दोस्त है, तो हम दोनों सब कुछ शेयर करते है। अल्तमश की बहन की शादी 15 दिन में है, तो वो रविवार को आ रहा है, और हम मिलने चलेंगे। तब तक हम पूरे तरीके से तैयार होंगे।

मैं समझ नहीं पाई। फिर ध्रुव मुझे सोफे के किनारे बिठा कर खुद खड़े-खड़े मुझे लंड चुसवाने लगा। मैं भी मज़े से लंड चूस रही थी। उसने अपने फ़ोन से शूट करना शुरू किया। करीब 10 मिनट तक डीप-थ्रोट करने के बाद वो रुक गया। फिर वो उस प्लास्टिक को लेकर आया और बोलने लगा-

ध्रुव: आज तेरी गांड की चुदाई होगी।

और उसने एक चिकनाई और डिल्डो निकाला। मैंने सोफे पर अपने सर को नीचे करके गांड हवा में रख दी। ध्रुव मेरे पीछे आया और उसने गांड चाटनी शुरू कर दी। कुछ देर तक चूसने के बाद मेरी गांड थोड़ी खुली, जिसमें ध्रुव का एक मोटा अंगूठा अंदर जा रहा था।

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थोड़ी उंगली करने के बाद उसने मेरी गांड के छेद पर सारी चिकनाई गिरायी, और फिर से उंगली शुरू कर दी। अब मेरी गांड में 2 उंगलियां जा रही थी। फिर वो मोटा काला डिल्डो मेरी गांड में डालने लगा। मैं चीखने-चिल्लाने लगी।

ध्रुव ने मुझे बोला: थोड़ा बर्दाश्त करो। दर्द जाने के बाद तुम्हें लगेगा इससे बेहतर चुदाई कोई और नहीं है।

काला 10 इंच का डिल्डो मेरी गांड में 4 इंच तक था, और वो धीरे-धीरे मेरी गांड में अंदर-बाहर करने लगा। थोड़ी देर में मेरी गांड में 6 इंच तक का डिल्डो जा चुका था, और मेरी गांड फड़क रही थी। उसने मुझे कमरे में ले चलने को बोला। मैं अपने कमरे में जा रही थी, तभी उसने मुझे अपने माता-पिता के कमरे में धकेल दिया, और बोलने लगा-

ध्रुव: आज माता-पिता की जगह उनकी बेटी इस कमरे में चुदेगी।

बेड पर मैं लेट गई। ध्रुव ने मुझे बेड के कोने पर बुलाया, और फिर से मुझे अपनी गांड ऊंची करने को बोला। मेरी गांड काफी फट चुकी थी। उसने मेरी गांड में थूका, और अपना लंड सेट करके धक्का देने लगा। उसके लंड का सुपाड़ा फंस गया,‌ और मैं चीखी। मैंने दोनों हाथों में बेडशीट पकड़ कर रखी थी, और मेरा चेहरा तकिये में दबा हुआ था तांकि मेरी चीखने की आवाज़ ज्यादा तेज ना हो।

दुबारा उसने खुद को सेट किया। फिर लंड को मेरी गांड पर रख के दूसरा धक्का मारा, जिससे उसका आधा सुपाड़ा अंदर था। मैं पागलों की तरह रोने लगी। मेरी आंख से आंसू टपकने लगे। कुछ मिनट में एक और धक्का और उसका 3 इंच मोटा लंड मेरी गांड के अंदर था। मैं चिल्लाई बाहर निकालो। थोड़ी देर बाद उसने एक बार और धक्का मारा। अब उसका आधा लंड मेरी गांड में था।‌

फिर बिना रुके उसने धीरे-धीरे चिकनाई गिराई, और अंदर-बाहर करने लगा। मुझे तो ऐसा लग रहा था, जैसे मोटा गरम लोहा मेरी गांड में हो। ध्रुव को भी दर्द हो रहा था, जैसे उसका लंड फंस गया हो। फिर उसने अपनी रफ़्तार बढ़ाई और कुछ ही देर में मेरा दर्द कम होने लगा, और मैं भूलभुलैया में आने लगी।

उसने  फिर लंड बाहर निकाला। अब मेरी गांड भी खुल चुकी थी। उसके बाद एक ही झटके में उसने लंड पेल दिया, और मेरे बालों को पकड़ के मुझे चोदने लगा। अब मुझे काफी मजा आने लगा।‌ ध्रुव ने मुझे मेरे माता-पिता की जोड़ी की फोटो देखने  बोला, कि उनकी बेटी उनके ही कमरे में कैसे चुद रही थी। ये सुनने के बाद मैं भी गर्म हो गई। मेरी गांड में उसका लंड आसानी से अंदर-बाहर जाने लगा, फच फच की आवाज गूंजने लगी।

ध्रुव फिर मुझे हॉल में रखे सोफा पर चलने को बोलने लगा। मैं आगे और ध्रुव मेरे पीछे आने लगा। सोफा पे मैं लेट गई और ध्रुव ने  प्रोन-बोन में मेरी गांड मारने लगा। करीब 5 मिनट तक चोदने के बाद उसने मुझे घोड़ी बनने को बोला। मैंने घोड़ी बनी थी। उसने डिल्डो को मेरी चूत में डाला, और लंड को मेरी गांड में, और मुझे तेज़ी से चोदने लगा। मैं बहुत ही मदहोश हो गई थी। ऐसी चुदाई आज तक नी हुई।

वो मुझे कहने लगा: काश इस डिल्डो की जगह किसी और का लंड होता।

ये सुन के मैं और भी जोश में आ गई।अचानक से उसने मेरी गांड पी थप्पड़ मारे और झड़ने को तैयार होने लगा। करीब 3-4 मिनट में उसने पूरा माल मेरी गांड में भर दिया। मेरी फटी हुई गांड में पूरा माल था। फिर वो फ्रिज से पानी पीने चला गया। लौटते ही उसने मेरी गांड की फोटो ली, और मुझे दिखायी। फिर उसने अल्तमश को फोटो भेज दी।

ये देख के मैं बोलने लगी: ये गलत है।

ध्रुव ने बोला: काश अल्तमश होता।

ये सुनने के मैं गुस्सा करना चाहती थी, पर मेरे ख्याल में अल्तमश की छवि छप गई थी। वो ध्रुव की ऊंचाई का था पर उससे काफी चौड़ा। पूरे दो दिन ध्रुव ने मेरी चुदाई की। हम बस ऑर्डर करके खाना खाते थे। फिर पागल जानवर की तरह चुदाई करते थे। कभी माता-पिता के कमरे में, कभी डाइनिंग टेबल पर, कभी बाथरूम में, कभी किचन स्लैब पर। पूरे दो दिन उसने मेरी गांड मारी। मेरे स्तनों को चूम के थप्पड़ मार के और भी बड़े और सूजा दिए। मेरी चूत और गांड के छेद पूरे लाल पड़ गए थे।

गांड की चुदाई का मजा ही कुछ और है। ध्रुव ने इस बीच बहुत बार अल्तमश का नाम लिया। मन ही मन मैं उससे चुद चुकी थी। उसने मुझसे शादी करने को राज़ी कर लिया। मैं अल्तमश से मिलने का इंतजार करने लगी।

अगली कहानी में जाने कि मैंने पहली थ्रीसम कैसे की, और अल्तमश की मेरी जिंदगी में एंट्री कैसे हुई। ये अब अगले पार्ट में है।

अगला भाग पढ़े:-दोस्त के बॉयफ्रेंड से चुदी-5

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