होम पर वापस जाएं
पहली बार चुदाई पठन समय: 6 मिनट पढ़ा गया: 1,175 बार

वो पल इस दुनिया के नहीं थे

आदित्य शर्मा

15 Sep 2015 को प्रकाशित

वो पल इस दुनिया के नहीं थे
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

प्रिय दोस्तो,मेरा नाम आदित्य है, मेरी उम्र 24 साल है।मैं आज आपको अपनी कहानी बताने जा रहा हूँ। यह कहानी मेरी और मेरी दोस्त की है।यह बात लगभग एक साल पहले की है।

मेरी एक बहुत अच्छी दोस्त है, उसका नाम पूजा है। उसकी उम्र भी मेरे जितनी है। वो गोरे रंग की है, उसकी फिगर भी मस्त है।पूजा और मैं बहुत ही पक्के दोस्त हैं, हमेशा साथ रहना, घूमना फिरना, मस्ती करना, ये सब चलता रहता है।

पूजा को एक लड़का काफी पसंद भी है पर मुझे आज तक उससे कभी चिढ़ नहीं हुई।मैंने हमेशा ध्यान रखा कि पूजा को कभी किसी चीज़ की कमी न हो।

कुछ महीने पहले पूजा और मैं घूमने गये हुए थे। बाज़ार में भीड़ होने के कारण मेरा हाथ एकदम से उसके स्तन पर लग गया, तो मैंने कहा- गलती से लग गया!उसने कहा- कोई बात नहीं।

पर उसके स्तन इतने कोमल थे कि उस समय मेरा लंड खड़ा हो गया।ऐसा कई बार हुआ।

एक बार मैं उसके घर गया उसे लेने तो वह तैयार हो रही थी तो मैंने उसकी ब्रा देखी। ऐसे कई बार मैंने उसकी ब्रा और कच्छी देखी। उन्हें देख कर तो बस मज़ा सा आ जाता था।

एक दिन मैं पूजा क घर पर था, बातों बातों में पूजा ने मुझसे कहा- आदित्य, तुम मेरा इतना ध्यान रखते हो, मेरी हर इच्छा और जरूरत पूरी करते हो। क्या तुम हमेशा ऐसे ही करोगे?मैंने कहा- बिल्कुल, भला दोस्त होते किसलिए हैं।तो वह बोली- अगर मैं कुछ कहूँगी तो तुम मेरे लिए करोगे?मैंने कहा- हाँ बिल्कुल!

उसके बाद उसने जो कहा, वो सुन कर तो मैं हक्का बक्का रह गया।पूजा बोली- मैंने कभी सेक्स नहीं किया है, और न ही कभी किस या कुछ और… पर मेरा बहुत मन है करने का!

मेरे मन में भूचाल सा आ गया।एक तरफ मेरी सबसे अच्छी दोस्त और दूसरी तरफ एक लड़की के साथ सेक्स करने का मौका… पर मैंने अपने आप पर काबू करके उससे कहा- यह गलत है। मैं तुम्हारी यह बात नहीं मान सकता! हम दोस्त हैं, इससे हमारी दोस्ती खराब हो जाएगी।

पूजा ने कहा- मैंने कई बार तुम्हें मेरी छाती की तरफ देखते हुए देखा है और कई बार तुम मेरी ब्रा भी देख रहे होते हो!

यह सुन कर तो मेरे होश से ही उड़ गये, मैंने थोड़ा भोला बनते हुए कहा- अब कभी ऐसे दिख जाती है तो नज़र तो पड़ती ही है, मैंजान बूझ कर नहीं देखता।तो वो बोली- अगर आज मैं तुम्हें सब कुछ अपने आप दिखा दूँ तो?

मुझे तो अपने कानों पर यकीन ही नहीं हुआ।फिर पूजा बोली- तुम ऐसा न सोचो, हमारी दोस्ती वैसी ही रहेगी, फिर भला दोस्त ही तो दोस्त के काम आता है।

मैं बहुत परेशानी में पड़ गया। उसके काफी कहने के बाद मैं उसकी वो बात मान गया।

दोस्तो, वो रात मेरी ज़िन्दगी की सबसे मस्त रात थी।

यह भी पढ़ें (Recommended)

चुदाई का दिन भी आ गया

हम बिस्तर पर बैठे और बैठते ही मेरे अन्दर मानो एक अलग सी ख़ुशी आ गई। मैंने सबसे पहले धीरे से उसकी टांगों पर हाथ फेरना शुरू किया, फिर धीरे धीरे उसके पेट पर फेरा, वो भी अपने हाथ मेरी छाती पर लगाने लग गई।

मैंने उससे कहा- मैंने भी आज तक किसी लड़की के साथ नहीं किया है और मुझे ख़ुशी है कि वो पहली लड़की तुम हो।उसके बाद मैंने अपने होंठ उसके होंठों से लगा दिए।एक बार के लिए तो मैं जन्नत में ही पहुँच गया।

तब मैंने उसके स्तन को दबाना शुरू किया तो उसकी ‘उह आह…’ की आवाज़ें निकल गई।मैंने आज तक इतनी नर्म और कोमल चीज़ कभी नहीं छुई थी।

देखते ही देखते हमने एक दूसरे के कपड़े उतारे और बिस्तर पर लेट गये।फिर मैंने उसकी चूत को पहली बार देखा, वह हल्के गुलाबी रंग की थी और एक भी बाल नहीं था उस पर!मेरा लंड बिल्कुल सख्त हो गया।

काफी देर तक मैंने अपनी उंगलियों से उसकी चूत को सहलाया, उसके बाद मुझसे रुका नहीं गया और मैंने उसे लिटा कर उसकी चूत चाटनी शुरू कर दी।इससे तो वो काँप सी ही गई, उसे बहुत मज़ा आ रहा था।

इतने में पूजा ने कहा- अब बस और नहीं, अब अपना लंड डाल ही दो मेरी चूत में!मैंने धीरे से अपना लंड उसकी चूत पर लगाया और धीरे धीरे अन्दर डालना चालू किया।

उसकी चूत गीली और गर्म थी। धीरे धीरे मैंने लंड को अन्दर बाहर करना शुरू किया, इससे उसे बहुत मज़ा आ रहा था।हम दोनों तो जैसे सातवें आसमान पर थे।

मैंने उसे 3-4 तरह से चोदा, कभी वो ऊपर, कभी मैं ऊपर, खड़े होकर…जब मुझे लगा कि मेरा छूटने वाला है तो मैंने पूजा से कहा- मेरा छूटने वाला है!तो वो बोली- अपना लंड बाहर निकाल लेना! अन्दर मत छोड़ना।

जैस ही मेरा छूटने लगा, मैंने तुरंत अपना लंड बाहर निकल प्रिया और सारा पानी उसके पेट पर निकाल प्रिया।एक मिनट के लिए तो मुझे न अपनी, न दुनिया की खबर रही।दोस्तो, वो पल इस दुनिया के नहीं थे। ऐसे लगा कि मेरी ज़िन्दगी सफल हो गई।

थोड़ी देर बाद मैंने एक बार फिर उसे चोदा।इस बार मुझसे पहले उसका छूटा।

फिर हमने एक बार और किस की और कपड़े पहन लिए।

पूजा ने मुझसे कहा- तुम जैसा दोस्त हर लड़की को मिले।हम आज भी अच्छे दोस्त हैं और जब उसका या मेरा मन करता है तो हम सेक्स कर लेते हैं।

आपको यह कहानी कैसी लगी? जरुर बताइएगा।support@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

ऑफिस की लड़की की पहली चूत चुदाई
पहली बार चुदाई

ऑफिस की लड़की की पहली चूत चुदाई

हैलो दोस्तो, मैं आपका दोस्त विक्रम अपनी जिन्दगी से जुड़ा एक नया अनुभव ले कर एक बार फिर हाजिर हूँ।

8 मिनट 532
मेरी चुदाई के कुछ सुनहरी पल-1
पहली बार चुदाई

मेरी चुदाई के कुछ सुनहरी पल-1

मेरा और मेरे पति के बीच उम्र का बहुत बड़ा अंतर है। उम्र का यह अंतर मेरी वजह से ही है, मैंने ही गुप्ता को अपने हुस्न के जाल में बुना था, क्यूंकि मैं एक बहुत ही गरीब घर से हूँ।

6 मिनट 332
चुदाई का दिन भी आ गया
पहली बार चुदाई

चुदाई का दिन भी आ गया

नमस्कार मित्रो, मेरा नाम परीक्षित कुमार, उम्र 27 वर्ष, शादीशुदा हूँ, डेढ़ वर्ष हो गए है शादी को, मेरी पत्नी का नाम श्रुति (बदला नाम) उसकी उम्र 26 वर्ष है। रंग मेरे जितना गेहुँआ है।

8 मिनट 834

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।