वाइल्ड Xxx चुदाई कहानी में मेरे पड़ोस में मेरी सहेली के पति की नजर मेरे जिस्म पर रहती थी. मुझे भी लगता था कि मैं भी गैर मर्द एक लंड का मजा ले लूं.
हमारे पड़ोस में एक कपल रहता था।
एक दिन कूड़ा फेंकने नीचे गई तो आते वक्त मुझे मेरी पड़ोसन मिल गई।मैं उसके साथ बात करने लगी।
उसका नाम सुचित्रा था।वह कम से कम 45 साल की थी।वह काफी हंसमुख थी।देखने में उसका चेहरा हमेशा हरा-भरा रहता था।वह किसी एक्ट्रेस से कम नहीं दिखती थी।उसका शरीर राखी सावंत जैसा था।
उसे एक बेटी थी, जिसने कॉलेज का दाखिला दूसरे शहर में लिया था।
उसका पति रोहन घर से ही काम करता था।उसका पति हमेशा घर में रहता था इसलिए मैं उनके घर जाने से इंकार करती थी।
एक दिन मुझे बहुत बोर हो रहा था।मैंने सोचा कि सुचित्रा के पास जाकर बात कर लूँ।
मैं उनके घर गई और डोरबेल बजाई।
करीब 10 मिनट बाद सुचित्रा ने दरवाजा खोला।
उसके बाल अस्त-व्यस्त थे और उसने कपड़ों के अंदर कुछ नहीं पहना था।मुझे समझने में देर नहीं लगी।
मैंने उसे बाद में आने के लिए कहा और निकलने लगी।
सुचित्रा मुस्कुराते हुए दरवाजा बंद कर रही थी।
करीब 20 मिनट बाद मेरे घर की डोरबेल बजी।दरवाजा खोलने पर सामने सुचित्रा खड़ी थी।
हम दोनों ने काफी देर बात की।धीरे-धीरे हमारी बात सेक्स की तरफ चली गई।उसने बताया- रोहन हमेशा सेक्स चाहते हैं। हम बहुत बार सेक्स करते हैं।
जैसे ही उसने सेक्स की बात की, मैं भी अपने सेक्स की बात करने लगी।हम खुलकर बात करने लगे।
मैं कभी-कभी उनके घर जाने लगी।जब मैं उनके घर में बैठी होती, तब रोहन जी मुझसे बात करते थे।
उनकी नजरें हमेशा मेरे शरीर पर रहती थीं।मैंने यह बात सुचित्रा को बता दी।
सुचित्रा मेरी बात से सहमत हुई और बोली- जब से तुम रोहन से बात करती हो, तब हमारी सेक्स बहुत तगड़ी हो जाती है। वह तुम्हारा नाम लेकर मेरी चूत को बजा देता है।
मुझे पता था कि रोहन मेरी चूत मारना चाहता है।यह वाइल्ड Xxx चुदाई कहानी उसी की है.
मैं भी जब उनके घर जाती, तो सेक्सी ड्रेस पहनकर जाती।
हम दोनों सहेलियां बाहर घूमने भी जाती थी।एक दिन उसने मुझे बाहर जाने के लिए कहा, तो मैंने मना कर प्रिया क्योंकि घर में काम था।वह गाड़ी लेकर अकेली चली गई।
करीब आधे घंटे बाद मेरे घर की घंटी बजी।मैं कुछ बोल पाती, उससे पहले ही उसने बताया कि सुचित्रा का एक्सीडेंट हो गया है और उसे अस्पताल में भर्ती किया गया है।
मैं उसके साथ तुरंत अस्पताल गई।सुचित्रा को देखा, उसे बहुत दर्द हो रहा था।डॉक्टर से मिलने पर पता चला कि उसके पैर में फ्रैक्चर हो गया है।
डॉक्टर ने तुरंत ऑपरेशन करने को कहा।ऑपरेशन के बाद उसे डेढ़ महीने की सख्त रेस्ट बताई गई।
जब से सुचित्रा अस्पताल में भर्ती हुई, मैं उनकी सेवा कर रही थी।मैं रोहन जी के साथ अस्पताल आना-जाना करने लगी।
वे मुझसे फ्लर्टिंग करते थे।मैं भी उनका जवाब देती थी।
मैं उनके लिए खाना घर पर बनाती और उनके फ्लैट में जाकर देती।मैंने उन्हें अपने घर आने का न्योता भी प्रिया.लेकिन वह मान नहीं रहे थे।
मेरे पति ने भी उन्हें कई बार खाने के लिए बुलाया, पर उन्हें अच्छा नहीं लगता था।
मैं रोहन जी को उनके घर में खाना देती।वे मुझे हमेशा सेक्सी निगाहों से देखते।
मैं भी उन्हें देखती, पर हमारे बीच कोई रुकावट सी रहती थी।
इसी बीच मेरे पति अब्दुल काम के सिलसिले में 10 दिन के लिए बाहर चले गए।सास-ससुर भी गांव की वजह से 2 दिन पहले ही चले गए थे।
सुबह मैं काले रंग की सलवार-कमीज पहनकर रोहन के साथ अस्पताल गई।रोहन मुझसे बहुत हंसी-मजाक कर रहे थे।
मैं सुचित्रा से बात कर रही थी।रोहन थोड़ी देर के लिए बाहर चले गए।
मैंने सुचित्रा को अब्दुल के बारे में बताया।सुचित्रा ने एक झटके में कहा- तुम और रोहन दोनों अकेले हो! कहीं अकेले में मजे लेने की मत सोचना!
मैंने उसकी बात का जवाब नहीं प्रिया और बात टाल दी।थोड़ी देर बाद रोहन वापस आए और हम बात करते रहे।
थोड़ी देर बाद सुचित्रा ने खाना खाया और उसे नींद आने लगी।उसने हमें घर जाने के लिए कहा।
रोहन को ऑफिस का काम था, तो वे मुझे लेकर घर आ गए।
उन्होंने सिगरेट जलाई, गाड़ी चलाते हुए मेरे साथ बात करने लगे।उन्हें सिगरेट पीना बहुत पसंद था।
अस्पताल से घर आने में हमें 10 मिनट लगते थे लेकिन हम 30-40 मिनट लेते थे।मुझे उनके साथ अच्छा लग रहा था।
रोहन जी के बारे में: वह करीब 50 साल के थे। उन्हें खाने का बहुत शौक था। उनका वेट 110 के ऊपर था। वह जैसे बड़े गुब्बारे जैसे थे। हमेशा स्माइल करते रहते थे। उनके पास हंसने के कई तरीके थे।
हम सोसाइटी में पहुंचे।हमारा फ्लैट पांचवीं मंजिल पर था – अपार्टमेंट की सबसे ऊपरी मंजिल।वहां सिर्फ दो परिवार थे, बाकी दो फ्लैट बंद रहते थे।
हम लिफ्ट से ऊपर गए।मैंने उन्हें कहा- आप हमारे घर खाना खाने के लिए रुक जाओ।उन्होंने मना किया और बोले- हम बाहर से ऑर्डर कर लेंगे। तुम मेरे घर में रुको।
मैं उनके घर में चली गई।यह पहली बार था जब बिना सुचित्रा के मैं वहां थी।
उन्होंने मुझे पानी प्रिया।हम बात कर रहे थे।
करीब 10 मिनट बाद डोर पर खाने का पार्सल आया।उन्होंने दरवाजा थोड़ा ही खोला ताकि मुझे कोई देख न ले।
उन्होंने डाइनिंग टेबल पर खाना लगाया और किचन से शराब की बोतल लेकर आए।
उन्होंने मुझे पीने के लिए कहा, पर मैंने मना कर प्रिया। उन्होंने खुद के लिए ड्रिंक बनाया और खाने के साथ पीने लगे। मैं उनका साथ दे रही थी।
वह डबल मीनिंग वाली बातें करने लगे। मेरी तारीफ करने लगे।
हमारा खाना 1 घंटे तक चला।
बीच-बीच में वह सिगरेट और शराब लेते रहे।
खाना खाने के बाद मैं बर्तन मांजने लगी।उन्होंने मुझे रोकने की कोशिश की लेकिन बाद में मान गए।
वे वह मेरे पीछे-पीछे किचन में आ गए।
जैसे ही मैं बर्तन मांजकर घर जाने लगी, उन्होंने मुझे रोक लिया।
रोहन सीरियस आवाज में बोले- क्या आप मुझसे खफा हैं?मैंने कहा- नहीं रोहन जी, क्या हो गया?
रोहन बोले- खाना खाने के बाद तुरंत घर जा रही हो। थोड़ा हमें भी सेवा करने का मौका दो।मैंने जवाब नहीं प्रिया और सोफे पर बैठ गई।
रोहन ने टीवी चालू किया और मेरे साथ बात करने लगे।बातों में डबल मीनिंग चल रही थी।
फिर उन्होंने डांस करने का चैलेंज किया।मैंने तुरंत हाँ कर दी।
उन्होंने गाना चला प्रिया।मैं डांस करने लगी।
वे भी मेरे बाजू में आकर डांस करने लगे।
आहिस्ते-आहिस्ते उन्होंने मुझे अपनी ओर खींच लिया।
उन्होंने मुझे गले लगा लिया।कुछ समझने से पहले ही मेरे गले को किस करने लगे।
मैं उन्हें मना करने लगी और खुद को दूर करने की कोशिश करने लगी।लेकिन उन्होंने जोर से गले लगाकर किस करना जारी रखा।
मैं बोली- यह गलत है! मुझे छोड़ दो प्लीज! आप क्या कर रहे हो?
रोहन ने नहीं सुना।उन्होंने मेरे गले पर किस करना जारी रखा।कभी-कभी वे मेरे कान चाट रहे थे।
मेरा दिल जोर-जोर से धड़कने लगा।इतने में उन्होंने मेरी गाल पकड़कर मुझे किस करने लगे।मैं कोई जवाब नहीं दे रही थी। मेरे मुंह से बस सिसकारियां निकल रही थीं।
उन्होंने जोर-जोर से मेरे होंठों को किस किया, जबरदस्ती उनकी जीभ मेरे मुंह में डाल दी।
उनका पूरा वजन मुझ पर था।मुझे हिलने-डुलने की जगह नहीं मिल रही थी।
वे मुझे बार-बार किस कर रहे थे।उनके मुंह से शराब और सिगरेट की बदबू आ रही थी।
उन्होंने मेरे कान को किस किया, काटा।बीच-बीच में मेरे गले को चाट रहे थे।
मुझे उनके सामने समर्पित होने के अलावा कोई चारा नहीं था।
जो हाथ उन्हें दूर करने की कोशिश कर रहे थे, वही हाथ अब उनके गले को पकड़कर खींच रहे थे।
उन्होंने मेरी आंखों में देखा।हम दोनों जोर से किस करने लगे।
हम एक-दूसरे के होंठ कस रहे थे।कभी मैं उनके होंठ दांतों में पकड़ लेती, कभी वह मेरे होंठ चूसते।
उन्होंने मेरे ड्रेस के ऊपर से मेरे छोटे स्तनों को दबाना शुरू किया।उनके हाथों में बहुत ताकत थी।
मुझे दर्द हो रहा था लेकिन साथ में मजा भी आ रहा था।
मेरे मुंह से चीखें निकल रही थीं।
उन्होंने मेरा ड्रेस उतार प्रिया।ब्रा में छिपे स्तनों को दबाने लगे।
फिर उन्होंने मेरी ब्रा उतारने में देर नहीं की, झट से उतारी और मेरे स्तनों को जोर से मसलने लगे।मैं बस उनके मसलने का मजा ले रही थी।
मैंने उनका शर्ट उतारा।उन्होंने बनियान नहीं पहनी थी।उनकी पूरी छाती और पेट बालों से भरे थे।मैं उनके बालों में हाथ फेर रही थी।
वे मेरे स्तनों को चूसने लगे, मेरे निप्पल को मुंह में लेकर चूसने लगे।मुझे दर्द हो रहा था और मेरी सिसकारियां निकल रही थीं।
वे करीब 10 मिनट तक मेरे स्तनों को चूसते रहे, फिर मेरे पूरे बदन को चाटने लगे, मेरी नाभि में जीभ डालकर चूमने लगे।
उन्होंने मेरी सलवार निकाल दी, साथ में कच्छी भी उतार दी।
वे मेरी चूत के ऊपर के बालों को देखकर हाथों से खेलने लगे।
तभी उन्होंने पास में पड़ी सिगरेट की डिब्बी से सिगरेट जलाई और मेरी चूत को किस करने लगे।कभी सिगरेट पीते, कभी मेरी चूत को चाटते।
उनकी जीभ मेरी चूत के अंदर जाने लगी।मैंने अपने पैर फैलाए।
वे मेरे पैरों को किस करने लगे और चूत पर चाटने लगे।
वे बहुत जबरदस्त चूत चाट रहे थे। मैं कमर ऊपर-नीचे करके उनका साथ दे रही थी।मैंने उनके चेहरे को अपनी चूत पर और रगड़ना शुरू किया।
वह मेरी चूत चाटते हुए अपनी पैंट उतारने लगे, फिर मेरे मुंह के सामने लंड लेकर आए।
उसका लंड ज्यादा लंबा नहीं था लेकिन बहुत मोटा था।
मैंने उसका लंड मुंह में लेकर चूसना शुरू किया।वे मेरी चूत चाट रहे थे।
मैंने उनके गांड को दबाना शुरू किया।वे मेरी चूत में उंगली अंदर-बाहर करने लगे।
करीब 15 मिनट बाद वह मेरे ऊपर से हटे और सोफे पर तने हुए लंड के साथ बैठ गए।
मैं नीचे बैठ गई और उनका लंड मुंह में लेकर चूसने लगी।वे सिगरेट पी रहे थे।
मैं उनका लंड मजे से चूस रही थी।पूरा लंड मुंह में लेकर मैं बाहर निकालती, तो उनके मुंह से सिसकारी निकलती।
मैं उनके बॉल्स को भी चाट रही थी।उन्हें बहुत मजा आ रहा था।
उन्होंने मुझे उठाया, घुटनों पर बिठाया और मेरे पीछे खड़े हो गए।
उन्होंने मेरी चूत के दाने पर लंड टच कर प्रिया।मेरे रोंगटे खड़े हो गए।मेरे मुंह से निकला- ओह शिट!
उन्होंने एक ही झटके में पीछे से मेरी चूत में लंड डाल प्रिया।मैं चिल्ला उठी।
वे बोले- बहुत मजा आ रहा है! तुम्हें मजा आ रहा है क्या?
फिर बोले- मुझे भी बहुत मजा आ रहा है, साली! तू एक नंबर की चुड़क्कड़ है!
वे पीछे से जोर-जोर से लंड अंदर-बाहर करने लगे।मैं बस आवाजें निकाल रही थी।
उन्होंने मेरे स्तनों को पीछे से पकड़ा और और जोर से चोदने लगे।फिर मेरे लंबे बाल पकड़कर तेज धक्के मारने लगे।
मैं मजे से चुदाई कर रही थी, उनका साथ दे रही थी।
उन्होंने 2 मिनट चोदा, फिर लंड अंदर ही रखकर मुझे घुटनों पर बिठाया और किस करने लगे।
उन्होंने मुझे खड़ा किया और कुत्ते की तरह किया, फिर मुझे उनके लंड पर बैठने के लिए कहा।
मैंने उनके गले में हाथ डाले।उन्होंने लंड पकड़कर अंदर डालने की कोशिश की लेकिन उनके पेट की वजह से दिक्कत हो रही थी।
वे मेरे स्तनों को कस रहे थे।एक झटके में मेरे एक स्तन को दांतों से पकड़ लिया और जोर से काट प्रिया।दर्द में मैं चिल्ला उठी।
फिर भी उन्होंने नहीं छोड़ा, जोर से काटा।मैंने जब देखा तो दांतों के निशान पड़ गए थे।मैं रोने लगी।उन्होंने मेरे गले को पकड़कर खींचा और किस करने लगे।
किस करने के बाद वह मुझे उठाकर बेडरूम में ले गए।
बेड पर लेटाकर उन्होंने लंड मेरे मुंह में भर प्रिया।मैं उनका मोटा लंड चूस रही थी।वह मेरी चूत चूस रहे थे और साथ में मेरी गांड मार रहे थे।
फिर उन्होंने मुझे घोड़ी बनाया और लंड चूत में डालकर जोर-जोर से चुदाई शुरू की।
मैं चिल्ला रही थी- ओ माय गॉड! ओह फक!वह भी साथ दे रहे थे।
उनकी आंखें पीछे चली गईं। उनका लंड बहुत शानदार था – पूरा खड़ा।
वह मुझसे दूर से चुदाई कर रहे थे।हम दोनों आगे-पीछे हो रहे थे।
करीब 5 मिनट बाद उन्होंने मुझे लंड चूसने को कहा।मैं चूसने लगी।
उन्होंने मेरे बाल पकड़कर मुंह में जोर-जोर से लंड डालने लगे।
फिर उन्होंने मुझे ऊपर बिठाया।मेरे दोनों स्तनों को पकड़कर मुझे ऊपर-नीचे करने लगे।
बीच-बीच में मेरी चूत पर थप्पड़ मार रहे थे, मेरी कमर पकड़कर ऊपर-नीचे कर रहे थे।
पूरे कमरे में चुदाई की आवाज गूंज रही थी।चूत और लंड में जोरदार लड़ाई चल रही थी।
उन्होंने मेरी गांड जोर से पकड़ी और नीचे से लंड अंदर-बाहर करने लगे।
करीब 5 मिनट बाद रुक गए।मुझे फिर लंड चूसने को कहा।
उनका लंड मेरे पानी और उनके प्रीकम से भरा था।मेरी चूत भी गीली थी।
वे मेरी चूत चूस रहे थे।मैं उनका लंड कस रही थी।
उसका टाइम देखकर मुझे बहुत नशा हो रहा था।
उन्होंने मुझे बेड पर लेटाया, मेरे पैर ऊपर उठाए और लंड अंदर डालकर चुदाई शुरू की। मैंने एक हाथ उनकी गांड पर रखा।हम किस करने लगे।
वह बहुत जोर-जोर से चोद रहे थे।मैं चिल्ला रही थी- फक मी! फक मी! ओह माय गॉड!
वे मुझे ऊपर उठाकर जोरदार चुदाई करने लगे।
फिर बेड के कोने में ले गए, नीचे जमीन पर खड़े होकर मुझे चोदने लगे।अब बहुत जोर से चुदाई कर रहे थे।
उन्होंने मुझे पेट के बल लेटाया और ऊपर चढ़ गए।मैं उन्हें और जोर से चोदने के लिए कह रही थी।
वे मुझे किस करते हुए चोद रहे थे, उनका पूरा वजन मुझ पर था।
मैंने पैर हवा में उठाए, उनके पेट पर नाखून गड़ा दिए, उनकी पीठ सहलाने लगी।
मैं उनके गले को किस कर रही थी।उन्होंने दोनों हाथों से मेरे स्तनों को पकड़ा और जोर-जोर से चुदाई की।
पूरे कमरे में जोर-जोर से आवाजें गूंज रही थीं।
उनका बदन पूरा पसीने से भीगा था।अब उन्हें भी बर्दाश्त नहीं हो रहा था।
वे जोर-जोर से चोदने लगे।करीब 2 मिनट तक जोरदार चुदाई की और उसका पानी निकलने का समय आया।
उसने जोर से आवाज लगाई और लंड से पानी मेरी चूत के अंदर छोड़ प्रिया।
वह जोर-जोर से हांफ रहे थे। पूरा बदन पसीने से तर था।उसका लंड मेरी चूत में काफी देर रहा।फिर बाहर निकाला।
वे मुझसे किस करने लगे।हमारा किस बहुत शानदार था।उनकी जीभ मेरी जीभ से टकरा रही थी।
हम बाजू में लेट गए।मैं फ्रेश होकर ड्रेस पहनकर उनके बाजू में बैठ गई।
वे सिगरेट पीने लगे।
अब उनका लंड मुरझाया हुआ था।वे मुझे बीच-बीच में किस कर रहे थे।
जब मैं जाने लगी, तो उन्होंने कहा- रुक जा! अभी घर में कोई नहीं है। टीवी देखते हैं।
करीब आधे घंटे बाद बात करते-करते उनका फिर मूड बन गया।इस बार उन्होंने मुझे और जोरदार चुदाई की।फिर पानी मेरी चूत में छोड़ प्रिया।
शाम को हम अस्पताल गए।
रोहन ने सुचित्रा को किस किया।
हम इधर-उधर की बातें करके रात को घर आ गए।रोहन ने रात भर मुझे चुदाई की।
उस दिन के बाद सुचित्रा के अस्पताल से डिस्चार्ज होने तक मैं उनके घर में ही रहती थी।उन्होंने मुझे घर के हर कोने में चोदा।
सुचित्रा आने के बाद भी मौका मिलते ही मेरी चुदाई करते थे।
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