होम पर वापस जाएं
पड़ोसी पठन समय: 6 मिनट पढ़ा गया: 1,023 बार

दोस्त की बीवी बनी मेरे लंड की रानी

रुद्र 4 U

17 Jan 2018 को प्रकाशित

दोस्त की बीवी बनी मेरे लंड की रानी
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

Xxx चीट सेक्स कहानी में मेरा पड़ोसी दोस्त है. उसकी बीवी मुझे पसंद थी. मैंने उसे फेसबुक पर फ्रेंड बनाया और हमारी बात शुरू हुई. मैं अविवाहित हूँ. भाभी ने सेक्स की बात की.

हर किसी की दिली तमन्ना होती है कि उसका किसी बड़ी उम्र की औरत से रिश्ता हो।चाहे भाभी हो, टीचर हो, या कोई और!

कुछ ऐसे ही ख्याल मेरे थे जो पूरे किए मेरी जानेमन जिज्ञासा ने, जिसकी याद में मेरा लंड अब भी खड़ा है।

मेरा नाम रुद्र है।यह Xxx चीट सेक्स कहानी मेरी पड़ोसन भाभी और मेरी है जो साल 2022 में घटी।

काफी समय से मेरे दोस्त की पत्नी जिज्ञासा पर नजर थी पर मेरा कोई खास ध्यान नहीं था।

ऐसे ही एक दिन मैंने भाभी को फेसबुक पर रिक्वेस्ट भेजी जो उन्होंने एक्सेप्ट कर ली और हमारी कहानी शुरू हुई।

औपचारिक बातों से होते हुए हमारी बातचीत हमारी पर्सनल लाइफ पर आई।उसी समय मेरा मानसी से ब्रेकअप हुआ था।

तो भाभी पूछती गई कि मैंने क्या किया और क्या नहीं, और हम खुलते चले गए।नजदीकियां बढ़ती चली गई।

जब बात सेक्स पर आई, तो मैंने कहा, “अब किसके साथ करूं!”भाभी ने डबल मीनिंग में कहा, “मेरे साथ!”

मैंने हां कर दी.तो वो बनावटी गुस्सा दिखाने लगी।

मैंने कहा, “बन जाओ मेरी गर्लफ्रेंड!”वो बोली, “फिर क्या होगा!”मैंने कहा, “जो एक कपल में होता है, सब होगा! चुसाई भी होगी, चुदाई भी होगी!”

मैंने कहा, “आपका ये 34-30-36 का बदन मस्त लगता है!”

वो हैरान हुई क्योंकि मैंने सही साइज बताया था।फिर मैंने लंड की फोटो भेजी और कहा, “देखो, क्या किया हाल!”

वो नाराज हो गई।मुझे लगा जल्दबाजी हो गई।

पर कुछ देर में उनका मैसेज आया, “अच्छा है!”

बातों-बातों में पता चला कि वो उंगली भी कर रही थी चूत में और पैंटी बदल रही थी।

इसी बीच करवाचौथ आया।उसने लाल साड़ी पहनी थी गहरे ब्लाउज के साथ।

मुझे आज भी याद है जब उस दिन उसने अपनी छत पर आकर पल्लू गिराया था।मेरा लोअर में टेंट बन गया था!

मैंने शाम को उसे लिपस्टिक दी।अगले दिन मौका मिलते ही, जब वो अकेली थी, मैंने उसके होठ चूसे, उसकी साड़ी का पल्लू हटाकर क्लीवेज चाटा, हाथ ऊपर करके चूचे ब्लाउज पर से काटे और बिना हुक खोले उसके ब्लाउज में हाथ डाला।

पर उसने रोका और ब्लाउज में से एक चूची निकाली।फिर मेरा कंट्रोल खत्म हो गया।

मैंने उसके चूचे को काट-काटकर चूसा और लाल कर दिया।वो मेरा सर सहलाती रही और आहें भरती रही।

यह रिश्ता हमारी नजदीकियां बढ़ाता जा रहा था।अब हमें एक ऐसा मौका चाहिए था जिसमें हम बिस्तर पर अंतरंग होकर अपनी प्यास बुझा सकें।

एक दिन उसकी सास घर पर नहीं थी।उसने मौका देखकर मुझे अपने घर बुलाया।

यह भी पढ़ें (Recommended)

मेरी चालू बीवी-81

हम किस करते हुए उसके बिस्तर पर लेट गए।

कुछ ही पल में मैंने उसका कुर्ता उतारकर उसकी बगल चाटी और उसकी चूची व्हाइट ब्रा के ऊपर से दबा रहा था।फिर उसकी दोनों चूचियां निकालकर दबाते हुए चूसने और काटने लगा।

वो मेरे नीचे थी और उसकी आहें आज भी मेरा लंड खड़ा कर देती हैं!

फिर मैं उसकी चूत में उंगली करने लगा।उसकी आहें अब और तेज हो गईं।वो मेरे होठ काटने लगी।

मैंने एक ही झटके में उसकी जेगिंग पैंटी के साथ उतार दी।उसकी चूत पर जीभ से चाटकर दाना खींच दिया।

उसने तेज आवाज की।मैंने दो उंगलियां उसकी चूत में घुसा दी और चूत रगड़ते हुए उंगली करने लगा।

कुछ मिनट में वो झड़ने को हुई।उसने मेरा मुंह अपने पैरों से थोड़ा दबा दिया और झड़ गई।उसका चेहरा खिला हुआ लग रहा था।

उसने मुझे स्मूच किया।पर तभी उसके बच्चों के आने का टाइम हो गया।उसने मेरे लंड को हाथ से झाड़ा और मुझे न चाहते हुए भी जाना पड़ा।

केएलपीडी!कुछ ऐसा ही हाल मेरा हुआ था, जब जिज्ञासा ने मुझे बिना चुदाई के भेज दिया।

ठगा हुआ-सा मैं मायूस चेहरा लेकर आ गया।

पर कहते हैं ना, सब्र का फल मीठा होता है।ये फल मीठा न सही, पर मेरे लंड को खुश कर देता है।

फोन सेक्स करते-करते नवंबर बीत गया और आया हमारे मिलन का दिन।जिज्ञासा की सास अपनी बड़ी बहू के साथ तीर्थ पर गई।

जिज्ञासा घर पर अकेली थी।ना-नुकुर करते-करते वो मान गई।

हम उसके बेडरूम में मिले।उसने आज लाल कुर्ता पहना था, पर उसके नीचे कुछ नहीं था।उसकी मस्त जांघ मुझे साफ दिख रही थी।

जाते ही मैंने उसे पकड़ लिया, उसकी गर्दन चूमते हुए चूचे मसले और गांड दबा दी।उसके लाल होठ चूमे, जब तक उसकी लिपस्टिक नहीं हट गई।

कुर्ता उतारकर उसकी ब्लू पोल्का डॉट ब्रा को खोला और चूचे चूसने लगा।

निप्पल लाल करके पेट चाटने लगा और नाभि में जीभ चलाने लगा।

पैंटी की तरफ बढ़ते हुए मैंने दांत से पैंटी खींची और नाक दाने पर रगड़ते हुए धीरे सेभाभी की पैंटीउतारी।चूत पर जीभ से चाटा और उंगली करते हुए चाटता रहा, जब तक जिज्ञासा झड़ नहीं गई।

बिस्तर के किनारे खड़ा होकर मैंने उसके पैर कंधे पर रखे और एक ही झटके में पूरा लंड चूत में घुसा दिया।मैं उसे चोदता रहा और बीच-बीच में झुककर उसके निप्पल काटता रहा।

फिर घोड़ी बनाकर उसकी गांड पर थप्पड़ मारते हुए चोदा और उसकी चूत में ही अपना लंड झाड़ दिया।

इसके बाद जिज्ञासा को लंड पर बिठाकर चोदा।उसकी Xxx चीट सेक्स कहानी इस कहानी पर प्रतिक्रिया के बाद।support@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

सेक्स भरी कुछ पुरानी यादें-6
पड़ोसी

सेक्स भरी कुछ पुरानी यादें-6

मैंने कहा- रूको भाभी, ज़रा आप अपनी टाँगें मोड़ लो, मैं बैठ कर आपकी योनि चाटता हूँ। उन्होंने जैसे ही अपनी टाँगें मोड़ीं, मैंने भी फुर्ती में अपना लिंग उनकी योनि में डाल दिया।

8 मिनट 450
मेरी चालू बीवी-81
पड़ोसी

मेरी चालू बीवी-81

सम्पादक – इमरान

9 मिनट 537
प्रेम की रसधार में चूत चुदाई का मजा- 3
पड़ोसी

प्रेम की रसधार में चूत चुदाई का मजा- 3

गर्लफ्रेंड सेक्स प्ले के लिए तैयार थी लेकिन हमें मौक़ा नहीं मिल रहा था. एक बार उसके घर वाले सब बाहर गए तो उसने मुझे अपने घर बुला लिया. तब हमने क्या कौतुक किये?

17 मिनट 1,036

पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

हरि

1 week ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

चेतन कुमार 3

1 week ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।