लड़कियों की गांड चुदाई

आंटी की चूत गांड चोदी उनके पति के सामने

लेखक: सौरभ एम दिनांक: 13-09-2013 पठन समय: 13 मिनट

Xxx कुकोल्ड हस्बैंड सेक्स कहानी में पढ़ें कि एक बार मैं अपने पड़ोस की आंटी की गांड मार रहा था. चुदाई जोरों पर थी कि मैंने देखा अंकल दरवाजे पर हमें देख रहे हैं.

नमस्कार दोस्तो, उम्मीद है आप सभी ठीक होंगे और अपने अपने तरीक़े से इस सर्दी का मज़ा ले रहे होंगे.

आप सभी का तहेदिल से शुक्रिया की आपने मेरी पिछली सेक्स कहानीपड़ोस वाली आंटी ने चुदाई के लिए बुलायाबहुत पसंद की … और मुझे ढेर सारा प्यार प्रिया.

मैं एक बार फिर आप लोगों का लंड खड़ा करने के लिए अपनी Xxx कुकोल्ड हस्बैंड सेक्स कहानी लेकर हाजिर हूँ.

तो हुआ यूं कि मेरी और रीमा आंटी की धक्कापेल चुदाई हफ़्ते में तीन चार बार हो जाती थी.मैं उसकी चूत और गांड दोनों बड़े मज़े से चोदता था.

वैसे तो उसके किसी भी छेद को चोदने में बड़ा मज़ा आता था पर उसकी गांड चोदने का मज़ा इस दुनिया के सबसे अधिक मजा देने वाली चीजों से भी ज्यादा मजेदार था.

आज मैं आप लोगों को उसकी गांड चोदने की ही सेक्स कहानी बता रहा हूँ.

हालांकि इस सेक्स कहानी में एक ट्विस्ट भी है.वो ट्विस्ट क्या है वो जानने के लिए आप लोगों को सेक्स कहानी पूरी पढ़नी होगी.

एक दिन मेरा ऑफ़िस भी बंद था, मैं अपने घर में अकेला था तो उस दिन मैं बहुत बोर हो रहा था.

मैंने सोचा कि क्यों ना कोई पॉर्न मूवी देखी जाए.

मैंने झट से अपना मोबाइल उठाया और फ्री सेक्स कहानी की वेबसाइट खोली, उसमें वीडियो सेक्शन भी है.और मैं अपनी पसंदीदा वीडियोज़ देखने लगा.

ब्लू-फिल्म देखते देखते मैं काफ़ी उत्तेजित हो गया था. मेरा मन भी सेक्स करने का होने लगा था.

एक बार तो मैंने सोचा कि मैं हस्तमैथुन करके अपनी आग ठंडी कर लूं!पर तभी मुझे याद आया कि जब मैं चूत चोद कर अपनी आग बुझा सकता हूँ तो हाथ से काम क्यों लेना.

मैंने झट से रीमा को कॉल किया और उससे अपनी परेशानी बतायी.नसीब से उस समय वो भी घर पर अकेली थी तो उसने मुझे झट से ऊपर बुला लिया.

मैं उसके कमरे में गया और उस पर टूट पड़ा.मैंने कपड़ों के ऊपर से ही उसके दूध दबाना शुरू कर प्रिया और उसको किस करने लगा.

वो भी धीरे धीरे गर्म होने लगी.

अब मैं जोर जोर से उसके मम्मे दबाने लगा, इससे उसे दर्द होने लगा तो उसने मुझे रुकने को कहा.

मैं थोड़ा ग़ुस्सा गया क्योंकि वो मेरा मूड खराब कर रही थी.

मैंने उसके एक स्तन को जोर से अपने दांत से काट लिया.वो एकदम से कसमसा उठी और रोने लगी.

मुझे भी अपनी गलती का अहसास हुआ.मैं भी उससे सॉरी बोलते हुए किस करने लगा और उसको चुप कराने लगा.

वो जब शांत हुई तो मैंने उसे अपनी गोद में उठाया और उसके बेडरूम में ले गया.

रीमा काफ़ी गर्म हो चुकी थी.मैंने धीरे धीरे उसके कपड़े उससे अलग कर दिए और उसे पूरी तरह से नंगी कर प्रिया.

मैं उसके ऊपर आ गया और उसके स्तनों को चूसने लगा. मैं एक एक करके उसके दोनों मम्मों को चूस रहा था.और वो आहें भर रही थी- आह हम्म ओह यस … और करो चूसो इन्हें … खा जाओ इन्हें!

मैं धीरे से अपना एक हाथ उसकी टांगों के बीच ले गया और उसकी टांगों को खोल प्रिया.मैंने अपनी एक उंगली उसकी पहले से गीली चूत में डाल दी.

अपनी चूत में उंगली लेते ही वो जोर जोर से आहें भरने लगी.

हम दोनों इतने उत्तेजित हो गए थे कि हमें यह भी ध्यान ना रहा कि हमने दरवाज़ा खुला ही छोड़ प्रिया था.

रीमा मेरी उंगली की चुदाई से काफ़ी उत्तेजित हो चुकी थी तो मैंने अपनी जीभ ले जाकर उसकी चूत पर लगा दी और उसे जोर जोर से चाटने लगा.

मेरे ऐसा करने से रीमा सिहर सी उठी और मेरे सर को अपनी जांघों के बीच दबाने लगी.मैं समझ गया था कि रीमा का पानी छूटने वाला है तो मैंने और जोरों से उसकी चूत चाटना चालू कर प्रिया.

मेरे थोड़ी देर चूत चाटने के बाद ही रीमा ने मेरा मुँह अपनी चूत पर ऐसे दबा लिया जैसे उससे ज्यादा ताकतवर इस दुनिया में कोई और है ही नहीं.

अब वो जोर जोर से झड़ने लगी, मुझे उसने इतनी जोर से दबाया हुआ था कि मुझे कुछ देर तक सांस ही नहीं आ सकी.

वो बड़ी देर तक झड़ती रही.उसके झड़ने के बाद मैं रुक गया और उसे थोड़ा आराम करने प्रिया.

थोड़ा आराम करने के बाद रीमा उठी और मेरे ऊपर आकर लेट गई और मुझसे कहने लगी- मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ, तुम मेरा बहुत ख्याल रखते हो. तुम मुझे कभी मत छोड़ना. मैं तुम्हारे लिए कुछ भी करूंगी.

मैंने यह सब सुनकर उससे पूछा- आज तुम ये सब क्यों बोल रही हो?तो उसने बताया कि उसका पति उसे ख़ुश नहीं रख पाता और उसका लंड भी काफ़ी छोटा है. वो रीमा की चूत से पहले ही झड़ जाता है. तो इससे रीमा प्यासी ही रह जाती थी. इस बात को लेकर उन दोनों में झगड़े भी होते थे.

रीमा ने तो अपने पति से यह भी कह प्रिया था कि अगर वो उसे ख़ुश नहीं रख पाएगा … तो वो किसी और मर्द से रिश्ता जोड़ लेगी.

यह सब सुनने कि बाद मुझे कुकोल्ड वाली वीडियो याद आने लगी. अब मैं फिर से उत्तेजित होने लगा था.

तब मैंने रीमा को अपना लंड चूसने को कहा, जिसके लिए वो ख़ुशी ख़ुशी राज़ी हो गई.वो मेरा लंड चूसने लगी और मैं उसके बालों से खेलने लगा.

जब वो लंड चूस रही थी तो ऐसा लग रहा था जैसे इस दुनिया में और कुछ है ही नहीं … बस वो और मैं ही हूँ.

थोड़ी देर तक चूसने के बाद उसने मेरा लंड अपने मुँह से निकाला और उठ कर बेड के एक कोने में जाकर कुछ ढूँढने लगी.

मैं बड़ा अचम्भित हुआ और उससे पूछा कि क्या हुआ?तो उसने मुझे रुकने का इशारा किया.

मैंने देखा कि उसने एक कंडोम निकाला.तो मैंने पूछा- इसका क्या करना है … मैं तो आज तुम्हारी गांड मारूंगा.

उसने हंस कर कहा- हां मेरे राजा, तुम मेरी गांड ही मार लेना! लेकिन ये उसके लिए नहीं है और किसी काम के लिए है.

वो मेरे क़रीब आई और मुझे किस करके मेरे लंड के पास मुँह करके बैठ गई.अब उसने वो कंडोम मेरे लंड पर लगाया और धीरे धीरे वो उसे चूसने लगी.उसने बताया कि ये करने का उसका बड़े दिनों से मन था.

मुझे भी कंडोम के साथ लंड चुसवाने में काफ़ी मज़ा आ रहा था.

अब रीमा ने अपनी स्पीड बढ़ाई और मैं अपने चरम पर पहुंच गया.मैंने अपने ढेर सारा माल उस कंडोम में ही निकाल प्रिया.मुझे कंडोम में झड़ने का ये मजा काफ़ी अलग और नया लगा.

अब रीमा उठी और उसने वो कंडोम निकाल कर कूड़ेदान में फैंक प्रिया.

फिर वो मेज के पास गई और तेल लेकर आ गई.उसने ढेर सारा तेल अपनी गांड के छेद पर लगाया और मेरे लंड की भी उसी तेल से मालिश कर दी.

फिर उसने मुझे इशारा किया कि मेरे राजा अब अपने मन चाहे छेद में लंड डालो.

अब मैं भी उठा और उसकी गांड के छेद पर अपना लंड सैट कर प्रिया.धीरे धीरे करके मैं अपना लंड उसकी गांड में धकेलता चला गया. उसे दर्द हो रहा था और वो चिल्लाने भी लगी थी.पर मैंने उसकी एक ना सुनी और लंड उसके अन्दर पेलता चला गया.

मैंने अपना पूरा लंड अन्दर डाल कर ही दम लिया.अब मैं थोड़ा रुक गया और उसे सहलाने लगा.

मैंने देखा कि रीमा रो रही थी.उसे काफ़ी दर्द हो रहा था.

फिर मैं उसे चुप करने के लिए उसे किस करने लगा और उसके स्तनों को दबाने लगा.

धीरे धीरे उसका दर्द कम होने लगा था. वो गर्म आहें भरने लगी थी.मैं समझ गया कि ये हरी झंडी है और चुदाई का कर्यक्रम शुरू करने के लिए राजी हो गई है.

मैंने धीरे धीरे धक्के लगाने शुरू कर दिए.पहले तो उसे थोड़ा थोड़ा दर्द हुआ पर जैसे जैसे मैंने अपनी स्पीड पकड़ी, वैसे वैसे उसका दर्द मज़ा में बदलता चला गया.

अब वो पूरी तरह मगन होकर अपनी गांड मरवा रही थी और मुझे भी उसकी गांड चोदने में काफ़ी मज़ा आ रहा था.

मैं उसे अपनी पूरी ताक़त से कस कसके झटके मार रहा था.

वो भी झटकों से काफ़ी गर्म हो गई थी और वो चिल्लाने लगी थी- आंह और जोर से मेरे राजा हां चोदो … मेरी गांड का छेद फाड़ दो. बड़ा कर दो मेरा छेद मेरे राजा. आह ओह या बेबी चोदो मुझे.

मैं और जोर जोर से ‘हम्म यस कम ऑन …’ करते हुए उसे पेल रहा था.

वो आहें भर रही थी.मैं उसे चोदते हुए बोल रहा था- उस बेबी साली रंडी और ले मेरा लंड ले … अन्दर तक ले कुतिया साली.

वो- हां मेरे राजा पेल दो मेरे अन्दर अपना पूरा लंड ठोक दो … आंह और जोर से चोदो. मेरा पति तो साला किसी काम का नहीं है. वो मज़े ठीक से ठंडा भी नहीं करता … ख़ाली अपना लंड अन्दर डालते ही दो चार झटकों में झड़ जाता है और मुझे प्यासा रख कर सो जाता है. एक तू ही है जो मेरी आग को बुझाता है और मुझे संतुष्ट रखता है. काफ़ी बड़ा लंड है तेरा … और तू बहुत मस्त चुदाई भी करता है. तेरी बीवी तुझसे काफ़ी खुश रहेगी. काश मेरा भी नसीब तेरी होने वाली बीवी की तरह होता … पर ऐसी मेरी क़िस्मत कहां.

उसकी यह सब बातें सुनकर मैं और उत्तेजित हो गया.अब मैंने उसके गले को पकड़ा और अपनी पूरी ताक़त से उसको जोरदार झटके मारने लगा.वो चिल्लाने लगी, तो मैं और तेज़ी से उसे चोदने लगा.

उसे चोदते चोदते अचानक से मेरी नज़र उसके बेडरूम के दरवाज़े पर पड़ी तो मैंने देखा कि रीमा का पति वहां खड़ा था.

उसे देख कर मैं एक पल को रुक गया.

मेरे रुकने पर रीमा ने मुझसे पूछा- क्या हुआ … क्यों रुक गए चोदो ना बड़ा मजा आ रहा था.अब मैं कुछ नहीं बोला और उसके बेडरूम के दरवाज़े की तरफ़ देखता रहा.

तो रीमा ने भी वहां देखा.सामने अपने पति को देखते ही वो मुझसे एक पल में ही अलग हो गई और अपने ज़मीन पर पड़े हुए कपड़े उठा कर अपने बदन को ढकने लगी.

उसका पति आकर बेड पर बैठा और रीमा से पूछा- ये सब क्या है?थोड़ी देर तक तो रीमा शांत रही.

पर उसके पति के बार बार पूछने पर रीमा के सब्र का बांध टूट गया, वो रोती हुई बोल पड़ी- तुम जो ख़ुशी नहीं दे पाते हो, वो मैं उससे ले रही हूँ. ये मुझे कई दिनों से बिना किसी शिकायत और डर के चोद रहा है. मैंने अब तक ये बात सबसे छिपाए भी रखी ताकि तुम्हारी इज़्ज़त बची रहे.

काफ़ी कुछ कहने सुनने के बाद उसका पति समझ गया कि कमी उसमें ही है. इसमें रीमा की कोई गलती नहीं है.

अंत में वो रीमा से माफ़ी मांगने लगा.उसने उसके बाद मुझसे रीमा को हमेशा सुख देने के लिए कहा और अपने सामने ही फिर से हमारी चुदवाई शुरू करवायी.

इस बार मैंने रीमा की चूत चोदी और ना जाने क्यों मुझे हमेशा से कहीं अधिक आनन्द आज रीमा की चुदाई उसके पति सामने करने में आ रहा था.

रीमा का पति ये सब वहीं बैठकर देख रहा था और अपना लंड सहला रहा था.

थोड़ी देर के धकापेल चुदाई के बाद जब मैं झड़ने वाला था, तब मैंने रीमा से पूछा- माल कहां गिराऊं?तो रीमा का पति फट से उठा और बोला- रीमा के अन्दर ही गिरा दो, कोई चिंता की बात नहीं है.

इस तरह से मेरी और रीमा की चुदाई का पता उसके पति को चला और यह हमारे लिए बड़ी अच्छी बात हो गई.अब मैं रीमा को जब चाहता हूँ, उस वक़्त जाकर उसे चोद लेता हूँ.

मैं आशा करता हूँ कि आप सभी को मेरी यह Xxx कुकोल्ड हस्बैंड सेक्स कहानी पसंद आयी होगी.यदि कोई गलती हुई हो तो मुझे माफ़ कर दें. मैं आप सभी के सुझाव और कमेंट्स का इंतज़ार करूंगा.

आप सभी अपने मेल भी मुझे मेरी जीमेल आईडी पर भेज सकते हैंsupport@mohakkisse.comधन्यवाद.