पड़ोसी

पड़ोसन चुदक्कड़ आंटी की चुत चुदाई- 2

लेखक: अजय कुमार 9 दिनांक: 11-05-2023 पठन समय: 12 मिनट

Xxx देसी आंटी चुदाई कहानी में मैं बड़ी मेहनत से अपने पड़ोस की आंटी को गर्म किया. वे भी अब मुझसे चुदने के लिए तैयार थी. एक रात अंकल घर पर नहीं थे तो मैं उनके घर सोया.

दोस्तो, मैं विजय एक बार पुनः आपके पास अपनी पड़ोसन आंटी की चुदाई की कहानी लेकर हाजिर हुआ हूँ.कहानी के पहले भागसेक्सी पड़ोसन आंटी को पटाने की कोशिशमें अब तक आपने पढ़ लिया था कि मैं टीवी पर सीडी प्लेयर से मूवी लगा कर देखने लगा था और खुद रिमोट लेकर आंटी के साथ उनकी चादर में घुस गया था.

अब आगे Xxx देसी आंटी चुदाई कहानी:

जैसे ही आंटी ने रिमोट हाथ में पकड़ा, मैंने अपना हाथ उनकी कमर पर रख प्रिया.

आंटी गर्म होने लगीं और मेरा हाथ हटा प्रिया.वे बोलीं- होशियार मत बनो!

पर मैंने हिम्मत करके थोड़ा ऊपर होकर उनके गाल पर चूम लिया और बोल प्रिया- आई लव यू रोमिला आंटी!आंटी शर्मा गईं.

जैसे ही मैं उनकी सलवार में हाथ डालने लगा, ब.च्चे चिल्लाए ‘भैया भैया.’

मैं एकदम से बेड से खड़ा हो गया.आंटी हंस पड़ीं.

ब.च्चे बोले- भैया, कोई और फिल्म लगाओ ना!तो मैंने पुराना मंदिर मूवी को लगा प्रिया.

आंटी तब तक बाहर जाकर गेट बंद कर आईं.मैंने ब.च्चों को बेड पर लिटा प्रिया और चारपाई को थोड़ा पीछे करके दीवार से सटा प्रिया.ब.च्चे आगे की तरफ मुँह करके लेटकर टीवी देखने लगे.

आंटी जैसे ही आईं, उन्हें समझ आ गया कि मैं ये सैटिंग क्यों कर रहा हूँ.मैंने आंटी को चारपाई पर आने को कहा और कमरे की लाइट ऑफ कर दी.

आंटी मेरे पास ही लेट गईं. वे मेरी तरफ पैर करके लेटी थीं और टीवी देखने लगीं.ब.च्चे भी लेटकर टीवी देख रहे थे.

मैंने आंटी के पैर सहलाने शुरू किए.फिर उनकी सलवार को पकड़ कर खींचा.

आंटी ने खुद नाड़ा खोल प्रिया.मैंने सलवार खींचकर पूरी निकाल दी.

अब मैं आंटी के पैरों से चूमता हुआ ऊपर आने लगा.बहुत नरम, गुदगुदी काया थी आंटी की … कसम से.

उनकी मखमली जांघों पर पहुंच कर मैंने उनके मोटे चूतड़ों पर चूमना शुरू किया, मुँह में भर-भरकर चाटने लगा.

आंटी ने बड़ी-सी कच्छी पहनी हुई थी.मैंने उसे उतारकर नीचे गिरा प्रिया.

आप यकीन नहीं करेंगे … मुझे इतना जोश चढ़ गया कि मैं आंटी की गांड के छेद को चाटने लगा.

आंटी ने खुद अपनी गांड और चौड़ी कर दी.उन्हें भी असीम आनन्द मिल रहा था.

काफी देर तक गांड और जांघें चाटने के बाद मैंने भी अपने कपड़े उतार दिए.आंटी का कमीज निकाला, ब्रा खोलकर उन्हें पूरी तरह नंगी कर प्रिया और ऊपर लेट गया.

ब.च्चे फिल्म का मज़ा ले रहे थे, उन्हें कोई डर नहीं लग रहा था.मैं आंटी की चूत सहलाते हुए उनके मोटे चूचे मुँह में लेकर चूसने लगा.

आंटी सिसकारती हुई गाली देने लगीं- आह्ह … मत कर कुत्ते!

मेरा लंड आंटी की गांड पर लगा हुआ था.मैं सच में कुत्ते की तरह हिलने-डुलने लगा.पर लंड तो गांड के पास ही लगा हुआ था.

मैं काफी देर तक आंटी के चूचों को मुँह में लेकर चूसता रहा.

फिर मैंने आंटी की पीठ चाटते हुए धीरे से उनके कान में कहा- आंटी … चूत में लंड ले लो ना … चोदने के लिए तड़प रहा हूँ!

आंटी बोलीं- मादरचोद, तू मुझे मरवा देगा विजय … रहने दे … ब.च्चों ने देख लिया तो दिक्कत हो जाएगी. ये अपने पापा को बता देंगे!

मैंने आंटी की चूत में उंगली डाल दी.आंटी मस्त हो गईं.

फिर मैं उठकर बाहर आ गया.

पीछे-पीछे चादर लेकर आंटी भी दीवार से होते हुए बाहर आ गईं.हम दोनों सीढ़ियों से नीचे आ गए .. अंधेरे खुले आंगन में.

मैंने आंटी को पकड़ लिया और बोला- आह्ह आंटी … चूत दे दो ना … कब से लंड खड़ा है!

आंटी बोलीं- विजय, तुम उम्र में छोटे हो और ऐसी हरकत करते हो!

मैंने कहा- सच में आंटी … आपके मोटे चूतड़ और चूचे देखकर नियत खराब हो जाती है.

मैंने कसकर आंटी के चूतड़ों पर थप्पड़ मारा.फिर उन्हें वहीं सीढ़ियों पर घोड़ी बना प्रिया और पीछे से चूत में लंड पेल प्रिया.आंटी मुझे अच्छे से चुदाई करवाने लगीं.

मैं उनके मोटे चूचों को दबा-दबाकर जोर-जोर से चोदता रहा.चाची को चोद कर बहुत मज़ा आ रहा था.

करीब आधा घंटा चोदने के बाद मैंने लंड का गाढ़ा रस आंटी की चूत में छोड़ प्रिया.आंटी बोलीं- बस हो गया … अब खुश!

नीचे भी दो कमरे थे, जहां अंधेरा था.मैं आंटी को वहां ले गया,चूचे मुँह में लेकर, हिप्स, कमर, गांड सहलाते हुए फिर चूचे चूसने लगा.

‘आह्ह आंटी … सच में आप क़यामत हो!’

मेरा लंड फिर खड़ा हो गया.आंटी ने उसे पकड़ कर सहलाना शुरू कर प्रिया.मैंने पूछ लिया- आंटी, सच बताओ … आप कितनों से चुदाई कर चुकी हो?

आंटी ने सब बता प्रिया- शादी से पहले गांव में ही मेरे बहुत आशिक बन गए थे … मुझे कई लोगों ने पेला था. इसीलिए स्कूल भी बंद कर प्रिया गया और जल्दी-जल्दी मेरी शादी कर दी गई.

आंटी के दहेज में लाया हुआ सोफा था.मैं आंटी को लेकर उस पर लेट गया.‘आंटी, सच में तभी तो आपके चूचे-गांड इतने मस्त हैं!’

आंटी बोलीं- तेरे अंकल में इतना दम नहीं है जो मेरे जैसी औरत को ठीक से चोद सके.

मैंने कहा- हां आंटी, सही कह रही हो … अंकल तो आपके आगे ब.च्चे जैसे हैं!

यही सब बातें करते-करते मेरा लंड फिर तैयार हो गया.मैंने आंटी को एक बार और सोफे पर लिटा लिया और घुप्प अंधेरे में जोरदार तरीके से चोद प्रिया.

फिर हम दोनों नंगे ही ऊपर आ गए. ब.च्चे सो रहे थे.अभी रात पूरी जवान थी.

आंटी और मैंने एक-एक करके ब.च्चों को उठाया और नीचे कमरे में सुला प्रिया.फिर हम आंटी के रूम में आ गए.

मैंने फिल्म निकाल कर गानों की सीडी लगा दी.वे सेक्सी-सेक्सी, अधनंगे गाने थे.

आवाज कम करके उन्हें देखते हुए आंटी और मैं खूब मस्ती करने लगे.मैंने आंटी के बदन का एक-एक हिस्सा चाट डाला.

फिर तीसरी बार आंटी की चूत बजा दी. आंटी मेरे लंड की दीवानी हो गईं.

घर के पीछे की साइड में आंटी की भैंस बंधी होती थीं.सुबह जब आंटी 4 बजे उठ गईं, तो मैं भी उठ गया. मैंने उन्हें कपड़े नहीं पहनने दिए.जब आंटी पशुओं का चारा करने लगीं, तो मैंने उन्हें वहीं पकड़ लिया.

आंटी बोलीं- तेरा जी नहीं भरा क्या? अच्छा पागल है … अब काम करने दे!

पर मैं कहां मानने वाला था.मैंने वहीं पेल प्रिया.

जब आंटी तूड़ा लेने गईं, कसम से बता नहीं सकता, कितना मजा आ रहा था.आंटी की टोकरी नीचे गिर गई और मैंने उन्हें कोने में लेकर जोरदार चोद प्रिया.

लंड का रस उनकी गांड पर निकाल प्रिया. फिर जल्दी से सारा काम भी करवा प्रिया.

सुबह होने लगी.जब हम ऊपर कमरे में थे, तो लाइट ऑन करके देखा कि आंटी के चूचों पर दांतों के निशान थे, जो मेरी मस्ती के गवाह थे.

फिर आंटी नहाने चली गईं.मैं थोड़ा सो गया.

एक बार सोने पर तो दिन में ही आंख खुली.

मैंने उठकर कपड़े पहने और बाहर आया.आंटी और ब.च्चे कहीं नहीं थे.

जब मैं घर से बाहर निकला तो देखा आंटी अपनी सास के पास हैं.मैं वहां चला गया.बातें होने लगीं.

आंटी बोलीं- लगता है विजय ने काफी फिल्म देख लीं, जो इतनी देर तक सो लिए!

मैंने मुस्कुरा कर कहा- आंटी, फिल्म तो आज रात भी देखूँगा … और कल से तो और ज्यादा मजेदार फिल्म होगी!

आंटी की आंखों में शरारत और शैतानी चमकने लगी.

मैं जल्दी से घर गया, नहाया, तैयार हुआ और दोस्त के पास जाकर एक पूरी नंगी फिल्म की सीडी ले आया.फिर रात होने का इंतज़ार किया.

रात में फिर से आंटी के घर पहुंचा. इस बार आंटी ने ब.च्चों को अपनी सास के पास भेज प्रिया.हमने नंगी फिल्म लगा दी और सारी रात खुद की नंगी फिल्म बनाते रहे.इस बार तो मैंने आंटी की गांड भी मार ली.

मैं नीचे लेटकर आंटी को ऊपर लेकर चोदने लगा था.आंटी अपने मोटे चूचे उछालती हुई चुदाई करवा रही थीं.

उस रात मैं आंटी को कभी घोड़ी बनाकर पेलने लगता था तो कभी साइड से टांग उठा कर चोदने लगता था.वे भी मस्ती से मेरे लंड का मजा ले रही थीं.

आंटी मुझे गाली देती हुई कह रही थीं- साला तू भी बड़ा वाला कमीना है, मैंने सोचा था कि तू मेरा कुछ नही उखाड़ पाएगा … लेकिन तूने तो मेरी मां चोद दी.मैं हो हो करके हंस प्रिया.

अब तो ऐसा होने लगा है कि एक तरफ टीवी में चुदाई चल रही होती है, तो दूसरी तरफ मैं आंटी को अपनी रियल लाइफ की नंगी नायिका बनाकर चोदता हूँ.

उस रात भी आंटी और मैं सारे घर में चुदाई करते रहे.अंधेरे में हर जगह Xxx देसी आंटी चुदाई.

दोनों कमरों में, नीचे आंगन में चाँद की रोशनी में, बाहर छत पर.गांड में तो जीभ डालकर खूब मस्ती की.

मैं सुबह तक रोमिला आंटी से चिपका रहा.उस रात हम सोए ही नहीं.

सुबह भैंसों को चारा करते हुए भी लिपटा रहा.

आंटी ने मेरे साथ पहली बार नंगी फिल्म देखी थी.उनकी वासना चरम पर थी, जिसे मैं पूरा करता रहा.आंटी मेरी दीवानी हो गईं.

आंटी का गोरा, भरा हुआ बदन मुझे पागल बना देता था.चूत और गांड में जो मजा आता था, वह मैं कभी नहीं भूल सकता.

इसके बाद तो हम दोनों ने न जाने कितनी चुदाइयां कीं.अंकल के होते हुए भी उनके ही घर में चोद देता था.कभी आंटी मेरे घर आ जाती थीं.

पर एक दिन आंटी की सास को शक हो गया.वे आंटी पर नजर रखने लग गईं.

एक शाम ब.च्चे बाहर खेल रहे थे.

मैं सीधा आंटी के घर गया.जैसे ही पहुंचा, सास ने मुझे देख लिया और पीछे-पीछे आ गईं.

मैंने जाते ही आंटी को नंगी कर प्रिया और चोदने लगा.

फिर हम रसोई में आ गए.आंटी चाय बनाने लगीं.मैंने आंटी की टांग उठाई और पीछे से चूत में पेल प्रिया.

तभी आंटी की सास आईं और गेट पर आवाज देने लगीं.हम दोनों डर गए, आंटी ने आगे होकर देखा कि सास आ रही हैं.

वे मुझसे छुपने को बोलीं.मैं रसोई की शेल्फ के नीचे, बड़ी-सी टंकी के पीछे छुप गया.

आंटी ने जल्दी जल्दी में सलवार चढ़ाई और मम्मों पर चुन्नी लपेट ली.कसम से, चुन्नी में उनका बदन बहुत सेक्सी लग रहा था, एकदम मंदाकिनी लग रही थीं.

सास अन्दर आईं और पूछने लगीं- रोमिला, विजय आया था? कहां है?आंटी बोलीं- पता नहीं माँ जी.

फिर आंटी गांड हिलाती हुई सास को लेकर कमरे में चली गईं.कुछ देर बाद सास चली गईं तब मैं रसोई से बाहर आ गया और आंटी को पकड़ कर फिर से चालू हो गया.

आंटी बोलीं- बुढ़िया को शक हो गया है, अब तू अपने इस लंड को काबू में रख!मैंने हंसते हुए कहा- इसको काबू में रखने की मशीन तो आपके पास है!

एक बार फिर से मैंने आंटी को जोरदार चोद प्रिया और घर आ गया.

इसके बाद से मैंने आंटी को काफी बार पेला है.आपको ये Xxx देसी आंटी चुदाई कहानी कैसी लगी? कृपया मुझे ईमेल करके जरूर बताएंsupport@mohakkisse.com