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गुरु घण्टाल पठन समय: 19 मिनट पढ़ा गया: 368 बार

स्कूल के टीचर से चुद गयी शादी के बाद

प्रीति मिसल

25 Jul 2010 को प्रकाशित

स्कूल के टीचर से चुद गयी शादी के बाद
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Xxx गर्ल सेक्स कहानी में मुझे चुदाई का शौक है. मैं अपनी पड़ोसन सहेली के पति से चुदी. बदले में मेरे पति से सहेली को चुदवाया. एक दिन बाज़ार में मेरे स्कूल टीचर मिल गये.

यह कहानी सुनें.

हैलो, मेरा नाम प्रीति खान है. नाम तो मेरा प्रैटी खान है लेकिन सब मुझे प्रीति ही बुलाते हैं तो मैंने भी अपना नाम प्रीति ही रख लिया है.मेरी पिछली कहानियों को आपने बहुत सारा प्यार प्रिया और बहुत लोगों की मेल आईं.इसके लिए मैं दिल से धन्यवाद देती हूँ.

जैसा कि आपने मेरी पिछली कहानीपड़ोसन के पति से चुदाई का मजा लियापता है कि कैसे मुझे सुचित्रा के पति रोहन ने चोदा था और उसने हम दोनों को बिस्तर पर एक साथ घोड़ी बना कर पेला था.फिर मैं अपने पति अब्दुल और रोहन के साथ मिल कर चुदाई के मजे लेने लगी थी.

अब इस Xxx गर्ल सेक्स कहानी का भी मजा लें.

जब भी सुचित्रा सामान खरीदने के लिए बाहर निकलती थी, तब मैं और रोहन चुदाई करने लगते थे.

लेकिन उसमें मजा नहीं आता था क्योंकि सुचित्रा के आ जाने का खतरा होने की वजह से हम जल्दबाज़ी में सेक्स करते थे.सुचित्रा को मुझे उसके पति के साथ अकेले में सेक्स करना पसंद नहीं आता था … शायद उसे अपने पति के खोने का डर था.फिर जब दोनों की एक साथ चुदाई हुई तो वह मुझसे खुल गई थी.

अब हर दिन मैं सुचित्रा के साथ बात करती और उससे अपने पति की सेक्स की बातें करने लगी.उसे इस तरह की बातों को सुनने में रस आता था तो हम दोनों में देर देर तक बैठक जमने लगी.

इसी कारण अब जब भी मेरे पति अब्दुल घर पर रहते थे, तब सुचित्रा भी आ जाती थी.मुझे यह समझने में ज़रा भी देर नहीं लगी कि सुचित्रा को भी अब्दुल के लौड़े नीचे आने का मन है.

मैं भी उसे स्पेस दे रही थी.उससे मैंने पूछा भी कि क्या वह अब्दुल के साथ सेक्स करना चाहती है तो वह मुस्कुरा दी थी.

फिर एक दिन मैंने मौके का फायदा देखते हुए चीनी कम होने का नाटक किया और सामान लाने के लिए बाहर चली गई.मैंने जानबूझ कर अपना फोन वॉइस रिकॉर्डिंग चालू करके छोड़ प्रिया.

मैं उधर से निकल कर सुचित्रा के घर में आ गई.उधर रोहन मुझे देखकर अचंभित हुआ, लेकिन मैंने उसे चुदाई के बहाने से सैट किया और हम दोनों हमबिस्तर हो गए.उसने मुझे एक घंटा तक चोदा.

मैं फिर वहां से वापस अपने घर आ गई.

कुछ मिनट के बाद अब्दुल ने दरवाज़ा खोला.सुचित्रा के चेहरे पर एक अजीब-सी आनंदित मुस्कान थी.

सुचित्रा- इतनी देर कैसे लगा दी?मैं आंखें नचा कर बोली- वह यार दुकान में बहुत भीड़ थी … इसलिए टाइम लग गया. तुझे मजा आया?वह झेंप गई.

फिर मैंने चाय बनाई और हम तीनों ने चाय पी ली.सुचित्रा अपने घर चली गई और अब्दुल हॉस्पिटल के लिए निकल गया.

बाद में मैंने वह रिकॉर्डिंग सुनी.काफी उत्तेजित करने वाली चुदाई हुई थी.

सुचित्रा की चुदते समय आवाज़ बहुत जोर जोर से आ रही थी.वह सब कैसे हुआ था … उस रसीली सेक्स कहानी को मैं किसी और समय में बताऊंगी.

अब मुझे अलग अलग मर्दों के लंड से चुदने में मजा आने लगा था.

एक दिन शाम को मैं घर के लिए राशन लाने बाज़ार गई थी.बाज़ार में घूमते हुए मुझे एक आदमी पर नज़र पड़ गई.

मैं उसे देखती रही और वह भी मुझे देख रहा था.मुझे याद नहीं आ रहा था कि मैंने इस आदमी को कहां देखा है.

तब मुझे समझ में आ गया कि ये मेरे स्कूल के टीचर थे.मैं उनका असली नाम इस कहानी में नहीं लिख सकती.

इस कहानी में मैं उनका नाम मोहन सर के नाम से लिखूँगी.

मैं उनके पास जाकर बात करने लगी.उन्हें भी याद आ गया.

मोहन सर- हाय प्रीति कैसी हो? क्या करती हो आजकल? घर में सब कैसे हैं?मैं- सर, मैं बहुत ही बढ़िया हूँ आप कैसे हैं? और आप इस शहर में?

मोहन सर- मैं तो अब रिटायर्ड हो चुका हूँ. मेरे बेटे की नौकरी इस शहर में है तो मैं उसके साथ यहां पर हूँ.

मैंने सर का हाल-चाल पूछा और उनकी बीवी के बारे में भी पूछ लिया.

सर की बीवी 3 साल पहले ही गुज़र चुकी थीं और वह बस अपने बेटे-बहू के साथ मेरे ससुराल के शहर में रहते थे.

इधर आगे बढ़ने से पहले मैं आपको अपने इन सर के बारे में कुछ खास बता देती हूँ.सर हमें गणित विषय पढ़ाते थे.जब भी वे पढ़ाते थे, तब उनकी गणित भाषा पर पकड़ देखकर हमें उनका बहुत आकर्षण लगता था.वे मुझे सदा से ही पसंद आने वाले मर्द लगते थे.

उस दिन बाजार में बात होने के बाद मैंने उनके घर का पता ले लिया.साथ-साथ हमने नंबर एक्सचेंज कर लिए.मैं सर को भाई कहते हुए बाद में मिलने का आश्वासन देकर घर आ गई.

घर में आकर खाना बनाते समय मुझे सर का चेहरा मेरे सामने आता रहा.स्कूल के टाइम के दिन याद आने लगे.सर काफी मजाकिया थे.इसकी वजह से स्कूल में हमेशा उन्हें बच्चे लोग छेड़ते रहते थे.मैं भी उनमें से एक थी.

जब हम स्कूल में थे, तब हमारे स्कूल में सर का नाम पाटिल मैडम से चर्चा में रहता था.

मैं ये सोच रही थी कि ठीक उसी समय मेरे व्हाट्सएप पर सर का मैसेज आ गया.मैं उनके साथ बातें करने लगी.

हम दोनों सामान्य रूप से मैसेज करने लगे थे.अब मैसेज पर हम दोनों में रोजाना बातचीत चलने लगी थी.जब अब्दुल घर पर नहीं रहते थे, तब मैं उनके साथ बातें करती थी.

व्हाट्सएप के मैसेज से हम कॉल पर बात करने लगे.

दिसंबर के महीने में मेरे पति अब्दुल ट्रेनिंग के लिए दुबई चले गए.उस दिन सर ने रात को मैसेज कर प्रिया.

मैंने भी उन्हें रिप्लाई प्रिया.सर ने मुझे जबाव प्रिया और हम दोनों एक-दूसरे के बारे में बातचीत करने लगे.

हमारे स्कूल टाइम की बातें चलने लगीं.तब मैंने सर से पाटिल मैडम के बारे में पूछ लिया.

सर ने उसका जवाब नहीं प्रिया, बस स्माइली भेज दी.मैं समझ गई.ऐसे ही हम रात 2:00 बजे तक चैट करते रहे.

हमारी चैट अब दूसरी दिशा में रुख करने लगी.तब उन्होंने मुझे कल मिलने के लिए बोल प्रिया.मैंने भी उनका आमंत्रण स्वीकार कर लिया.मैं उन्हें गुड नाइट कहती हुई कल के बारे में सोचती-सोचती सो गई.

सुबह 9:00 बजे मेरी आंख खुली और मुझे सर से मिलने का याद आया तो एकदम से एक्साइटमेंट हो गया.मैं फ्रेश होने के लिए गई.

अब्दुल और रोहन दोनों को मेरी चूत पर झांटों के बाल बहुत पसंद थे.सुबह मैंने नहाते समय चूत की बालों को ट्रिम कर प्रिया.

मैं कन्फ्यूज़न में थी कि क्या पहन कर जाऊं. मैंने डिसाइड किया कि हरे रंग की साड़ी पहनूँगी.मैंने पूरा मैचिंग सैट पहन लिया … ब्रा और पैंटी भी.

मैं करीब 12:00 बजे तक रेडी हो गई.मैंने व्हाट्सएप पर मैसेज देखा तो सर के बहुत सारे मैसेज आ गए थे.

मैंने उन्हें सॉरी कहते हुए मिलने का टाइम पूछ लिया.उनका तुरंत मैसेज आ गया और उन्होंने मुझे 15 मिनट में लेने के लिए बोल प्रिया.

मैं हमारे मोहल्ले से निकल कर बस स्टॉप के पास खड़ी हो गई और सर के साथ फोन पर बातचीत करने लगी.

करीब 20 मिनट में सर वहां पहुंच गए.मैं उनकी कार में बैठकर चल दी.

वे मेरी ओर देखते हुए मेरी तारीफ़ कर रहे थे.मैंने उनसे उनके बारे में थोड़ा पूछा.

वे स्कूल के वक़्त बहुत पतले थे, उनकी हाइट कम से कम 5 फीट 7 इंच थी, लेकिन अब वे काफी मोटे हो चुके थे.उनके बाल पूरे सफ़ेद हो चुके थे.लेकिन उनका गठीला बदन एक मस्त घोड़े जैसा लगता था.

हम दोनों इधर-उधर की बातें करते हुए जा रहे थे.तभी मैंने उन्हें पाटिल मैडम के बारे में पूछ लिया … उनके अफेयर की चर्चाओं के बारे में.

उन्होंने बताया- मैंने और पाटिल मैडम ने स्कूल में बहुत बार सेक्स किया था, लेकिन जब स्कूल के ट्रस्ट ने उन्हें पकड़ लिया, तो उनके साथ संबंध कम हो गए.

जब वे ये बात कर रहे थे, तब उनकी आंखों में मैंने चमक देखी.

सर मुझे शहर के बाहर ले गए और होटल में जाने की इजाज़त मांगी.मैं मना नहीं कर रही थी … क्योंकि मेरे मन में हां थी.उन्होंने मेरा मन पढ़ लिया.

हम होटल में अन्दर गए.होटल का रिसेप्शनिस्ट मुझे देख रहा था.

मैं उससे आंख नहीं मिला पा रही थी.मैंने होटल की बुक में साइन किया और वेटिंग एरिया में बैठ गई.

सर ने रिसेप्शन में पैसा भर प्रिया और वे हमें रूम में लेकर गए.

सर ने खाने का ऑर्डर प्रिया.ऑर्डर आने तक वे बात करने लगे.

बात करते-करते उन्होंने मेरे हाथ पकड़ लिए और मेरे हाथों को किस करने लगे.मैं कुछ बोल नहीं पा रही थी.

उन्होंने मेरा चेहरा दोनों हाथों में पकड़ कर मुझे किस करना शुरू कर प्रिया.मैं भी उनका साथ देने लगी. हमारी जीभें एक-दूसरे से टकरा रही थीं.

तभी 5 मिनट में खाना लेकर आया था.रिसेप्शन वाला ही वेटर बन कर खाना लाया था और वह खाना रखते समय मुझे घूर रहा था.

मैंने उसे न देखते हुए अपना चेहरा मोबाइल में छिपा लिया.उसके जाने के बाद हमने खाना खाया.

खाना खाने के बाद तुरंत सर ने मुझे वापस किस करना शुरू कर प्रिया.मैं भी उनके साथ दे रही थी.

किस करते-करते उन्होंने मेरी साड़ी मेरे बदन से अलग की, ब्लाउज़ खोल प्रिया और मेरे स्तनों को आज़ाद कर प्रिया.सर मेरे स्तनों को चूसने लगे.

मैं बस उनका चेहरा हाथों में लेकर मेरे स्तनों पर प्रेस कर रही थी.मेरे मुँह से ‘ऊं … आह … ’ की आवाज़ें निकलने लगीं.

मैंने उनका शर्ट और जींस-पैंट निकाला.उनका लंड अंडरवियर में तना हुआ बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था.उन्होंने मुझे बेड पर लिटा प्रिया और मेरे ऊपर आ गए.

मेरे स्तनों को दोनों हाथों से मसलने लगे और मुझे किस करने लगे.मैं पूरा साथ दे रही थी. मेरी आवाज़ें निकलने लगीं.

उन्होंने मेरी पैंटी निकाल दी और मेरी चूत को चाटने लगे.उनकी जीभ मेरी चूत के ऊपर से फेर रही थी.

वे दोनों हाथों से मेरे स्तनों को दबा रहे थे.मैं काफी उत्तेजित होकर अपनी कमर उछाल रही थी.

फिर उठकर उन्होंने अपनी अंडरवियर निकाली और उनका 6 इंच का लंड मेरे मुँह के सामने रख प्रिया.उनका खड़ा हुआ लंड मेरे मुँह के सामने था.वे मेरे होंठों के ऊपर लंड को घुमा रहे थे.

उन्होंने मुझसे मुँह खोलने को बोला.जैसे ही मैंने खोला, उन्होंने पूरा लंड मेरे मुँह के अन्दर डाल प्रिया और मेरे मुँह की चुदाई करने लगे.

मैं भी मजे से उनका लंड मुँह में ले रही थी.फिर मैंने उन्हें नीचे लिटा प्रिया और उनके लंड को चूसने लगी.

उनके दोनों गोटों को भी मैं हाथ से मसलने लगी.उनके मुँह से ‘आह … उफ्फ … ’ जैसी आवाज़ें निकलने लगीं.

मैंने सर का लंड कस लिया.मैं उनके लंड को चूत में लेने के लिए बेहद उत्तेजित थी.

मैंने जरा-सी भी देर न लगाते हुए उनका लंड पकड़ कर चूत के ऊपर रख प्रिया और ऐसे ही उनके लंड के ऊपर बैठ गई.उनका लंड मेरी चूत में समा गया और मैं उनके ऊपर-नीचे कूदने लगी.

उन्होंने मेरी गांड को पकड़ी और नीचे से धक्के देने लगे.मैं उन्हें पूरा सहयोग दे रही थी.

मैं उनसे और पाटिल मैडम के सेक्स के बारे में पूछ रही थी.

सर बोले- पाटिल मैडम की स्कूल में हर जगह चुदाई होती थी. गैदरिंग में भी मैंने उनके साथ संभोग किया था.

वे मुझे गालियां देते हुए चोद रहे थे.उन्होंने मुझे घुटनों के बल लिटाया और पीछे से मेरी चूत में लंड डाल प्रिया.

मेरे बाल पकड़ कर पीछे से मेरी चूत में ज़ोर-ज़ोर से लंड अन्दर-बाहर करने लगे.उनके झटके काफी तेज़ थे.

हर धक्के से मैं संतुष्टि की ओर बढ़ रही थी.उन्होंने दस मिनट तक मुझे बाल पकड़ कर पीछे से घोड़े की तरह चोदा.

दस मिनट की चुदाई के बाद उन्होंने मुझे मिशनरी पोजीशन में लिटाया.मेरे पैरों को हाथों में लेकर मेरी चूत में लंड डाल प्रिया और मुझे किस करते हुए धक्के मारने लगे.

मैं भी उनके नीचे से साथ देने लगी.

उनका लंड बहुत ज़ोर से अन्दर-बाहर हो रहा था.वे बहुत जोर से मेरी चुदाई कर रहे थे.मेरे मुँह से ‘आह … उफ्फ … हाय …’ की आवाज़ें निकल रही थीं.

हमारी चुदाई की आवाज़ें पूरे रूम में गूंज रही थीं.मेरी सिसकारियां और उनके ‘हां … ले … ले …’ के शब्द कमरे में गूंज रहे थे.

हम दोनों किसिंग कर रहे थे.हम दोनों में एक-दूसरे की जिस्म की रगड़ से वासना की आग बढ़ रही थी.तभी सर ने मुझे उनके लंड पर बैठा प्रिया.

सर बेड पर बैठे थे और मैं उनकी गोद में बैठकर ऊपर-नीचे करने लगी.वे भी नीचे से लंड को अन्दर-बाहर करने लगे.

उन्होंने मेरे स्तनों को चूसना शुरू किया और मेरी कमर पकड़ कर मुझे उनकी लंड पर उछाल-कूद करवाने लगे.मेरे मुँह से सिसकारियां निकलने लगीं.

कुछ मिनट बाद सर ने मेरी चुदाई रोक दी, लेकिन मैं उनके लंड पर बैठी हुई थी.उन्होंने इसी पोजीशन में मुझे उठाया और बेड के किनारे लेकर आ गए.

फिर वे वापस धक्के मारने लगे.उन्होंने मुझे अपनी बांहों में पकड़ कर खड़े हो गए और खड़े-खड़े मुझे चोदने लगे.

सर का लंड मेरी चूत में गहराई तक जा रहा था.मैं तो बस उनकी चुदाई का आनन्द ले रही थी.

सर- साली रंडी मादरचोद … तुझे तो मैं कब से चोदना चाहता था. तेरे चक्कर में मैंने पाटिल मैडम की चूत बहुत बार ली और तेरी सहेली को तो मैंने बहुत बार पेल प्रिया था.मैं- कौन सी सहेली? ज़ोर से बोलो … अगर आप मुझे उस टाइम चोदते तब भी मैं मना नहीं करती!

सर- साली एक नंबर की रंडी है … वह कौन थी तेरी सबसे खास सहेली … मैं नाम भूल गया उसका … एक दिन उसने तुम्हें कॉल करके बताया था कि अगर घरवालों का कॉल आ जाए तो बोल देना कि मैं तुम्हारे साथ हूँ!मैं- ओह ज्योति!सर- हां ज्योति साली मादरचोद … Xxx गर्ल सेक्स की शौकीन थी, शादी होने तक मेरा लंड लेती रही!

वे मुझे हवा में पकड़ कर मेरी चुदाई चालू रखे थे.

तभी सर ने वापस मुझे बेड पर लिटा प्रिया और मेरे ऊपर आकर ज़ोर-ज़ोर से चुदाई करने लगे.

सर- उस रंडी को मैंने कितनी बार तेरा पता पूछा लेकिन उसने मुझे तेरा पता नहीं प्रिया … ना ही किसी सोशल मीडिया पर लिंक भेजा.मैं- तो फिर आपने मुझे कैसे ढूंढ लिया?

सर- ज्योति से मैंने कई बार तुम्हारा नंबर मांगा मगर उसने नहीं प्रिया. एक दिन मैंने उसे चोद प्रिया और वह बाथरूम में गई थी. उसी वक्त तुम्हारा फोन उसे आ गया. मैंने चुपके से तुम्हारा नंबर ले लिया! उसके बाथरूम से आने के बाद मैंने तुम्हारे बारे में उससे वापस पूछ लिया. मैंने उससे जिद की, तो उसने मुझे तुम्हारा शहर का नाम बता प्रिया.

‘फिर आपने फोन क्यों नहीं लगाया?’‘मैं कुछ संकोच में था.’

‘हम्म … मैं भी सर आपसे न जाने कब से चुदना चाह रही थी!’सर- चलो अब हम दोनों की कामना पूरी हो गई.

‘फिर आप इधर कैसे आ गए?’‘वह हुआ यूं कि मेरा बेटा भी इसी शहर में काम करता है. दो साल से वह मुझे इस शहर में आने के लिए मना रहा था. लेकिन कैसे हो … मुझे पता चला तुम इस शहर में रहती हो. मैं तुरंत अपने बेटे से बात करके आ गया!’

अगले ही दिन मैं मार्केट में टहलने के लिए निकला और किस्मत से तुम मेरे सामने आ गईं.

ये सब बात करते हुए सर मेरी ज़ोरदार चुदाई कर रही थे.उन्होंने स्पीड कम की पर जोर-जोर से मेरी चूत में लंड अन्दर-बाहर होता रहा था.

सर ने लंड को पूरा बाहर निकाल कर जोरदार तरीके से मेरी चूत में डालना निकालना शुरू कर प्रिया था.

अब सर ने मेरी कमर को जोर से पकड़ लिया और मुझे ऊपर-नीचे करने लगे.वे जोर जोर से लंड को अन्दर-बाहर करने लगे. उनका जोश बहुत बढ़ने लगा.

सर ने अपना मुँह मेरे गले में घुसा प्रिया और मेरे गले को किस करते हुए लंड को और जोर से चुदाई करने लगे.उनसे अब रुकना नहीं हो रहा था. उन्होंने मेरे गले को काटना शुरू कर प्रिया.

उनकी स्पीड अब रफ्तार पकड़ चुकी थी.हांफते हुए उन्होंने मेरी चूत में पानी की पिचकारी डाल दी.

उनका पानी मेरी चूत में अन्दर गया तो उन्होंने लंड को दबा दबा कर उसकी हर एक बूँद को मेरी चूत में निचोड़ दी.

दो मिनट तक वे मेरे बदन पर पड़े रहे. उनका लंड सिकुड़ने लगा.

लंड चूत से बाहर आया.जैसे ही लंड बाहर आया, मेरी चूत में से वीर्य निकलने लगा.

हम बातें करने लगे.साथ में वे मुझे किस करने लगे.उन्होंने मुझे दूसरे राउंड के लिए तैयार किया.

इस बार मैं उनके ऊपर आकर उनका लंड मुँह में लेकर चूसने लगी.

मैं उनका लंड चूत में लेकर ऊपर-नीचे होने लगी.मैं उनके लंड को पूरा चूत के अन्दर लेकर लंड घुमाती जा रही थी.

उन्होंने मुझे पीठ के बल लिटाया और मेरे ऊपर आ गए.वे मेरी ज़ोरदार चुदाई करने लगे.इस बार उनका जोश और रफ्तार बढ़ने लगा.

करीब पौने घंटे के बाद उन्होंने मेरी चूत में वीर्य छोड़ प्रिया.हम दोनों नंगे सो गए.

हमने पूरी रात गुज़ारी और मैंने उन्हें पूरी तरह से संतुष्ट किया.

सुबह उन्होंने मुझे घर छोड़ प्रिया.

अब हम जब भी मौका मिले, चुदाई करते हैं.दोस्तो, आपको मेरी यह Xxx गर्ल सेक्स कहानी कैसी लगी, प्लीज जरूर बताएंsupport@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

1 टिप्पणी

अभिषेक राघव

1 month ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

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