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दोस्त और उसकी मम्मी की चुदाई देखी

इमरान खान 28

02 Apr 2013 को प्रकाशित

दोस्त और उसकी मम्मी की चुदाई देखी
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Xxx माँ बेटा कहानी में मेरे दोस्त को पोर्न देखने का शौक था. एक बार पढ़ाई के लिए मैं उसके घर रुका. रात को वो अपनी मम्मी के पास सोया. मैं भी उसी बिस्तर पर था.

हाय दोस्तो, मैं रवि हूँ. आज मैं आपको अपनी देखी हुई एक सच्ची घटना बताने जा रहा हूँ.

यह Xxx माँ बेटा कहानी आज से 2 साल पहले की है.मेरे परास्नातक का आखिरी साल चल रहा था.

मेरा एक बहुत ही खास दोस्त है, उसका नाम अंकित है.अंकित आज भी मेरा बहुत अच्छा दोस्त है.अंकित और मैं बचपन से साथ पढ़े हैं.हम दोनों बहुत जिगरी यार हैं.

अंकित और मैं साथ में ही एमए कर रहे थे.हम दोनों एक साथ ही पढ़ाई किया करते थे.कभी वह मेरे घर आ जाया करता था तो कभी मैं उसके घर चला जाता था.

स्टडी के बाद हम दोनों पोर्न मूवी भी देखते थे.वह इस मामले में बड़ा हरामी किस्म का लड़का है.वह पढ़ाई में कमजोर था.

उसे सेक्सी पोर्न मूवी देखने का बहुत शौक था.उसकी क्रोम हिस्ट्री पोर्न और सेक्सी स्टोरी से भरी-भरी रहती थी.

एक बार जब वह स्टडी के लिए मेरे घर आया था तो हमारे बाथरूम में जाकर उसने मेरी माँ की पैंटी में मुठ मारी थी और मेरी मम्मी की ब्रा को अपनी जेब में डालकर ले गया था.

उस दिन मुझे कुछ अजीब सा लगा था लेकिन मैं चुप रह गया था.

उन दिनों हमारे एग्जाम नजदीक आ गए थे.मैं अंकित के घर स्टडी के लिए गया हुआ था.

मुझे आया देख कर उसके पापा ने पूछा- कैसी चल रही है पढ़ाई?मैं मुस्कुराते हुए बोला- ठीक चल रही है अंकल.

अंकित के पापा ने कहा- रवि, जरा अंकित को भी समझाया कर … यह लड़का बिल्कुल स्टडी नहीं करता. दिन-रात सिर्फ मोबाइल में लगा रहता है.

थोड़ी देर बाद अंकित की मम्मी भी वहां आईं और कहने लगीं- हां रवि, थोड़ा अंकित को भी स्टडी करवा प्रिया करो बेटा. तुम दोनों के एग्जाम भी नजदीक आ रहे हैं.

अंकित की मम्मी लगभग 45 साल की हैं. उनका शरीर बहुत गदराया हुआ है.उसकी मम्मी के चूचे बहुत ही बड़े हैं और वे अपने चूचों के ऊपर बहुत ही फिट ब्लाउज पहनती हैं, जिसमें से उनके चूचे बाहर आने को बेचैन दिखाई देते हैं.

सच कहूँ तो अंकित की मम्मी एकदम करारा माल हैं.मैं उनसे आंटी कहता हूँ.

आंटी साड़ी को अपनी नाभि से नीचे बांधती हैं, जिससे उनकी नाभि साफ नजर आती है.चुस्त लपेटी हुई साड़ी में आंटी की गांड का तो जवाब ही नहीं है यार … एकदम बाहर को निकली हुई इतनी गजब दिखाई देती है कि बस क्या ही कहूँ.

मैं तो अंकित की मम्मी के हुस्न का दीवाना हूँ.जब भी मैं अंकित की मम्मी को देखता था तो उनके घर में जाकर सबसे पहले लौड़े को निकाल कर मुठ जरूर मारता था.

उसकी मम्मी हम दोनों को अभी भी ब.च्चा ही समझती थीं.इसीलिए हमारे सामने वे बिना किसी झिझक के आ जाती थीं.

शुरू में मुझे ऐसा लगता था लेकिन जब मैंने उनकी चुदाई को देखा था, तो समझ में आ गया था कि आंटी बड़ी वाली रांड हैं.

उस दिन मैं आंटी से बात करता रहा और उनके दूध देखता रहा.

थोड़ी देर बाद अंकित की मम्मी ने कहा- देखो ब.च्चो, आज से खूब पढ़ाई करो. रात-दिन मेहनत करो और अच्छे नंबर लाओ.

फिर मेरी तरफ देखते हुए बोलीं- रवि बेटा, तुम कॉलेज के बाद हमारे घर आया करो. यहीं खाना भी खा लिया करो. फिर अंकित के साथ पढ़ाई किया करो ताकि तुम इसे वह बता सको जो इसे नहीं समझ आता. मिलकर पढ़ने से अच्छी पढ़ाई भी होती है.मैं बोला- ठीक है आंटी मैं कल से ऐसे ही करता हूँ.

दूसरे दिन करीब शाम 6 बजे मैं अंकित के घर आ गया.उस वक्त आंटी दरवाजे पर खड़ी थीं.उनकी नाभि साफ नजर आ रही थी.

आंटी मुझे देखती ही बोलीं- आ गया बेटा रवि, आओ अन्दर आओ बेटा.मैं बोला- आंटी, अंकित कहां है?आंटी बोलीं- वह बाथरूम गया है.

थोड़ी देर बाद अंकित आया और हम दोनों पढ़ाई करने लगे.

आंटी कुछ देर बाद उठकर चली गईं.मैं और अंकित 10 बजे तक पढ़ाई करने के बाद मस्ती के मूड में आ गए.

अंकित बोला- चल यार रवि, अब नींद आ रही है.मैं बोला- चल, छत पर सो जाते हैं.

अंकित बोला- नहीं यार उधर नहीं!मैं बोला- फिर किधर सोएं?

फिर अंकित मुझे उस रूम में ले गया, जहां उसके पापा और मम्मी सोते थे.

मैं बोला- यहां सोना है क्या?अंकित बोला- हां, मैं तो रोज़ाना मम्मी के साथ ही सोता हूँ.

मैं बोला- ओके … मैं कहां सोऊं?अंकित बोला- तू मेरे बगल में सो जा न यार!

मैं अंकित के बगल में लेट गया.

अंकित मेरे और अपनी मम्मी के बीच में लेट गया.उसके पापा उसकी मम्मी के दूसरी तरफ लेटे हुए थे.

कुछ देर बाद उसके पापा-मम्मी सो चुके थे.

अंकित बोला- चल, थोड़ा वह देखते हैं!मैं समझ गया कि बहन का लंड ब्लूफिल्म देखने की कह रहा है.

मैं बोला- नहीं यार, तेरे बगल में तेरी मम्मी सोई हुई हैं.अंकित बोला- वे सो चुकी हैं बे … तुझे देखना है तो देख, मैं तो देख रहा हूँ!

मैं बोला- ठीक है, तू देख … मैं सोता हूँ.

मैंने चादर ली और सोने लगा.अंकित पोर्न देख रहा था.

करीब रात एक बजे मेरी आंख खुली, तो मैंने देखा कि अंकित अपनी मम्मी से चिपका हुआ था.उसकी मम्मी उसकी तरफ गांड करके सोई हुई थी.

मैंने अपनी चादर को थोड़ा हटाया और देखने लगा.अंकित अपनी मम्मी की गांड पर लंड घिस रहा था.अंकित ने अपनी पैंट उतार दी थी.

मुझे तो ये सब अजीब लग रहा था.

अंकित अपनी चड्डी को भी नीचे कर चुका था.उसकी गांड मेरी तरफ ही थी.वह अपना लंड आंटी की गांड पर रगड़ रहा था और उनकी जांघ पर हाथ फेर रहा था.

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मुझे लगा कि शायद आंटी गहरी नींद में सो रही हैं.

कुछ देर अंकित ऐसे ही अपनी मम्मी की गांड पर लंड रगड़ता रहा.मैं चादर अपने चेहरे से थोड़ी नीचे करके सब देख रहा था, लेकिन अंकित को लगा मैं सो रहा हूँ.

फिर उसने धीरे-धीरे आंटी की साड़ी उनकी कमर तक उठा दी.आंटी ने लाल रंग की पैंटी पहन रखी थी.

आंटी की टांगें बहुत मस्त लग रही थीं, गोरी और मुलायम!

मेरा लंड भी खड़ा हो गया लेकिन मैं चुपचाप अंकित की हरकतें देखता रहा.मुझे ये सब देखने में मजा आ रहा था.

अंकित ने मेरी तरफ देखा तो मैं सोने का नाटक करने लगा.

अब अंकित ने आंटी को सीधा किया और उनका ब्लाउज खोलने लगा.इतने में आंटी जाग गईं.

आंटी बोलीं- क्या कर रहा है अंकित?अंकित बोला- मम्मी, मेरा चुदाई करने का मन कर रहा है.आंटी बोलीं- लेकिन आज रवि भी तेरे बगल सोया हुआ है.

मैं आंटी और अंकित की बातों से समझ गया कि ये दोनों माँ-बेटे पहले भी चुदाई कर चुके हैं.

अंकित बोला- रवि सो चुका है मम्मी … और पापा तो नींद की दवाई खाकर सोए हैं. मुझे चोद लेने दो न!आंटी बोलीं- नहीं अंकित, रवि देखेगा तो क्या सोचेगा हमारे बारे में?

अंकित बोला- रवि नहीं उठेगा मम्मी, वह एक बार सोता है तो दुबारा नहीं उठता, मैं जानता हूँ.उसकी मम्मी बोलीं- और यदि उठ गया तो!

रवि ने हंस कर कहा- तो उसे भी अपनी चुत का स्वाद चखा देना!आंटी हंस दीं तो मैं समझ गया कि आंटी बड़ी वाली रांड हैं और उन्हें आसानी से चोदा जा सकता है.

रवि ने कहा- अब दो न मम्मी!आंटी बोलीं- तुझसे एक दिन भी सब्र नहीं होता, रोज़ पोर्न देखकर पागल हो जाता है … किसी दिन तेरे पापा को पता चल गया तो देखना फिर क्या होता है!

अंकित बोला- मम्मी, मुझे पोर्न देखे बिना और तुम्हें चोदे बिना नींद ही नहीं आती.आंटी बोलीं- लेकिन आज नहीं अंकित प्लीज.

अंकित बोला- नहीं मम्मी, ऐसा मत कहो … प्लीज़ प्लीज़.आंटी बोलीं- बहुत ज़िद्दी है तू.अंकित बोला- मम्मी प्लीज़.

आंटी बोलीं- ठीक है … लेकिन कोई आवाज़ नहीं आनी चाहिए.अंकित बोला- ओके मम्मी.आंटी बोलीं- चल, जल्दी कर!

अंकित ने आंटी का ब्लाउज उतार प्रिया.आंटी ने ब्रा नहीं पहनी थी.उनके चूचे आज़ाद हो गए.

आंटी का एक चूचा मुझे साफ दिख रहा था … बड़ा, मुलायम और सफेद.मैं चादर के अन्दर अपने लंड पर हाथ फेर रहा था.

अंकित ने आंटी का ब्लाउज उतार कर बगल में रख प्रिया.अब अंकित अपनी मम्मी के चूचों को बारी बारी से अपने मुँह में लेकर चूस रहा था.

आंटी के बड़े-बड़े चूचे अंकित के हाथ में नहीं समा रहे थे.अंकित एक चूची मुँह में लिए हुए था और दूसरी चूची को हाथ में पकड़े था.

अंकित बोला- क्या मुलायम चूचे हैं तुम्हारे मम्मी … आह्ह्ह्ह उम्म्म.

आंटी भी मदभरी सिसकारियां ले रही थीं.मेरा खुद चादर के अन्दर बुरा हाल हो गया था.

आंटी बोलीं- आआ आह्ह्ह … बेटे मेरे निपल्स चूस न!

अंकित अब आंटी के निपल्स को चाटने चूसने लगा.उसने शायद आंटी के निप्पल को मुँह में दबा कर खींचा, तो आंटी की कुछ तेज स्वर में ‘आआहह …’ निकल गई.

अब वे दोनों पूरे मजे ले रहे थे और भूल चुके थे कि मैं और अंकल उसी कमरे में सोए हैं.माँ-बेटे दोनों खुलकर सेक्स कर रहे थे.

कुछ देर चूचियों से खेलने के बाद अंकित आंटी की चूत चाटने लगा.

मैंने देखा कि अंकित कुत्ते की तरह ज़बान निकाल कर आंटी की चूत चाट रहा था और आंटी आंखें बंद करके उसके बालों में हाथ फेर रही थीं.

आंटी मस्त आवाज में कराहीं- आआ आह्ह्ह … आह्ह्ह … आह्ह्ह … और चाट बेटे … और चाट अपनी मम्मी की चूत … आह्ह्ह उम्म्ह्ह … बेटा मेरी चूत के दाने को जीभ से सहला … अह्ह्ह … आआ आह्ह्ह!’

थोड़ी देर बाद अंकित उठा और अपना लंड लेकर आंटी के मुँह के पास खड़ा हो गया.आंटी ने अंकित का लंड मुँह में भरा और लॉलीपॉप की तरह चूसने लगीं.

अंकित आंटी के एक दूध को मसलता हुआ बोला- आह्ह्ह … मम्मी क्या लौड़ा चूसती हो तुम … आह्ह … इसी लिए तो मुझसे रहा नहीं जाता तुम्हें चोदे बिना!आंटी बोलीं- बेटा अब मुझसे रहा नहीं जा रहा … मेरी चूत अब तेरा लंड माँग रही है … जल्दी से चोद दे मुझे.

अंकित ने आंटी की टांगें फैलाईं और पहले चूत पर किस किया, फिर वह अपना लंड आंटी की चूत पर सैट करने लगा.

मैंने अधखुली आंख से देखा कि अंकित अपने लंड से आंटी के चूत के दाने को रगड़ रहा था.

आंटी बोलीं- ह्ह्ह्ह … आह्ह … बेटा आअ ह्ह्ह्ह … डाल भी दे ना मेरी चूत में … उम्म्म्म्ह.

यह सुनते ही अंकित ने आंटी की चूत में अपना लंड पेल प्रिया.

आंटी बोलीं- आअह्ह्ह्ह … अह्ह्ह … उई मांआआअ!

अंकित अब आंटी की सटा-सट चूत मार रहा था और आंटी भी भरपूर मजे ले रही थीं.

कुछ देर बाद अंकित आंटी की चूत में झड़ गया और आंटी भी झड़ गईं.

वे दोनों कुछ देर हांफते रहे, फिर अलग होकर सो गए.मैंने भी मुठ मारी और सो गया.

अब मैं आंटी की लेने की सोच रहा हूँ, आप लोग बताएं कि मैं उनकी ले लूं या नहीं!

प्लीज मेरी Xxx माँ बेटा कहानी पर कमेंट्स व मेल करके जरूर बताएंsupport@mohakkisse.com

लेखक की पिछली कहानी थी:भतीजे के लंड से बुआ की चुत का इलाज

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पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

वासना सिंह

3 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

प्रवेश राणा

3 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

अनिल भुजिंग

3 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

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