होम पर वापस जाएं
Office Sex पठन समय: 13 मिनट पढ़ा गया: 600 बार

ऑफिस में एचआर की चूत चोदी

देल्ही सेक्स चैट

19 Jun 2010 को प्रकाशित

ऑफिस में एचआर की चूत चोदी
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

Xxx ऑफिस फक़ स्टोरी में पढ़ें कि वर्कलोड के कारण मैं ओवरटाइम कर रहा था और अकेला था। मुझे कुछ आवाज आई तो मैं एचआर के केबिन के पास पहुंचा। वह चूत में उंगली कर रही थी।

दोस्तो, मेरा नाम प्रणय है।

मैं सीधे Xxx ऑफिस फक़ स्टोरी पर आता हूं।

ऑफिस में काम करते करते मैं बहुत थक गया था।अपने केबिन में बैठा हुआ मैं इसी उधेड़बुन में था कि जिंदगी में मैंने कौन से फैसले लिए और आज कहां हूं।

तभी बाहर हॉल के दूसरे कोने से एक आवाज मेरे कानों में पड़ी।वो हमारी एचआर जैनब का केबिन था।

मुझे तो ये भी होश नहीं था कि इस वक्त भी ऑफिस में कोई हो सकता है।

मैं चलकर पास गया और दरवाजा थोड़ा धकेल कर देखा।लेकिन दरवाजा लॉक्ड था।

मगर ऑफिस के पर्दे के बीच में जो गैप था उसमें से कुछ नजर आ सकता था।

मैंने देखा कि जैनब कुर्सी पर बैठी थी और उसकी आंखें बंद थीं।उसके होंठ हल्के से खुले हुए थे जैसे उसको मजा आ रहा हो!वह धीरे से होंठों को काट भी रही थी।

उसका हाथ डेस्क के नीचे आहिस्ता आहिस्ता ऊपर नीचे हो रहा था।मैं तो यकीन ही नहीं कर पा रहा था कि वो औरत ऑफिस में बैठी हुई हस्तमैथुन कर रही थी।

फिर उसने कमर पीछे की तरफ सटा ली और अपने बदन पर हाथ फिराने लगी।मेरी पैंट में उभार आने लगा लेकिन मैंने थूक भीतर निगला और सामने का नजारा देखता रहा।

एकदम से जैनब की नजर मुझ पर पड़ गई।उसने ऊपर देखा और मुझ पर मंद आवाज में बिफरी!

उसने अपनी हरकत को छुपाने की पूरी कोशिश की लेकिन वो जानती थी कि वो रंगे हाथ पकड़ी गई है।फिर उसने एक गहरी सांस ली और नॉर्मल हो गई।

जैनब- तुम अंदर आ सकते हो?मैं भीतर गया तो उसका चेहरा शर्म से लाल हो रहा था।

मैंने उसके चेहरे की खामोशी को देखा।वह कुछ कहना चाहती थी लेकिन होंठ खुलकर रह गए।

फिर अंत में बोली- ठीक है, तो इस बात को यहीं पर पर्दे के नीचे रखने के लिए क्या लोगे तुम?मैं- मुझे ओवरटाइम से छुटकारा चाहिए।

जैनब- वो तो पॉसिबल नहीं है। तुम ऑफिस में एकलौते डेवलेपर हो, और हमें काम तय समय में पूरा करना है।मैं- तो अगर आप चाहती हो कि मैं काम करता रहूं, तो मुझे एक ब्रेक चाहिए।

जैनब- ठीक है, छुट्टी के अलावा कुछ भी मांग लो, मैं देने के लिए तैयार हूं।मैं मुस्करा प्रिया।

जैनब- इसमें हंसने वाली कौन सी बात थी?मैं- कुछ नहीं, मैं तो बस इस बात पर हैरान हूं कि अगर कोई एचआर के पास सेक्सुअल हैरासमेंट की शिकायत लेकर आए, तो मैं ये किसे बताऊं कि एचआर तो खुद ही ऑफिस में हस्तमैथुन करती है!

जैनब (कुछ देर चुप रहकर)- मैं छुट्टी देने के अलावा कुछ भी कर सकती हूं।

मैंने जैनब के लैपटॉप में झांका तो उस पर एक एक्सएक्सएक्स साइट खुली हुई थी।यह www.DscGirls.Live थी।

स्क्रीन पर एक टॉपलेस लड़की बैठी दिख रही थी, वो कैमरा में देख रही थी।मैं- ये कौन है?सामने से कैम गर्ल बोली- मैं रूमी हूं। आप मेरी क्लाइंट को ऐसे परेशान मत करो। इस सिचुएशन के लिए मेरे पास एक आइडिया है।

मैं अब उत्सुक हो गया था।मैंने पूछा- कैसा आइडिया?जैनब- मैं जानती हूं शायद … क्या मतलब है उसका … ऑफिस में अभी कोई और भी है क्या?

मैं- नहीं, पिछली कुछ रातों से तो मैं ही रहता हूं यहां। मुझे छोड़ बाकी सभी रोज घर जाते हैं। लेकिन तुम यहां क्यों हो?जैनब- ये मैं तुम पर ही छोड़ती हूं … आओ बैठो…

यह कहकर जैनब खड़ी हुई और मुझे चेयर पर बैठा प्रिया।कैम गर्ल रूमी ने स्माइल दी और अपनी चूचियों को सहलाते हुए मेरी तरफ आंख मार दी।

मेरा लंड फिर से तनाव में आने लगा।मेरी पैंट में बना लंड का उभार अब साफ दिख रहा था।

एचआर ने मेरी पैंट की चेन पर हाथ रख लंड को पकड़ लिया और टोपे को भींच प्रिया।उसने मेरी आंखों में अंदर तक झांक कर देखा।

फिर उसने जल्दी से कार्ड निकाला और रूमी को एक्स्ट्रा क्रेडिट भेज दिए ताकि वह तय समय से ज्यादा देर तक वहां रुकी रहे।

एचआर जैनब- तो हम ऑफिस की सारी टेंशन को यहां निकाल सकते हैं … क्या कहते हो?कहते हुए वह मेरी गोद में बैठ गई और मेरे होंठों पर कसकर किस करने लगी।

फिर वह पीछे हटी और मुस्कराने लगी।मैंने भी उसकी गांड पर हाथ जमा दिए और जोर से भींचने लगा।

वह मेरी गर्दन के पास आकर जोर से सांसें भर रही थी।हम दोनों एक दूसरे से लिपटने लगे।वह मेरी गर्दन पर चूमने लगी और मेरे कानों पर हल्के से काटने लगी।

मैंने लैपटॉप में देखा तो रूमी मुस्करा रही थी और अपने बदन को हौले हौले सहला रही थी।

मैं बहुत टाइम से झल्लाया हुआ था।ऑफिस के वर्कलोड के कारण दिमाग की दही हो चुकी थी।

मैं अपनी एचआर की चुदाई करने का ये मौका नहीं जाने दे सकता था।

तब मैं उठा और जैनब को उसी के डेस्क के ऊपर झुका लिया।उसने एक आह भरी, लेकिन मेरा कोई विरोध नहीं किया।

फिर उसने पीछे की ओर देखा और मुस्करा दी।उसकी मुस्कान में एक शरारत भरी हुई थी।

मैंने उसके बालों को पकड़ कर खींच लिया।

जैनब- फक! इसमें तो बड़ा मजा आ रहा है। और खेलो मेरे बदन के साथ!रूमी- हां, जोर से चोद डालो इसे! बड़ा मजा आ रहा है!

अब रूमी ने भी अपनी टांगें खोल दीं।उसकी चूत से पानी टपक रहा था।

मैंने जैनब का टॉप खींचकर उतार प्रिया और उसकी चूचियां नंगी कर दीं।

मैं उसे किस करने लगा।

यह देख रूमी ने भी अपनी गीली चूत में दो उंगलियां अंदर सरका दीं और एकदम से सिसकार उठी।मैं जैनब की चूचियां दबा रहा था और दबाते दबाते महसूस हुआ कि उसकी चूचियों के निप्पल सख्त हो गए।

उसने पीछे से हाथ घुमाया और मेरे लंड को पकड़ लिया।मैंने जल्दी से उसकी जींस खोल दी।

उधर रूमी हम दोनों की मस्ती देख अपनी चूत को रगड़ रही थी और सिसकारियां भरने लगी थी।

मैंने लंड को बाहर निकाला तो जैनब ने इसे झपट लिया।मेरा नंगा लंड अब उसके हाथ में था।लंड हाथ में आते ही मजे में उसकी सिसकार निकल गई।

यह भी पढ़ें (Recommended)

बिजनेस की सीढ़ी बना सेक्स-3

जैनब- आज दिखा दो कि इस हथियार में कितना दम है! दिखा दो कि तुम कितना फ्रस्ट्रेट हो चुके हो ऑफिस में! सारी टेंशन मेरी चूत में झाड़ दो!

उसके मुंह से ऐसी बात सुनकर मेरे अंदर का जानवर जाग गया।मैंने उसके सिर को नीचे दबा प्रिया और उसकी चूत हाथ में भरकर भींच दी।जैनब की आह निकल गई।

उसने लंड को चूत के और करीब कर लिया।

मैं- रंडी, अब मैं तुझे तेरे ही डेस्क पर चोदने जा रहा हूं!जैनब- आह्ह … ऐसी ही बातें करो, निकाल दो मेरी चूत का पानी, समझ लो कि तुम्हें ओवरटाइम का बोनस मिल रहा है!

रूमी- अब प्लीज फोरप्ले बंद करो, और इसकी चूत मारो!जैनब- रूमी! तुम तो बड़ी गंदी हो यार!

मैं अब जैनब की चूत को अपने लंड के टोपे से रगड़ने लगा और उसे तड़पाने लगा।

फिर मैंने धक्का प्रिया और लंड उसकी चूत में उतार प्रिया।जैसे ही लंड अंदर गया, उसकी चूत ने उसे भींच लिया।मुझे भी चूत का झटका लंड पर महसूस हुआ।

पता चला कि जैनब किस कदर चुदने के लिए बेताब थी।रूमी यह देखकर तेजी से चूत में उंगली चला रही थी।

मैंने तेजी से जैनब की चूत में लंड को अंदर बाहर करना शुरू कर प्रिया और उसकी आहें निकलने लगीं।

उसने टॉप को निकाल प्रिया।वह किसी तरह भी अपनी सिसकारियों को नहीं रोक पा रही थी।

चूत में लंड का मजा उसे पागल कर रहा था।

अब मैं बिना कोई रहम किए जैनब की गीली चूत में चटनी बना रहा था।मैं उसकी टांग उठवाकर डेस्क पर रखवा ली।फिर मैंने उसे जांघों पर से पकड़ लिया।

मेरा एक हाथ उसकी गर्दन पर पहुंच गया और उसका गला हल्का सा भिंचने लगा।

लेकिन उसने मेरे हाथ को पकड़ कर इशारा किया मैं और जोर से उसका गला भींचूं!

मै- रूमी, गला दबा दूं क्या इस रंडी का?रूमी- ओह फक! हां, ये बड़ी गंदी एचआर है!

जैनब- फक! बड़ा मजा आ रहा है!मैंने उसे अब पूरी नंगी कर लिया, उसने कोई विरोध भी न किया।

तब मैंने उसको फिर टेबल पर लिटा लिया।

लैपटॉप को रूमी के देखने के लिए एडजस्ट किया और जैनब पर टूट पड़ा।मैंने उसका निचला होंठ चूस डाला, उसके नंगे बदन पर इंच-इंच चूमा और चाटा।

मैंने झटके से उसकी गांड को अपनी ओर खींच लिया और दोनों जांघें खोल दीं।लैपटॉप में देखा तो रूमी ने एक मोटा डिल्डो उठाकर अपनी चूत में डाल लिया था और उससे चुद रही थी।

मैंने भी जैनब को उसी रिदम में चोदना शुरू कर प्रिया।हम दोनों की जीभ एक दूसरे से मुंह में लिपट रही थीं।

उसकी टांगें चौड़ी किये मैं उसे टेबल पर लिटाकर धका-धम पेल रहा था।जैनब को लंड का ऐसा मजा आने लगा कि वो जोर जोर से सिसकारें लेते हुए पागल सी होने लगी।

अब रूमी को मेरी चुदाई की स्पीड का रिदम पकड़ने के लिए अपने डिल्डो की स्पीड बढ़ानी पड़ी।

मेरे बदन का पसीना जैनब के बदन पर जाकर उसे गीला कर रहा था।मैं उसके निप्पलों को चूसते हुए हल्के हल्के काट भी रहा था।

लंड को और ज्यादा अंदर जगह देने के लिए उसने कमर उचका ली।हमारे वीराने ऑफिस में वो अब चुदाई के मजे में जोर जोर की आवाजें कर रही थी।

रूमी- ओह फक! तुम दोनों को देखकर मैं तो छूटने वाली हूं!

जैनब आह-आह करते हुए जोर से सिसकार भरते हुई- ओह फक! फक! आह फक! मेरी चूत में झटके लग रहे हैं! आह फक!कहते हुए जैनब का बदन कांप उठा.

उसकी चूत का पानी मेरे सख्त लंड को भिगोने लगा।मैं फिर भी उसे चोदता रहा।

फिर मैंने रूमी को दिखाने के लिए एकदम से लंड को बाहर खींच लिया और वीर्य की पिचकारी जैनब के बदन पर मारने लगा।

मैंने अपनी एचआर को अपने वीर्य से नहला प्रिया; मैंने माल को उसके बदन पर रगड़ डाला।जैनब तो छूटने के झटके से नीचे ही गिरने वाली थी।

उधर रूमी भी छूटने के बाद अब नॉर्मल होने लगी थी।

फिर जैनब उठी और प्यार से मुझे किस किया।मैंने अपना लंड फिर से उसकी चूत में दे प्रिया।

वह मुंह से मुंह लगाकर मुझे किस करती रही।

मैं उसकी चूत में लंड को जैसे ही अंदर धकेलता, वो मेरे मुंह में अपनी जीभ धकेल कर प्यार करती।बड़ा मजा आ रहा था इस खेल में!

फिर मैं उसके डेस्क पर बैठ गया।

उधर रूमी ने हमें विदा कह प्रिया।

मैं बोला- अब मैं रोज यहीं पर बैठकर काम करूंगा, और ओवरटाइम में मैं नीचे से नंगा रहूंगा।

एचआर- तो मैं कहां बैठूंगी?उसने अपने चिपचिपे बदन को पौंछते हुए पूछा.

मैं- तुम मेरी जांघों के बीच में आ सकती हो, और मेरा लंड चूस सकती हो। या फिर … मेरी गोद में बैठकर एक रंडी की तरह उछल सकती हो, और रूमी हमें देखेगी! यह प्रोजेक्ट खत्म होने तक तुम रोज ऐसे ही करोगी।

जैनब ने मेरा लंड पकड़ लिया और उसके टोपे को चाट गई।उसने एक स्माइल दी और लंड पर किस कर प्रिया।फिर वह मेरी गोद में आ गई और हम जोर से किस करने लगे।

फिर उस रात हम दोनों ने एक दूसरे को खूब प्यार किया। जब तक वो प्रोजेक्ट चला, हम दोनों के लिए यह वेबकैम सेक्स साइट हमारे लिए जैसे हमारा तीसरा पार्टनर बन गई थी। और आज भी हम इसी पर मजे करते हैं।

रूमी अभी भी हम दोनों की फेवरेट इंडियन मॉडल है, जिसके साथ हम चुदाई का पूरा मजा लेते हैं।

तो दोस्तो, ये थी मेरी Xxx ऑफिस फक़ स्टोरी।

अगर आप भी हॉट इंडियन गर्ल्स, या मॉडल्स के साथ मस्ती करना चाहते हैं, वर्चुअली उनको चोदना चाहते हैं, चाहते हैं कि आपका नाम लेते हुए वो जोर जोर से चुदती हुई चिल्लाए, तोDSC साइट पर यहां विजिट करें।

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

बिजनेस की सीढ़ी बना सेक्स-3
Office Sex

बिजनेस की सीढ़ी बना सेक्स-3

मीना ने उन दोनों से कहा- चलो बेड पर चलो.कुणाल बलिष्ठ था, उसने मीना को बाँहों में उठा लिया और तौलिया में लपेटकर बेड पर आराम से पटक प्रिया.

14 मिनट 444
बॉस ने नौटंकी करके चूत चुदवाई
Office Sex

बॉस ने नौटंकी करके चूत चुदवाई

महिलाओं को मेरा प्यार और भाइयों को चियर्स।मेरा नाम शिवम है.. मैं एक प्ले-बॉय हूँ.. लखनऊ शहर का निवासी हूँ और सामजिक रूप से मैं एक मार्शल-आर्ट्स कोच हूँ।

9 मिनट 868
Work mein worship
Office Sex

Work mein worship

Hello everyone. Kaise ho aap sab log? Mera naam Farhan hai, aur meri purani story ko bahut logon ne padha hai “Kaam se kamsutra tak“. Uska review bhi bahut acha aaya hai.

7 मिनट 273

पाठकों की राय

2 टिप्पणियां
r

rajsrivastava

2 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

विनोद कुमार

2 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।