होम पर वापस जाएं
माँ की चुदाई पठन समय: 12 मिनट पढ़ा गया: 513 बार

पिताजी की रंडी बनी मेरी रखैल

निखिल 7

03 Nov 2014 को प्रकाशित

पिताजी की रंडी बनी मेरी रखैल
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

Xxx स्टेप मॉम सेक्स कहानी मेरे पिताजी की भगाकर लायी बीवी की चुदाई की है. मेरे बाप की हरकतों की वजह से मेरी माँ भाग गयी तो मेरा बाप दूसरी ले आया घर!

दोस्तो, मेरा नाम निखिल है (बदला हुआ नाम), मैं 19 साल का हूँ और बीएससी का प्रथम वर्ष का छात्र हूँ.

मैं देसी लौंडा हूँ और खासा शरीर है. मैं दिखने में ठीक-ठाक हूँ.मेरा कद पौने छह फुट का है. मेरा लंड भी काफी मस्त है ये काफी लम्बा और मोटा है.

मुझे चुदाई की कहानियां पढ़ना अच्छा लगता है.मैं सेक्स कहानी पढ़ कर मुठ मारता हूँ. इसी चक्कर में मेरी नजर ऐसी हो गयी है कि मैं हर औरत को देखने से पहले उसके मम्मे और गांड देखता हूँ.हर रोज गांव की किसी ना किसी औरत को याद करके सुबह शाम मुठ मारता हूँ.

मेरा घर में तीन कमरे बने हुए हैं. एक भाई का, एक मेरा और एक मां और पिताजी का … और ये तीनों कमरे एक लाईन में बने हुए हैं.मेरा बीच वाला है.

मेरे और पिताजी के कमरे के बीच में एक होल बना हुआ है, जो कुछ काम से बनाया गया था. उसी होल से मैं उन दोनों की चुदाई देखता हूँ.तीनों कमरों के एक बाजू में किचन और बाथरूम जुड़ा हुआ है और दूसरी बाजू में हॉल है.

यह Xxx स्टेप मॉम सेक्स कहानी मेरी और मेरी नई मां की है.

मेरे परिवार में 4 लोग हैं, पिताजी का नाम रमेश है, जो खेती करते हैं. उनकी उम्र 43 साल है और वो अच्छे खासे शरीर के मालिक हैं. मां का नाम सुधा है, मां की उम्र 39 साल है. उनका कद केवल 5 फुट है. उनके मम्मे 36 इंच के हैं और गांड 40 की है मतलब वो मोटी दिखती हैं लेकिन सेक्सी भी बहुत हैं. कोई भी आदमी उन्हें देखेगा, तो चोदने का ख्याल आ जाना लाजिमी था.अपने माता पिता की सन्तान के रूप में हम दो भाई हैं. मेरे भाई का नाम गौरव है.

मेरी मां और पिता बहुत चुदक्कड़ हैं शायद इसी लिए मेरी मां का बदन भरा हुआ है.हुआ यूं कि मेरी मां का चक्कर किसी गैर मर्द से हो गया था और वो उसके साथ भाग गई थीं और ऐसा इसलिए हुआ था क्योंकि पिताजी भी आशिक मिजाज के थे, तो खेत में काम करने वाली सुनयना नाम की एक महिला से अपने सेक्स सम्बन्ध बनाए हुए थे.

मुझे भी सुनयना बहुत मस्त माल लगती थी. वो करीब ३० साल की होगी.मैंने कई बार खेत पर देखा था कि बापू सुनयना को पम्पहाउस में ले जाकर चोदते थे.

सुनयना के पति ने पिताजी से काफी कर्ज ले रखा था और वो नशेड़ी व जुआरी था, जिस वजह से वो पिताजी और अपनी बीवी के रिश्ते को अनदेखा कर प्रिया करता था.

एक बार सुनयना का पति जुआ में पकड़ा गया और उसे जेल हो गई.पिताजी सुनयना को घर लाने लगे.

ये बात मेरी मां से सहन नहीं हुई और वो अपने आशिक के साथ घर से भाग गई थीं.

अब सेक्स कहानी में एक मोड़ आ गया था. मुझे सुनयना मस्त माल लगती थी और वो भी पक्की छिनाल औरत थी.

मेरे बाप के लंड से उसे शायद पूरा नहीं पड़ता था इसलिए वो मेरी तरफ कनखियों से देखती थी.

मेरी असली मां के घर छोड़कर जाने के बाद अब पिताजी ने सुनयना को घर में लाकर हम दोनों भाइयों से कह प्रिया था कि यही तुम्हारी नई मां है.हम दोनों ने कुछ नहीं कहा था और सुनयना को ही मां मान लिया था.

बात पिछले साल की है. भाई पढ़ाई के लिए हॉस्टल चला गया था. मेरी 12वीं की पढ़ाई थी इसलिए मैं अपने रूम से बाहर ज्यादा नहीं निकलता था.चूंकि हमारा घर भी गांव की आबादी से दूर बना है. मतलब सबसे नजदीक वाला घर, हमारे घर से 100 मीटर की दूरी पर था.

इसका फायदा ये हुआ कि नई मां और पिताजी खूब खुल कर चुदाई करते थे.वो इतनी ज्यादा चुदाई करते थे कि मेरे कमरे में सिसकारियों की तेज आवाज आती थी.

मुझे रहा नहीं जाता तो मैं अपनी पढ़ाई छोड़ कर उसी होल से उन दोनों की चुदाई देखा करता था.

इससे हुआ ये कि मेरी मां का बदन मुझे नंगा देखने को मिल रहा था और इसी कारण मुझे मेरी सुनयना मां को चोदने की इच्छा हुयी, जो फिलहाल बापू के कारण संभव नहीं थी.लेकिन मैं रोजाना उन दोनों की चुदाई उसी तक्का से देखा करता था.

देसी भाषा में होल को हम लोग तक्का कहते हैं.

एक दिन में सुबह मुठ मार रहा था. मेरा लंड चरम पर आ चुका था.तभी अचानक से सुनयना मां मुझे उठाने के लिए मेरे रूम में आ गयी और उसने सब कुछ देख लिया.कुछ देर के लिए वो मेरा लंड और मैं उसे ही देखता रहा, फिर बाद में वो चिल्लायी- निखिल!

मैंने घबरा कर अपना लंड पैंट में डाल लिया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी.

मां- ये क्या कर रहा था?मैं- सॉरी मां, आज के बाद ऐसा नहीं करूंगा!

वो कुछ नहीं बोली और चली गयी लेकिन उस दिन से न जाने क्या हुआ उसे कि वो मुझे घूर-घूर कर देखने लगी.

कुछ दिन बाद रात को करीब एक बजे मैं मां पिताजी की चुदाई देख रहा था.वो दोनों 69 की पोजीशन में थे. वो पोजीशन कुछ ऐसी थी कि सुनयना मां मेरी तरफ देख रही थी.मैं अपने लंड की मुठ मार रहा था.

मेरे मुँह से भी हल्की आवाजें निकल रही थीं तो मां को पता चल गया कि मैं उन दोनों को सेक्स करते हुए देख रहा हूँ.

ये मुझे पता चलते ही मैं अपने बेड पर आ गया और सो गया लेकिन मुझे नींद नहीं आ रही थी.मेरे दिमाग में सिर्फ ये ख्याल आ रहा था कि उस दिन मुठ मारते वक्त पकड़ा गया था और आज भी पकड़ा गया.

लेकिन मां ने मुझे डांटा नहीं?आखिर क्यों?

शायद मां को मेरा लंड भा गया और वो मुझसे चुदवाना चाहती है!ये सोचकर मैंने अपने मन में पक्का कर लिया कि अब तो सुनयना मां को चोदना ही है.

मेरे दिमाग में प्लान बनने लगा कि किस तरह से सुनयना मां को चोदा जाए.

जब ये सोचा तो ख्याल आया कि पहले सुनयना मां को अपना लंड दिखाया जाए, ताकि उनकी चुदास सामने आ सके.फिर देखा जाएगा कि क्या स्थिति बनती है.

उस ख्याल से मैं रात को नंगा होकर सो गया. मुझे मालूम था कि सुबह मां मुझे उठाने जरूर आएगी.

और हुआ भी ठीक ऐसे ही.मां ने मेरे कमरे में आकर बिना आवाज लगाए मेरी चादर हटा दी.

यह भी पढ़ें (Recommended)

Anant sukh ki duniya mein-4

मैं उठ तो गया, लेकिन सोने का नाटक करने लगा और ऐसे दिखाने लगा कि मुझे खुद के नंगा होने का अहसास ही नहीं है.

सुबह के वक्त लंड खड़ा रहता ही है और उस वक्त तो मेरा लंड प्लानिंग के तहत पहले से खूंखार अवस्था में था.अब सुनयना मां मेरे फौलादी लंड को देख रही थी.

खड़ा लंड देख कर उसके मुँह में पानी आ गया.जो मैंने साफ़ देखा कि वो गटक गयी लेकिन वो वहीं पर बैठ कर चूत खुजाने लगी थी.

वो गर्म हो चुकी थी.इसी चक्कर में उसने मेरा लंड हाथ में ले लिया और मुठ मारने लगी.

मैं भी सही वक्त समझकर आंख खोल कर उठ गया.

अब मां मुझे देख रही थी और मैं उसको … फिर वो घबराकर बिना कुछ बोले चली गयी.मैं बहुत खुश था कि मेरा प्लान कामयाब हुआ.

फिर दो दिन बाद पास के गांव से पिताजी के दोस्त आए और उन दोनों की मुम्बई यात्रा पर जाने की बात हुई.

वो कुछ ‘जरूरी काम है …’ बोलकर पिताजी को एक महीने के लिए ले गए.

मैं बहुत खुश था कि अब तो मां को चोदना आसान हो गया क्योंकि मुझे मालूम था कि सुनयना मां को अंधेरे से डर लगता था और वो मुझे अपने साथ सोने के लिए जरूर बुलाएगी.

हुआ भी ऐसा ही.सुनयना मां ने मुझे अपने साथ सोने को बुला लिया.

रात को मां के रूम में जाने के बाद मां को झप्पी देकर बोला- आई लव यू मां.वो भी ‘आई लव यू निक्कू …’ बोली.

फिर हम एक दूसरे से लिपटकर सोने लगे.मां ने पूछ लिया- निक्कू उस दिन तू तक्का में से क्या देख रहा था?

मैं पहले तो घबरा गया लेकिन ठरकी दिमाग ने कहा कि ये सुनयना मां की चाल है और तू उसमें गिरता जा, इसकी चूत तुझे मिलने ही वाली है.

मैंने बिंदास कहा- मैं आप लोगों की चुदाई देख रहा था मां. मुझे आप बहुत सेक्सी लगती हो!

मां हंस पड़ी लेकिन उसने बनावटी गुस्से वाली आवाज में कहा- शर्म नहीं आती अपनी मां के बारे में ऐसा सोचते हुए?मैं बोला- और आपने उस दिन मेरा लंड पकड़कर अपनी चूत खुजायी थी, तो वो क्या था?मां कुछ नहीं बोली.

लेकिन मेरी हिम्मत बढ़ चुकी थी.अब मैं उसके मम्मे दबा रहा था और चूत सहला रहा था.वो विरोध भी नहीं कर रही थी

मैं आप लोगों को बता दूँ कि मेरी मां पैंटी और ब्रा कभी नहीं पहनती है. वो इस वक्त सिर्फ पेटीकोट और ब्लाउज में थी.मेरी हिम्मत और ज्यादा बढ़ गई.

अब तक मां काफी हद तक गर्म हो चुकी थी.बाद में मैंने उसके ब्लाउज को खोला और मां के मम्मे आजाद कर दिए.उसके मम्मे इतने बड़े थे कि मेरे दोनों हाथ में एक दूध भी ठीक से नहीं आ रहा था.

वो मस्त होने लगी और मैं उसके एक दूध को चूसने लगा.अब मां जोर जोर से सिसकारियां लेने लगी- आह्ह … स्स … श्स्सश!

मैंने भी मम्मे छोड़कर पेटीकोट खोल प्रिया और नीचे आकर चूत चाटने लगा.मेरी मां मेरा सिर पकड़ कर चूत पर दबा रही थी.

कुछ देर बाद हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए.वो मेरा लंड पागलों की तरह चूस रही थी और मैं उसकी चूत.अब Xxx स्टेप मॉम सेक्स का रास्ता एकदम साफ़ हो चुका था.

बाद में मां ने कहा- निक्कू मेरी प्यास बुझा दे … अब मुझसे रहा नहीं जाता.

मैं उठा और चूत पर निशाना लगाकर धक्का दे मारा.मां की चूत गीली होने की वजह से आधा से ज्यादा लंड चूत में घुसता चला गया.लम्बे लंड का दर्द मां झेल ना सकी और बहुत जोर से चिल्ला दी.

लेकिन मैंने ध्यान नहीं प्रिया क्योंकि मेरी सुनयना मां एक बड़ी चुदक्कड़ है और कुछ ही देर में वो मेरे मूसल लंड से मजा लेने लगेगी.

दूसरी बात ये कि हमारा घर, आबादी से बहुत दूर है तो किसी को मां की आवाज सुनाई दिए जाने का सवाल ही नहीं था.

मैं लगातार धक्के मारता रहा और मां ‘आह्ह … स्स … आआआ … आआह …’ करती हुई जोर जोर से चिल्लाती रही.

कुछ ही देर में आलम ये था कि मेरी मां मेरे लंड से चुदने का मजा लेने लगी थी.

करीब बीस मिनट तक धकापेल चुदाई के बाद मैंने मां से कहा- मैं झड़ने वाला हूँ मां … रस कहां निकालूँ?मेरी मां अब तक दो बार झड़ चुकी थी.

मां ने कहा- मेरी चूत में ही डाल दे!मैं सौतेली मां की चूत में ही झड़ गया.

उस रात मैंने मां को हचक कर 3 बार चूत में लंड पेल कर चोदा और एक बार गांड मारी.

तब से आज तक मैं मेरी सुनयना मां को चोदता हूँ.अब पिताजी की रंडीमेरी रखैलबन गयी है.

आपको मेरी Xxx स्टेप मॉम सेक्स कहानी कैसी लगी. कमेंट्स में बताएं.लेखक के आग्रह पर इमेल आई डी नहीं प्रिया जा रहा है.

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

मैंने अपनी अम्मी को रंडी बनाकर चोदा
माँ की चुदाई

मैंने अपनी अम्मी को रंडी बनाकर चोदा

Xxx मॅाम्मी सेक्स कहानी में मेरे अब्बू अक्सर बाहर रहते थे, अम्मी की चुदाई की तलब पूरी नहीं हो पाती थी. एक मैंने अम्मी के पास डिलडो देखा. उन्हें बाथरूम में नंगी भी देखा.

12 मिनट 244
Anant sukh ki duniya mein-4
माँ की चुदाई

Anant sukh ki duniya mein-4

Pichla bhaag padhe:-Anant sukh ki duniya mein-3

8 मिनट 726
Birthday Par Dost Ki Maa Ko Choda
माँ की चुदाई

Birthday Par Dost Ki Maa Ko Choda

Namashkaar dosto, mera naam Chetan hai aur main 23 saal ka Ambala ka rehne wala hoon. Bas yehi kahunga ki agar Ambala ka koi ye story pad rha hai to behanchod comment kar dena. Ye kahani hai kaise maine apne dost ki maa ko choda.

10 मिनट 1,076

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।