कोई मिल गया

शॉपिंग मॉल में सेल्समैन ने मेरी चूत पेल दी

लेखक: सुष्मिता 1984 दिनांक: 25-09-2016 पठन समय: 13 मिनट

Xxx टीन गर्ल बैड स्टोरी में अपने दोस्तों के साथ शॉपिंग मॉल में गई। वहां पर ट्रायल रूम में मेरे से नई ब्रा फट गई। सेल्समैन ने मुझे नंगी देख लिया और फिर उसने मुझे चोदा.

यह कहानी सुनें.

नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम सुष्मिता है.

यह मेरी पहली और सच्ची कहानी है, उम्मीद करती हूं कि आप को पसंद आएगी।

तो चलिए Xxx टीन गर्ल बैड स्टोरी शुरू करते हैं।

बात करीबन 3-4 साल पहले की है।असल वाकया बताने से पहले आपको अवगत करवा दूं कि मैं एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करती हूं।

मेरी उम्र 28 साल है।रंग से मैं गोरी हूं और बदन से फिट हूं।मर्दों की नजर का पैमाना दूं तो हर मर्द मुझे एक बार देखने के बाद दोबारा मुड़कर जरूर देखता है।

एक दिन मैंने और दोस्तों ने शॉपिंग करने का प्लान बनाया।हम लोग एक बहुत बड़े शॉपिंग मॉल में अपनी पसंदीदा कपड़ों की दुकान पर गये।

अभी हमने कपड़े देखना शुरू ही किया था कि उधर एक सेल्समैन आया और पूछने लगा- क्या मैं आपकी कुछ मदद कर सकता हूं?फिर वो वहीं पर खड़ा हो गया।

हम लोग उस वक्त इनरवियर सेक्शन में कपड़े आदि देख रहे थे।

हमने उससे कहा- कुछ मदद चाहिए होगी तो हम आपको बुला लेंगे।इतना कहने के बाद भी वो वहीं पर पास में ही खड़ा रहा।फिर मैं ब्रा देखने लगी।

उसने मेरे हाथ में ब्रा देखकर कहा- मैडम, आपको तो ये छोटी पड़ेगी। एक साइज बड़ा लेना होगा, चाहो तो आप ट्राई कर सकते हो।

मुझे भी उसकी बात सही लगी। सोचा कि बोल तो ये ठीक रहा है।मेरे दोस्त अगली शॉप में जाने के लिए कहने लगे तो मैंने उनको भेज प्रिया।

मैंने सोचा कि तब तक मैं यहां पर ब्रा ट्राई कर लूंगी और बिलिंग करवा लूंगी।अब उस शॉप में केवल दो ही लोग थे।एक मैं, और दूसरा वो सेल्समैन।

मैं ट्रायल रूम में चली गयी तो वो सेल्समैन भी पीछे-पीछे आ गया।मैंने सोचा कि कुछ तो गड़बड़ है।मैं एक टी-शर्ट और जीन्स पहन कर अंदर गयी थी।

मैंने पहले अपनी टी-शर्ट निकाली और नयी ब्रा ट्राइ करने लगी।मगर वो टाइट निकली।

उसे निकालने के चक्कर मैं वो फट गयी।

अब मैं परेशान हो गयी और मेरे मुंह से निकल गया- ओह नो, यह क्या हो गया!यह सुनते ही वो सेल्समैन झट से अंदर आ गया कहने लगा- क्या हुआ मैडम, आप ठीक तो हैं?

उसने मुझे बिना टॉप देख लिया।अब होना क्या था … मैंने तो ऊपर से कुछ पहना ही नहीं था तो उसके अचानक आने से मैं और भी डर गयी और अपने आप को उससे दूर करने लगी।

उसका ध्यान मेरे बूब्स से नहीं हट रहा था।मैं- आप ऐसे अंदर कैसे आ सकते हैं? आप अभी के अभी बाहर जाओ वरना मैं सिक्योरिटी की बुलाऊंगी।

सेल्समैन: अरे नहीं मैडम, आप इतनी ज़ोर से चीखीं तो मैं भी डर गया कि आपको कुछ हो तो नहीं गया! आपको ऐसा कुछ करने की जरूरत नहीं है। मैं बाहर जाता हूं।

वो वापस जाने ही वाला था कि लाइट चली गई।सब लोग खुली जगह में जाने लगे।वहां पर अब कोई नहीं रहा।

इसी मौके का फायदा सेल्समैन ने उठाया।उसने मेरे बूब्स को हाथों से भींच प्रिया।

फिर इससे पहले मैं कुछ कर पाती उसने मेरे बूब्स को मुंह में ले लिया।

अब मेरा एक स्तन उसके मुंह में था और दूसरे को वो हाथ से जोर-जोर से भींच रहा था।मैं उसे हटाने के लिए आवाज करने लगी तो उसने मेरे होंठों पर होंठ रख दिए और उन्हें चूमने लगा।

अब मैं सिर्फ ऊं … ऊं … कर रही थी और वो मेरे बूब्स के साथ खेल रहा था।अब मेरा विरोध धीरे-धीरे ठंडा पड़ता चला गया।

मैं कब उसका साथ देने लगी मुझे पता नहीं चला।मेरा एक हाथ अब खुद ही उसकी पीठ पर जाकर सहलाने लगा और दूसरा उसकी पैंट की तरफ जाने लगा।

उसने देखा कि मैं हाथ को उसके लंड तक ले जा रही हूं तो उसने तुरंत मेरी जीन्स को खोलकर नीचे खींच प्रिया।मैं पैंटी में रह गई और जीन्स घुटनों पर जा अटकी।

मेरा हाथ उसके लंड पर जा लगा।मैंने देखा कि पैंट में उसका लंड एकदम तना हुआ था।मैंने लंड पर हाथ फेरा तो वो बहुत सख्त था।

इधर उसने भी पैंटी के ऊपर से ही मेरी चूत पर हाथ फेरना शुरू किया।वो तेजी से मेरी पैंटी के ऊपर से ही मेरी चूत को रगड़ रहा था।

मुझे सच में अब काफी मजा आने लगा था।उसके हाथ बहुत सख्त थे और चूत को मस्त रगड़ रहे थे।

मेरी पैंटी 2 मिनट में ही गीली होने लगी थी।उसे भी शायद इस बात का पता चल गया कि पैंटी गीली होने लगी है और मैं पूरे जोश में आ चुकी हूं।

उसने कहा- मैडम, आप इतनी सुंदर हो कि शॉप में घुसते ही मेरी नजर आप पर अटक गई थी। मैं इस तरह से जबरदस्ती नहीं करना चाहता था लेकिन आपको देखकर मुझसे कंट्रोल हो ही नहीं पाया। मगर शायद आपको भी मन कर रहा है अब? है न? क्या हम आगे बढ़ सकते हैं?

उसकी ये बातें सुनकर मैं थोड़ी हैरान थी।उसको मेरे साथ इतना कुछ करने का मौका मिल गया था।लेकिन फिर भी वो मेरी सहमति मांग रहा था।मुझे उसकी ये बात अच्छी लगी।

मगर मैं उससे सीधे-सीधे शब्दों में अपनी रजामंदी नहीं दे सकती थी।ऐसे तो मैं बहुत चुदक्कड़ बन जाती उसकी नजरों में।

मैंने थोड़ा नखरा दिखाया, मैं बोली- ये कौन सा तरीका है? कोई पसंद आए तो ऐसे करते हैं उसके साथ? आप छोड़िए मुझे, जाने दीजिए, हटिए!वो मिन्नतें करते हुए मेरी चूत को रगड़ते हुए बोला- प्लीज मैडम, जो हुआ उसको भूल जाइए। मैं आपको ऐसा सुख दूंगा जो आपको अभी तक नहीं मिला होगा।

उसकी बातों से मेरी चूत में भी और ज्यादा आग लग गई।मैंने सोचा कि क्यों न इससे चुदाई का मजा लिया जाए।बहुत दिनों के बाद ऐसा चोदू मर्द टकराया है जो मेरी चूत को चुदाई का पूरा सुख देना चाहता है।

मैं बोली- लेकिन ध्यान रहे, यहां से निकलते समय न तुम मुझे जानते हो, और न ही मैं तुम्हें, ये राज इसी केबिन में दफन हो जाना चाहिए।वो खुश होते हुए बोला- जी मैडम, बिल्कुल … यहां से मैं ऐसे निकल जाऊंगा जैसे मैंने आपको कभी देखा ही नहीं।

उसकी बात सुनकर मैंने अपने हाथ से ही पैंटी को नीचे खींच प्रिया।जैसे ही नंगी चूत उसके हाथ लगी वो एकदम से पागल हो गया।

अगले ही पल वो नीचे बैठ चुका था और उसका मुंह मेरी जांघों के बीच में था।उसने अपनी जीभ निकाली और मेरी चूत पर फेरने लगा।

उसकी गर्म जीभ का अहसास चूत पर पाकर मेरे पूरे बदन में सरसरी दौड़ गई।ऐसी गुदगुदी उठी कि मैं मचल गई।

मन कर रहा था कि उसके सिर को ही चूत में घुसवा लूं।

वो तेजी से मेरी चूत को चूसने और खाने लगा।कभी दांतों से हल्के काट लेता तो कभी जीभ डालकर अंदर से रस खींचने की कोशिश करता।

मेरे मुंह से सिसकारियां अपने आप ही फूटने लगीं- आह्ह … स्स्स … उफ्फ … आह्ह … उम्म्म … ओह।मैं उसके सिर को अपनी चूत पर दबा रही थी।

वो मेरी चूत को बेपरवाही से बस चाटता जा रहा था जैसे कुत्ते के मुंह गोश्त लग गया हो।उसने मेरी चूत को ऐसा मजा प्रिया कि मैं पांच मिनट में वहीं पर खड़ी-खड़ी झड़ने लगी।

मैंने पूरी ताकत लगाकर उसके मुंह को चूत पर दबा प्रिया।मेरा बदन अकड़ गया और मैं कांपने सी लगी।

फिर मैं ढीली हो गई।मैंने थोड़ा खुद को संभालते हुए कहा- बस इतना ही था क्या?वो बोला- मैडम ये तो शुरुआत थी। अभी आगे देखो क्या होता है!

उसने मेरे सामने अपनी पैंट उतार दी।फिर अंडरवियर नीचे खींचा तो मैं हैरान रह गई।बहुत लंबा-मोटा लंड निकला उसका।लगभग 8 इंच लम्बा और 3 इंच के करीब मोटा होगा।

सेल्समैन का इतना मस्त लंड देखकर मुझसे भी रहा न गया।मैंने कहा- अब किसका इंतजार कर रहे हो, किसी के आ जाने का?बोला- नहीं।मैं- तो फिर करो जल्दी! और खत्म करो।

वो भी जैसे बस इसी बात का इंतजार कर रहा था।उसने अपना लंड मेरी चूत पर लगा प्रिया, बोला- अब देखिए, कैसा मजा आता है आपको!कहकर उसने एक कस कर धक्का लगाया और उसका आधा लंड मेरी चूत में जा घुसा।

मुझे उसका धक्का झेलना भारी पड़ गया।बहुत जोर का दर्द हुआ चूत में, और मैं वहां पर चीख भी नहीं सकती थी।बड़ी मुश्किल से मैंने ऊं … ऊं … करके ही दर्द को भीतर पी लिया।

इतने में ही उसके होंठ मेरे होंठों पर आ गए।वो मेरे होंठों को चूसते हुए लंड को धीरे-धीरे चूत में घुसाने लगा।उसके हाथ मेरे चूचों को मसल रहे थे।

मुझे भी मजा आ रहा था लेकिन दर्द भी था।मैं दर्द में ही उसका साथ देने लगी और उसका बचा हुआ आधा लंड भी लेने की कोशिश करने लगी।

धीरे-धीरे सेल्समैन ने चुदाई की रफ्तार बढ़ाई।वो तेजी से धक्के मारने लगा।पट-पट की आवाज होने लगी।

मैं बोली- क्या कर रहे हो … आआआ आराम से … कमीने … किसी को सुनाई दे जाएगा कि अंदर चुदाई हो रही है।वो बोला- आह्ह … रुका नहीं जा रहा मैडम … क्या गर्म चूत है … आह्ह … हाए … आह्ह।कहते हुए वो और जोर से चोदने लगा।

फिर उसने मेरी एक टांग उठवा ली और अपनी कमर के पास रखवा ली।अब उसके धक्के मेरी चूत में और गहराई तक जाने लगे।

मुझे गजब का मजा आने लगा।अब मैं भीचुदाई की मस्तीमें उसके साथ हो चली।

जितनी जोर से वो चोदता उतना ही मजा बढ़ता जा रहा था।नतीजा ये हुआ कि जल्दी ही मेरी चूत ने पानी फेंक प्रिया।

उसके लंबे-मोटे हथौड़े जैसे लौड़े की चोटों से मेरी चूत निहाल हो गई।10 मिनट में उसने मुझे वहीं खड़े-खड़े जबरदस्त तरीके से चोद प्रिया।

फिर बोला- अब आप पलट जाओ। आपके दूसरे छेद को भी ऐसा ही मजा देना चाहता हूं।

मैंने कभी गांड में लंड नहीं लिया था तो मैंने उसको मना कर प्रिया।वो दोबारा से बोला- अरे मैडम, मेरे कहने से एक बार घूम जाओ, मजा न आए तो कहना।कुछ सोचकर मैं घूम गई।

फिर उसने मेरी गांड के छेद पर लंड रखा और धक्का देने लगा।मुझे हल्का दर्द हो रहा था लेकिन उस वक्त मैं चुदाई के जोश में थी।

मुझे लंड का चस्का लगा हुआ था।इसी के चलते मैंने थोड़ी कोशिश की और गांड के छेद को थोड़ा ढीला रखा जिससे उसका लंड अंदर घुस गया।

जैसे ही लंड घुसा, मेरी चीख सी निकल गई।उसने तुरंत हाथ से मेरा मुंह बंद कर प्रिया।मुझे बहुत दर्द हो रहा था।

वो कुछ देर रुका रहा और मेरी चूचियों को सहलाता रहा।फिर उसने गांड में धक्के लगाने शुरू किए।

अब उसका लंड मेरी गांड के छेद के अंदर तक जाने की कोशिश कर रहा था।कुछ देर का दर्द झेलने के बाद मुझे मजा आने लगा।

अगले 10 मिनट तक उसने मेरी गांड अच्छे से मारी।

फिर उसका जोश बढ़ने लगा और उसके लंड ने मेरी गांड के अंदर ही पानी छोड़ प्रिया।वो मेरे बदन से लिपट गया और लंड देकर ऐसे ही चिपका रहा।

Xxx टीन गर्ल बैड सेक्स खत्म होने के दो मिनट के बाद हम अलग हुए।

गजब का इत्तेफाक हुआ का कि जैसे ही वो केबिन से निकला, एकदम से लाइट आ गई।मैं एक बार तो घबराई लेकिन तब तक वो जा चुका था।मेरी सांस जैसे अटक सी गई थी एक बार के लिए।

मैंने अपने कपड़े पहने और फिर बाहर आई।

बाहर आकर देखा तो मेरे दोस्त भी मुझे खोजते हुए आ पहुंचे थे।मैं शॉप से बाहर जाने लगी।

सेल्समैन ने मेरे पास आकर कहा- मैडम, शॉप में आकर फिर से सेवा का मौका जरूर देना। हमें बहुत खुशी होगी और आपको भी खुश किए बिना नहीं जाने देंगे।मैंने बस उसको थैंक्यू बोला और वहां से निकल आई।

तो दोस्तो, इस तरह से एक शॉपिंग मॉल में मैं खड़े-खड़े चुद गई।मुझे इस चुदाई में बहुत मजा आया।

आपको मेरी इस चुदाई की कहानी में मजा आया कि नहीं मुझे जरूर बताना।

मुझे आप लोगों की प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा।आप Xxx टीन गर्ल बैड स्टोरी पर फीडबैक जरूर भेजें।नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय दें या फिर मुझे नीचे दिए ईमेल पर मैसेज करें।support@mohakkisse.com