तीसरे दिन अनिल को आना था दोपहर को … तो यह तय हुआ कि विनोद अपने ऑफिस से अनिल को लेता हुआ घर आ जाएगा और लंच कर के वो अनिल को लेकर ऑफिस चला जाएगा. वहां से वो लोग घूम फिर कर रात को घर आयेंगे.
विनोद के जाने के बाद दीपा ने घर को अच्छे से व्यवस्थित कर लिया. कुछ स्नैक्स वगैरह की कच्ची तैयारी कर ली, बियर फ्रिज में लगा दी और अपने को परफेक्ट कर लिया.
उसने जींस और टाईट टॉप पहना था, जिसमें उसके मम्मे उभरकर आ रहे थे. दीपा इन ड्रेस्सेस में एक अल्हड़ कॉलेज स्टूडेंट नजर आती थी. रेड नेल पेंट, रेड लिपस्टिक और रेड हेयर बैंड में उसकी जवानी निकली पड़ रही थी.
दीपा ने आज सिगरेट पीने की कसर निकाल ली क्योंकि पता नहीं अनिल के सामने मौका मिलेगा या नहीं. आज उसने अपनी चूत स्पेशल वेक्सिंग कर ली, पता नहीं विनोद क्या बवाल बना दे और उसे अनिल के साथ …
खैर 12 बजे करीब विनोद का फोन आ गया कि उसने अनिल को रिसीव कर लिया है. पर अनिल को किसी से मिलना है, तो वह उसके साथ ही रहेगा और दो ढाई के बीच में घर पहुंचेंगे.
3 बजे करीब दोनों आये.
अनिल बहुत ही स्मार्ट और हंसमुख लगा दीपा को. उसने दीपा को आलिंगन किया और उसके गाल पर किस किया. हालाँकि दीपा को उसका ये लगाव दोस्ताना ही लगा. विनोद ने हँसते हुए दीपा के दूसरे गाल पर किस कर लिया.
अनिल ने दीपा के लिए लाया उसका गिफ्ट प्रिया. एक बहुत सुंदर ड्रेस और मैचिंग का नेकलेस लाया था वो.दीपा ने उसको थैंक्स बोला तो अनिल बोला- सिर्फ सूखा थैंक्स?हँसते हुए दीपा ने उसे एक किस भी कर प्रिया और बोली- थैंक्स.
दीपा ने अनिल से पूछा- भाईसाहब, जूस या बियर क्या लेंगे, वैसे खाना तैयार है.अनिल ने बनावटी गुस्सा दिखाते हुए कहा- दीपा, अगर भाईसाहब बनाना है तो मैं चला. मुझे अनिल बोलो या विनोद को भी भाईसाहब ही बोलती हो?दीपा ने हँसते हुए कहा- चल अनिल … ज्यादा सयाना मत बन, बोल क्या लेगा बियर या जूस, वैसे अपुन का खाना भी रेडी!
कह कर उसने अनिल की ओर देखा, जैसे पूछ रही हो कि क्या ये ठीक है.अनिल ने जोर से हँसते हुए कहा- ओय्ये विनोद तेरी तो बड़ी पटाखा निकली. हाँ जी, ये चलेगा और इसके साथ जूस भी चलेगा. पर भूख जोर की लगी है तो लंच भी फटाफट.
हंसी मजाक में लंच करते 4 बज गए. विनोद बोला- मेरी एक क्लाइंट के साथ मीटिंग है, पांच बजे. मैं उस से फ्री होकर आता हूँ.उसने अनिल से पूछा- तू मेरे साथ चलेगा या घर पर ही रहेगा?अनिल बोला- नहीं तू जा … और अच्छा है जितनी देर में आये.सब हंस पड़े.
विनोद के जाने के बाद दीपा ने अनिल से आराम से कपड़े ढीले करके लेटने को कहा और उसे उसका रूम दिखा प्रिया ताकि वो रसोई समेट ले.अनिल ने जल्दी से कपड़े बदले और शॉर्ट्स और टी शर्ट पहन कर आ गया.
तब तक दीपा भी अपना काम निपटा चुकी थी. और दोनों सोफे पर बैठ गए.अनिल ने दीपा से पूछ कर सिगरेट सुलगानी चाही. उसने दीपा से माचिस मांगी तो दीपा ने वहीं पास से लाइटर दे प्रिया.
अनिल ने पूछा भी कि विनोद तो हॉस्टल में भी कभी कभी ही पीता था.
दीपा चुप रही, उसकी सिगरेट की हुड़क उठ गयी थी, पर उसने ये सोच के अपने को काबू किया कि पता नहीं विनोद अनिल को बताना चाहेगा या नहीं.
अनिल और दीपा की खूब छन रही थी. अनिल भी बातूनी था, अपनी और विनोद की सारी पोल पट्टी उसने दीपा से खोल ली.
दीपा के लिए कुछ भी नया नहीं था. हालाँकि अनिल ने ये बात नहीं कही कि वो और विनोद एक दूसरे के लंड से क्या बदमाशी करते थे.
अनिल को दीपा ने ये बता प्रिया कि विनोद कि चाहत होती थी कि वो कम से कम कपड़ों में दरवाजा खोले तो अनिल ने हंसते हुए उसको बताया कि वो किराने वाले लड़के का किस्सा विनोद ने उसे बताया था.
दोनों ने विनोद को हैरान करने के लिए एक प्लान बनाया.
6 बजते बजते विनोद आ गया. उसने जैसे ही बेल बजाई, दरवाजा खोला अनिल ने, वो टॉवल लपेटकर खड़ा था.विनोद को देखते ही उसने आगे से टॉवल खोल प्रिया और बोला- आओ जानू चलो प्यार करें.हँसते हुए विनोद ने कहा- बदमाश … अभी मारता हूँ तेरी गांड.
कह कर उसने अनिल का टॉवल खींचना चाह पर तब तक दीपा भी हँसती हुई आ गयी तो उसने अनिल को विनोद से छुड़वा प्रिया, बोली- रात को कर लेना.
सब लोग हँसते हुए चाय की मेज पर आये. चाय पीकर विनोद बोला- फटाफट तैयार हो जाओ, बाहर चलेंगे और डिनर बाहर ही लेंगे.
सभी फटाफट तैयार हुए. अनिल और विनोद ने तो जींस और टीशर्ट पहनी पर दीपा ने एक फ्रॉक ड्रेस डाली.
अनिल ने तो उसे देखते ही जोर से आहें भरी, बोला- ओह माई डार्लिंग … तुम पहले बता देतीं कि तुम इतनी सेक्सी हो तो में शाम को ही तुम्हें पटा लेता और भगा ले जाता.विनोद बोला- तो अब क्या बिगड़ा है, अब ले जा … दो दिन बाद छोड़ जाना. या फिर दुबई वाली को यहाँ भेज दे, इसको वहां ले जा.सब हँसते हुए गाड़ी मे निकल गए.
अनिल ने सिगरेट सुलगाई और एक विनोद को दी तो विनोद ने अपनी सिगरेट पीते पीते एक बार पीछे दीपा को दे दी.अब दीपा को क्या परेशानी थी, उसने सुट्टे मार दिए.
अब अनिल चौंका बोला- तुम पीती हो तो दोपहर को क्यों नहीं मेरा साथ प्रिया?दीपा बोली- तब मेरा मन नहीं था और मैं सिर्फ विनोद के साथ ही पीती हूँ.अनिल बोला- अबे विनोद तेरी बीवी तो बड़ी पति वाली है, मेरी तो मेरे बिना सारे काम कर लेती है. पता नहीं आज रात कहीं किसी को ओबलाइज न कर रही हो.
यह बात उसने मजाक में कही थी तो पीछे से दीपा ने एक धौल लगा प्रिया उसके!घूम फिर कर डिनर करके रात को 11 बजे सब लोग लौटे.
दीपा तो कपड़े बदलकर बेडरूम में चली गयी पर अनिल और विनोद सिर्फ शॉर्ट्स में बाहर बालकनी में बैठ कर ड्रिंक लेने लगे. दीपा का भी मन तो अंदर लग नहीं रहा था तो वो भी बरमूडा और ढीली टॉप में उन दोनों के पास ही आ गयी.बाहर दो ही कुर्सी थीं, दीपा वापिस मुड़ी एक और कुर्सी लाने तो वहाँ इतनी जगह ही नहीं थी कि तीन कुर्सी और टेबल पड़ सके.
अनिल मुस्कुरा के बोला- आइये आप हमारी कुर्सी शेयर कर लीजिये या हमारी गोद हाजिर है.दीपा मुस्कुराती और इठलाती हुई विनोद की गोदी में जा बैठी.
विनोद ने सिगरेट जला रखी थी. दीपा ने सिगरेट ले ली और एक लम्बा कश खींच कर धुंए का गुबार अनिल के ऊपर छोड़ प्रिया और मुस्कुरा दी.
एक पेग विनोद ने दीपा के लिए भी बनाना चाहा तो दीपा ने मन कर प्रिया, बोली- तुम्हारे से ले लूंगी.इस पर अनिल ने मुस्कुराते हुए अपना पेग उसकी ओर बढ़ाया तो दीपा ने एक सिप उसमें से ले लिया.अब हंसी मजाक नॉनवेज तक पहुँचने लगी.
दीपा उठ कर जाने लगी, विनोद ने पूछा- क्या हुआ?तो दीपा हंस कर उसके खड़े लंड की ओर इशारा कर के बोली- ये बैठने नहीं दे रहा.
वो बेड रूम में चली गयी.आधा घंटे बाद विनोद भी रूम में आ गया.दीपा ने उससे कहा- दरवाजा लॉक कर लो.विनोद बोला- आज दरवाजा खोल कर सेक्स करेंगे. मैंने अनिल से कह प्रिया है कि मन करे तो वो भी आ जाए.दीपा बोली- जाओ पहले दरवाजा लॉक करो, फिर इधर आना.
विनोद ने दरवाजा लॉक किया और कपड़े उतार कर आ गया बेड पर.
जैसे ही उसने चादर हटाई तो देखा दीपा बिल्कुल नंगी लेटी थी. यानि पूरे मूड में थी.विनोद तुरंत नीचे होकर उसकी चूत चाटने लगा. दीपा ने मेहनत तो की ही थी अपनी चूत से आज, और इसका अहसास विनोद को हो रहा था. चूत आज ज्यादा चिकनी और खुशबूदार लग रही थी.असल में दीपा कहे कुछ भी … पर उसने अनिल के लिए तैयारी पूरी कर ली थी. आज दीपा ने अपनी चूत को गुलाबजल से नहलाया था और अपने पूरे शरीर पर गुलाब का स्प्रे किया था.विनोद ने भी अपनी पूरी जीभ घुसा दी थी.और दीपा भी अब अपने कूल्हे उठवा कर चूत चुसाई का पूरा मजा ले रही थी.
अब विनोद 69 पोजीशन पर आ गया और दीपा ने उसका लंड पूरा मुंह में ले लिया था.अरे ये क्या … विनोद ने भी लंड चिकना कर लिया था.
दीपा को ध्यान आया कि आज सुबह विनोद अकेले नहाया था और उसे वाशरूम में समय भी ज्यादा लगा था. तो महाशय अनिल से चुसवाने के लिए अपना लंड चिकना कर के आये थे.
दीपा ने उसका लंड मुंह से निकाल कर कहा- अपने याड़ी से चुसवाने को बड़ा चिकना किया है तो उसी के पास चले जाओ और चुसवा आओ.विनोद बोला- तू कहे तो उसे यहीं बुला लूं, मैं भी चुसवा लूँगा तुम भी चटवा लेना.
यह सुन कर दीपा को भी जोश चढ़ गया, वो विनोद के ऊपर चढ़ गयी और अपने हाथ से उसका लंड अपनी चूत पर सेट किया, बोली- आज तो तुम मजे दो, कल चुदवायेंगे.यह सुन कर विनोद को भी जोश चढ़ गया और उसने एक ही धक्के में अपना लंड उसकी चूत में घुसेड़ प्रिया और लगा उछलने.
वो बोल रहा था- जानू कल मना मत कर देना. तुमने देखा नहीं अनिल का लंड कितना खड़ा हो गया था तुम्हें नाईट ड्रेस में देखकर.
अब उसने दीपा को नीचे किया और उसकी टाँगें चौड़ा कर घमासान चुदाई शुरू की. दोनों ये भूल ही गए की बगल के कमरे में अनिल उनकी आवाज सुनकर अपना लंड की मुठ मारने की तैयारी कर रहा है.
इधर विनोद ने अपना सारा माल निकाल कर दीपा चूत भर दी तो उधर अनिल ने अपना सारा माल पेपर टिश्यू पर निकाल प्रिया.
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