मेरा गुप्त जीवन- 161
सवेरे उठ कर कम्मो के हाथ से चाय पी कर मज़ा ही आ जाता था।एक तो वो बड़ी ही स्वादिष्ट चाय बनाती थी, दूसरे जब वो चाय ले कर सुबह आती थी तो उसको देख कर मेरे मन में यह भावना पैदा होती थी कि यह एक ऐसी औरत है जो मेरी हर प्रकार से रक्षा कर सकती है और जिस को द...