अनजान सिंह
सत्यापित कहानीकार (Verified)@anajana-saha
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
अनजान सिंह की रचनाएं
क्या माल है मेरी मम्मी-3
अब गांड मराई अपने चरम पर थी… गच गच की आवाजे… माँ की सीत्कारें और अंकल का गाली बकना चालू था…तभी अंकल बोला- मैं आ रहा हूँ मेरी जान…माँ ने भी अपनी चूत तन्ना दी जिससे गांड और टाइट हो गई… अंकल ने माल छोड़ प्रिया और एक तरफ लुढ़क गए…तभी आंटी ने माँ की गांड च...
क्या माल है मेरी मम्मी-2
माँ पीली साड़ी और लो कट ब्लाउज में एकदम हुस्न की देवी लग रही थी…फिर आंटी में दूसरा पैग बनाकर प्रिया…अब अंकल माँ के गोरे गोरे उरोज ब्लाउज से ऊपर दबाने लगे… आंटी ने अंकल की लुंगी की गाँठ में खोल दी… फिर मस्ती में आकर खुद भी कपड़े उतारने लगी…
क्या माल है मेरी मम्मी-1
मेरी मम्मी दिखने में एकदम माल दिखती थी, पड़ोसी मम्मी को लाइन मारते थे, मम्मी जान बूझकर नाभि से नीचे साड़ी पहनती थी… इस मामले में पापा और मम्मी का अक्सर झगड़ा होता था। मैं छोटा था, समझता नहीं था कि क्या बातें हो रही है पर बड़ होने पर समझा!बातों के कुछ ...