जूजाजी
सत्यापित कहानीकार (Verified)@jajaja
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
जूजाजी की रचनाएं
एक भाई की वासना -42
सम्पादक – जूजा जीहजरात आपने अभी तक पढ़ा..जाहिरा- भाई मैं कौन सा लंड चूसती रहती हूँ.. जो मुझे आता है कि कैसे चूसते हैं.. पहली बार तो चूस रही हूँ। मुझसे तो ऐसे ही चूसा जाएगा.. चुसवाना है तो बोलो.. नहीं तो मैं चली।
एक भाई की वासना -39
सम्पादक – जूजा जीहजरात आपने अभी तक पढ़ा..उसकी चूत के दोनों फलकों के निचले हिस्से में जहाँ पर चूत की लकीर खत्म होती है.. वहाँ पर पानी का एक क़तरा चमक रहा था।जाहिरा की कुँवारी चूत से निकल रही चूत का रस का क़तरा.. जो कि अपनी गाढ़ेपन की वजह से उस जगह पर...
एक भाई की वासना -38
सम्पादक – जूजा जीहजरात आपने अभी तक पढ़ा..जाहिरा हँसने लगी और बोली- भाई जल्दी से नाश्ता करो और चाय पी कर निकलो.. आपको बहुत देर हो गई है!फैजान- लेकिन आज तो मैं चाय नहीं दूध पीऊँगा..जाहिरा- तो जाओ अन्दर जाकर पी आओ.. भाभी अन्दर ही हैं..फैजान- लेकिन मैं...
एक भाई की वासना -36
सम्पादक – जूजा जीहजरात आपने अभी तक पढ़ा..अचानक फैजान ने जाहिरा का बाज़ू पकड़ कर अपनी तरफ करवट दिला दी और उसे अपनी बाँहों में ले लिया। उसकी नंगी कमर पर अपने हाथ मज़बूती से जमा कर अपने होंठ उसकी पतले-पतले गुलाबी होंठों पर रख दिए।अब वो अपनी बहन के होंठ...
एक भाई की वासना -35
सम्पादक – जूजा जीहजरात आपने अभी तक पढ़ा..थोड़ा सा आगे को झुक कर फैजान ने अपने होंठ जाहिरा के गाल पर रखे और उसे आहिस्ता-आहिस्ता चूमने लगा। जाहिरा के चेहरे की हालत भी मेरी आँखों की सामने थी.. उससे बर्दाश्त करना मुश्किल हो रहा था। आख़िर जब उससे कंट्रोल...