जूजाजी
सत्यापित कहानीकार (Verified)@jajaja
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
जूजाजी की रचनाएं
एक भाई की वासना -8
सम्पादक – जूजा जीहजरात आपने अभी तक पढ़ा..मेरा तो बस नहीं चल रहा था कि मैं कब जाहिरा को उसके भाई के सामने बिल्कुल नंगी कर दूँ।
एक भाई की वासना -7
हजरात आपने अभी तक पढ़ा..पानी पीते हुए फैजान की नजरें अपनी बहन के मटकते चूतड़ों और जाँघों पर ही थीं।मैं हौले-हौले मुस्करा रही थी।जैसे ही जाहिरा रसोई में जाने लगी.. तो मैंने उसे आवाज़ दे कर रोका और कहा- जाहिरा मुझे याद आया.. मैंने तो कपड़े धो कर बाहर ड...
एक भाई की वासना -6
हजरात आपने अभी तक पढ़ा..शाम को जब हम लोग टीवी देख रहे थे.. तो भी फैजान की नजरें अपनी बहन के जिस्म के निचले हिस्से पर ही भटक रही थीं.. क्योंकि आज उसके जिस्म का पहले से ज्यादा हिस्सा नज़र आ रहा था और उसी से अंदाज़ा हो रहा था कि उसकी बहन की जाँघों की ...
एक भाई की वासना -5
सम्पादक – जूजा जीहजरात आपने अभी तक पढ़ा..मैं- फैजान.. देखो आज जाहिरा ने बहुत मुश्किल से हिम्मत करके लेग्गी पहनी है.. तुम से बहुत डर रही थी.. बस तुम को उसकी तरफ कोई तवज्जो नहीं देनी और ना ही उससे कुछ कहना.. ना कोई कमेंट देना है.. और उसकी तरफ ऐसे ही ...
एक भाई की वासना -3
सम्पादक – जूजा जीहजरात आपने अभी तक पढ़ा..मैंने उसके घुटनों पर भी आहिस्ता-आहिस्ता मूव लगानी शुरू कर दी और मसाज करती हुई.. मैंने तिरछी नज़र से अपने शौहर की तरफ देखा.. तो पता चला कि अब भी वो चोर नज़रों से अपनी बहन की नंगी टाँग की ओर देख रहे थे।मैं दिल...
एक भाई की वासना -2
सम्पादक – जूजा जीहजरात आपने अभी तक पढ़ा..शहर में आने के बाद फैजान ने उसे खूब शहर की सैर करवाई। हम लोग फैजान की बाइक पर बैठ कर घूमने जाते.. मैं फैजान के पीछे बैठ जाती और मेरे पीछे जाहिरा बैठती थी।हम लोग खूब शहर की सैर करते.. और जाहिरा भी खूब एंजाय क...
ट्रेन में धकाधक छुकपुक-छुकपुक-4
प्रेषक : जूजा जीतभी शब्बो बोली- राजा इसकी सील तोड़नी पड़ेगी .. साली की चूत अभी तक पैक है ..!मेरा लण्ड गनगना गया, जीवन में पहली सील तोड़ने का अवसर था। मैंने नीलू को अपनी तरफ घुमाया और उसके होंठों को अपने होंठों से दबा कर चूसने लगा। मैंने उसको ध्यान से...
ट्रेन में धकाधक छुकपुक-छुकपुक-3
प्रेषक : जूजा जीमुझे अभी भी याद था कि दो छेद मेरे लंड का बड़ी बेकरारी से इंतजार कर रहे हैं। मैंने रीमा की तरफ देखा तो मैडम अपनी चूत में ऊँगली अन्दर-बाहर कर रही थीं।मैंने कहा- आओ रानी लेटो इधर.. तुम्हारा चुदाई का ख्वाव भी पूरा कर देता हूँ।वो बोली, ...
ट्रेन में धकाधक छुकपुक-छुकपुक-2
प्रेषक :जूजा जीरीमा ने बडे़ ही मादक अन्दाज से सिगरेट का एक कश खींचा और मुझसे बोली- तुम्हारा डण्डा तो बहुत मजेदार है।मैं सोचने लगा कि अभी तूने देखा ही कहाँ है मेरा डण्डा?वो शायद समझ गई, बोली- क्या सोच रहे हो डियर, डण्डे की बात सुन कर?तभी नीलू जो सी...