महेश कुमार चूत फाड़
सत्यापित कहानीकार (Verified)@mahasha-kamara-cata-fa
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
महेश कुमार चूत फाड़ की रचनाएं
खामोशी: द साईलेन्ट लव-4
अभी तक की कहानी में आपने पढ़ा कि अपनी पड़ोसन की विवाहिता बेटी मोनी के प्रति बढ़ती मेरी वासना के चलते मैंने एक रात को उसकी साड़ी और पेटीकोट को ऊपर करके उसकी पेंटी के अंदर अपने लंड को घुसा ही प्रिया. जब पहली बार मेरा लंड उसकी चूत से टकराया तो मैं ज्याद...
खामोशी: द साईलेन्ट लव-3
कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा कि रात को सोते समय मेरी वासना ने मुझे मोनी के बदन को छूने के लिये मजबूर कर प्रिया. मैंने उसके बदन का स्पर्श पाने के लिए नींद में होने का नाटक किया और अपना लंड उसके नितम्बों की दरार में घुसा कर रगड़ने लगा. मगर मेरे लं...
खामोशी: द साईलेन्ट लव-2
अभी तक की कहानी में आपने पढ़ा कि अपनी चाची की बेटी मोनी के साथ मैं उसके ससुराल में उसके पति के घर आ गया था. मुझे मोनी को छोड़कर वापस जाना था मगर रिजर्वेशन पंद्रह दिन बाद का मिला. पति शराबी था और कभी कभी ही घर आता था इसलिए मुझे पंद्रह दिन वहीं रहना...
खामोशी: द साईलेन्ट लव-1
नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम है महेश कुमार. अभी तक आपने मेरी कहानियों में मेरे बारे में तो जान ही लिया होगा। सबसे पहले तो मैं आपको बता देना चाहता हूँ कि मेरी सभी कहानियाँ काल्पनिक हैं जिनका किसी के साथ भी कोई सम्बन्ध नहीं है, अगर होता भी है तो ये मात्...
शायरा मेरा प्यार- 23
इस तरह प्यार करना शायरा के लिए नया था … पर मेरे साथ वो खुलकर प्यार करना चाहती थी. इसलिए मेरे लंड पर बैठकर वो पूरी मस्ती करते हुए लंड पर उछलने लगी.
शायरा मेरा प्यार- 22
शायरा कुंवारी नहीं थी मगर फिर भी उसकी चुत चाटने में इतना मजा आ रहा था. जब इसकी चुदी चुत इतना मजा दे रही है, तो वो अगर कुंवारी होती तो कितना मजा देती?
शायरा मेरा प्यार- 21
हमारे जिस्म जल रहे थे. कुछ देर हम एक दूसरे के बदन की गर्मी को फील करते रहे, फिर शायरा के रक्तिम होंठों से मेरे होंठ मिले तो हमारे हमारे जिस्म की प्यास भी बढ़ गयी.
शायरा मेरा प्यार- 20
मैं सच बोल कर तुम्हें अपनी बांहों में रखना चाहता हूँ, बिस्तर में नहीं. बिस्तर पर तो बस हवश पूरी होती है … मगर बांहों में रखने से प्यार बढ़ता है.
शायरा मेरा प्यार- 19
शायरा को अपने नंगेपन का अहसास हुआ तो वो तुरन्त उठकर बैठ गयी. उसने हाथ पैरों से अपना नंगा बदन छुपाया और अपने कपड़ों को ढूँढने लगी जो इधर उधर बिखरे पड़े थे.
शायरा मेरा प्यार- 18
उसकी चुत चाटते चाटते मैं खुद ही होश खोने लगा. जैसे जैसे मेरी जीभ शायरा की चुत पर चल रही थी … वैसे वैसे मेरी उसकी चुत के प्रति दीवानगी बढ़ती जा रही थी.
शायरा मेरा प्यार- 17
शायरा मेरे सामने सिर्फ़ गुलाबी पैंटी में थी. जो आगे से पूरी भीगी हुई थी. भीगी पैंटी देख उसकी चुत की महक लेने को अपने आप ही मेरा सिर उसकी जांघों के बीच झुक गया.
शायरा मेरा प्यार- 16
शायरा ने भी अब मेरे होंठों को चूसना शुरू कर प्रिया था, जिससे हम दोनों ही इस दुनिया को पीछे छोड़ कर अब अपनी एक नयी ही दुनिया में खो गए थे.