महेश कुमार चूत फाड़
सत्यापित कहानीकार (Verified)@mahasha-kamara-cata-fa
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
महेश कुमार चूत फाड़ की रचनाएं
शायरा मेरा प्यार- 15
दिखा दी ना अपनी औकात … आज साबित कर ही प्रिया कि सब मर्द एक जैसे होते हैं. उनको बस एक ही काम से मतलब होता है. सबके सब बस फायदा उठाने की सोचते हो.
शायरा मेरा प्यार- 14
मैंने पहले अपनी जीभ निकाल कर उसके रसीले होंठों को चाटकर देखा, फिर धीरे से उसके नीचे के एक होंठ को अपने मुँह में भर कर हल्का हल्का चूसना शुरू कर प्रिया.
शायरा मेरा प्यार- 13
मैं महेश आपको बता रहा था दोस्तो कि शायरा मेरे प्रेम में रंग लगी थी. मैं उसको स्कूटी पर बिठा कर उसके बैंक छोड़ने गया फिर अपने कॉलेज आ गया.
शायरा मेरा प्यार- 12
दोस्तो, मैं महेश एक बार फिर से शायरा के प्यार की सेक्स कहानी का अगला भाग लेकर हाजिर हूँ.
शायरा मेरा प्यार- 11
साथियो, मैं महेश शायरा की प्रेम और सेक्स कहानी में आपको बता रहा था कि शायरा का पेट खराब था और मैं उससे पूछ रहा था कि कहीं उसे मासिक धर्म की वजह से तो पेट दर्द नहीं होने लगा था.
शायरा मेरा प्यार- 10
दोस्तो, मैं महेश फिर से आपके सामने हाजिर हूँ. मेरी सेक्स कहानी में अब तक आपने पढ़ा था कि एकदम से स्कूटी के ब्रेक लगाते ही शायरा मेरी पीठ के ऊपर लग गई, जिससे उसके मम्मे मुझे मस्ती दे गए.
शायरा मेरा प्यार- 9
शायरा तो उसकी धक्का लगवाने की बात से शर्म पानी पानी ही हो गयी थी … मगर इन सब बातों में मैं पक्का बेशर्म हूँ इसलिए मैं मजा लेता रहा.
शायरा मेरा प्यार- 8
नमस्कार साथियो, मैं महेश अपनी शायरा के साथ की प्रेम और सेक्स कहानी सुना रहा था.अब तक मैंने आपको बताया था कि मैं शायरा के घर में खाना खा रहा था. मुझे राजमा और लेना था मगर और राजमा नहीं थे, तो मैं शायरा की झूठी प्लेट को अपनी तरफ खींच कर उसी की चम्मच...
शायरा मेरा प्यार- 7
जिस चम्मच को शायरा के होंठों और जीभ ने छुआ था, उसको मुँह में लेने से एक बार तो ऐसा लगा जैसे मेरे होंठों ने शायरा के नर्म होंठों और उसकी जीभ को ही छूआ हो.
शायरा मेरा प्यार- 6
ममता जी का मुँह खिड़की की ओर होने से उनकी चुत भी अब खिड़की की तरफ हो गयी थी. ऐसा मैंने जानबूझकर किया था ताकि शायरा अच्छे से हमारी चुदाई देख सके.
शायरा मेरा प्यार- 5
मेरे धक्के लगाने से ममता को मज़ा आ रहा था, मेरे धक्कों की ताल से ताल मिलाकर वो भी नीचे से अपने कूल्हों को उचका रही थीं. यह नजारा शायरा देख रही थी.
मेरी अय्याशियाँ चिंकी के साथ-4
मैंने चिंकी को फिर से बिस्तर पर गिरा लिया, पहले तो उसके गालों को चूमा और फिर धीरे धीर होंठों पर आ गया। चिंकी अब और भी जोर से कसमसाने लगी, चिंकी का मुँह मैंने अपने होंठों से बन्द कर प्रिया था इसलिये वो अपने दोनों पैरों को जोर से बैड पर पटकते हुए ‘उ्उ...