रूपिन्द्र कौर
सत्यापित कहानीकार (Verified)@nprpanathara-kara
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
रूपिन्द्र कौर की रचनाएं
कामुकता की इन्तेहा-17
दोस्तो, मेरी सेक्स कहानी के अगले भाग भेजने में हुई देरी के लिए माफी.अभी तक आपने पढ़ा कि मैं अपने यार ढिल्लों और उसके दोस्त काला से जम कर चुद रही थी. दोनों ने मेरी चूत के साथ साथ मेरी गांड भी चोद चोद कर खुली कर दी थी. मेरी गांड में 2-3 उंगलियाँ एक स...
कामुकता की इन्तेहा-13
दोस्तो, अब मैं आपको काले के बारे में बता दूं जिससे चुदने की बात मैंने ढिल्लों से कह डाली थी। काले का कद लगभग ढिल्लों जितना ही था, यही कोई साढ़े छह फुट के करीब। रंग उसका ढिल्लों से भी काला था, आंखें बड़ी बड़ी गहरी लाल, ढिल्लों से भी सुडौल और बड़े शरीर ...
कामुकता की इन्तेहा-10
खतरनाक चुदाई के बाद रात डेढ़ बजे के करीब ढिल्लों मुझे मेरे कमरे में छोड़ गया। मैं रूम में आते ही लोई उतार कर नंगी ही कंबल में घुस गई और कई घंटों की हुई ज़बरदस्त सर्विसिंग के बारे में सोचती होई सुबह 7 बजे का अलार्म लगाकर सो गई।
कामुकता की इन्तेहा-8
घमासान चुदाई के कारण मेरा मुंह पूरी तरह खुल गया और अब आ … आ… आह … आह … की लगातार आवाज़ निकल रही थी।तभी उसने अपनी एक बड़ी उंगली मेरी गांड में पेल दी तो मुझे जन्नत मिल गयी और हम बहुत ज़ोर से झड़े। इस पोज़ में घोड़े ने अपना माल मेरी फुद्दी के बहुत अंदर नि...
कामुकता की इन्तेहा-7
तो दोस्तो, अब फिर एक बार मेरी ठुकाई की तैयारी पूरी हो चुकी थी, मेरे चोदू यार ने मेरी टाँगें उसने एक बार फिर अपने डौलों पर धर लीं और मेरी तह लगा दी मगर उसने खुद लौड़ा अंदर नहीं डाला और मुझसे बोला- डाल जट्टीये अपने आप अंदर!मुझे यह बात बहुत पसंद है कि...
कामुकता की इन्तेहा-6
मेरी जवानी की कहानी के पिछले भागकामुकता की इन्तेहा-5में पढ़ा कि मेरा यार ढिल्लों अपनी चार उँगलियों से मेरी फुद्दी की सर्विस कर रहा था.
कामुकता की इन्तेहा-4
मेरी जवानी की वासना की कहानी के पिछले भाग में पढ़ा कि मेरा मनपसंद लंड मेरी चूत में था और…
कामुकता की इन्तेहा-3
मेरी जवानी की हवस की कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा कि मेरी कामवासना की आग ने मुझे कोई तगड़ा जानदार लंड खोजने पर मजबूर कर दिया. मुझे मनचाहा लंड मिल भी गया.
कामुकता की इन्तेहा-1
मैं पंजाब के एक बड़े शहर से हूँ और मेरी बी ए तक की पढ़ाई भी वहीं की है। मेरे पिता जी की मौत बहुत पहले हो चुकी है। जिसकी वजह से घर में मेरी मां और मेरा छोटा भाई ही रहते थे। पिता जी की मौत जल्दी होने के कारण मेरी मां के दो एक अफेयर हैं लेकिन उन्होंने ...