राज वीर मिड्ढा
सत्यापित कहानीकार (Verified)@raja-vara-madadha
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
राज वीर मिड्ढा की रचनाएं
एक और अहिल्या-11
मैंने अपना हाथ पैंटी के अंदर ही हथेली का एक कप सा बना कर, जिसमें मेरी चारों उंगलियां नीचे की ओर थी वसुन्धरा की तपती जलती योनि पर रख प्रिया.
एक और अहिल्या-10
मैंने महसूस किया कि मेरे ज्यादा नर्मी दिखाने की वजह से वसुन्धरा मुझ पर हावी होने की कोशिश कर रही थी. यह तो सरासर मेरे पौरूष को खुली चुनौती थी और ऐसा तो मैं होने नहीं दे सकता था.
एक और अहिल्या-9
तभी जोर से बिजली कड़की. एक क्षण को तो पूरा आलम एक अत्यंत चमकदार रोशनी में नहा गया लेकिन इस के साथ ही लाइट चली गयी घड़ … घड़..घड़..घड़..धड़ाम … धड़ाम!!!! इतनी ज़ोर की आवाज़ आयी कि जैसे बिजली सामने सड़क पर ही गिरी हो. साथ ही बाहर जोरों की बारिश शुरू हो गयी.
एक और अहिल्या-8
वसुन्धरा की आँखों से भी गंगा-जमुना बह निकली. भावावेश में मैंने वसुन्धरा के हाथों से अपना हाथ छुड़ा कर उसको अपने आलिंगन में ले लिया और वसुन्धरा भी बेल की तरह मुझमें सिमट गयी.
एक और अहिल्या-7
“मेरी मंज़िल तो मेरे पास है लेकिन मेरी किस्मत में नहीं.”“क्या मतलब?” मैं चौंका.
एक और अहिल्या-6
वसुन्धरा की मां ने अभी-अभी वसुन्धरा को फोन लगा कर आपके यहां होने की खबर दी तो वसुन्धरा ने कहा है कि वो कल सवेरे 12 बजे तक यहां पहुँच जायेगी. आपके लिए वसुन्धरा का संदेसा है कि आप हरगिज़ भी उससे मिले बिना ना जाएँ.इतना सुनकर मेरे पेट में तितलियाँ सी उ...
एक और अहिल्या-5
कार में वसुन्धरा ने मुझसे कोई बात नहीं की अपितु सारे रास्ते वसुन्धरा अधमुंदी आँखों के साथ मंद-मंद मुस्कुराती रही, शायद उन लम्हों को मन ही मन दोहरा रही थी. वसुन्धरा के रुख पर रह-रह कर शर्म की लाली साफ़-साफ़ झलक रही थी. वसुन्धरा की आँखें बार-बार झुकी ...
एक और अहिल्या-4
वसुन्धरा के पैरों के तलवे गहरे गुलाबी रंग के, गद्दीदार और वलय वाले थे और पैरों की सारी उंगलियां रोमरहित एवं समानुपात में थी. वात्सायन के अनुसार ऐसे पैरों वाली स्त्रियां बौद्धिक रूप से अत्यंत विकसित, प्राकृतिक तौर पर संकीर्णयोनि अर्थात तंग योनि वाल...
एक और अहिल्या-3
“फिर तो एक ही चारा बचा है और मुझे पता नहीं कि यह आप को पसंद आएगा या नहीं.” मैंने झिझकते-झिझकते कहा.“अरे! बोल भी दीजिये …” आवाज़ में सत्ता की गूंज बराबर थी.“नाड़ा काट देते हैं, लहंगा रिपेयर कर के नया नाड़ा डालते हैं और चलते हैं. कुल पांच मिनट का काम ह...
एक और अहिल्या-2
लड़की की शादी में अचानक ढेरों काम ऐसे निकल आते हैं जिनका पहले से पता नहीं होता, जिनकी कोई तैयारी नहीं होती.
एक और अहिल्या-1
मैं आपका दोस्त, राजवीर मिड्ढा फ़िर से आपकी खिदमत में हाज़िर हूँ जिंदगी की भाग-दौड़ में वाक़या एक नया अफसाना लेकर.मेरी पिछली कहानियां पढ़ कर मुझे बहुत से मेल आये … बहुत से बोले तो कुल 1700 से एक दो ज्यादा ही. जिनमें से बहुत सारी मेल्स का मैंने पूरी ईमान...
हसीन गुनाह की लज़्ज़त-5
बाहर आते ही मैंने अपने बैडरूम का दरवाज़ा और बच्चों के कमरे का दरवाज़ा बाहर से लॉक किया और दिया को बताया कि मौसी नहीं उठेंगी क्योंकि मौसी आज नींद में नहीं नशे में है।फिर मैंने उसको नींद की गोलियों वाली बात बताई तो दिया आश्वस्त हुई।