विजयपाल माही
सत्यापित कहानीकार (Verified)@vajayapal-maha
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
विजयपाल माही की रचनाएं
वो पूस की एक रात-2
मैंने हाथ बढ़ाया, जैसे ही उसने रूमाल लेना चाहा…मैंने कसकर उसे खींच लिया और सीने से दबोच कर छिपकली की तरह चिपका लिया।
वो पूस की एक रात-1
मेरी उम्र बत्तीस साल है और मैं शादीशुदा हूँ। दोस्तो, चुदाई का ज्ञान तो मुझे बचपन में ही हो गया था जब मैंने दस साल की उम्र में अपनी नई नई चाची को पहलवान चाचा से कड़कड़ाते जाड़े की एक रात में खनकती चूड़ियों और कराहती हुई आवाज के साथ पूरी नंगी चुदते हु...