विक्की कुमार 0099
सत्यापित कहानीकार (Verified)@vakaka-kamara-0099
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
विक्की कुमार 0099 की रचनाएं
वीर्यदान महादान-6
विक्की कुमारजब मेरा लण्ड पूरा खड़ा हो गया तो सोचा कि उसकी चूत मारूँगा पर इस बार नीता उल्टी लेट गई व एक तेल की शीशी को मुझे पकड़ाते हुए कहा- इसे मेरी गाण्ड के छेद में लगाओ।मैंने तब से पहले कभी गाण्ड नहीं मारी थी… अजी गाण्ड तो छोड़ो मैं तो शालिनी की चू...
वीर्यदान महादान-5
विक्की कुमारपूरे नाश्ते के दौरान हम तीनों दुनिया जहान की, राजनीति की बातें करते रहे। वे दोनों बातचीत में एक्सपर्ट थे, किसी भी विषय पर बात करने को तैयार। पर दोनों उस विषय पर बात नहीं कर रहे थे जिसके लिये हम आये थे।मेरा मन नहीं लग रहा था कि साले टाई...
वीर्यदान महादान-4
विक्की कुमारहम दोनों उठे, शावर लिया व कपड़े पहन कर बाहर होटल के गार्डन रेस्टोरेंट में आ गये।कामना ने गहरे रंग के गॉगल्ज़ पहन लिए थे व सिर पर दुपट्टा भी डाल दिया था।अब हम गार्डन के एक कोने में बैठ गये कि किसी की हम पर नजर आसानी से ना पड़ सके।आज मुझे ल...
वीर्यदान महादान-3
विक्की कुमारजैसे ही कामना मेरी बाहों में आई तब मुझे आभास हुआ कि हम दोनों के मध्य दो विशाल पहाड़ टकरा रहे हों, अहा ! तो ये कामना के वक्ष थे जो शोले से दहक रहे थे, ऐसा लग रहा था जैसे उनमें से आग की लपटें निकल रही थी, जो मेरे बदन को जला कर भस्म कर दें...
वीर्यदान महादान-2
मैं अपने लण्ड की आग ज्यों ज्यों मैं दबाता तो फिर यह त्यों त्यों और भड़कती। मुझे कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था कि मैं कैसे इस आग को बुझाऊँ। इसी तरह समय गुजरता गया।फिर एक दिन मैं इन्टरनेट पर अपना ऑफ़िस का काम कर रहा था कि अचानक एक वेब साईट का क्लासीफाई...
वीर्यदान महादान-1
मेरा नाम विक्रम कुमार है, प्यार से मेरे मित्र मुझे विक्की भी पुकारते हैं। मेरे पिता एक सरकारी अधिकारी थे, गाँव में उनकी लम्बी चौड़ी खेती व सम्पत्ति थी जिसे चाचा सम्हालते थे, भगवान की दया से कोई कमी नहीं थी।
पेरिस में कामशास्त्र की क्लास-1
मेरे प्यारे मित्रो एवं सहेलियों, एक लम्बे अंतराल के बाद आप लोगों से मिलना हो रहा है, आप सबको मेरा प्यार भरा नमस्कार।