वन्द्या
सत्यापित कहानीकार (Verified)@vanathaya
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
वन्द्या की रचनाएं
कमसिन जवानी की चुदाई के वो पन्द्रह दिन-11
अब तक आपने पढ़ा था कि मेरी चूत को अनवर जोर जोर से चोद रहा था, धक्के मार रहा था. तभी पीछे से मेरे बालों को पकड़ के कसके रमीज चोदने लगा था और गाली मुझे देने लगा था. मैं भी खूब गाली बकने लगी थी.अब आगे..
कमसिन जवानी की चुदाई के वो पन्द्रह दिन-10
अब तक आपने पढ़ा कि मुझे पांच लोगों ने हचक कर चोद प्रिया था. इसके बाद मैं खाना और दवा खाकर सो गई थी. रात को मुझे ठाकुर अंकल ने उठाया और मेरी मम्मी की चुदाई को दिखाया. इसके बाद मैं अपनी मम्मी के सामने आ गई. मम्मी ने चुदते हुए मुझे देखा तो भी उनको कोई श...
कमसिन जवानी की चुदाई के वो पन्द्रह दिन-9
अब तक आपने पढ़ा था कि मुझे महेश अपने बंगले पर ले आया था और उधर महेश के साथ अनिल, अब्दुल और रमीज … ये चारों एक साथ मुझे चोदने में लगे थे. अब्दुल के लंड का पानी मेरी चूत में छूटने लगा था.अब आगे..
कमसिन जवानी की चुदाई के वो पन्द्रह दिन-8
अब तक आपने पढ़ा कि राज अंकल ने पैसे लेकर मुझे अनजान लड़कों के हवाले कर प्रिया था चुदने के लिए. इस वक्त मैं महेश अनिल अब्दुल और रमीज के सामने नंगी पड़ी थी. वे चारों भी नंगे खड़े थे और अब्दुल मुझे चोदने के लिए मेरे ऊपर चढ़ गया था.अब आगे..
कमसिन जवानी की चुदाई के वो पन्द्रह दिन-7
अब तक आपने पढ़ा कि अनिल और महेश मुझे अपनी फोरचूनर गाड़ी में डाल कर मेरी जवानी को टच कर रहे थे. उन्होंने मेरी पेंटी उतार कर फेंक दी थी और मुझे चुदाई के लिए अपने बंगले पर ले जाने के लिए मेरी मम्मी से भी परमीशन ले ली थी. जबकि मेरी मम्मी को राज अंकल के...
कमसिन जवानी की चुदाई के वो पन्द्रह दिन-6
अब तक आपने पढ़ा था कि मैं एक मॉल में थी, मेरी चूत और गांड में उस मॉल के दो वर्कर लड़कों के लंड घुसे हुए थे. मैं उनके साथ मॉल के रेस्ट हाउस में चुदवा रही थी. वे लड़के मुझसे मौसी के यहां की शादी में आने की बात कर रहे थे, जिसमें वे अपने साथ एक या दो नीग...
कमसिन जवानी की चुदाई के वो पन्द्रह दिन-5
अब तक आपने पढ़ा कि कार में मुझे उन तीनों अंकल ने लंड से चोदा तो था, पर अधूरा चोद कर छोड़ प्रिया था. इसके बाद जब मैं मॉल में गई तो बिना पेंटी की मेरी चूत ने फर्श पर रस टपका प्रिया था. जिसे उस मॉल के दो युवकों ने समझ लिया था और उन दोनों ने मुझे शीशे में उ...
कमसिन जवानी की चुदाई के वो पन्द्रह दिन-4
अब तक आपने पढ़ा कि कार एक ढाबे पर रुकी थी, सब लोग नीचे उतर गए थे. कार में मुझे नंगी करके मेरे ऊपर दूसरे वाले ठाकुर अंकल चढ़ने की तैयारी में थे. उन्होंने मुझसे ये पूछा कि अभी इन दोनों ने क्या मेरी चूत में अपना माल छोड़ा था, जिस पर मैंने मना कर प्रिया.अब...
कमसिन जवानी की चुदाई के वो पन्द्रह दिन-3
अब तक आपने पढ़ा था कि मैं अपनी मम्मी और अंकल लोग के साथ कार में मानकपुर जा रही थी. जगत अंकल ने कर में ही मुझे अपनी गोद में बिठा कर अपने लंड को मेरी चूत में पेल प्रिया था. उनके लंड का मजा अपनी चूत में ले ही रही थी कि बगल में जो ठाकुर साब कहे जाने वाले...
कमसिन जवानी की चुदाई के वो पन्द्रह दिन-2
अब तक आपने पढ़ा कि राज अंकल और जगत अंकल के साथ हम लोग कार में मानकपुर जा रहे थे. छोटी सी कार में हम सात लोग घुसे से बैठे थे. जगत अंकल मेरी जांघ पर हाथ फेरते हुए मेरे कान में फुसफुसा रहे थे कि मैंने उनको पंद्रह दिन तक खुली छूट देने का वायदा किया था.
कमसिन जवानी की चुदाई के वो पन्द्रह दिन-1
मैं पहले अपनी पूरी सच्चाई एक एक शब्द बता चुकी हूं, अब उसके आगे की दास्तान आपके सामने लेकर आई हूं, जिन्होंने मेरे बारे में पूरी बात नहीं पढ़ी हो, वे प्लीज़ पहले मेरी पिछली कहानीकमसिन जवानी की आगको जरूर पढ़ें, तभी उन्हें पूरी मेरी बात समझ में भी आएगी...
जीजा ने मुझे रंडी बना प्रिया-14
कहानी के इससे पहले वाले भाग में आपने पढ़ा कि जीजा के दोनों दोस्तों ने मेरी चूत और गांड को चोद प्रिया था और मुझसे चला भी नहीं जा रहा था. मगर उसी वक्त मां भी कमरे में आ गई. वो मेरे बिस्तर को ठीक करने लगी और उसको मेरी ब्रा और पैंटी मिल गई.