कहानियाँ
सभी श्रेणियों की हिंदी सेक्स कहानियां।
दो यादगार चूतें-2
लेखक : रविलोरिया बोली- जीजू पिशाब नहीं पिलाओगे क्या हमें आज?उसके ये शब्द सुनते ही मुझे यकीन नहीं हो रहा था कि वो दोनों इस हद तक भी जा सकती हैं, जो मैंने आज तक सोचा भी नहीं था, जो भी हो, मैंने अंदाजा लगा लिया था कि ये दोनों रांडें बहुत बड़ी और मंझी ...
शराबी की जवान बीवी और बेटी
यह कहानी मेरे एक दोस्त की है जो मैं आपसे शेयर कर रहा हूँ। इस कहानी का एक भागशराबी की जवान बीवीआप पहले ही पढ़ चुके हैं, आगे की कहानी मेरे दोस्त की जुबानी…
मेरी चूत और गांड दोनों प्यासी हैं-8
जैसा कि पिछले भाग में आपने पढ़ा था, हम तीनों लोग बुरी तरह से थक गए और वहीं एक साथ लेट गए। रणवीर और सोनू मेरे अगल-बगल लेटे थे, मैं बीच में थी।
निदा की अन्तर्वासना-2
इमरान ओवैशमैंने न सिर्फ अपने हाथों को उसकी पीठ पर रखे हुए निदा की ब्रा के हुक खोल दिए बल्कि हाथ नीचे करके उसकी कुर्ती को एकदम से ऐसा ऊपर उठाया के उसकी भरी-भरी चूचियां नितिन की आँखों के आगे एकदम से अनावृत हो गईं और वह दोनों हाथों से उन पर जैसे टूट ...
ट्रेन में धकाधक छुकपुक-छुकपुक-2
प्रेषक :जूजा जीसीमा ने बडे़ ही मादक अन्दाज से सिगरेट का एक कश खींचा और मुझसे बोली- तुम्हारा डण्डा तो बहुत मजेदार है।मैं सोचने लगा कि अभी तूने देखा ही कहाँ है मेरा डण्डा?वो शायद समझ गई, बोली- क्या सोच रहे हो डियर, डण्डे की बात सुन कर?तभी नीलू जो सी...
मैं नन्ही जान और पापा के शराबी दोस्त
लेखिका : सपना चौधरी
निदा की अन्तर्वासना-3
इमरान ओवैशहम तीनों ही मादरजात नग्न थे और मेरे इशारे पर नितिन भी ऐसा सट गया था कि हम तीनों ही एक-दूसरे से रगड़ रहे थे। नितिन ने उसका चेहरा थाम कर उसे चूमने की कोशिश की, लेकिन निदा ने शर्म से चेहरा घुमा लिया और वो पीछे से उसकी गर्दन पीठ पर चुम्बन अंक...
ट्रेन में धकाधक छुकपुक-छुकपुक-3
प्रेषक : जूजा जीमुझे अभी भी याद था कि दो छेद मेरे लंड का बड़ी बेकरारी से इंतजार कर रहे हैं। मैंने सीमा की तरफ देखा तो मैडम अपनी चूत में ऊँगली अन्दर-बाहर कर रही थीं।मैंने कहा- आओ रानी लेटो इधर.. तुम्हारा चुदाई का ख्वाव भी पूरा कर देता हूँ।वो बोली, ...
निदा की अन्तर्वासना-4
इमरान ओवैशकुछ देर बाद निदा अपना एक हाथ उठा कर अपने चूतड़ सहलाने लगी जो कि मेरे लिए इशारा था कि वह अब बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी।मैंने सीधे होकर अपना लण्ड थूक से गीला करके उसके गुलाबी दुपदुपाते हुए छेद पर रखा और थोड़ा ज़ोर लगा कर अन्दर उतार दिया।
ट्रेन में धकाधक छुकपुक-छुकपुक-4
प्रेषक : जूजा जीतभी शब्बो बोली- राजा इसकी सील तोड़नी पड़ेगी .. साली की चूत अभी तक पैक है ..!मेरा लण्ड गनगना गया, जीवन में पहली सील तोड़ने का अवसर था। मैंने नीलू को अपनी तरफ घुमाया और उसके होंठों को अपने होंठों से दबा कर चूसने लगा। मैंने उसको ध्यान से...
इन्तजार एक का था, पर दो मिलीं
प्रेषक : रवि
खुल्लमखुल्ला चुदाई-2
लेखक : इमरान