नौकर-नौकरानी
कामुक, बोल्ड और रोमांचक हिंदी कहानियों का बेहतरीन संग्रह।
मेरा गुप्त जीवन- 181
इंदु मेरे अभी भी खड़े हुए लंड को बड़ी हैरानी से देख रही थी क्यूंकि उसका पति तो चंद मिनटों में ही अपना पानी छोड़ देता था और करवट ले कर सो जाता था।
मेरा गुप्त जीवन- 156
तभी हल्की आवाज़ के साथ कमरे का दरवाज़ा खुल गया और एक जनाना आवाज़ ने गुस्से के लहजे में पूछा- सोमू, यह क्या हो रहा है?
मेरी चालू बीवी-105
सम्पादक – इमरानतभी सलोनी मुझसे बोली- सुनो, क्या आप अपना काम 4 दिनों के लिए नहीं छोड़ सकते? देखो ये दोनों ही कल ही साथ चलने के लिए ज़िद कर रही हैं।मुझे तो खुद शादी में जाने की जल्दी थी, सलोनी को क्या पता कि मैंने वहाँ मस्ती करने का कितना खाका तैयार ...
मेरी चालू बीवी-104
सम्पादक – इमरानऔर उसने वैसे ही अपना मुँह सलोनी के लहंगे के अंदर घुसा प्रिया।कुछ देर लगा कि शायद एक्टिंग ही कर रही है पर जब उसका सर लहंगे के ऊपर तक दिखा और सलोनी की बेताबी… वो बैचेनी के अपनी कमर हिला रही थी…ओह इसका मतलब रिया तो सलोनी की चूत ही चाटने ...
मेरा गुप्त जीवन- 127
पेशाब करने वाली लड़कियों में मुझको ज़ूबी भी दिखाई दी, मैंने महसूस किया कि वो भी ख़ूबसूरती की एक खूबसूरत मिसाल है और उस की अभी तक चूत लेने का मौका नहीं मिला।नहाने के बाद सब लड़कियाँ वापस कॉटेज में आ गई और अपने अपने कमरों में चली गई।
चुद्दाकड़ माँ को देख मेरी वासना भड़की- 1
न्यूड मॅाम अन्तर्वसना कहानी में एक दिन मैंने अपनी माँ को हमारे नौकर के साथ नंगी बिस्तर पर देखा. नौकर मम्मी की चूचियां चूस रहा था. देख कर मेरी चूत में चींटियाँ चलने लगी.
मेरी चालू बीवी-95
सम्पादक – इमरानमेरे से भी रुकना अब बहुत मुश्किल था… मैंने अपने लण्ड का सुपारा उसकी बुर के छेद पर रखा और हल्का सा ही दबाव प्रिया।
मेरा गुप्त जीवन- 124
कम्मो ने मेरे सर को सहलाया और फिर हम दोनों उठ बैठे और यह देख कर सब लड़कियाँ हैरान थी कि मेरा लंड अभी भी पूरी तरह से खड़ा था और हवा में लहलहा रहा था।थोड़ी देर बाद हम दोनों बाइक पर बैठ कर हवेली पहुँच गए।
मेरी चालू बीवी-94
सम्पादक – इमरान
मेरी चालू बीवी-93
सम्पादक – इमरानमीनू को देखकर मैं बहुत खुश हुआ, वो बहुत ही खूबसूरत लग रही थी, उसने सफ़ेद लांचा और कुर्ती पहनी थी… लांचे पर नीले रंग के चमकदार फूल थे…मुझे देखकर दोनों ही बहुत खुश हुए।सलोनी- अरे आ गए आप… चलो अच्छा हुआ।
मेरा गुप्त जीवन- 116
अगले दिन सुबह कोई 10 बजे के करीब एक मिनी बस हवेली के बाहर आकर रुकी और उसमें से 10-12 लड़कियाँ निकली।रूबी मैडम ने उनका स्वागत किया।
मेरा गुप्त जीवन- 111
सुबह उठे तो मेरी चाय फुलवा ले कर आई और मैं फुलवा को देख कर हैरान रह गया।चाय उसके हाथों से लेने से पहले मैंने उठ कर उसको एक बड़ी ही सेक्सी जफ्फी मारी और एक गरमागरम चुम्मी उसके होटों पर दे दी।