कहानियाँ
सभी श्रेणियों की हिंदी सेक्स कहानियां।
मेरे गांडू जीवन की कहानी-20
अभी तक आपने पढ़ा कि रवि के साथ उसी के घर पर मेरीदूसरी सुहागरात… यार के साथहुई जिसमें उसने मेरी गांडफाड़ चुदाई की. हम दोनों के बीच में हमारे रिश्ते को लेकर काफी बातें भी हुईं जिसमें नतीजा यह निकल कर आया कि वो अपनी सेक्स की प्यास बुझाने के लिए मेरे ...
मेरे गांडू जीवन की कहानी-19
मेरी गांडू गे सेक्स कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा कि रात को मैं अपने यार के साथ दूसरी सुहागरात मना रहा था, जब मैं गांड मरवा रहा था तो मुझे इसके बड़े लंड से बेइन्तेहा दर्द हो रहा था.अब आगे:
मेरे गांडू जीवन की कहानी-18
अभी तक आपने गांड चुदाई की देसी कहानी में पढ़ा कि रवि के घर में उसके साथ मेरी दूसरी सुहागरात शुरु हो चुकी थी और उसकी लोअर में तने लंड को चूमने चाटने के बाद मैंने उसकी छाती को नंगा करवा कर छाती के बालों को चूमा, उसकी गर्दन पर प्यार से किस किया और फि...
मेरे गांडू जीवन की कहानी-17
अभी तक मेरी गे सेक्स कहानी में आपने पढ़ा कि रवि के साथ खेत में घूमने गया जहां उसने ट्यूबवेल की हौद में मेरी गांड की चुदाई की।
मेरे गांडू जीवन की कहानी-16
अभी तक आपने पढ़ा कि मैंने रवि के घर जाकर उसके साथ खाना खाया और उसको अपने दिल की बात बताने की कोशिश की लेकिन उसके दिल में मेरे लिए क्या था, मैं नहीं जान पाया था। वो मेरी परवाह तो करता था लेकिन मेरे अंदर जो लड़की बैठी थी, वो अपनी पलकें बिछाए उस बादल...
मेरे गांडू जीवन की कहानी-15
अभी तक आपने पढ़ा…मैं रवि से मिलने उसके गांव पहुंच गया, वो अपनी भैंसों को जोहड़ में नहला रहा था. हम भैंसों को लेकर उनके लिए बनाए बरामदे में चले गए जहां रवि ने मुझे अपनी तरफ खींचकर मेरी निप्पलों को मसलना शुरु कर दिया और उसका लंड उसके ढीले कच्छे में ...
मेरे गांडू जीवन की कहानी-14
अभी तक इस गे सेक्स स्टोरी में आपने पढ़ा कि रवि की तलाश में हिसार जाकर मैं संदीप के साथ बाइक पर जाखोद खेड़ा गांव की तरफ जा रहा था. रात हो चुकी थी. हम पहुंचने ही वाले थे लेकिन संदीप मुझे नेवली खुर्द गांव की तरफ एक सुनसान रास्ते पर वीराने में एक कोठर...
मेरे गांडू जीवन की कहानी-13
शादी में चूसा कज़न के दोस्त का लंड-13
मेरे गांडू जीवन की कहानी-12
शादी में चूसा कज़न के दोस्त का लंड-12
कुछ पुरानी यादें : डॉक्टर मैडम की चुदाई
शाम को मैं और आलोक साथ आये और माँ को फिर उसी तरह चोदा. तीन दिन यह खेल चला, फिर पापा लौट आए. पापा के आ जाने से मौका ही नहीं मिलता था.पापा किसान थे, इस वजह से वो हमेशा घर पर ही रहते थे. अब मुझे बिना चोदे ही रहना पड़ रहा था. कभी कभी मौका मिलता था तो म...
मेरी गांड की चुदाई की कहानी-11
शादी में चूसा कज़न के दोस्त का लंड-11
मेरी फ्री हिंदी सेक्स स्टोरी की प्रशंसिका की चुदाई
नमस्कार मित्रो, मैं परीक्षित कुमार, आपके समक्ष उपस्थित हूँ बहुत दिनों के बाद मेरी नई फ्री हिंदी सेक्स स्टोरी के साथ. काम, परिवार के साथ समय का कुछ पता ही नहीं चलता है.