गे सेक्स स्टोरी
कामुक, बोल्ड और रोमांचक हिंदी कहानियों का बेहतरीन संग्रह।
आजादी दिवस पर गांड में लंड का मजा
बात पन्द्रह अगस्त की ही है, काफी दिनों से मैंने नया लंड नहीं लिया था जिस दिन से घर के पास वाला वो बाग़ काट दिया गया है, उसी दिन से लंड लेना मुश्किल हो रहा है पर उम्मीद पर जिंदगी कायम है।
उन दिनों की यादें-2
प्रेषक : गुल्लू जोशीकहानी का पहला भाग: उन दिनों की यादें-1अगले दिन मनोज एक नई सीडी लाया था। वो भी समलिंगी लड़कों की सीडी थी। रोज की तरह हम दोनों ने स्नान किया। मैं तो आज लुंगी में ही था। उसे भी मैंने एक लुंगी दे दी। मुझे लगा कि कुछ मामला हुआ तो ये...
उन दिनों की यादें-1
प्रेषक : गुल्लू जोशी
पूरे हुए सपने- 2
कहानी का पिछ्ला भाग: पूरे हुए सपने-1एक दिन हिम्मत कर के दोनों ने यासीन से पूछ ही लिया कि वो गाण्डू कैसे बना।
पूरे हुए सपने-1
हर बार होली पर बुड्ढे और जवान सपना सजाते हैं कि इस बार बहू, चाची, मामी, दीदी, पड़ोसन या कोई कमसिन कली के स्तन रंग लगाने के बनाने हाथ लग जाएँ या फिर गाण्ड छू जाए।लेकिन कुछ के सपने अधूरे रह जाते हैं और कुछेक के पूरे हो जाते हैं..पूरे हुए सपनों की कह...
रात के सफ़र में मिले लौड़े
लेखक : सनी
नए माली से भी गाण्ड मरवाई
आपका : सनी गाण्डू
एक गाण्डू की चुदाई
दीपक शर्मा
बुड्ढों के महान लौड़े
आपका प्यारा दुलारा : सनी
रूम पार्टनर से मरवाई
यह मेरी पहली कहानी है। मेरा नाम अवनीश यादव है, मैं कम्पयूटर साइंस तृतीय वर्ष का छात्र हूँ। बात उन दिनों की है जब मैंने अपनी बारहवीं की परीक्षा पास करके बी. टेक. में प्रवेश लिया था। मैंने होस्टल में रहना तय किया क्योंकि मैंने सुन रखा था कि हॉस्टल क...
गैरेज में पुताई वाले से
प्रेषक : वही आपका प्यारा सनी
शायद मैं लड़की हूँ
प्रेषक : प्रवीणा