कोई मिल गया
कामुक, बोल्ड और रोमांचक हिंदी कहानियों का बेहतरीन संग्रह।
वासना की न खत्म होती आग -2
उन्होंने कहा- ‘जब से तुम्हारी फोटो देखी है, तब मैं तुम्हें चोदने के सपने देखता हूँ।उनका जिस्म और उम्र देख कर तो लगता नहीं था कि वो सम्भोग ज्यादा देर कर सकते हैं पर फिर मुझे अपने फूफाजी की बात याद आई।उस रात उन्होंने हाथ से हिला के मुझे अपना वीर्य भ...
तलाकशुदा फ़ुद्दी की प्यास बुझाई-2
Talakshuda Fuddi ki Pyas Bujhai-2उसने घर पर ही खाना बनाया था.. चिकन-करी और चावल..
बीवी को गैर मर्द से चुदवाने की मंशा-5
सलीम मेरे पास आकर बोला- सच में तू बहुत खूबसूरत लग रही हैं.. आनन्द तुझे देख कर खुश हो जाएगा।
तलाकशुदा फ़ुद्दी की प्यास बुझाई-1
मेरी पिछली कहानियों को आपने सराहा..उसके लिए मैं आपका आभारी हूँ..
लंडखोर औरत की चूत की दास्तान-ए-चुदाई- 4
सेमी न्यूड लेडी इन द ट्रेन स्टोरी में मैं अपनी सहेली के दोस्त के साथ फर्स्ट क्लास के केबिन में अकेली उसके साथ सेक्स करने की इच्छा के चलते कम कपड़ों में थी बिना ब्रा पैंटी के.
बीवी को गैर मर्द से चुदवाने की मंशा-4
मैं चुप रही.. कुछ देर में आनन्द भी चैट पर आया… दोनों की चैट शुरू हुई
वासना की न खत्म होती आग -1
नमस्कार दोस्तो,कैसे हो सब?मैं सारिका कंवल!बहुत दिन हो गए मैंने कोई कहानी अपने प्रसंसकों को नहीं सुनाई, इसके लिए मुझे क्षमा कीजिये!दरअसल बात ही ऐसी है कि पति, बच्चों और परिवार के साथ कभी कभी समय ही नहीं मिलता तो कभी अकेलापन पीछे होता है। पर इस अकेल...
लंडखोर औरत की चूत की दास्तान-ए-चुदाई- 3
हॉट भाभी इन ट्रेन स्टोरी में मैं पहली श्रेणी के वातानुकूलित केबिन में थी, मेरे साथ मेरी सहेली के मित्र भी इसी केबिन में थे. उनसे मिल कर मैं गर्म होने लगी थी.
पति की गांड, पत्नी की चूत चुदाई
मैं एक बार लिफ्ट लेने के लिए खड़ा था, मैंने कई लोगों से लिफ्ट माँगी, पर मिली नहीं। तो मैं एक गाना गुनगुनाते हुए आगे बढ़ चला, तभी थोड़ी देर में एक स्कूटी से एक बेहद स्मार्ट लड़के ने मुझे लिफ्ट दी। मैं बैठ गया, दोनों में बातें होने लगीं।
शादी किसी की और चुदाई किसी की-3
Shadi Kisi ki Aur Chudai Kisi ki-3अब तक आपने पढ़ा कि मैंने पूजा को कॉल करके दरवाजा खोलने को बोला।
विरह की आग में सुनयना की चुदास
‘हैलो जी.. हाऊ आर यू.. आपकी कहानी पढ़ कर मज़ा आ गया.. दूसरी कब भेजोगे?’मैंने मेल का उत्तर भेजा।
बीवी को गैर मर्द से चुदवाने की मंशा-3
दूसरे दिन माँ-पापा अपने गाँव चले गए।