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पहली बार चुदाई पठन समय: 11 मिनट पढ़ा गया: 1,281 बार

अनजाने में हुई गलती

शेखर वर्मा

16 Mar 2019 को प्रकाशित

अनजाने में हुई गलती
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ये बात आज से 3 साल पहले की है, जब मैं बी.टेक के सेकंड ईयर में था.

मेरे साथ बबिता नाम की एक लड़की पढ़ती थी, जो बहुत ही सिंपल लेकिन सेक्सी थी. वो बहुत ही गोरी, आँखें एकदम काली, गोल और बड़ी आँखें, गालों पर टमाटर जैसी लाली दिखाई देती थी. वो भी बिना मेकअप के. उसका फिगर 38-30-36 का था और कॉलेज के सभी लड़के उसे पटाने के लिए दिन रात मेहनत करते थे लेकी वह किसी को भाव नहीं देती थी.

उस टाइम मैं बिल्कुल सिंपल दिखने वाला और बिल्कुल शरीफ लड़का था और लड़कियों के बारे में कोई गंदी सोच नहीं रखता था. वो लड़की भी बिल्कुल सिंपल रहती थी और हमेशा सूट के साथ चूड़ीदार पजामी या फिर पटियाला सलवार ही पहन कर आती थी.

एक दिन वो स्कूटी से कॉलेज आ रही थी. अचानक रास्ते में उसकी स्कूटी स्लिप हो गई और वो गिर गई. जहाँ वो गिरी थी, वहीं पर मैं एक शॉप पर कुछ नोट्स की फोटो कॉपी करा रहा था.

मैंने दौड़ कर बाहर आकर बबिता को संभाला, उसे उठाया तो मैंने देखा कि उसके सारे कपड़े मिट्टी और कीचड़ में खराब हो गए थे. उसको हाथ में कोहनी पे थोड़ी सी चोट लग गई थी, जिससे उसको अपना हाथ हिलाने में भी प्राब्लम हो रही थी.

मैंने उससे पूछा- तुम ठीक तो हो ना?उसने कहा- ओह.. मेरे हाथ में बहुत दर्द हो रहा है और मेरे कपड़े भी खराब हो गए हैं.मैंने बोला- बबिता तुम ऐसा करो, मेरा रूम पास में ही है, तुम वहाँ चलो. मैं तुम्हारे हाथ पर दवाई लगा दूँगा और तुम अपने कपड़े भी ठीक कर लेना.पहले तो बबिता कुछ सोचने लगी, फिर उसने कहा- ओ के, चलो!

मैं उसे उसकी ही स्कूटी पर बैठा कर अपने रूम पर ले आया, रूम पर आते ही मैंने बबिता के हाथ पर दवाई लगा दी और उससे बोला कि तुम बाथरूम में जाकर अपने कपड़े साफ कर लो.

बबिता ने उस टाइम ब्लैक शर्ट और रेड कलर की चूड़ीदार पजामी पहनी हुई थी और दुपट्टा था. उसके कपड़े सारे कीचड़ में सने हुए थे.

मैंने बबिता को एक तौलिया प्रिया और वो बाथरूम में चली गई. थोड़ी देर बाद बबिता ने मुझे बाथरूम में से आवाज़ दी और बोली- शेखर प्लीज़ यहाँ आओ.मैंने दरवाजे के बाहर से बोला- हाँ बबिता बोलो.. क्या हुआ?बबिता बोली- शेखर, मेरे हाथ में बहुत दर्द हो रहा है, मुझ से मेरे कपड़े साफ नहीं हो पा रहे हैं.. तो क्या तुम मेरी हेल्प करोगे?मैंने कहा कि तुम अपने कपड़े उतार कर बाथरूम में रख दो. मैं उनको वॉश कर दूँगा और तुम थोड़ी देर मेरा कुर्ता पजामा पहन लो, मैं लाकर देता हूँ.बबिता बोली कि मैं अपने कपड़े नहीं उतार सकती क्योंकि मेरे हाथ में बहुत दर्द है, तुम प्लीज़ अन्दर आकर मेरे कपड़े पहने पहने ही साफ कर दो.

मैं उसकी रिक्वेस्ट पर बाथरूम में अन्दर चला गया. मैंने बबिता के हाथ को तौलिया से पोंछना शुरू किया और जब हाथ के बाजू को साफ करने लगा तो सूट की बाजू पर लगा कीचड़ तौलिया से साफ नहीं हो रहा था.

तो मैंने कहा कि ये कपड़े पानी में भिगोने पड़ेंगे, तभी इसका कीचड़ साफ हो सकेगा.

मैंने शावर ऑन किया लेकिन शावर में पानी नहीं आया, शायद टंकी खाली हो गई थी. मेरे नहाने का बाथटब पानी से फुल भरा हुआ था तो मैंने कहा कि लो बबिता तुम ऐसा करो, इस टब में बैठ जाओ ताकि तुम पानी में भीग जाओ और तुम्हारे साथ ये कपड़े भी भीग जाएँगे. फिर बाद मैं तुम मेरा कुरता पजामा पहन लेना.

तो बबिता ने वैसा ही किया और वो टब में बैठ गई. मैंने पानी में ही अपना हाथ बबिता के कपड़ों पर फेरना शुरू किया. उसके कपड़ों की मिट्टी और कीचड़ को साफ करने के लिए मैं धीरे धीरे अपने हाथ उसकी पीठ पर रगड़ने लगा.

शायद बबिता को मजा आने लगा था क्योंकि उसकी आँखें बंद होने लगी थीं. धीरे धीरे मेरा हाथ उसकी चूचियों पर गया और चूचियों पर जैसे ही मेरा हाथ टच हुआ, उसको ना जाने क्या हुआ वो अचानक तेज़ी से पलट गई और उसके पलटने की वजह से मैं अपना बैलेंस नहीं बना सका.. और मैं भी पानी से भरे टब में गिर गया.

बबिता ने देखा तो वो बोली- ओह आई एक सॉरी शेखर.. वो क्या हुआ कि जैसे तुमने मेरे यहाँ हाथ लगाया तो मुझे गुदगुदी हुई और मैं घूम गई.मैंने कहा- कोई बात नहीं.

मैं फिर से उस की बॉडी पर हाथ फेरने लगा. हाथ फेरते फेरते मेरे हाथ उस के पेट पर घूमने लगे, बबिता को अब और मजा आने लगा था और अब मुझे भी कुछ कुछ होने लगा था और ना जाने कब कब में मेरे हाथ बबिता के कूल्हों को सहलाने लगे, पता ही नहीं चला.

उस के बाद मेरे हाथ उस के शर्ट के नीचे उसकी जाँघ पर घूमने लगे, बबिता की आँखें बंद थीं और उसके मुँह से हल्की ‘इसस्स.. आहम्म..’ की सिसकारियां निकल रही थीं. इतनी देर में मैं अपने होश खो बैठा और अब मेरे हाथ बबिता के मम्मों को अच्छे से सहलाने लगे थे. उस के बाद मैं बबिता के नज़दीक आया और उस के ऊपर आकर उसकी गर्दन को चूमने लगा. उसके बाद मैंने अपने होंठ बबिता के होंठों पर रख दिए.

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बबिता भी मेरा साथ देने लगी. मैंने अपना एक हाथ उसकी चूड़ीदार पाजामी के ऊपर से ही उसकी चुत पर रखा तो मैंने महसूस किया कि उसकी चुत में से कुछ निकला है और वो बहुत ही चिकना पदार्थ है.मैंने बबिता का शर्ट उतारा, उसने अन्दर ब्लैक ब्रा पहनी हुई थी, जिसमें उसके मोटे मोटे 36 साइज़ के चूचे बड़े सेक्सी लग रहे थे. मैं उन मम्मों को ब्रा के ऊपर से ही चूसने लगा.

अब बबिता की सिसकारियां बहुत तेज़ हो चुकी थीं. मैंने पानी के अन्दर अपना मुँह डाल प्रिया और बबिता की चुत को उसकी पजामी के ऊपर से ही चूसने लगा. बबिता अचानक तेज़ी से तड़प उठी और मेरे सिर को अपनी चुत पर दबाने लगी. मैंने बबिता की पजामी का नाड़ा खोल प्रिया और उसकी पजामी को उतार प्रिया. इसके बाद मैंने बबिता को पानी में उल्टा किया और उसके ऊपर चढ़ कर उसकी गर्दन से उसको चूमना शुरू कर प्रिया.

बबिता अब बहुत तेज़ ‘आआह.. उउम्म्म्म..’ की सिसकारियां भर रही थी. गर्दन को चूमते हुए मैं उसकी पीठ को चूमने लगा और उस की ब्रा का हुक खोल कर पीठ को चूमते हुए उसके मम्मों को हाथों से दबाने लगा. उस के बाद मैं बबिता की कमर को चूमते हुए उस की कमर को चूमने लगा और उस की ब्लैक पेंटी को उतार कर उस के कूल्हों को चूमने लगा.

इतना कुछ करने के बाद मैंने बबिता को सीधा किया और उस की टांगों को खोल कर मैं अपना 6.5 इंच लंबा लंड उसकी चुत पे सैट करके बैठ गया. अब मैं उसके मम्मों को चूसने लगा, बबिता की अभी भी आँखें बंद थीं और वो ज़ोरों से सिसकारियां भर रही थी.

मैंनेअपना लंड उनकी चूत पर सैट करके धीरे से धक्का मारा. लेकिन पानी के अन्दर मेरा लंड उसकी चुत से फिसल गया. फिर मैंने अपने लंड को हाथ से पकड़ कर उस की चुत पर रखा और एक ज़ोरदार धक्का लगा प्रिया. इस झटके से मेरा आधा लंड उसकी चुत में जा चुका था, जिससे बबिता दर्द के मारे कराह उठी. मैंने तुरंत उसके होंठों को अपने होंठों से दबा प्रिया और थोड़ी देर रुकने के बाद दुबारा मैंने एक और ज़ोरदार धक्का प्रिया.

बबिता और तेज़ चिल्लाई- उईई माँआआ.. आअहह.. मर गई..मेरा पूरा लंड उसकी चुत में उतर चुका था. उसकी चुत बहुत ही टाइट थी, जिस वजह से मेरे भी लंड में दर्द होने लगा था.

बबिता का दर्द नॉर्मल होने के बाद मैंने अपने लंड को उस की चुत के अन्दर बाहर करना शुरू किया. अब बबिता को भी मज़ा आ रहा था. मैंने अब स्पीड बढ़ा ली थी. लंड को उस की चुत में अन्दर बाहर करने के दौरान बबिता 2 बार मुझसे तेज़ी से चिपक कर अकड़ गई थी. शायद वो झड़ गई थी, मैं पानी में उस की चुदाई किए जा रहा था.

करीब दस मिनट बाद मैं भी झड़ने वाला ही था.. तो मैंने अपना लंड उस की चुत से बाहर निकाल लिया. मैं भी उसकी चुत से बाहर पानी में ही झड़ गया और मैं बबिता के ऊपर ही गिर गया.

हम दोनों पानी में ऐसे ही लेट गए, इसके बाद करीब 15-20 मिनट बाद बबिता को होश आया और मुझे अचानक धक्का देकर पानी के टब से बिल्कुल नंगी बाहर निकली और अपनी नंगे शरीर को तौलिया से ढक लिया.

बबिता ने देखा कि पूरा टब का पानी उस की चुत के खून से लाल सा हो गया था. ये देख कर बबिता बहुत तेज़ रोने लगी और बोली- शेखर, ये क्या कर प्रिया तुमने?मैंने बोला- बबिता पता नहीं ये सब कब और कैसे हो गया, मुझे भी कुछ होश नहीं.बबिता रोती हुई बोली- शेखर अब क्या होगा जब किसी को पता चलेगा तो?मैंने बोला- बबिता घबराओ नहीं.. किसी को हम कुछ नहीं बताएंगे और ये बात तुम्हारे और मेरे बीच में ही रखेंगे.

बबिता रोती हुई बाथरूम से बाहर निकली, उससे चला नहीं जा रहा था. वो जैसे तैसे चल कर वो सोफे पर जाकर उल्टी लेट गई.. और नीचे मुँह करके रोने लगी. मैंने बाथरूम से बबिता के सूट चूड़ीदार पजामी पेंटी ब्रा उठाई और वॉशिंग मशीन में सूखने को रख दिए. फिर सुखा कर बबिता को पहनने को दिए. बबिता ने मेरे सामने ही कपड़े पहनने शुरू किए, उसकी ब्रा का हुक मैंने लगाया उसको उसके कपड़े पहनने में हेल्प की.

जब बबिता वहाँ से जाने लगी तो मैंने कहा कि बबिता एक बार डॉक्टर को दिखा दें क्या?तो उसने बोला- शेखर तुमको कुछ करने की ज़रूरत नहीं है, मैं खुद संभाल लूँगी.. और हाँ आज के बाद तुम मुझ से मिलने की या बात करने की प्लीज़ कोशिश मत करना.

ये कह कर बबिता वहाँ से अपनी स्कूटी लेकर चली गई.

दोस्तो इस कहानी के कमेंट आने के बाद आपको मैं अपनी अगली कहानी बताऊंगा. इसमें मैं आपके साथ अपनी वो कहानी शेयर करूँगा, जिसमें आप सभी जानेंगे कि मैंने अपनी वाइफ को शादी से पहले कैसे चोदा.

दोस्तो मेरी सेक्स स्टोरी कैसी लगी आपको ये मुझे आप फ़ेसबुक पर मैसेज करके बताना और स्पेशल लड़कियों को बोल रहा हूँ कि मुझे ये स्टोरी पढ़ कर ज़रूर बताएं कि ये सेक्स स्टोरी कैसी लगी. मेरी मेल आईडी हैsupport@mohakkisse.com

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