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जवान लड़की पठन समय: 25 मिनट पढ़ा गया: 593 बार

बाप खिलाड़ी बेटी महाखिलाड़िन- 9

राकेश सिंह 1999

15 Mar 2022 को प्रकाशित

बाप खिलाड़ी बेटी महाखिलाड़िन- 9
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इस सेक्स कहानी में पढ़ें बाप बेटी का गंदा सेक्स. बाप ने रिया का चुदक्कड़ बेटी वाला रूप देखा था. मगर बाप ने अपनी जवान बेटी से अपनी वो गंदी मनोकामनायें पूरी की जो वो अपनी बीवी से नहीं कर सका.

दोस्तो, मैं उम्मीद करता हूं कि कहानी में आपको मजा आ रहा होगा. आपके मजे की अगली किश्त के साथ में एक बार फिर से आप लोगों के बीच में हूं.

बाप-बेटी की वासना से सराबोर इस सेक्स कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा था कि कैसे सुरेश ने रिया की गांड को चोदने में कोई कसर नहीं छोड़ी. रिया की गांड चुदाई करते हुए उसने अपनी कई फेंटेसी पूरी की.

अब आगे:

अगले दिन सुबह दोनों फ्रेश हो गए. तब सुरेश ने रिया को पूरी तरह से नंगी होकर डांस करने को कहा।सुरेश ने म्यूजिक ऑन किया और एक बेहद सेक्सी गानाएक तो कम ज़िन्दगानीकमरे में बजने लगा।

रिया उस गाने की बीट पकड़ कर नाचने लगी। रिया को अपनी माँ से नाचने की कला विरासत में मिली थी। अब तो सुरेश का बुरा हाल होने लगा।

इस गाने पर नाचते हुए रिया बेहद कामुक मूव्स कर रही थी जो कि उस भद्दे गाने की बोल से मिल रहे थे- जैसे अपने चूतड़ों को ज़ोर ज़ोर से हिलाना। चूचियों को उठा उठा कर हिलाना। होंठों को रगड़ना, आंखे मारना, अपनी चूत को वो इस सब के दौरान छुपाए हुए थी।

सुरेश खुश भी था और हैरान भी अपनी रंडी बेटी का ये रूप देखकर।

थोड़ी देर बाद गाना बंद हो गया और सुरेश ने ताली बजाई। रिया ने हंसकर हाथ के इशारे से धन्यवाद किया।

फिर सुरेश उसके पास आ गया और दूसरा गाना लगायाभीगे होंठ तेरे … प्यासा दिल मेराइमरान हाशमी और मल्लिका वाला।

दोनों ही उस धुन पर नंगे होकर नाचने लगे। इस दौरान सुरेश और रिया ने एक दूसरे को कितनी बार चूमा, सहलाया उसका कोई हिसाब नहीं था। दोनों बिल्कुल एक दूसरे में मग्न हो गए थे।

जब गाना खत्म हुआ तो रिया सुरेश की कमर के आसपास कैंची बनाकर उसकी गोद में चढ़ी हुई थी। रिया को ऐसे ही उठाकर सुरेश अब कमरे की ओर बढ़ चला। दोनों एक दूसरे को देख कर मुस्कराते हुए हांफ रहे थे।

सुरेश रिया को कमरे में ले आया तो रिया ने सुरेश से कहा- डैड आज का दिन यादगार बनाना होगा। तुम्हारे लण्ड की कसम, आज पूरा दिन चुदवाऊंगी. इसलिए आज हम तुम दोनों ही सेक्स की दवा खा लेते हैं।

सुरेश- कहाँ रखे हुए हो जान सेक्स की दवा?रिया- वहां रैक पर रखी है। आज के दिन की तैयारी है।पहले उसने रिया को बिस्तर पर रखा. फिर वियाग्रा लाया. दोनों ने एक एक गोली खा ली.

फिर सुरेश को देख रिया बोली- ये देखो डैड, तुमको ये देखकर अच्छा लगेगा।सुरेश- क्या?रिया ने अपनी चूत फैला कर दिखा दी.

सुरेश- साली रंडी, आज दिनभर तुमको खूब चोदूंगा. तू टेंशन मत ले।रिया- जैसे मन करे वैसे चोदो डैड। मैं तुम्हारी दासी हूं.सुरेश- ठीक है, बेड से उतर और कुतिया बन जा फिर।

रिया ने वैसे ही किया। वो कुतिया की तरह चौपाया हो गयी। फिर सुरेश उसके बालों को पकड़कर उसको अपने कमरे में ले गया और रिया के गले में कुतिया वाला पट्टा पहना प्रिया जिसमें चेन भी लगी हुई थी ।

फिर वह रिया को किसी कुतिया की तरह खींचते हुए उसके कमरे में ले गया।उसने पूछा- लिपस्टिक कहां है तुम्हारी?रिया- वो वहां दराज़ में है।

इतना कहना था कि सुरेश ने एक थप्पड़ उसके गाल पर जड़ प्रिया और बोला- कुतिया बोलती नहीं सिर्फ भौंकती है. जीभ बाहर लटकाती है। इशारों से बात कर हरामज़ादी कुत्ती कमीनी, तेरी मां को चोदूं भोसड़ीवाली, कुतिया की पिल्ली।

रिया का चेहरा लाल हो उठा। मगर उसे समझ आ गया था कि सुरेश शायद आज कोई नरमी नहीं बरतेगा। कहीं ना कहीं वो भी सुरेश के हाथों जलील होना पसंद करती थी।

रिया- भौं-भौं … भौं-भौं … ठीक है?सुरेश- हां ये हुई ना बात, कुतिया साली।सुरेश ने लिपस्टिक निकाला और रिया के माथे पर हिंदी में लिखा- रंडी।

सुरेश ने उसके सामने फर्श पर थूका और रिया से बोला- चाट ले इसे। रिया एक पालतू कुतिया की तरह लपलपाती जीभ से बिना एक पल हिचके थूक चाट गयी।सुरेश- और चाटेगी?

रिया- भौं-भौं वुफ.. (जरूर जरूर, हां)।सुरेश ने उसके खुले मुंह में थूक प्रिया।रिया उसे अमृत समझ कर निगल गयी।

सुरेश- रिया माई बिच, हमारा फोन ले आओ।

आदेश पर रिया रमेश का फोन अपने मुँह में उठा लाई. रिया की गांड को सहलाते हुए सुरेश ने उससे फोन ले लिया. फिर सुरेश ने रिया की कुछ तस्वीरें निकाली. रिया बिल्कुल कुतिया बनी हुई थी।सुरेश- तुम अब वापिस उठ सकती हो।

रिया उठकर सुरेश के पास बैठ गयी।फिर सुरेश ने उससे पूछा- कैसा लगा रंडी बेटी ?रिया- डैड आप बुरा तो नहीं मानोगे ना, या मुझे गलत तो नहीं समझोगे? मुझे गलत मत समझना। जो तुमने अभी किया उसमें मुझे बहुत मज़ा आया। आज तक मैंने ऐसे केवल ब्लू फिल्मों में देखा था.

सुरेश- मैं बुरा क्यों मानूंगा? पगला गयी हो क्या? तुझे अगर मज़ा आया तो मुझे डबल मज़ा आया ये करने में।रिया- मेरा हमेशा से इसी तरह चुदने का मन है। खूब गंदी चुदाई, गाली गलौच से भरी हुई चुदाई। आप मुझे एकदम घटिया सस्ती रंडी बनाकर चोदो। ऐसे चोदो कि कल सुबह मैं अपनी नज़रों से गिर जाऊं।

रिया- आप तो बहुत प्यार से चोदते हो। ना तो भद्दी भद्दी गालियां देते हो, ना मुझे जलील करते हो। मुझे अहसास दिलाओ कि मैं केवल चुदने के लिए ही बनी हूं. तुमने मुझे खरीद लिया है. अब मैं केवल तुम्हारे भोगने की चीज़ हूं. मेरे अंदर अपनी बेटी को नहीं एक कोठे की रंडी को देखो. आपको खुश …

बीच में टोकते हुए सुरेश बोला- एक मिनट … एक मिनट … तुम ये सब जो बोल रही हो, सच में बोल रही हो ना? तुम सच में हमारी बेटी हो ना? मुझे नहीं पता था कि तुझे ऐसे चुदवाने का शौक है। अब तो बस तुम देखोगी कि मैं तुझे जलील करते हुए सस्ती रंडी बना कर चोदता हूं.

रिया- मुझे हमेशा से ऐसे ही चुदने का मन है। मगर शर्म से बोल नहीं पाती थी।सुरेश- अरे रंडी की बच्ची, चल अब शर्म को हमेशा के लिए टाटा बोल दो क्योंकि अब जो तुम्हारे साथ होगा उसमें तो शर्म को भी शर्म आ जायेगी। जा अपनी गंदी कच्छी ले आ और किचन से गिलास और खीर ले आओ।

गांड मटकाते हुए रिया चली गयी। सुरेश अपने लण्ड को देखकर सोच रहा था कि क्या किस्मत है उसकी। रिया थोड़ी देर बाद वापस आ गयी। उसके हाथ में गंदी मैरून रंग की पैंटी थी। दूसरे हाथ में कटोरी में खीर और गिलास था।

सुरेश- छिनाल सुन इधर सामने आ और अपनी बुर को फैला।उसने रिया की गंदी पैंटी को उसकी चूत में घुसा प्रिया। उसके बाद उसने रिया को पीछे घोड़ी बनने को बोला।

रिया तुरंत घोड़ी बन गयी और पीछे मुड़कर बोली- क्या करने वाले हो?”सुरेश- चल अपनी गांड को फैला. तुम्हारी गांड में ये सारी खीर जायेगी.रिया उत्साहित होकर- क्या??

सुरेश- हाँ, सही सुना तुमने। चलो फैलाओ।रिया ने वैसा ही करते हुए कहा- ये लो।सुरेश ने धीरे धीरे एक एक चम्मच करके सारी खीर रिया की गांड में ठूंस दी.

रिया हंसते-मुस्कराते हुए सब देख रही थी और मज़े ले रही थी। तब सुरेश ने रिया के बाल पकड़कर अपनी तरफ घुमा लिया और उसके हाथों में वो कटोरी पकड़ा दी।सुरेश- कैसा लग रहा है तुझे बुरचोदी साली रंडी?रिया- सारी खीर तो तुमने गांड में डाल दी. अब क्या करोगे?

सुरेश- वो अभी रहने दो। पहले अब लण्ड चूसो। जब तुम चुसोगी तो तुम अपना थूक इस कटोरे में चुआओगी। मेरे लण्ड से जो तुम्हारा थूक चूएगा वो भी इस कटोरे में और मैं जो थूकूंगा वो भी इसी में। इसे फेंकना मत हराम की पिल्ली।रिया- ओह वाओ … ठीक है।

वो सुरेश का लण्ड चूसने लगी। सुरेश आराम से बेड पर बैठा था और रिया अपने मुंह का जादू दिखा रही थी। सुरेश रिया के चूतड़ों को सहलाते हुए उस पर थप्पड़ भी मार रहा था। रिया धीरे धीरे सुरेश के लण्ड को कसके चूसने लगी।

सुरेश ने रिया को भद्दी भद्दी गालियां देने शुरू कर प्रिया- क्या बात है माँ की लौड़ी, भोसड़ी वाली, साली तुझे तो पोर्नस्टार होना चाहिए। कहां से तू यहां हमारे घर में पैदा हो गयी? तुझे तो अमेरिका में पैदा होना चाहिए था. वो भी किसी पोर्नस्टार के घर या रंडी के घर। तुझ पर शराफत जंचेगी ही नहीं। अच्छा हुआ अपना असली रूप तूने खुलकर बता प्रिया, अपने अंदर ऐसी खतरनाक जंगली बिल्ली छुपा कर रखी थी तूने मादरचोद!

रिया मुस्कुराते हुए लण्ड चूस रही थी।

तभी सुरेश ने लण्ड का दबाव रिया के हलक तक पहुंचा प्रिया। रिया हटना चाहती थी मगर सुरेश ने उसपर जोर बनाये रखा। उसके होंठ सुरेश के लण्ड की जड़ में टकरा रहे थे। रिया गूं … गूं … करते हुए उबकाई के साथ स्वतः छूट गई।

लण्ड उसके मुंह से बाहर निकल आया जो कि पूरा का पूरा थूक से सना हुआ था. लण्ड से थूक चूने लगा तो रिया ने कटोरी लण्ड के नीचे लगा दी और अपने मुंह से चूते हुई लार को हाथों में इकट्ठा कर उस कटोरी में डाल प्रिया।

सुरेश ने उसी वक़्त रिया से कहा- अरे बड़े घर की छिनाल लड़की, इतने से काम नहीं चलेगा। तुमको टाइम बढ़ाना होगा।रिया ने हाँ में सर हिलाया। फिर दोबारा से सुरेश के लण्ड को मुंह मे घुसा लिया उसने।

सिसकारते हुए सुरेश बोला- हाँ.. आआहह … आ … आ … बहुत अच्छे मेरी जान … अच्छा कर रही हो। ये लो इनाम।ये कह कर सुरेश ने उस कटोरी में थूक का बड़ा लौंदा गिरा प्रिया।

रिया ने कटोरी बढाकर उसमें थूक ले लिया। रिया फिर कटोरी को अपने मुंह के ठीक नीचे, जहां लण्ड उसके मुंह मे घुसा था, लगा प्रिया। उसके मुंह से लगातार थूक और लार अब चूने लगे थे।

सुरेश को ये बेहद कामुक लग रहा था। रिया धीरे धीरे अपनी स्पीड भी बढ़ा रही थी। उसने सुरेश के लण्ड को और अंदर लेना शुरू किया। सुरेश उसके गालों पर हल्की थपकियां मार रहा था।

रिया ने धीरे से पूरा लण्ड अपने मुंह मे समा लिया और सुरेश के लण्ड के अंतिम छोर तक जा पहुंची।सुरेश ने उसका उत्साह बढ़ाया- हां, साली रंडी कुतिया ऐसे ही, बहुत अच्छे। अभी मुंह में लिए रह, देखूं तो सही मैं कि तू कितनी देर तक रुक सकती है।

रिया आँखें बड़ी करके अपने डैड की आंखों में देख रही थी और सुरेश के प्रोत्साहन से सांसें थाम कोई 15 सेकण्ड्स तक टिकी रही। फिर गैग रिफ्लेक्स की वजह से स्वतः अलग हो गयी और हांफते हुए हंसने लगी.

सुरेश भी हंसने लगा.रिया- ठीक कर रही हूं ना डैडी मैं?सुरेश- हम्म ….मगर मुझे लगता है कि तुम इससे और अच्छा कर सकती हो. ट्राय करो.

ये कह कर सुरेश ने रिया के चेहरे को वापस भीगे लण्ड पर झुका प्रिया। रिया फिर लण्ड चूसने की प्रक्रिया में लीन हो गयी। रिया इस बार खुद को ही हराने के चक्कर में थी। इस बार उसने पूरे 30 सेकंड तक पूरे लण्ड को अपने हलक में छुपाए रखा।

सुरेश को इतनी देर तक रिया के टिके रहने की उम्मीद नहीं थी। सुरेश के आंड रिया की ठुड्ढी पर लटक रहे थे। रिया के चेहरे का निचला हिस्सा पूरी तरह गीला हो चुका था।

उसके हाथों में रखी कटोरी आधी भर चुकी थी। आखिरकार रिया ने मुंह से लण्ड को निकाला। सुरेश ने उसके लिए ताली बजाई। रिया करीब 10 मिनट तक लण्ड चूसती रही।सुरेश- चल अब मैं तेरी गांड को चोदने का मजा लूंगा और तुझे भी बहुत मजा आयेगा.

रिया- मगर गांड में तो आपने खीर भर रखी है डैडी।सुरेश- लण्ड अपनी जगह बना लेगा साली रंडी। तू कुतिया बन जा।रिया फिर चौपाया हो गयी और सुरेश के सामने अपनी भूरी छेद वाली गाँड परोस दी।

सुरेश ने उसके भारी भरकम चूतड़ों पर पहले थूका और तीन चार करारे थप्पड़ मारे। रिया थप्पड़ से उठे दर्द से ज्यादा आनंद महसूस कर रही थी। उसने खुद ही अपने चूतड़ पर तमाचे मारे- सटाक … सटाक … और मारो.. मेरी गांड पर। लाल कर दो डैडी.

वो ऐसा करते हुए अपनी गांड को जोर जोर से हिला रही थी. सुरेश ने कई और थप्पड़ जोर से मारे.सुरेश ने फिर अपना लण्ड रिया की गांड पर रखा और पूछा- क्यों रे रंडी की बच्ची, लण्ड चाहिए?

रिया- हहम्म, हां चाहिए मुझे डैडी.सुरेश- क्या चाहिए कुत्ती खुलकर बोल? सुरेश उसके बाल खींचते हुए बोला।रिया- लण्ड … आपका लण्ड मुझे मेरी गांड में चाहिए डैडी। मुझे अपने लंड का ईनाम दे दो डैडी।

सुरेश- भीख मांग लण्ड के लिए।रिया- प्लीज डैडी, मैं आपके लंड की भीख मांग रही हूं. प्लीज ये मस्त लंड मेरी गांड में डाल दो. मेरी गांड चोद दो डैडी. प्लीज डैडी … मेरी गांड की चुदाई कर दो।

तभी सुरेश ने अचानक से लंड के आगे का हिस्सा रिया की गांड में घुसा प्रिया. रिया के मुंह से चीख निकली मगर सुरेश को कोई फर्क नहीं पड़ा। रिया के बाल पकड़े हुए उसने लण्ड को घुसाना चालू रखा। रिया एक हाथ से अपने बाएं चूतड़ को पकड़े हुए थी।

उसकी गांड के अंदर मौजूद खीर लण्ड के दबाव की वजह से और अंदर तक घुस रही थी. सुरेश के लण्ड पर खीर का दबाव एक गद्दे की तरह लग रहा था। थोड़ी देर में रिया की गांड सुरेश के घुसपैठिये लण्ड से अभ्यस्त हो चुकी थी।

सुरेश रिया की गांड में लंड को रखे हुए उसकी गांड का पूरा पूरा अंदाजा लगा पा रहा था. एक तो रिया की गांड में नैचुरल मक्खन जैसा टेक्सचर था और अब खीर उसमें क़यामत ढहा रही थी।

वो बोला- पता है तुम्हारी गांड लाखों में एक है. बहुत ही मस्त शेप है तुम्हारे चूतड़ों की.ये बोल कर उसने धीरे धीरे धक्के मारने शुरू किये. रिया के मुंह से सीत्कारें उठने लगीं.

सुरेश उसकी गांड पर बने टैटू को छूते हुए कस कर उसकी गांड मारने लगा. रिया के पास चीखें मारने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। सुरेश को उसमें बेहद आनंद आ रहा था।

अब रिया की गांड चुदाई जोर से होने के कारण उसकी गांड से खीर भी बाहर गिरने लगी थी. सुरेश ने कुछ नहीं कहा. अब रिया भी गांड में लंड के दिये दर्द से निकल कर आनंद की चौखट को चूम रही थी.

रिया पीछे मुड़ते हुए बड़बड़ायी- आह्हह डैडी, बहुत मजा आ रहा है … आह्ह चोदते रहो डैडी, मेरे प्यारे डैडी, मेरी गांड को दिन रात चोदते रहो. मैं आपके लंड की दीवानी हूं. अब मेरी गांड भी आपके लंड की दीवानी है.

सुरेश- हां मेरी रंडी रानी. तेरी गांड में जो खीर है वो मुझे तेरी गांड चुदाई का और ज्यादा मजा दे रही है. तेरी चुदाई के बाद मैं तुझे लंड का स्वाद भी तेरे मुंह में दूंगा. तेरी गांड में हलवा तैयार कर रहा हूं मेरी रंडी बेटी.

तेरी गांड को चोद चोद कर उसमें एक मिश्रण बना दूंगा. जिसमें खीर और लंड का स्वाद होगा. खायेगी न बेटी?रिया पर सेक्स और वियाग्रा का नशा चढ़ा हुआ था. वो मदहोशी में बोली- आह्ह … उम्म.. सोच कर ही मुंह में पानी आ रहा है डैडी. ऐसी टेस्टी खीर तो मैं पहली बार खाऊंगी. लाओ दो न डैडी।

सुरेश- सब्र करो रंडी रानी, तुमको मीठा फल मिलेगा। पहले अपनी गांड की चुदाई तो करने दे।सुरेश ने उसको करीब पांच मिनट और चोदा. रिया के बार बार कहने पर उसने लण्ड आखिरकार बाहर निकाला और रिया भूखी कुतिया की तरह लण्ड चाटने लगी।

लण्ड पर चिपचिपा लसलसा पदार्थ लगा हुआ था। रिया ने उसे जी भर कर चाटा। रिया की चूत में से उसकी पैंटी बाहर आ रही थी. सुरेश ने वो पैंटी उसके मुंह में घुसा दी।

सुरेश ने फिर लण्ड वापस रिया की गांड में घुसा प्रिया और चोदने लगा। रिया के मुंह में उसकी चूत के रस से भीगी पैंटी थी जिससे उसकी आवाज़ सिर्फ गूं …गूं …. करके आ रही थी।

रिया एक हाथ से अपनी चूत को रगड़ रही थी। मगर दोनों में से कोई अभी रुकने को तैयार नहीं था। थोड़ी देर बाद सुरेश ने फिर लण्ड निकाला और रिया की चुद कर खुली और फैली गांड को निहारा।

उसने उसकी गांड में थूका और फिर से अपनी बेटी की गांड चुदाई करने लगा. कुछ देर और उसने रिया की गांड चोदी और फिर कटोरी रिया के हाथ से ले ली. उसने लण्ड निकाला और कटोरी में इकट्ठा हुआ थूक और लार सब डाल दी. उसके बाद उसने फिर से लंड गांड में घुसा प्रिया.

रिया की गांड में एक मस्त मीठा मसाला तैयार हो रहा था। सुरेश ने उसकी पैंटी निकालकर अपने गले में डाल ली. रिया मस्ती में ठुकवाती जा रही थी।

सिसकारते हुए वो बोली- आह्ह डैडी, ये तो बहुत अच्छा माल तैयार हो रहा है, मुझे खिलाओगे न?सुरेश- हां डार्लिंग. तुम्हारे लिए ही है. तुमको यही खाना है। अभी थोड़ी देर में मैं मुठ भी इसमें गिरा दूंगा. फिर तुम्हारा प्रोटीन भी आ जायेगा इस मीठे मसाले में और फिर ये डिश तैयार हो जायेगी.

कुछ देर के बाद सुरेश जोर जोर से सिसकारने लगा- आह्ह आहाहहा … आआहह … लगता है मुठ आने वाला है.रिया- आह्ह डैडी, लगता है मेरा भी होने वाला है. आह्ह ऊऊ … अंदर गिराओगे ना अपना गाढ़ा मुठ? अपनी रंडी बेटी को दे दोगे ना अपना मीठा मुठ डैडी? अपना ताजा ताजा मुठ मुझे पिला दो डैडी … आह्ह मैं बहुत प्यासी हूं.

इस तरह से सिसकारियां भरते हुए दोनों साथ में झड़ने लगे. सुरेश के लंड से वीर्य की 5-6 पिचकारियां निकलीं और बहुत सारा वीर्य उसने अपनी बेटी की गांड में भर प्रिया. फिर उसने लंड को बाहर खींच लिया और उसकी पैंटी रिया की गांड में ठूंस दी.

रिया- ये क्यों ठूस दी?सुरेश- जहाँ तक मैं तुम्हें जानता हूं बेटी, तुम कुछ भी बर्बाद नहीं करना चाहोगी। इसलिए पहले तुम लण्ड से सब चाट कर साफ करोगी और जो डिश तुम्हारी गांड में बनी है उसको तुम्हारी पैंटी रोक कर रखेगी.

रिया मुस्कराने लगी और अपने पापा के लंड को एकटक निहारने लगी. उसके लंड पर सफेद और मटमैला रंग चढ़ा हुआ था. उसमें खीर, थूक और मुठ का मिश्रण था. रिया घुटनों के बल नीचे बैठ गयी. फिर सुरेश की ओर देखते हुए उसके लंड के निचले हिस्से को चाटने लगी.

चाटते हुए वो बोली- आह्ह … ये तो मीठा है.सुरेश- हां, क्यों नहीं जान … तुम्हारी गांड और खीर की मिठास ने मिल कर सब कुछ मीठा कर प्रिया है.रिया- तुम्हारे थूक और मुठ ने भी डैडी।

रिया चाट चाट कर पूरा लंड साफ कर गयी. फिर सुरेश के लंड अंदर से रिस रहा बचा खुचा मुठ भी चूस गयी. सुरेश ने रिया को कटोरी वापस दे दी. रिया हगने की पोज में बैठ गयी. उसने कटोरी को ठीक अपनी गांड के नीचे लगा लिया.

रिया- गांड बहुत भारी लग रही है जैसे कि हगने के पहले लगती है.सुरेश- हां तो तुम अभी हगोगी न … उस मीठे मसाले को जिसे तुमने अपनी गांड में भर रखा है.रिया- पैंटी को निकाल दो डैडी।

सुरेश- ये लो अभी निकाल देता हूँ।पीछे से जाकर पैंटी सुरेश ने पैंटी निकाल दी. पैंटी निकालने के बाद रिया की वीडियो रिकॉर्ड करने लगा. रिया की गांड से चिपचिपा लुवेदार पदार्थ बाहर निकलने लगा. वो पदार्थ सीधा कटोरी में गिर रहा था.

रिया धीरे धीरे सब निकाल रही थी। कटोरी भर गई।सुरेश ने पूछा- सब निकल गया?रिया- नहीं अभी इतना ही और है अंदर।

सुरेश ने फिर से पैंटी उसकी गांड में घुसा दी और चम्मच से गांड के छेद के आसपास लटकते उस पदार्थ को कटोरी में डाल प्रिया। रिया की ओर कटोरी बढाकर उसने कहा- ये है सब्र का मीठा फल। खा लो इसे।

रिया ने कटोरी ली और एक चम्मच भर कर खा गयी.वो बोली- वाऊ … बहुत टेस्टी है. बहुत ही मजेदार है.वो धीरे धीरे उस माल को चम्मच से खा रही थी. सुरेश उसकी वीडियो बनाने में लगा हुआ था.

वो बोली- डैडी मैं एक अच्छी लड़की नहीं हूं क्या? मैं क्या करूं डैडी, मेरा मन मुझे ये सब करने को कहता है. आप मुझे अच्छी सोचो या बुरी लेकिन मुझे ये सब करने में बहुत मजा आता है.

सुरेश ने उसके बाल संवारते हुए कहा- तुम एक बहुत अच्छी रंडी हो। जैसी हो वैसे ही रहो, बल्कि तुम्हारा ये रूप देख कर मैं तो तुम्हें और ज्यादा चाहने लगा हूं. ऐसा घिनौना सेक्स तुमको पसंद है ना?रिया- हां डैडी, इसी में तो असली मजा आता है.उसने कटोरी को चाट चाट कर साफ कर प्रिया था अब तक. वो सारा माल खा चुकी थी.

सुरेश को पता नहीं क्या सूझा कि वो बोला- खाना हो गया हो तो अब पानी भी पी ले साली रंडी.ये कह कर सुरेश ने गिलास में अपने मूत की धार भरना शुरू कर दी. देखते ही देखते उसके लंड से निकला हल्के पीले रंग का मूत गिलास में भर गया.

गिलास भर कर उसे रिया के हाथ में दे प्रिया और बोला- ये ले रंडी, पी ले इस अमृत को सारा, तेरा सारा खाना हजम हो जायेगा.रिया ने गिलास उठा लिया और मुस्कराते हुए सुरेश के लंड से निकले पेशाब को गट गट करके पीने लगी. उसने एक ही बार में पेशाब से भरा हुआ पूरा गिलास खाली कर प्रिया.

पेशाब पीने के बाद उसने गिलास एक ओर रख प्रिया. फिर दोनों थक कर लेट गये और आराम करने लगे.इन तीन दिनों में सुरेश ने रिया को घर में हर जगह हर तरीके से चोदा. उसने रिया को इतने बुरे तरीके से चोदा जैसे कि वो उसकी बेटी न होकर कोई बहुत सस्ती बाजारू रंडी हो.

वह रिया को कुतिया वाला पट्टा पहनाकर उसे कुतिया की तरह बांध देता था और जमकर उसकी गांड मारता था. सुरेश की बीवी रति उसको गांड नहीं देती थी जिसकी सारी कसर उसने रिया की गांड से पूरी की.

रिया को भी रफ सेक्स करना बहुत पसंद था. रिया की गांड चुदाई करते हुए सुरेश उसकी गांड पर थप्पड़ मार मार कर पूरी लाल कर देता था. रिया घर में कहीं भी जाती तो सुरेश वहीं पर उसकी गांड चोदने लगता था.

इतनी ज्यादा चुदाई से तंग आकर रिया परेशान हो गयी और काफी थकी थकी रहने लगी. अब वो इतनी ज्यादा मात्रा में चुदाई नहीं करवा सकती थी. उसकी गांड दर्द करती रहती थी. इसलिए अब वो अपने पिता को रोकने का उपाय सोचने लगी.

कहानी अगले भाग में जारी रहेगी.कहानी पर अपने कमेंट्स के जरिये अपना फीडबैक देते रहें. मुझे आप लोगों के रेस्पोन्स का इंतजार रहेगाsupport@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

सोनू दीवाना

2 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

कृष्ण मुरारी

2 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

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