होम पर वापस जाएं
बाप बेटी की चुदाई पठन समय: 14 मिनट पढ़ा गया: 798 बार

बाप ने बेटी को रखैल बना कर चोदा-2

राकेश सिंह 1999

04 Mar 2016 को प्रकाशित

बाप ने बेटी को रखैल बना कर चोदा-2
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

मुकुल राय ने फोन की गैलरी खोला और वो वीडियो चला प्रिया।वीडियो देखते ही परीशा शरमा गई- प्लीज पापा जल्दी डिलीट करो ना!मुकुल राय- अरे बेटी पूरा तो देखने दो। मैं भी तो देखूं मेरी बेटी अंदर से कितनी सुन्दर है।परीशा- प्लीज पापा।

मुकुल राय- ओके बेटी ओके … पहले मेरी बात ध्यान से सुनो। परीशा बेटी, तुम जानती हो कि लोग सेक्स करते हैं लेकिन यह नहीं जानती कि आजकल ज्यादातर लोग अपने घर में ही सेक्स कर लेते हैं। मेरा दोस्त बंसल अपनी दोनों बेटियों के साथ सेक्स करता है क्योंकि अगर वह उनके साथ सेक्स नहीं करेगा तो वह भी किसी ना किसी के पास अपनी जिस्म की आग शांत करने के लिए जायेंगी।फिर वे दोनों भी तुम्हारी तरह किसी न किसी तरह के चक्कर में फँस सकती हैं। सेक्स करते समय कोई आदमी लड़कियों का वीडियो बना ले तो समझ लो लडकियों की कितनी बदनामी होगी, उनमें से किसी के पास भी आत्महत्या के अलावा कोई ऑप्शन नहीं बचेगा। इसलिए मेरा दोस्त ऐसा कर रहा है। एक दिन मैं उसके घर गया था तो मैंने उसे अपनी बेटी के साथ सेक्स करते देख लिया था तब उसने मुझे बताया था।आजकल हर जगह यही चल रहा है किसी ना किसी लड़की का रोज नेट पर सेक्स का वीडियो अपलोड हो रहा है. इसीलिए मैं चाहता हूं कि भले ही हम लोग घर में कुछ भी करें लेकिन बाहर हमारी इज्जत खराब नहीं होनी चाहिए। हम लोग घर में ही एक दूसरे की प्यास को शांत कर सकते हैं। इसमें गलत क्या है। तुम अभी छोटी हो, अभी तुम्हारी शादी होने में बहुत टाइम बाकी है. इसीलिए मैं चाहता हूं की तुम अभी इस चक्कर में कम रहो।अगर तुम्हें कभी अपने जिस्म में गर्मी महसूस हो तो मेरे पास आकर अपनी गर्मी शांत करना मेरे साथ तुम्हारा रिश्ता बहुत दिन तक चलने वाला है क्योंकि तुम्हारी शादी चार पाँच साल बाद में होगी। मैं चाहता हूं कि तुम अपनी पढ़ाई पूरी कर लो। तब तक हम दोनों जिंदगी के मजे लेते रहेंगे फिर जब तुम कहोगी तो तुम्हारी शादी तुम्हारी पसंद के लड़के से कर दूंगा।

परीशा- ठीक है पापा … अगर आप ऐसा सोचते हैं तो यह भी ठीक ही है. मैं भी एक बार फंसकर जान चुकी हूँ कि आप जो बोल रहे हैं वही सही है।

मुकुल राय- देखो बेटी, पहली बार सेक्स करते समय थोड़ा सा दर्द होता है। तुम सिर्फ उस दर्द को बर्दाश्त कर लेना उसके बाद तुम्हें अपनी जिंदगी का सबसे ज्यादा मजा महसूस होगा।तुमको मुझसे एक वादा करना होगा कि तुम आज जो हुआ वह या तुम अपने सेक्स वाली बात किसी को भी नहीं बताओगी; अपनी किसी खास सहेली को भी नहीं. मैं भी जानता हूं कि यह मुश्किल है लेकिन मैं भी तुम्हारी चुदाई की सभी बातें किसी को नहीं बताऊंगा।तुम्हारी मम्मी या किसी को भी नहीं … यह सिर्फ हमारे पास राज रहेगा. तुम उनके सामने कभी भी शो मत करना कि मेरे साथ तुम्हारा कोई गलत रिश्ता है। अगर तुम मुझे अपनी मम्मी के साथ देखोगी कुछ भी करते हुए तो तुम उसको इग्नोर कर देना।

सारी बातें समझाकर मुकुल राय वो वीडियो डिलीट कर देता है। फिर दोनों उस मोबाइल को चेक करते है उसके बहुत सारी ब्लू फिल्म थी। जिसमें बाप बेटी भाई बहन जैसी ब्लू फिल्में थी। मुकुल राय एक बाप बेटी की फ़िल्म प्ले कर देता है जिसे देखकर परीशा गर्म होने लगती है।

फ़िल्म बहुत ही गर्म थी जिसे देखकर मुकुल राय का लंड पूरा रॉड बन जाता है। वह अपना लंड निकालकर परीशा के हाथों में पकड़ा देता है। परीशा अपने पापा का लंड अपने हाथों में सहलाने लगती है उसको बहुत शर्म लग रही थी लेकिन ब्लू फिल्म देख कर वह बहुत गर्म हो चुकी थी।

वह धीरे से नीचे बैठ जाती है और अपने पापा के लंड को अपने कोमल हाथों से सहलाने लगती है.

मुकुल राय धीरे धीरे परीशा के कपड़े निकालने लगता है। वह अपनी बेटी परीशा को पूरी नंगी कर देता है. परीशा की चूचियाँ बहुत ही मस्त थी। मुकुल राय उसे मसलने लगता है. फिर मुकुल राय अपने भी सारे कपड़े उतार देता है।

अब परीशा ने मुकुल राय के लंड को थाम दूसरे हाथ से उसके सुपारे को बहुत कोमलता से सहलाया।“आआह्ह्ह … परीशा बेटी!” मुकुल राय के मुंह से एक हल्की सिसकारी निकल गयी।

परीशा ने एक बार लंड की त्वचा को देखा और फिर मुकुल राय के चेहरे की तरफ देखते हुए नीचे झुककर अपने नर्म मुलायम होंठ उसके खड़े लंड के सुपारे पर रख दिए।“उंहहह ह्ह्ह” मुकुल राय धीमे से आहें भरने लगा।

परीशा के नाज़ुक गर्म होंठ बहुत ही कोमलता से लंड की नर्म त्वचा को जगह जगह चूम रहे थे, धीमे धीमे लंड की कोमल त्वचा पर पुच पुच करती वो चुम्बन लेने लगी, मुकुल राय को अपनी बेटी के नाज़ुक होंठों का स्पर्श उस संवेंदनशील जगह पर बहुत ही प्यारा महसूस हो रहा था।

हाँ … बेटी … बहुत अच्छा लग रहा है.” मुकुल राय की बात सुन परीशा के होंठों पर भी मुस्कान फ़ैल गयी, मुकुल राय की बात से थोड़ा उत्साहित होकर परीशा और भी तेज़ी से लंड के सुपारे को चूमने लगी.कुछ ही पलों में मुकुल राय अपनी बेटी के होंठों के स्पर्श के उस सुखद एहसास में डूबने लगा।

“आआहह … बेटी … प्लीज बेटी ऐसे ही करते रहो.” परीशा तो जैसे यही सुनना चाहती थी, उसने लंड को ऊपर उठाया और जड़ से लेकर टोपे तक लंड पर चुम्बनों की बरसात कर दी, फिर उसके होंठ खुले और उसकी जीभ बाहर आई, उसने जीभ की नोंक से लंड की त्वचा को सहलाया, गीली नर्म जीभ का एहसास होते ही मुकुल राय के मुख से खुद ब खुद सिसकारी निकल गयी।

परीशा की जीभ उस सिसकी को सुन और भी गति से लंड की निचली त्वचा पर रेंगने लगी, परन्तु उसे थोड़ा सा अजीब सा भी महसूस हो रहा था, उसे लग रहा था कि मानो मुकुल राय के लंड पर कोई द्रव लगा था जो बाद में सुख गया था और उसका अजीब सा पर अच्छा स्वाद परीशा को अपनी जीभ पर महसूस हो रहा था, पर उसने इसकी ओर ज्यादा ध्यान नहीं प्रिया और लंड चुसाई में लगी रही।

“अह्ह्ह ह्ह्ह्ह … बेटी बहुत अच्छा लग रहा है … बहुत … बहुत मज़ा आ रहा है.” मुकुल राय के मुख से लम्बी लम्बी सिसकारियां निकलनी शुरू हो गयी थी, अपने पापा के मुख से आनंदमयी सिसकी सुन परीशा के होंठों की मुस्कान उसके पूरे चेहरे पर फ़ैल गयी. उसकी जीभ अब सिर्फ सुपारे पर ही नहीं बल्कि उसके आस पास तक घूम रही थी. परीशा बेपरवाह अपनी जीभ लंड की जड़ से लेकर सिरे तक घुमा रही थी।

मुकुल राय के लिए तो यह एक जबरदस्त मज़ा था, इस मज़े से उसकी हालत खराब होती जा रही थी. पूरे जिस्म में गर्मी सी महसूस होने लगी थी, उसके लंड का तनाव पल पल बढ़ता ही जा रहा था।

जैसे जैसे लंड का आकार बढ़ता जा रहा था, वैसे वैसे परीशा की जीभ की स्पीड बढ़ती जा रही थी. लंड का कठोर रूप अब उसके सामने था और वो रूप उसके तन बदन में आग लगा रहा था. उसके पूरे बदन में होने वाली झुरझुरी उसकी हवस को बयान कर रही थी, उसका अंग अंग फड़कने लगा था।

यह भी पढ़ें (Recommended)

Papa ki khushi ke liye unse chud gayi-10

धीरे धीरे उसकी चूत में रस बहना चालू हो चूका था, वो अपने आप पर काबू खोती जा रही थी, उसकी सांसें गहरी होती जा रही थी और उसका सीना उसकी साँसों के साथ तेज़ी से ऊपर नीचे हो रहा था, बदन में कम्कम्पी सी दौड़ रही थी।

इधर मुकुल राय का लंड पूरा कड़क हो चूका था, अब परीशा से और बर्दाश्त करना मुश्किल हो रहा था. उसने अगले ही पल झट से मुकुल राय के लंड के सुपारे को अपने रसीले होंठों में भर लिया और अपनी जीभ उस पर रगडते हुए उसे जोर जोर से चूसने लगी।

मुकुल राय के आनन्द में कई गुना बढ़ोतरी हो गई थी, अपने पापा के मुख से निकलती ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ ने परीशा को और भी उत्तेजित कर प्रिया. धीरे धीरे उसके होंठ लंड के ऊपर की ओर जाने लगे. जैसे जैसे परीशा के होंठ ऊपर को बढ़ रहे थे, दोनों बाप बेटी की साँसें और सिसकियाँ गहरी होती जा रही थीं।परीशा के होंठ अब सुपारे के नीचे वाले हिस्से की भी सवारी करना शुरू कर चुके थे।

वासना की आग में मुकुल राय और परीशा दोनों का बदन कांप रहा था, बुखार की तरह तप रहा था, परीशा के होंठ अपने पापा के लंड के चारों और बुरी तरह कस गए, और मुकुल राय के लंड का आधे से ज्यादा हिस्सा परीशा की गले की गहराइयों में ओझल हो चुका था।

मुकुल राय को लगा शायद वो गिर जाएगा और उसके बदन ने एक ज़ोरदार झटका खाया।“आहह्ह्ह … म .. उफ्फ” मुकुल राय सुपारे की अति संवेदनशील त्वचा पर अपनी बेटी की रसीली गर्म जीभ की रगड़ से कराहने लगा, उसके हाथ ऊपर उठे और अपनी बेटी के सर पर कस गए।

परीशा तो जैसे पूरे जोश में आ गई, उसने होंठ कस कर अपनी जीभ तेज़ी से चलानी शुरू कर दी, उसका एक हाथ अपने पापा की कमर पर चला गया और दूसरे से वो उनके आंडों को सहलाने लगी।

अब परीशा का मुंह भी लंड पर आगे पीछे होने लगा था, उसके गीले मुँह में धीरे धीरे अन्दर बाहर होते लंड ने मुकुल राय को जोश दिला प्रिया। वो अपनी बेटी के सर को थामे अपना लंड उसके मुंह में जोर जोर से पेलने लगा, हर शॉट में अब उसका लंड परीशा के गले की गहराइयों को नाप रहा था, और अब मुकुल राय तेज़ी से अपने लंड को आगे पीछे करते हुए गहराई तक अपनी बेटी के मुँह को चोदने लगा।

जब मुकुल राय का लंड परीशा के गले को टच करता तो उसके मुख से गूं गों गों … की आवाज़ निकलती।उधर मुकुल राय तो जैसे किसी और ही दुनिया में था, आँखें बंद किए वो अपनी बेटी के मुंह में अपना लंड पेलता जा रहा था। उसको लग रहा था कि वह कोई कुँवारी चूत चोद रहा है।

परीशा को हालाँकि लंड के इतने तेज़ तेज़ धक्कों से थोड़ी दिक्कत हो रही थी मगर वो हर संभव प्रयास कर रही थी अपने पापा के लंड की ज़बरदस्त चुसाई करने का. उसकी जीभ अन्दर बाहर हो रहे लंड के सुपारे को रगड़ती तो उसके होंठ सुपारे से लेकर लंड के मध्य भाग तक लंड को दबाते, लंड अन्दर जाते ही उसके गाल फूल जाते और बाहर आते ही वो पिचकने लगते।

जल्द ही मुकुल राय को अपने अंडकोष में दवाब सा बनता महसूस होने लगा, उसे अहसास हो गया वो झड़ने के करीब है. उसने अब अपनी बेटी के मुँह को और भी तेजी से चोदना शुरू कर प्रिया.उधर परीशा के लिए अब इस गति से अन्दर बाहर हो रहे लंड को चुसना संभव नहीं था, वो तो बस अपने होंठों और जीभ के इस्तेमाल से जितना हो सकता लंड को सहलाने की कोशिश कर रही थी। खुद वो अपनी टांगें आपस में रगड़ कर उस सनसनाहट को कम करने की कोशिश कर रही थी जो उससे बर्दाश्त नहीं हो रही थी. चूत से रस निकल निकल कर उसकी जांघें गीली कर चुका था।

तकरीबन 10 मिनट की भीषण चुसाई के बाद अचानक मुकुल राय को लगने लगा जैसे उसकी शक्ति का केंद्र बिंदु उसका लंड बन गया है. वो झड़ने के बिल्कुल करीब पहुंच चुका था पर वो चाहता था कि उसके पानी की हर एक बूंद परीशा की गले की गहराइयों में उतर जाए, इसलिए अब उसके धक्के और भी ज्यादा तेज होते जा रहे थे।

परीशा को भी यह अहसास होने लगा था था कि अब शायद उसके पापा झड़ने वाले हैं इसलिए उसने अपने आपको पूरी तरह उनके हवाले कर प्रिया।

मुकुल राय परीशा के सिर को पकड़कर जोर जोर से अपना लंड उसके मुंह में पेल रहा था और फिर अगले ही पल मुकुल राय के बदन में एक तेज़ लहर उठी और वो भलभला कर झड़ने लगा।उसके लंड से वीर्य की बौछार होने लगी जो परीशा के गले में जाकर उसे तृप्त कर रही थी।

परीशा भी एक मंझे हुए खिलाड़ी की तरह मुकुल राय के पानी की आखिरी बून्द भी पी लेना चाहती थी.जब मुकुल राय पूरी तरह झड़कर शांत हो गया तो परीशा ने जीभ की नोक से सुपारे के छेद से निकल रही वीर्य को भी चाट लिया।

मुकुल राय- उन्ह्ह्ह … ह्म्प्फ़्फ़ … उम्म्ह… अहह… हय… याह… ओह यस … ओह्ह बेटी उम्ह्ह.मुकुल राय लगातार सिसकारता ही जा रहा था।परीशा की जीभ आखिरी बार पूरे लंड पर घूमने लगी और वो उसे चाट कर साफ़ करने लगी, लंड पूरा साफ़ होने के बाद उसने सुपारे को अपने होंठों में एक बार फिर से भरकर चूसा और फिर अपने होंठ उसपे दबाकर एक ज़ोरदार चुम्बन लिया।

कहानी जारी रहेगीsupport@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

बाप ने बेटी को रखैल बना कर चोदा

कुल भाग: 6
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

Papa ke sath Goa vacation-3
बाप बेटी की चुदाई

Papa ke sath Goa vacation-3

Pichla bhaag padhe:-Papa ke sath Goa vacation-2

10 मिनट 998
Pooja aur uska baap
बाप बेटी की चुदाई

Pooja aur uska baap

Hello friends, main Kapil gupta aaj aap sabhi se apni life ki sacchi ghatna share karne jaa raha hu, jo meri gf Pooja aur uske baap Nandlal ke beech hui.

10 मिनट 1,000
Papa ki khushi ke liye unse chud gayi-10
बाप बेटी की चुदाई

Papa ki khushi ke liye unse chud gayi-10

Pichla bhaag padhe:-Papa ki khushi ke liye unse chud gayi-9

16 मिनट 771

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।